उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी में दूसरे दलों के नेताओं की एंट्री ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। भाजपा के राजपाल सैनी और हरबीर मलिक समेत कई नेताओं के सपा में शामिल होने के बाद क्या यूपी की राजनीति में नए समीकरण बनने जा रहे हैं ?

UP News : उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज होती नजर आ रही हैं। लखनऊ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में भाजपा, राष्ट्रीय लोकदल (RLD), आजाद समाज पार्टी और निषाद पार्टी से जुड़े कई नेताओं ने सपा की सदस्यता ग्रहण की। सपा में शामिल होने वालों में भाजपा के राजपाल सैनी और शामली के भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य हरबीर मलिक के नाम भी शामिल हैं। इस दौरान अखिलेश यादव ने दावा किया कि यह तो अभी शुरुआत है और आने वाले समय में बड़ी संख्या में विधायक भी समाजवादी पार्टी में शामिल हो सकते हैं। UP News
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लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भाजपा के राजपाल सैनी और हरबीर मलिक सहित विभिन्न दलों के नेताओं ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ली। दी गई जानकारी के मुताबिक, आजाद समाज पार्टी से पवन सैनी, निषाद पार्टी से शुभेंद्र आचार्य और राष्ट्रीय लोकदल से संजीव प्रधान, राजेंद्र मलिक, विजेंद्र मलिक, शुभम मलिक तथा राजेंद्र सिंह भी सपा में शामिल हुए। पूर्व प्रत्याशी सिवान सैनी के भी पार्टी की सदस्यता लेने की जानकारी दी गई। UP News
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेता समाजवादी पार्टी से जुड़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कई अन्य नेता भी पार्टी के संपर्क में हैं और आने वाले दिनों में विधायकों के शामिल होने का सिलसिला भी शुरू हो सकता है। भाजपा पर निशाना साधते हुए अखिलेश ने आरोप लगाया कि जनता में उसके प्रति नाराजगी बढ़ रही है, जिसके कारण दूसरे दलों के नेता सपा की ओर रुख कर रहे हैं। UP News
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मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण को लेकर अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग और भाजपा पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुनरीक्षण की प्रक्रिया का इस्तेमाल चुनावी समीकरणों को प्रभावित करने के लिए किया जा सकता है। इसी संदर्भ में उन्होंने SSR को उल्टा पढ़ते हुए RSS का जिक्र किया और विरोधियों के लिए ‘अनरजिस्टर्ड’, ‘अंडरग्राउंड’ तथा ‘दरारवादी’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। ये आरोप अखिलेश यादव ने अपने बयान में लगाए हैं। UP News
अखिलेश यादव ने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण ऐसी प्रक्रिया के तहत होना चाहिए जिससे मतदाताओं को अनावश्यक परेशानी न हो। उन्होंने बार-बार पुनरीक्षण कराने पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रक्रिया को समयबद्ध और व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी पुनरीक्षण प्रक्रिया के खिलाफ नहीं, बल्कि उनके मुताबिक इसके जरिए किए जा रहे कथित षड्यंत्र के विरोध में है। UP News
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