विमान हादसे में उत्तर प्रदेश की पिंकी माली की मौत, अजीत पवार के साथ विमान में थी

हादसे में जान गंवाने वाली पिंकी माली जौनपुर जिले के केराकत तहसील अंतर्गत भैंसा गांव की मूल निवासी थीं। वह विमान में फ्लाइट अटेंडेंट के रूप में तैनात थीं। परिजनों के अनुसार पिंकी की शादी हो चुकी थी और उनका पूरा परिवार वर्तमान में मुंबई में निवास करता है।

pinki mali
पिंकी माली अजित पवार
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar28 Jan 2026 02:21 PM
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UP News : महाराष्ट्र के पुणे जिले के बारामती क्षेत्र में हुए एक दर्दनाक विमान हादसे में उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले की रहने वाली पिंकी माली की जान चली गई। इस हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। दुर्घटना में कुल पांच लोगों की मृत्यु होने की सूचना है।

बताया जा रहा है कि दुर्घटनाग्रस्त विमान एक चार्टर्ड फ्लाइट थी, जो रनवे के पास उतरने के दौरान अनियंत्रित होकर हादसे का शिकार हो गई। विमान में सवार सभी लोग इस दुर्घटना से नहीं बच पाए।

पिंकी माली जौनपुर जिले के केराकत तहसील की है

हादसे में जान गंवाने वाली पिंकी माली जौनपुर जिले के केराकत तहसील अंतर्गत भैंसा गांव की मूल निवासी थीं। वह विमान में फ्लाइट अटेंडेंट के रूप में तैनात थीं। परिजनों के अनुसार पिंकी की शादी हो चुकी थी और उनका पूरा परिवार वर्तमान में मुंबई में निवास करता है। परिवार के सदस्य शीतला प्रसाद माली ने बताया कि पिंकी उनके चाचा शिवकुमार माली की बेटी थीं। शिवकुमार माली चार भाइयों में से एक हैं। पिंकी के दादा बाबूराम माली का बीते वर्ष निधन हो चुका है। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

वरिष्ठ राजनीतिक नेता अजित पवार सहित अन्य लोगों की भी मृत्यु

इस विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के एक वरिष्ठ राजनीतिक नेता अजित पवार सहित अन्य लोगों की भी मृत्यु होने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद प्रशासन और संबंधित एजेंसियां मौके पर पहुंचीं और जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जौनपुर में पिंकी माली के गांव भैंसा में शोक की लहर दौड़ गई है। ग्रामीणों और रिश्तेदारों ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

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ब्राह्मण समाज ही नहीं सवर्ण समाज का बड़ा चेहरा बन गया है अलंकार अग्निहोत्री

जानकारों का दावा है कि UGC के मुद्दे पर नौकरी छोडक़र अलंकार अग्निहोत्री ने बहुत बड़ा काम किया है। UGC के मुद्दे पर PCS जैसे महत्वपूर्ण नौकरी को छोडक़र अलंकार अग्निहोत्री केवल ब्राह्मण समाज का ही नहीं बल्कि पूरे सवर्ण समाज का बड़ा चेहरा बन गया है।

बरेली शहर के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री
बरेली शहर के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar28 Jan 2026 02:18 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के बरेली शहर के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री की खूब चर्चा हो रही है। उत्तर प्रदेश ही नहीं पूरे देश में अलंकार अग्निहोत्री का नाम प्रसिद्ध हो गया है। जानकारों का दावा है कि UGC के मुद्दे पर नौकरी छोडक़र अलंकार अग्निहोत्री ने बहुत बड़ा काम किया है। UGC के मुद्दे पर PCS जैसे महत्वपूर्ण नौकरी को छोडक़र अलंकार अग्निहोत्री केवल ब्राह्मण समाज का ही नहीं बल्कि पूरे सवर्ण समाज का बड़ा चेहरा बन गया है।

