मेले में अब तक कई प्रमुख संत-महात्मा भी स्नान कर चुके हैं। वहीं किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर कल्याणी नंद गिरी अपने अनुयायियों के साथ संगम स्नान के लिए मेला क्षेत्र पहुंचीं। बड़ी संख्या में ऐसे श्रद्धालु भी नजर आए जो पहली बार प्रयागराज में माघ स्नान करने आए हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ के बाद पड़ रहे पहले माघ मेले की शुरुआत होते ही संगम तट पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। अलग-अलग मार्गों से श्रद्धालु त्रिवेणी स्नान के लिए मेला क्षेत्र पहुंचते रहे और पहले ही दिन सुबह 8 बजे तक करीब 6.5 लाख लोगों ने संगम में स्नान कर लिया। मेले में अब तक कई प्रमुख संत-महात्मा भी स्नान कर चुके हैं। वहीं किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर कल्याणी नंद गिरी अपने अनुयायियों के साथ संगम स्नान के लिए मेला क्षेत्र पहुंचीं। बड़ी संख्या में ऐसे श्रद्धालु भी नजर आए जो पहली बार प्रयागराज में माघ स्नान करने आए हैं।
उत्तर प्रदेश प्रशासन के मुताबिक, माघ मेले की औपचारिक शुरुआत से पहले ही शुक्रवार को संगम तट पर लाखों कल्पवासी और संन्यासी पहुंचकर डेरा जमा चुके थे। अधिकारियों का अनुमान है कि शुक्रवार शाम तक 12 से 15 लाख श्रद्धालु और कल्पवासी मेला क्षेत्र में मौजूद हो गए थे। अब संगम की रेती पर कल्पवासियों का एक महीने का कठोर अनुशासन शुरू होगा,जहां वे नियम-संयम और तप के साथ साधना करेंगे। वहीं साधु-संत अपने शिविरों में प्रवचन, ध्यान और साधना में लीन रहेंगे। उत्तर प्रदेश के इस आध्यात्मिक संगम में संतों के पंडालों से कथा, भजन और धर्मिक आयोजनों की गूंज लगातार सुनाई देगी, जो पूरे मेले को भक्ति और परंपरा के रंग में रंगे रखेगी।
उत्तर प्रदेश प्रशासन ने इस बार माघ मेले में कई नए प्रयोग किए हैं। महाकुंभ से इतर पहली बार माघ मेले का आधिकारिक लोगो जारी किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाने के लिए निजी कंपनियों से समन्वय कर बाइक सेवा भी शुरू की गई है, जिससे लोग संगम के नजदीक तक आसानी से पहुंच सकें। इतना ही नहीं, पहली बार बिजली के पोल पर क्यूआर कोड लगाए गए हैं। इन क्यूआर कोड के जरिए श्रद्धालु अपनी शिकायत या मदद की मांग दर्ज कर सकेंगे। प्रशासन का दावा है कि शिकायत दर्ज होते ही कुछ ही मिनटों में सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल के अनुसार इस बार मेला क्षेत्र में हेलीकॉप्टर सेवा और पैरा ग्लाइडिंग शुरू करने की तैयारी है। यूपी में धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ मेले को आकर्षक पर्यटन अनुभव बनाने के लिए चर्चित कलाकारों को आमंत्रित किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मेला क्षेत्र में थाने, चौकियां, जल पुलिस थाना, कंट्रोल रूम और वॉच टावर बनाए गए हैं। निगरानी के लिए एआई आधारित सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार के मुताबिक, मेला क्षेत्र से लेकर प्रयागराज कमिश्नरेट तक यातायात को सुचारू रखने के लिए व्यापक प्लान लागू किया गया है। मेला क्षेत्र में 10 चक्र की सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है और ट्रैफिक का संचालन उसी रणनीति के अनुसार होगा। सभी प्रमुख बिंदुओं पर टीमें तैनात कर दी गई हैं। महावीर और अक्षयवट कॉरिडोर पर सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे।
मोबाइल नेटवर्क को लेकर पूछे गए सवाल पर मंडलायुक्त ने माना कि यह एक चुनौती रहती है, लेकिन इसके समाधान के लिए मोबाइल कंपनियों से बातचीत हो चुकी है। दावा है कि शुक्रवार रात तक नेटवर्क की समस्या दूर कर दी जाएगी, क्योंकि डिजिटल मेले में कनेक्टिविटी बेहद जरूरी है। प्रशासन का कहना है कि आगे चलकर नेटवर्क कनेक्टिविटी की कोई बड़ी दिक्कत नहीं रहेगी।