वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान अमेठी में दर्ज आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के मामले में सुल्तानपुर की विशेष एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने कुमार विश्वास को समन जारी किया है।

UP News : आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता और प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास की मुश्किलें एक पुराने चुनावी मामले में फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान अमेठी में दर्ज आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के मामले में सुल्तानपुर की विशेष एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने कुमार विश्वास को समन जारी किया है। अदालत ने उन्हें 30 सितंबर 2026 को पेश होने का आदेश दिया है। मामला उस समय का है जब कुमार विश्वास आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर अमेठी लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरे थे। इसी दौरान चुनाव प्रचार से संबंधित गतिविधियों को लेकर उनके और उनके सहयोगियों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र भी दाखिल किया था। UP News
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बताया गया है कि 22 मार्च 2014 को लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान अमेठी के जगदीशपुर थाने में कुमार विश्वास और उनके सहयोगियों के खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस की जांच के बाद मामले में आरोप पत्र दाखिल किया गया और इसके बाद से यह प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। इस मामले में कुमार विश्वास के अलावा आम आदमी पार्टी के नेता सोमनाथ भारती और सत्येंद्र जैन समेत अन्य लोगों के नाम भी सामने आए थे। पुलिस की ओर से आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद मामला अदालत में चलता रहा। UP News
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रिपोर्टों के मुताबिक यह मामला लंबे समय से अदालत में लंबित है। सुनवाई के दौरान अपेक्षित उपस्थिति नहीं होने और न्यायिक प्रक्रिया में देरी को देखते हुए अदालत ने कुमार विश्वास को तलब करने का आदेश दिया है। सुल्तानपुर एमपी-एमएलए कोर्ट के स्पेशल मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने कुमार विश्वास को अगली सुनवाई में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। कोर्ट के ताजा आदेश के अनुसार कुमार विश्वास को अब 30 सितंबर 2026 को सुल्तानपुर की विशेष एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट अदालत में पेश होना है। इसके बाद मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। UP News
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कुमार विश्वास के खिलाफ समन जारी होना न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है। इसका अर्थ यह नहीं है कि अदालत ने उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को सिद्ध मान लिया है। मामले में आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा। चेतना मंच इस मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। यह समाचार उपलब्ध न्यायालयीन कार्रवाई और प्रकाशित रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। UP News
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