उत्तर प्रदेश में पशुपालकों के लिए किफायती दवाइयों के केंद्र खोलने की योजना

हर जनपद के प्रत्येक विकास खण्ड में पशुपालकों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण पशु औषधियां उपलब्ध कराने के लिए केंद्र खोले जाएंगे। यह पहल प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र की तर्ज पर की जा रही है।

pashu kendra
पशु औषधि केंद्र
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar05 Feb 2026 04:33 PM
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UP News : अब उत्तर प्रदेश के हर जनपद के प्रत्येक विकास खण्ड में पशुपालकों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण पशु औषधियां उपलब्ध कराने के लिए केंद्र खोले जाएंगे। यह पहल प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र की तर्ज पर की जा रही है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि इन केंद्रों के माध्यम से पशुपालकों को अपने पशुओं के उपचार के लिए दवाइयां उचित मूल्य पर उपलब्ध होंगी, जिससे पशुधन स्वास्थ्य में सुधार होगा और पशुपालन अधिक लाभकारी बनेगा।

पशु औषधि केंद्र खोलने के लिए आवेदन करते समय आवश्यक दस्तावेज

* फार्मासिस्ट का नाम और वैध पंजीकरण

* कम से कम 120 वर्ग फुट का दुकान स्थान प्रमाण पत्र

* ड्रग सेल लाइसेंस प्रमाण पत्र

आवेदन आनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से होगी

आवेदन आनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से किए जाएंगे। इच्छुक व्यक्ति [http://pashuaushadhi.dahd.gov.in](http://pashuaushadhi.dahd.gov.in)  पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन शुल्क 5000 है। डॉ. सुरेश कुमार ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री कृषक समृद्धि केंद्र और सहकारी समितियों से जुड़े योग्य आवेदकों को इस योजना में प्राथमिकता दी जाएगी। यह पहल भारत सरकार के पशुधन स्वास्थ्य एवं बीमारी नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित होगी।

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उत्तर प्रदेश में कारोबार को मिलेगी रफ्तार, जल्द लागू होगी नई व्यवस्था

प्रस्तावित व्यापार करने का अधिकार अधिनियम के जरिए उत्तर प्रदेश सरकार का फोकस ट्रस्ट-बेस्ड गवर्नेंस पर है जहां हलफनामा और स्व-घोषणा के आधार पर पात्र इकाइयों को कुछ ही दिनों में वैध शुरुआती (प्रोविजनल) मंजूरी मिल सकेगी।

योगी सरकार का बड़ा कदम
योगी सरकार का बड़ा कदम
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar05 Feb 2026 03:14 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में उद्योग और व्यापार की राह अब पहले से कहीं ज्यादा सरल होने जा रही है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ऐसी व्यवस्था तैयार कर रही है, जिसमें कारोबार शुरू करने के लिए दफ्तरों के चक्कर, लंबी फाइलें और महीनों की प्रतीक्षा धीरे-धीरे बीते कल की बात बन सकती है। प्रस्तावित व्यापार करने का अधिकार अधिनियम के जरिए उत्तर प्रदेश सरकार का फोकस ट्रस्ट-बेस्ड गवर्नेंस पर है जहां हलफनामा और स्व-घोषणा के आधार पर पात्र इकाइयों को कुछ ही दिनों में वैध शुरुआती (प्रोविजनल) मंजूरी मिल सकेगी।

फाइलों की दौड़ खत्म करने की तैयारी

अब तक नई इकाई खोलने या मौजूदा कारोबार का विस्तार करने के लिए फायर, प्रदूषण, श्रम, नगर निकाय समेत कई विभागों से अनुमति लेनी पड़ती थी। अलग-अलग स्तरों पर प्रक्रिया पूरी होते-होते महीनों निकल जाते थे। लेकिन नई व्यवस्था में पात्र कारोबारियों को नियमों के पालन का स्व-प्रमाण पत्र/हलफनामा देना होगा और इसी आधार पर शुरुआत की अनुमति मिल सकेगी। प्रस्तावित सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत रिस्क-बेस्ड और चयनित निरीक्षण है। यानी कारोबारी यह शपथ देगा कि वह सुरक्षा मानकों, पर्यावरण नियमों और श्रम कानूनों समेत सभी प्रावधानों का पालन करेगा। इसके बाद सरकार कारोबार शुरू होने में बाधा नहीं बनेगी। बाद में जोखिम के आधार पर निरीक्षण होगा। यदि किसी ने गलत जानकारी दी या नियमों का उल्लंघन किया, तो कड़ी कार्रवाई का प्रावधान रहेगा। इससे ईमानदार उद्यमियों को राहत मिलेगी और नियम तोड़ने वालों पर नियंत्रण भी मजबूत होगा।

