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उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्तिथ श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन और चोरी के मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट में चढ़ावे की गिनती और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी कई गंभीर कमियों का उल्लेख किया गया है।

UP News : उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्तिथ श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन और चोरी के मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट में चढ़ावे की गिनती और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी कई गंभीर कमियों का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, नकदी की गिनती के दौरान तय नियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया, निगरानी व्यवस्था कमजोर रही और कई स्तरों पर ऐसी चूक सामने आई, जिससे कथित अनियमितताओं की आशंका बढ़ गई। यह प्रारंभिक रिपोर्ट श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी गई है, जबकि विस्तृत और अंतिम जांच रिपोर्ट 15 जुलाई तक प्रस्तुत की जाएगी। UP News
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SIT की शुरुआती जांच के मुताबिक, 27 अप्रैल से 5 जून के बीच उपलब्ध CCTV फुटेज की समीक्षा के दौरान कई संदिग्ध घटनाएं सामने आईं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि गिनती कक्ष में मौजूद कुछ कर्मचारी कथित तौर पर नोटों की गड्डियां और खुली नकदी कपड़ों, जेबों, जूतों तथा अन्य स्थानों पर छिपाते हुए दिखाई दिए। जांच टीम ने ऐसी लगभग 70 घटनाओं को संदिग्ध माना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन घटनाओं का स्वरूप यह संकेत देता है कि कथित अनियमितताएं किसी एक दिन तक सीमित नहीं थीं, बल्कि एक तय पैटर्न के तहत लगातार दोहराई जा रही थीं। हालांकि, 27 अप्रैल से पहले का CCTV रिकॉर्ड उपलब्ध न होने के कारण उस अवधि की पुष्टि नहीं हो सकी है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि CCTV सिस्टम में सीमित स्टोरेज क्षमता होने की वजह से पुराने फुटेज स्वतः हट गए थे। इससे 27 अप्रैल से पहले की गतिविधियों की जांच संभव नहीं हो सकी। SIT ने इस पहलू को भी जांच में एक महत्वपूर्ण तकनीकी कमी माना है। UP News
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प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, चढ़ावे की गिनती के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन प्रभावी ढंग से नहीं किया जा रहा था। कर्मचारियों की प्रवेश और निकास के समय तलाशी नहीं होती थी। उनके निजी सामान पर भी पर्याप्त निगरानी नहीं रखी जाती थी। इसके अलावा कई दानपात्रों की नकदी को एक साथ मिलाकर गिना जाता था, जिससे अलग-अलग दानपात्रों का स्वतंत्र रिकॉर्ड बनाए रखना कठिन हो जाता था। मूल्यवान चढ़ावे के दस्तावेजीकरण और सत्यापन की प्रक्रिया में भी कई कमियां पाई गईं। SIT की रिपोर्ट में अविनाश शुक्ला, अनुकूल मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय और राम शंकर मिश्रा का नाम लेते हुए कहा गया है कि प्रथम दृष्टया उनकी भूमिका संदिग्ध प्रतीत होती है। इस मामले में अब तक कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि जांच शुरू होने से पहले कुछ कर्मचारियों के पास से लगभग 78.94 लाख रुपये बरामद किए गए थे। वहीं, 4 जून को गिनती कक्ष से करीब 2.25 लाख रुपये नकद मिलने का भी जिक्र किया गया है। UP News
जांच टीम ने संबंधित कर्मचारियों के बैंक खातों की प्रारंभिक जांच में उनकी घोषित आय की तुलना में अधिक नकद जमा और अन्य वित्तीय लेनदेन पाए जाने की बात कही है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस पहलू की विस्तृत वित्तीय जांच अभी जारी है। बताया गया है कि अधिकांश कर्मचारियों का मासिक वेतन लगभग 20 हजार रुपये था, जबकि कटौतियों के बाद उन्हें करीब 15 हजार रुपये ही प्राप्त होते थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और भारतीय स्टेट बैंक के संयुक्त स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का पूरी तरह पालन नहीं किया गया। बिना जेब वाली यूनिफॉर्म लागू नहीं थी, बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली प्रभावी नहीं थी और गिनती से पहले अलग-अलग दानपात्रों की नकदी को मिलाकर रखा जाता था। नोटों की श्रेणीवार बंडलिंग और CCTV की नियमित मॉनिटरिंग में भी कमियां सामने आईं। UP News
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