अविमुक्तेश्वरानंद विवाद के बीच सीएम योगी का बड़ा बयान, किसे कहा कालनेमि

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि एक योगी, संत या सन्यासी के लिए निजी संपत्ति का कोई महत्व नहीं होता। धर्म ही उसकी संपत्ति और राष्ट्र ही उसका स्वाभिमान होता है।

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सीएम योगी और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar22 Jan 2026 03:50 PM
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UP News : प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच जारी विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अहम बयान सामने आया है। हरियाणा के सोनीपत स्थित नागे बाबा मंदिर में आयोजित प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के दौरान उन्होंने धर्म और राष्ट्र को सर्वोच्च बताते हुए समाज को सतर्क रहने की अपील की।

धर्म की आड़ में साजिश रचने वालों पर हमला

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि एक योगी, संत या सन्यासी के लिए निजी संपत्ति का कोई महत्व नहीं होता। धर्म ही उसकी संपत्ति और राष्ट्र ही उसका स्वाभिमान होता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कुछ लोग धर्म का मुखौटा पहनकर सनातन धर्म को कमजोर करने की साजिश कर रहे हैं, ऐसे कालनेमियों से समाज को सावधान रहना होगा।

सनातन की मजबूती का प्रतीक बने तीर्थ स्थल

सीएम योगी ने कहा कि आज गुलामी की मानसिकता समाप्त हो चुकी है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या और प्रयागराज में सामाजिक समरसता, संत समाज की शक्ति को दर्शाते हैं। यह परिवर्तन सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का प्रमाण है।

प्रशासन और शंकराचार्य के बीच टकराव

मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि पालकी से उतरने को लेकर पुलिस और शिष्यों के बीच कहासुनी बढ़ी, जिसके बाद शिष्यों के साथ दुर्व्यवहार हुआ। इससे नाराज होकर शंकराचार्य धरने पर बैठ गए।

नोटिस पर नोटिस, बढ़ता जा रहा टकराव

प्रशासन ने पहले नोटिस में शंकराचार्य पद को लेकर सवाल उठाए, जिसके जवाब में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इसे असंवैधानिक बताया। बाद में मेला क्षेत्र में एंट्री बैन और जमीन निरस्त करने का नोटिस भी भेजा गया। जवाब में उन्होंने कहा कि पालकी परंपरा 2500 वर्ष पुरानी सनातन परंपरा है और इसका अपमान स्वीकार्य नहीं।

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अपर्णा यादव ने लगाया रिश्तों को कमजोर करने की साजिश का आरोप

उन्होंने आगे कहा कि कई लोग यह नहीं चाहते कि उनका पारिवारिक जीवन स्थिर और मजबूत बना रहे। उनके अनुसार, लगातार दबाव बनाने और अफवाहें फैलाने का मकसद उन्हें मानसिक रूप से कमजोर करना और सार्वजनिक जीवन से दूर करना है।

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अपर्णा यादव और प्रतीक यादव
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar22 Jan 2026 02:54 PM
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UP News : प्रतीक यादव के सोशल मीडिया अकाउंट से पत्नी अपर्णा यादव से अलगाव को लेकर आई पोस्ट के बाद अब इस पूरे मामले पर अपर्णा यादव ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि उनके निजी जीवन को जानबूझकर विवादों में घसीटा जा रहा है और उनके वैवाहिक रिश्ते को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की जा रही है। अपर्णा यादव ने कहा कि उनके और उनके पति के बीच किसी तरह की कोई समस्या नहीं है, लेकिन कुछ लोग सुनियोजित तरीके से ऐसी परिस्थितियाँ बना रहे हैं, जिससे दोनों के बीच मतभेद पैदा हों। उन्होंने इसे एक सोची-समझी साजिश करार दिया।

कुछ लोग नहीं चाहते कि उनका पारिवारिक जीवन स्थिर और मजबूत बना रहे

उन्होंने आगे कहा कि कई लोग यह नहीं चाहते कि उनका पारिवारिक जीवन स्थिर और मजबूत बना रहे। उनके अनुसार, लगातार दबाव बनाने और अफवाहें फैलाने का मकसद उन्हें मानसिक रूप से कमजोर करना और सार्वजनिक जीवन से दूर करना है। अपर्णा यादव ने यह भी कहा कि वह सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर लगातार मुखर रही हैं, जिसकी वजह से कुछ लोगों को उनकी सक्रियता खटकने लगी है।