एमएसएमई और स्टार्टअप को सबसे बड़ा फायदा

उत्तर प्रदेश में रोजगार सृजन की बड़ी रीढ़ एमएसएमई सेक्टर है, लेकिन जटिल अनुमतियों का बोझ अक्सर इसी वर्ग पर सबसे ज्यादा पड़ता है। छोटे कारोबारी न तो महंगे कंसल्टेंट रख पाते हैं, न ही लंबे इंतजार का खर्च उठा पाते हैं। हलफनामे पर शुरुआती मंजूरी मिलने से दुकान, वर्कशॉप, यूनिट, सर्विस स्टार्टअप जैसी इकाइयां तेज़ी से शुरू हो सकेंगी। इससे पूंजी की बचत होगी और रोजगार जल्दी पैदा होने की संभावना बढ़ेगी। सरकार के स्तर पर यह भी माना जा रहा है कि इस कदम से उत्तर प्रदेश की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और निवेश-छवि को सीधा लाभ मिलेगा। बाहरी निवेशकों को यह संदेश जाएगा कि राज्य प्रक्रियाओं को सरल बनाकर उद्योग के लिए अनुकूल माहौल बना रहा है। ऑनलाइन और समयबद्ध सिस्टम से पारदर्शिता बढ़ेगी और प्रक्रिया में अनावश्यक अटकाव घटेंगे। हलफनामे/स्व-घोषणा आधारित मंजूरी को भ्रष्टाचार कम करने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है। जब शुरुआती अनुमति में अफसर के हस्ताक्षर और विवेकाधीन देरी की भूमिका घटेगी, तो अवैध वसूली और “काम लटकाने” जैसी शिकायतें भी कम हो सकती हैं।

दो महीने में लागू करने का दावा

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधारों के चलते उत्तर प्रदेश को देश में शीर्ष रैंक मिलने की बात कही गई है। उन्होंने बताया कि अब दूसरे चरण के सुधारों के लिए प्रस्ताव तैयार है और इसे करीब दो महीने में लागू करने की तैयारी है। उनका कहना है कि आने वाले समय में प्रदेश में बिजनेस करना और इंडस्ट्री लगाना और अधिक आसान होगा। UP News

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पंचायत चुनाव से पहले योगी सरकार की नई पहल, बढ़ेगी महिलाओं की आय

उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि इससे गांवों में आय के नए स्रोत खुलेंगे और महिलाएं सीधे तौर पर उद्यमिता की राह पर कदम बढ़ाएंगी। सरकार ने इस योजना के लिए अगले तीन वर्षों में एक लाख महिला मधुमक्खी पालक तैयार करने का लक्ष्य तय किया है।

योगी सरकार की नई पहल
योगी सरकार की नई पहल
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar05 Feb 2026 02:46 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की आहट के बीच योगी सरकार ने गांवों की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए ‘मिशन विलेज’ को नए एजेंडे के साथ आगे बढ़ा दिया है। इस अभियान के तहत अब उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (SRLM) के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी महिलाओं को मधुमक्खी पालन और शहद उत्पादन के काम से जोड़ा जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि इससे गांवों में आय के नए स्रोत खुलेंगे और महिलाएं सीधे तौर पर उद्यमिता की राह पर कदम बढ़ाएंगी। सरकार ने इस योजना के लिए अगले तीन वर्षों में एक लाख महिला मधुमक्खी पालक तैयार करने का लक्ष्य तय किया है। अनुमान है कि प्रशिक्षण और मार्केट कनेक्शन मिलने के बाद हर महिला उद्यमी की वार्षिक आय में लगभग एक लाख रुपये तक बढ़ोतरी संभव हो सकेगी। योजना के तहत महिलाओं को तकनीकी प्रशिक्षण, जरूरी उपकरणों की जानकारी, आधुनिक पद्धतियों का मार्गदर्शन और बिक्री के लिए बाजार से सीधा जुड़ाव सुनिश्चित करने की रणनीति बनाई गई है।

यूपी का शहद बनेगा ब्रांड

मुख्यमंत्री के रोडमैप में उत्तर प्रदेश का शहद अब सिर्फ स्थानीय मंडियों तक सीमित रहने वाला नहीं है। योजना यह है कि SHG से जुड़ी महिलाएं अपना ‘हनी ब्रांड’ विकसित करें जिसमें पैकेजिंग, गुणवत्ता मानक और ब्रांडिंग पर खास जोर रहेगा। सरकार की मंशा प्रदेश के शहद को राष्ट्रीय बाजार से आगे वैश्विक मंच तक पहुंचाने की है, ताकि यूपी का शहद शुद्धता और गुणवत्ता के नाम से अलग पहचान बना सके। शहद के साथ-साथ मोम (Beeswax) और अन्य सह-उत्पादों की बिक्री से भी महिलाओं की कमाई बढ़ेगी। मधुमक्खी पालन का असर सिर्फ शहद तक सीमित नहीं रहता यह खेती के लिए भी गेमचेंजर माना जाता है। मधुमक्खियां परागण (Pollination) में बड़ी भूमिका निभाती हैं, जिससे सरसों, दलहन-तिलहन, गेहूं और बागवानी फसलों की पैदावार में सुधार देखा जाता है।

जमीनी अर्थव्यवस्था में नकदी बढ़ाने की तैयारी

योगी सरकार की यह पहल ग्रामीण इलाकों में महिलाओं के नेतृत्व वाली उद्यमिता को बढ़ावा देने के साथ-साथ गांवों में नकदी प्रवाह बढ़ाने की रणनीति के तौर पर भी देखी जा रही है। पंचायत चुनाव से पहले इसे गांवों में आर्थिक खुशहाली का संदेश देने और महिला वोट-बेस तक सीधा असर छोड़ने वाली योजना के रूप में भी जोड़ा जा रहा है।  UP News

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