लखनऊ पहुंचे चर्चित स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, आज से शुरू होगा बड़ा अभियान
लखनऊ पहुंचते ही शंकराचार्य ने हनुमान सेतु मंदिर में दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लिया और इसके बाद वह कार्यक्रम से जुड़े आयोजन स्थल की ओर रवाना हो गए, जहां शीतला अष्टमी के अवसर पर इस बड़े अभियान का औपचारिक शंखनाद होना है।

UP News : उत्तर प्रदेश से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। उत्तर प्रदेश से जुड़ी यह बड़ी खबर उत्तर प्रदेश के साथ साथ देशभर में अपने बयानों और अभियानों को लेकर चर्चा में रहने वाले शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़ी है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ मंगलवार को अचानक धार्मिक, सामाजिक और वैचारिक हलचल का केंद्र बन गई, जब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद यहां पहुंचे। उनके आगमन के साथ ही प्रदेश में गौ-सम्मान और गौ-संरक्षण को लेकर शुरू हो रहे तीन दिवसीय ‘गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान’ ने जोर पकड़ लिया। राजधानी में इस अभियान को लेकर तैयारियां तेज रहीं। लखनऊ पहुंचते ही शंकराचार्य ने हनुमान सेतु मंदिर में दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लिया और इसके बाद वह कार्यक्रम से जुड़े आयोजन स्थल की ओर रवाना हो गए, जहां शीतला अष्टमी के अवसर पर इस बड़े अभियान का औपचारिक शंखनाद होना है।
उत्तर प्रदेश की राजधानी में धार्मिक-सामाजिक अभियान का आगाज
उत्तर प्रदेश में इस अभियान को केवल धार्मिक आयोजन के रूप में नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे गौ-सम्मान के मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाने की कोशिश के रूप में पेश किया जा रहा है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का कहना है कि गाय को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिलाने की मांग उनके इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। इसके साथ ही देशभर में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग को भी उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि बड़ी संख्या में इस आयोजन से जुड़ें और गौ-संरक्षण के पक्ष में अपनी आवाज बुलंद करें। माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से भी श्रद्धालु, संत और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं।
कांशीराम स्मृति उपवन में होगी मुख्य सभा
आयोजकों के मुताबिक 11 मार्च को लखनऊ के आशियाना क्षेत्र स्थित कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक उपवन, पासी किला चौराहा के निकट मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह सभा दोपहर 2:15 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। इसी मंच से शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ‘गो-प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ का औपचारिक शंखनाद करेंगे और उपस्थित जनसमूह को संबोधित करेंगे। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में संत समाज, गौसेवा से जुड़े संगठन, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी रहेगी। उत्तर प्रदेश की राजधानी में हो रहा यह आयोजन राज्य की धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भीड़ को देखते हुए प्रशासन अलर्ट
लखनऊ में संभावित भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की है। आयोजन स्थल और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। आशियाना, पीजीआई और कृष्णानगर थानों की पुलिस को सतर्क मोड पर रखा गया है, जबकि कार्यक्रम स्थल पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी की जाएगी। उत्तर प्रदेश पुलिस का फोकस इस बात पर है कि आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो और यातायात व कानून-व्यवस्था पर कोई असर न पड़े। श्रद्धालुओं की आवाजाही और भीड़ प्रबंधन को लेकर भी अलग से योजना बनाई गई है।
26 शर्तों के साथ प्रशासन ने दी अनुमति
जिला प्रशासन ने इस आयोजन को अनुमति तो दे दी है, लेकिन इसके साथ 26 शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। प्रशासन की ओर से साफ किया गया है कि कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार का भड़काऊ भाषण, आपत्तिजनक नारेबाजी या घातक वस्तुओं का उपयोग स्वीकार नहीं किया जाएगा। इन शर्तों का उद्देश्य साफ है कि उत्तर प्रदेश की राजधानी में होने वाला यह बड़ा आयोजन पूरी तरह नियंत्रित, अनुशासित और कानूनसम्मत तरीके से संपन्न हो। प्रशासन नहीं चाहता कि धार्मिक सभा के दौरान कोई ऐसी स्थिति बने, जिससे शांति व्यवस्था प्रभावित हो। सूत्रों के अनुसार, तीन दिवसीय कार्यक्रम के लिए आयोजकों की ओर से स्मारक समिति में करीब 4.5 लाख रुपये शुल्क के तौर पर जमा कराए गए हैं। इससे साफ है कि कार्यक्रम को बड़े पैमाने पर आयोजित करने की तैयारी की गई है। मंच व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और आयोजन प्रबंधन को लेकर भी अंतिम रूप दिया जा चुका है। UP News