पीसीएस(PCS) जैसी महत्वपूर्ण नौकरी को छोडऩा आसान नहीं होता

पीसीएस(PCS) की नौकरी भारत में आईएएस (IAS) तथा आईपीएस(IPS) के बाद सबसे प्रतिष्ठित नौकरी मानी जाती है। यूजीसी(UGC) के मुद्दे पर अलंकार अग्निहोत्री ने इतनी प्रतिष्ठित नौकरी से त्याग-पत्र देकर बड़ा इतिहास बना दिया है। हर कोई यह मान रहा है कि पीसीएस(PCS) जैसी प्रतिष्ठित नौकरी को छोडऩा कोई आसान काम नहीं है। उत्तर प्रदेश के पीसीएस (PCS) अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री के द्वारा इतनी प्रतिष्ठित नौकरी को छोडऩा आगे क्या रंग दिखाएगा यह देखना तो अभी शेष है। इतना तय है कि बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के त्याग-पत्र ने उन्हें रातोंरात एक बड़े समाज का हीरो बना दिया है। उत्तर प्रदेश के ब्राह्मण समाज के हीरो बने अलंकार अग्निहोत्री धीरे-धीरे पूरे सवर्ण समाज के हीरो बनते जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश के सवर्ण समाज में अलंकार अग्निहोत्री के त्याग की खूब तारीफ हो रही है।

कौन है यूजीसी(UGC) के मुद्दे पर त्याग-पत्र देने वाले अलंकार अग्निहोत्री?

उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में सिटी मजिस्ट्रेट रहते हुए अलंकार अग्निहोत्री को बहुत कम लोग जानते थे। वर्तमान में अलंकार अग्निहोत्री की पहचान राष्ट्रवादी पहचान बन गई है। ऐसे में हर कोई अलंकार अग्निहोत्री के विषय में अधिक से अधिक जानना चाहता है। आपको बता दें कि अलंकार अग्निहोत्री उत्तर प्रदेश में वर्ष-2019 बैच के पीसीएस (PCS) अधिकारी हैं। हाल ही में अलंकार अग्निहोत्री उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध शहर बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात थे। यूजीसी (UGC) द्वारा बनाए गए नए नियमों से दु:खी होकर अलंकार अग्निहोत्री ने पीसीएस (PCS) की नौकरी से त्याग-पत्र दे दिया है। त्याग-पत्र देने से पहले अलंकार अग्निहोत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर की थी। इसमें वह एक पोस्टर पकड़े हुए हैं। इस पोस्टर में लिखा है- 'काला कानून वापस लो' और 'बायकॉट बीजेपी।'

अनेक जिलों में तैनात रहे हैं अलंकार अग्निहोत्री 

अलंकार अग्निहोत्री मूलरूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले हैं। बरेली से पहले वह बलरामपुर, उन्नाव और लखनऊ में एसडीएम पद पर तैनात रह चुके हैं। वह प्रशासनिक क्षेत्र में अपनी स्पष्टवादिता और सख्त कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। अलंकार अग्निहोत्री मई, 2025 में बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट पद पर तैनात हुए थे। इससे पहले वह लखनऊ में सहायक नगर आयुक्त थे। अलंकार ने पहले प्रयास में पीसीएस परीक्षा पास की थी। सरकारी नौकरी की तैयारी से पहले उन्होंने 10 साल तक आईटी सेक्टर में कंसल्टेंसी की नौकरी की थी। उन्होंने 1998 में 12वीं कक्षा में उत्तर प्रदेश बोर्ड की परीक्षा में प्रदेश भर में 21वीं स्थान पाया था। इसके बाद बीएचयू (BHU) से बीटेक किया था। एक पुराने इंटरव्यू में अलंकार अग्निहोत्री ने बताया है कि उनके ऊपर परिवार की जिम्मेदारियां थीं। छोटे भाइयों के नौकरी में लगने और बहन की शादी के बाद उन्होंने यूपीएससी(UPSC) परीक्षाओं की तैयारी शुरू की। पहले प्रयास में ही उनका चयन यूपी पीसीएस (PCS) में हो गया था।  UP News





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योगी सरकार का बड़ा फैसला: आधार-बायोमेट्रिक के बिना नहीं होगी रजिस्ट्री

