नवरात्रि में चिकन पार्टी का कथित वीडियो वायरल होने से पीलीभीत में सियासी विवाद बढ़ा। सपा सांसद रामजीलाल सुमन और अन्य नेताओं से जुड़े वीडियो पर मंत्री संजय सिंह गंगवार ने सवाल उठाते हुए जांच की बात कही। जानिए पूरा मामला, पुराने बयान और अब तक सामने आई जानकारी।

Uttar Pradesh News : उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन समेत पार्टी के कुछ नेताओं का कथित चिकन पार्टी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो नवरात्रि के दौरान आयोजित एक दावत का है, जिसमें सपा जिलाध्यक्ष धर्मेश गंगवार और अन्य नेता भी मौजूद थे। वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि और उसमें दिख रहे घटनाक्रम की पूरी जानकारी सामने आना अभी बाकी है। Uttar Pradesh News :
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प्राप्त जानकारी के मुताबिक, रामजीलाल सुमन 13 अक्टूबर को पीलीभीत में पार्टी कार्यालय पर आयोजित पीडीए सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे थे। इसके बाद वह सपा नेता मोहम्मद आरिफ के घर गए थे, जहां दावत आयोजित होने की बात कही जा रही है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को इसी दावत से जोड़कर देखा जा रहा है। दावे के अनुसार, वीडियो में कुछ नेता चिकन फ्राई और चटनी खाते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो की चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि यह नवरात्रि के दौरान का बताया जा रहा है। हालांकि, केवल वीडियो के आधार पर किसी नेता की निजी धार्मिक आस्था के बारे में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। Uttar Pradesh News :
वीडियो सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार के गन्ना विकास एवं चीनी मिल राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार की प्रतिक्रिया भी चर्चा में है। दिए गए विवरण के अनुसार, उन्होंने सवाल उठाया कि जब नवरात्रि के दौरान मांस की दुकानों को बंद रखने की बात कही जा रही है, तो फिर कथित तौर पर नॉनवेज पार्टी कैसे हुई? मंत्री ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर मामले की जांच कराने की बात कही है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन को औपचारिक शिकायत मिलती है या नहीं और संबंधित अधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। फिलहाल, जांच के निष्कर्ष या किसी आधिकारिक कार्रवाई की पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।
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इस विवाद के बीच रामजीलाल सुमन के पीडीए सम्मेलन में दिए गए बयानों की भी चर्चा हो रही है। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि वर्ष 2027 का विधानसभा चुनाव रोटी, पेट और भूख जैसे बुनियादी मुद्दों पर लड़ा जाएगा। उन्होंने मंदिरों से मूर्तियां चोरी होने, राम मंदिर के चंदे में कथित गड़बड़ी और सामाजिक भेदभाव से जुड़े मुद्दे भी उठाए थे। अपने संबोधन में उन्होंने राष्ट्रपति के मंदिर में प्रवेश से जुड़े विवाद और अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री आवास को गंगाजल से धुलवाने की घटना का भी उल्लेख किया था। अब कथित चिकन पार्टी का वीडियो वायरल होने के बाद उनके बयानों को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं। कुछ लोग धार्मिक मुद्दों पर नेताओं के रुख और उनके निजी खानपान के बीच संबंध जोड़कर टिप्पणी कर रहे हैं। वहीं, इस पूरे मामले में वीडियो की प्रामाणिकता और संबंधित नेताओं का पक्ष सामने आना भी जरूरी है। Uttar Pradesh News :
दिए गए विवरण के अनुसार, सपा जिलाध्यक्ष धर्मेश गंगवार से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। अन्य नेताओं की ओर से भी इस मामले पर स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी नहीं है। फिलहाल, इस प्रकरण में तीन बातें अहम हैं—वायरल वीडियो की प्रामाणिकता, संबंधित नेताओं का आधिकारिक पक्ष और मंत्री की ओर से प्रस्तावित जांच की वास्तविक स्थिति। इन बिंदुओं पर स्पष्ट जानकारी सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी। Uttar Pradesh News :
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