यूपी में मदरसों की जांच पर विवाद : मौलाना रजवी बिफरे
इस जांच के लिए एटीएस स्तर की विशेष जांच टीम बनाई गई है, जो सभी मदरसों के लेनदेन और संचालकों के निजी बैंक खातों की भी जांच करेगी। उत्तर प्रदेश सरकार के इस आदेश से तमाम लोगों में नाराजगी है।

UP News : उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के मदरसों की विदेशी फंडिंग और वित्तीय लेनदेन की व्यापक समीक्षा के आदेश दिए हैं। इस जांच के लिए एटीएस स्तर की विशेष जांच टीम बनाई गई है, जो सभी मदरसों के लेनदेन और संचालकों के निजी बैंक खातों की भी जांच करेगी। उत्तर प्रदेश सरकार के इस आदेश से तमाम लोगों में नाराजगी है। प्रशिद्ध मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने भी इस पर काफी तीखी प्रतिक्रिया दी है। अपनी बातचीत में वे इस मुद्दे पर सरकार से नाराज नजर आए।
रजवी ने इस कदम पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की
आल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने इस कदम पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका कहना है कि यह मदरसों की पांचवीं जांच है और इन संस्थानों का रखरखाव पूरी तरह से ठीक है। रजवी ने कहा कि सरकार अब मदरसों में किसी तरह का अजूबा खोज रही है, लेकिन ऐसा कुछ भी सामने नहीं आ रहा।
सभी संचालकों को एसआईटी के साथ सहयोग करने को कहा
इसी बीच, शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने भी अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि जांच की जरूरत हो सकती है ताकि फंडिंग का स्रोत साफ हो, लेकिन सवाल उठाया कि सिर्फ मदरसों की ही जांच क्यों होती है, जबकि मंदिरों की भी समीक्षा की जानी चाहिए। राज्य सरकार के अनुसार, यह जांच पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है। यूपी में करीब 4000 मदरसे हैं और सभी संचालकों को एसआईटी के साथ सहयोग करने और जिला अधिकारियों के मार्गदर्शन में काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
UP News : उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के मदरसों की विदेशी फंडिंग और वित्तीय लेनदेन की व्यापक समीक्षा के आदेश दिए हैं। इस जांच के लिए एटीएस स्तर की विशेष जांच टीम बनाई गई है, जो सभी मदरसों के लेनदेन और संचालकों के निजी बैंक खातों की भी जांच करेगी। उत्तर प्रदेश सरकार के इस आदेश से तमाम लोगों में नाराजगी है। प्रशिद्ध मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने भी इस पर काफी तीखी प्रतिक्रिया दी है। अपनी बातचीत में वे इस मुद्दे पर सरकार से नाराज नजर आए।
रजवी ने इस कदम पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की
आल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने इस कदम पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका कहना है कि यह मदरसों की पांचवीं जांच है और इन संस्थानों का रखरखाव पूरी तरह से ठीक है। रजवी ने कहा कि सरकार अब मदरसों में किसी तरह का अजूबा खोज रही है, लेकिन ऐसा कुछ भी सामने नहीं आ रहा।
सभी संचालकों को एसआईटी के साथ सहयोग करने को कहा
इसी बीच, शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने भी अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि जांच की जरूरत हो सकती है ताकि फंडिंग का स्रोत साफ हो, लेकिन सवाल उठाया कि सिर्फ मदरसों की ही जांच क्यों होती है, जबकि मंदिरों की भी समीक्षा की जानी चाहिए। राज्य सरकार के अनुसार, यह जांच पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है। यूपी में करीब 4000 मदरसे हैं और सभी संचालकों को एसआईटी के साथ सहयोग करने और जिला अधिकारियों के मार्गदर्शन में काम करने के निर्देश दिए गए हैं।