स्टांप एवं पंजीकरण विभाग के मुताबिक, यह नई व्यवस्था मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर लागू की जा रही है। इसके तहत क्रेता, विक्रेता और गवाहों का बायोमेट्रिक सत्यापन जरूरी होगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar28 Jan 2026 11:28 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश में जमीन की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री प्रक्रिया अब पहले से ज्यादा सख्त और पारदर्शी होने जा रही है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश में संपत्ति लेन-देन के दौरान होने वाली धोखाधड़ी, फर्जी पहचान और जाली दस्तावेजों पर लगाम कसने के लिए बड़ा फैसला लिया है। 1 फरवरी 2026 से उत्तर प्रदेश के सभी रजिस्ट्री कार्यालयों में जमीन की रजिस्ट्री के दौरान आधार प्रमाणीकरण (Aadhaar Authentication) अनिवार्य कर दिया जाएगा। स्टांप एवं पंजीकरण विभाग के मुताबिक, यह नई व्यवस्था मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर लागू की जा रही है। इसके तहत क्रेता, विक्रेता और गवाहों का बायोमेट्रिक सत्यापन जरूरी होगा। सत्यापन के लिए आरडी थंब मशीन (RD Thumb Device) का इस्तेमाल किया जाएगा, जो आधार मानकों के अनुरूप सुरक्षित बायोमेट्रिक स्कैनर मानी जाती है।

उत्तर प्रदेश में क्यों जरूरी हुआ यह बदलाव?

उत्तर प्रदेश में बीते वर्षों में ऐसे कई मामले सामने आते रहे हैं, जहां फर्जी दस्तावेजों के सहारे जमीन की रजिस्ट्री कर दी गई और बाद में असली मालिक को कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने पड़े। अब आधार से जुड़े बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के जरिए पहचान की पुष्टि तुरंत हो सकेगी। क्योंकि बायोमेट्रिक डेटा हर व्यक्ति का अलग होता है, इसलिए गलत व्यक्ति के नाम पर रजिस्ट्री कराना बेहद मुश्किल हो जाएगा। इससे यूपी में संपत्ति विवादों की जड़ पर सीधा प्रहार माना जा रहा है।

पूरे उत्तर प्रदेश में एक साथ लागू होगी व्यवस्था

स्टांप एवं पंजीकरण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नई व्यवस्था प्रदेशभर के सभी रजिस्ट्री दफ्तरों में एक साथ लागू होगी। कई जिलों में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। उदाहरण के तौर पर बरेली में रजिस्ट्री कार्यालयों में आरडी थंब मशीनें लगाने की प्रक्रिया तेज बताई जा रही है। इसी तर्ज पर यूपी के अन्य जिलों में भी आवश्यक उपकरण और तकनीकी व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि 1 फरवरी से व्यवस्था बिना बाधा शुरू हो सके। उत्तर प्रदेश में रजिस्ट्री प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में यह दूसरा बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे पहले जुलाई 2025 में 10 लाख रुपये से अधिक मूल्य की रजिस्ट्री के लिए पैन कार्ड सत्यापन अनिवार्य किया गया था, जिसमें क्रेता-विक्रेता के मोबाइल पर OTP के जरिए पुष्टि होती थी। अब आधार बायोमेट्रिक सत्यापन जोड़कर सिस्टम को और मजबूत किया जा रहा है।

लोगों को जागरूक करेगी यूपी सरकार

स्टांप एवं पंजीकरण विभाग का कहना है कि उत्तर प्रदेश में इस नई व्यवस्था को जमीन पर उतारने से पहले और लागू होने के बाद राज्यभर में जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, ताकि रजिस्ट्री के दौरान किसी भी नागरिक को परेशानी न झेलनी पड़े। यूपी के निबंधन कार्यालयों में आने वाले लोगों को पहले से यह जानकारी दी जाएगी कि रजिस्ट्री के वक्त आधार प्रमाणीकरण और बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य होगा। जिनके पास अभी आधार कार्ड नहीं है, उन्हें फरवरी से पहले आधार बनवा लेने की सलाह दी जा रही है, ताकि उत्तर प्रदेश में जमीन की रजिस्ट्री के समय कोई तकनीकी अड़चन या दस्तावेजी रुकावट सामने न आए। UP News

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