UP News : उत्तर प्रदेश से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। उत्तर प्रदेश से जुड़ी यह बड़ी खबर उत्तर प्रदेश के साथ साथ देशभर में अपने बयानों और अभियानों को लेकर चर्चा में रहने वाले शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़ी है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ मंगलवार को अचानक धार्मिक, सामाजिक और वैचारिक हलचल का केंद्र बन गई, जब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद यहां पहुंचे। उनके आगमन के साथ ही प्रदेश में गौ-सम्मान और गौ-संरक्षण को लेकर शुरू हो रहे तीन दिवसीय ‘गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान’ ने जोर पकड़ लिया। राजधानी में इस अभियान को लेकर तैयारियां तेज रहीं। लखनऊ पहुंचते ही शंकराचार्य ने हनुमान सेतु मंदिर में दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लिया और इसके बाद वह कार्यक्रम से जुड़े आयोजन स्थल की ओर रवाना हो गए, जहां शीतला अष्टमी के अवसर पर इस बड़े अभियान का औपचारिक शंखनाद होना है।
उत्तर प्रदेश की राजधानी में धार्मिक-सामाजिक अभियान का आगाज
उत्तर प्रदेश में इस अभियान को केवल धार्मिक आयोजन के रूप में नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे गौ-सम्मान के मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाने की कोशिश के रूप में पेश किया जा रहा है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का कहना है कि गाय को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिलाने की मांग उनके इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। इसके साथ ही देशभर में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग को भी उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि बड़ी संख्या में इस आयोजन से जुड़ें और गौ-संरक्षण के पक्ष में अपनी आवाज बुलंद करें। माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से भी श्रद्धालु, संत और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं।
कांशीराम स्मृति उपवन में होगी मुख्य सभा
आयोजकों के मुताबिक 11 मार्च को लखनऊ के आशियाना क्षेत्र स्थित कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक उपवन, पासी किला चौराहा के निकट मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह सभा दोपहर 2:15 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। इसी मंच से शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ‘गो-प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ का औपचारिक शंखनाद करेंगे और उपस्थित जनसमूह को संबोधित करेंगे। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में संत समाज, गौसेवा से जुड़े संगठन, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी रहेगी। उत्तर प्रदेश की राजधानी में हो रहा यह आयोजन राज्य की धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भीड़ को देखते हुए प्रशासन अलर्ट
लखनऊ में संभावित भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की है। आयोजन स्थल और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। आशियाना, पीजीआई और कृष्णानगर थानों की पुलिस को सतर्क मोड पर रखा गया है, जबकि कार्यक्रम स्थल पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी की जाएगी। उत्तर प्रदेश पुलिस का फोकस इस बात पर है कि आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो और यातायात व कानून-व्यवस्था पर कोई असर न पड़े। श्रद्धालुओं की आवाजाही और भीड़ प्रबंधन को लेकर भी अलग से योजना बनाई गई है।
26 शर्तों के साथ प्रशासन ने दी अनुमति
जिला प्रशासन ने इस आयोजन को अनुमति तो दे दी है, लेकिन इसके साथ 26 शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। प्रशासन की ओर से साफ किया गया है कि कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार का भड़काऊ भाषण, आपत्तिजनक नारेबाजी या घातक वस्तुओं का उपयोग स्वीकार नहीं किया जाएगा। इन शर्तों का उद्देश्य साफ है कि उत्तर प्रदेश की राजधानी में होने वाला यह बड़ा आयोजन पूरी तरह नियंत्रित, अनुशासित और कानूनसम्मत तरीके से संपन्न हो। प्रशासन नहीं चाहता कि धार्मिक सभा के दौरान कोई ऐसी स्थिति बने, जिससे शांति व्यवस्था प्रभावित हो। सूत्रों के अनुसार, तीन दिवसीय कार्यक्रम के लिए आयोजकों की ओर से स्मारक समिति में करीब 4.5 लाख रुपये शुल्क के तौर पर जमा कराए गए हैं। इससे साफ है कि कार्यक्रम को बड़े पैमाने पर आयोजित करने की तैयारी की गई है। मंच व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और आयोजन प्रबंधन को लेकर भी अंतिम रूप दिया जा चुका है। UP News