साजिश रचने वालों की पहचान का दावा

अपर्णा यादव ने दावा किया कि जो लोग उनके और प्रतीक यादव के रिश्ते को बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं, उनकी पहचान कर ली गई है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब दबाव में न आने पर किसी महिला को बदनाम करने की कोशिश की गई हो। समय आने पर ऐसे लोगों को सबके सामने लाया जाएगा। उन्होंने दो टूक कहा कि अफवाहों के सहारे उन्हें डराया या कमजोर नहीं किया जा सकता।

प्रतीक यादव की वायरल पोस्ट से मचा था हड़कंप

गौरतलब है कि हाल ही में प्रतीक यादव के इंस्टाग्राम अकाउंट से एक पोस्ट सामने आई थी, जिसमें अपर्णा यादव से अलग होने की बात कही गई थी। उस पोस्ट में अपर्णा पर परिवार तोड़ने और निजी लाभ व प्रसिद्धि के लिए ऐसा करने जैसे आरोप लगाए गए थे। पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और राजनीतिक गलियारों में भी इस पर चचार्एं शुरू हो गईं। अपर्णा यादव ने इस पूरे विवाद को हाल ही में सामने आए धर्मांतरण मामले से भी जोड़ा। उन्होंने बताया कि इस मामले में पीड़िता ने सबसे पहले उनसे संपर्क किया था, जिसके बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे प्रकरण को उजागर किया। उनका कहना है कि इस मामले में उनकी सक्रिय भूमिका और मुंबई चुनावों में उनकी भागीदारी के बाद पार्टी को मिली सफलता से भी कई लोग असहज हुए हैं।

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अखिलेश ने सरकार पर तीखा हमला बोला, भाजपा शंकराचार्य का कर रही अपमान

लखनऊ में मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मौजूदा सरकार की नीतियाँ पूंजीपतियों के हित में बनाई जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बड़े उद्योगपतियों और व्यापारिक घरानों को बढ़ावा दे रही है, जिससे देश में अमीर और गरीब के बीच की खाई लगातार गहरी होती जा रही है।

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अखिलेश यादव और शंकराचार्य
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar22 Jan 2026 02:07 PM
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UP News : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने माघ मेले के दौरान शंकराचार्य के स्नान को लेकर हुए विवाद पर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य जैसे प्रतिष्ठित धार्मिक पद पर आसीन व्यक्ति का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन भाजपा सरकार का रवैया इसके विपरीत है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा अधर्म के रास्ते पर चल रही है।

भाजपा बड़े उद्योगपतियों और व्यापारिक घरानों को बढ़ावा दे रही

लखनऊ में मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मौजूदा सरकार की नीतियाँ पूंजीपतियों के हित में बनाई जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बड़े उद्योगपतियों और व्यापारिक घरानों को बढ़ावा दे रही है, जिससे देश में अमीर और गरीब के बीच की खाई लगातार गहरी होती जा रही है। ऐसे हालात में समाजवादी विचारधारा और भी अधिक प्रासंगिक हो जाती है। उन्होंने कहा कि जब सरकार सांप्रदायिक एजेंडे को आगे बढ़ाने में लगी हुई है, तब समाजवादी आंदोलन के मूल्यों को याद करना जरूरी है। अखिलेश यादव ने जनेश्वर मिश्र, मुलायम सिंह यादव और अन्य समाजवादी नेताओं के संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि सपा उन्हीं विचारों को आगे बढ़ाने का काम कर रही है।

किसानों को आज भी अपनी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा

किसानों की समस्याओं पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों को आज भी अपनी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। सरकार की योजनाएँ और कानून आम जनता के बजाय पूंजीपतियों को लाभ पहुँचाने के लिए बनाए जा रहे हैं। वहीं, डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के मुसलमानों और समाजवादी पार्टी को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि ऐसे बयान दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि किसी ने दिखावे के लिए ऐसा किया है, तो उन्हें जनता से सार्वजनिक रूप से माफी माँगनी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जिस सरकार में वे उपमुख्यमंत्री हैं, वहीं उन्हें बार-बार फटकार लगाई जाती है।

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