शामली से गोरखपुर तक बनेगा विकास का हाई-स्पीड कॉरिडोर, भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया हुई तेज

परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार होते ही शामली जिले के प्रस्तावित मार्ग पर स्थित जमीनों की रजिस्ट्री और लेन-देन पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि भूमि अधिग्रहण के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो।

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शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar14 Jan 2026 07:19 PM
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UP News : पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच वर्षों से प्रतीक्षित सीधा सड़क संपर्क अब हकीकत बनने की ओर है। शामली-गोरखपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना ने निर्णायक मोड़ ले लिया है। लगभग 750 किलोमीटर लंबे इस आधुनिक एक्सप्रेसवे के लिए प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है। परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार होते ही शामली जिले के प्रस्तावित मार्ग पर स्थित जमीनों की रजिस्ट्री और लेन-देन पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि भूमि अधिग्रहण के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो।

भूमि अधिग्रहण के लिए विशेष अधिकारी नियुक्त

शामली जिला प्रशासन ने एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए एडीएम (वित्त एवं राजस्व) को विशेष भूमि अधिग्रहण अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी है। जल्द ही राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम की धारा 3-ए के तहत अधिसूचना जारी की जाएगी, जिसके बाद प्रभावित किसानों और भू-स्वामियों की जमीनों का आधिकारिक विवरण सार्वजनिक किया जाएगा।

शामली के किन गांवों से गुजरेगा एक्सप्रेसवे

यह 6 लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे शामली जिले के थानाभवन क्षेत्र से होकर गुजरेगा। प्रस्तावित मार्ग में शामिल प्रमुख गांव हैं गोगवान जलालपुर, भैंसानी इस्लामपुर। इन गांवों में सबसे पहले भूमि लेन-देन पर प्रतिबंध लागू किया गया है। अधिग्रहण की अंतिम अधिसूचना जारी होने के बाद जमीन केंद्र सरकार के स्वामित्व में चली जाएगी।

50 से अधिक गांवों को मिलेगा सीधा आर्थिक लाभ

करीब 35,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाली इस परियोजना का क्रियान्वयन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा। इस एक्सप्रेसवे से पश्चिमी यूपी के 50 से ज्यादा गांव प्रभावित होंगे, जिनमें शामली, मुजफ्फरनगर (लगभग 35 गांव)सहारनपुर (9 गांव) शामिल हैं। इन क्षेत्रों में जमीन के दाम, व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

पूर्व से पश्चिम तक विकास को मिलेगी नई रफ्तार

शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण से न सिर्फ यात्रा समय कम होगा, बल्कि औद्योगिक निवेश, ग्रामीण विकास और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। दिल्ली, देहरादून और आसपास के पहाड़ी इलाकों तक पहुंच आसान होने से पर्यटन को भी बड़ा लाभ मिलने की संभावना है।

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से मिले बादशाह, खूब की तारीफ

बादशाह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को फूलों का गुलदस्ता दिया और उनसे आराम से बैठकर बातें कीं। इस दौरान वो उनकी ओर निहारते हुए दिखाई दिए। बादशाह ने सीएम योगी से हुई मुलाकात कैसी रही इसके बारे में भी बताया।

गोरखपुर महोत्सव के दौरान सीएम योगी से मुलाकात करते रैपर बादशाह
गोरखपुर महोत्सव के दौरान सीएम योगी से मुलाकात करते रैपर बादशाह
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar14 Jan 2026 06:13 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बाबा तथा महाराज जैसे नामों से भी संबोधित किया जाता है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बादशाह की मुलाकात को ‘‘महाराज तथा बादशाह की मुलाकात’’ नाम दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करने के बाद बादशाह ने महाराज की खुलकर तारीफ की है।

कौन है बादशाह जो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से मिले?

आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर बादशाह का नाम खूब चर्चित है। रैपर तथा सिंगर बादशाह का असली नाम आदित्य प्रतीक सिंह सिसोदिया है। बादशाह के नाम से चर्चित आदित्य प्रतीक सिंह ठाकुर समाज से आते हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी ठाकुर हैं। हाल ही में उत्तर प्रदेश शहर के गोरखपुर में गोरखपुर महोत्सव का आयोजन हुआ है। गोरखपुर महोत्सव में बॉलीवुड नाइट के मंच पर बादशाह ने भी खूब जलवा बिखेरा। इस दौरान बादशाह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात की।  बादशाह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को फूलों का गुलदस्ता दिया और उनसे आराम से बैठकर बातें कीं। इस दौरान वो उनकी ओर निहारते हुए दिखाई दिए। बादशाह ने सीएम योगी से हुई मुलाकात कैसी रही इसके बारे में भी बताया। इंस्टाग्राम पर तस्वीरें शेयर करते हुए बादशाह ने लिखा- आज योगी आदित्यनाथ जी से मिलकर एक अजीब-सी शांति महसूस हुई। चेहरे पर एक अलग ही रोशनी है- वो तेज जो शब्दों से नहीं, बल्कि अंदर की स्थिरता से आता है। बेहद शांत, बेहद सहज जानवरों के लिए प्यार, इंसानों के लिए करुणा, और जिंदगी का एक ही उद्देश्य- अपने देश की सेवा, अपने धर्म की रक्षा और अपने लोगों के लिए समर्पण। उन्होंने आगे लिखा- जो लोग उन्हें दूर से देखते हैं, वो बहुत कुछ नहीं देख पाते। पास से देखने पर समझ आता है कि उनकी सबसे बड़ी ताकत सत्ता नहीं, बल्कि संवेदना है। बादशाह ने गोरखपुर महोत्सव की वीडियोज इंस्टाग्राम स्टोरीज में भी शेयर कीं। जहां वो स्टेज पर धमाल मचाते नजर आए। वहीं फैंस उनके गाने पर झूमते दिखे। इस महोत्सव में पवन सिंह और रवि किशन ने भी खूब रंग जमाया था।

अमेरिका टूर के दौरान घायल हो गए थे बादशाह

बादशाह को हाल ही में उनके नॉर्थ अमेरिका टूर के दौरान आंख में चोट लगी थी। आखिरी शो के दौरान परफॉर्मेंस शुरू होते ही उनकी आंख में कुछ चला गया, जिससे उन्हें काफी परेशानी हुई, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने शो पूरा किया। UP News

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उत्तर प्रदेश को-आपरेटिव बैंक में 21 करोड़ का घोटाला, 16 लोगों पर एफआईआर दर्ज

चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा किए गए विशेष आडिट और बैंक की आंतरिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि ऋण वितरण की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं और सुनियोजित धोखाधड़ी हुई है।

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उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बैंक
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar14 Jan 2026 06:05 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश को-आपरेटिव बैंक लिमिटेड की गोंडा शाखा में हुए बड़े वित्तीय घोटाले में पुलिस ने कोतवाली नगर थाना में एफआईआर दर्ज कर ली है। चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा किए गए विशेष आडिट और बैंक की आंतरिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि ऋण वितरण की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं और सुनियोजित धोखाधड़ी हुई है।

घोटाले के मुख्य तथ्य

1. अनियमित ऋण वितरण

  * शाखा प्रबंधक और कर्मचारियों ने मिलकर एक सिंडिकेट बनाया और नियमों का उल्लंघन करते हुए ऋण जारी किया।

  * ऋण की पात्रता की जांच, आय प्रमाण पत्र या जमानत मूल्यांकन जैसी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी नहीं की गईं।

  * कई मामलों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ऋण स्वीकृत हुआ।

2. अवैध निकासी और धन का दुरुपयोग

  * बैंक के पांच आंतरिक खातों से 46.13 लाख की राशि अवैध रूप से निकाली गई और विभिन्न खातों में ट्रांसफर की गई।

  * खाताधारकों की 21.01 करोड़ की धनराशि का गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया।

  * कुल मिलाकर 21.47 करोड़ की गबन और वित्तीय दुरुपयोग की पुष्टि हुई।

3. परिवार के खातों का इस्तेमाल

  * शाखा प्रबंधक ने अपने माता-पिता, पत्नी और पुत्र के खातों का भी उपयोग किया।

  * निकाली गई धनराशि को परिवार के खातों में घुमाकर धोखाधड़ी को योजनाबद्ध रूप दिया गया।

4. समयावधि और एफआईआर

  * यह अनियमितताएं दिसंबर 2021 से जून 2025 के बीच हुईं।

  * जांच में तीन तत्कालीन शाखा प्रबंधक, सहायक/कैशियर और कुछ खाताधारकों सहित कुल 16 लोगों को नामजद किया गया।

5. जांच की दिशा

  * पुलिस बैंक के सभी संदिग्ध खातों, ऋण फाइलों और डिजिटल लेनदेन की गहन जांच कर रही है।

  * आगे जांच में और नाम सामने आने पर उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

6. निगरानी और आंतरिक नियंत्रण पर सवाल

  * इस घोटाले ने सहकारी बैंकिंग व्यवस्था में निगरानी और आंतरिक नियंत्रण की गंभीर कमियों को उजागर किया।

  * खाताधारकों और प्रशासन के लिए यह चेतावनी है कि धनरक्षा और नियामक प्रक्रियाओं का पालन अनिवार्य है।

यह मामला केवल व्यक्तिगत भ्रष्टाचार नहीं है, बल्कि बैंकिंग प्रणाली में नियंत्रण की विफलता और संगठित धोखाधड़ी का उदाहरण है। बैंक और नियामक संस्थाओं को ऐसे मामलों से निपटने और भविष्य में रोकथाम के लिए कठोर कदम उठाना आवश्यक है।

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