उत्तर प्रदेश में नए बिल्डिंग बायलॉज 2026 लागू होने से औद्योगिक और निर्माण क्षेत्र में क्या बड़े बदलाव होने जा रहे हैं ? क्या अब फैक्ट्रियों, फ्लैटेड फैक्ट्रियों और एमएसएमई भवनों की ऊंचाई पर सामान्य सीमा नहीं रहेगी ?

UP News : उत्तर प्रदेश में नए बिल्डिंग बायलॉज 2026 लागू होने से औद्योगिक विकास और भवन निर्माण के क्षेत्र में बड़े बदलाव का रास्ता खुल गया है। प्रदेश के सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के लिए एक समान भवन निर्माण नियम लागू किए गए हैं। नए प्रावधानों के तहत औद्योगिक भवनों, फ्लैटेड फैक्ट्रियों और एमएसएमई भवनों की ऊंचाई पर सामान्य प्रतिबंध नहीं रहेगा। इसके साथ ही कई अन्य श्रेणियों के भवनों को भी ऊंचाई संबंधी नियमों में राहत दी गई है। UP News
यह भी पढ़ें : कौन हैं बरेली जोन के ADG रमित शर्मा, अतीक अहमद का साम्राज्य ढहाने में था खास रोल
नए बिल्डिंग बायलॉज के तहत औद्योगिक भवनों, फ्लैटेड फैक्ट्रियों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) के भवनों की ऊंचाई पर कोई सामान्य सीमा नहीं रखी गई है। इससे औद्योगिक इकाइयों को अपनी जरूरतों के अनुसार भवनों की योजना बनाने में सुविधा मिल सकती है। प्रदेश के औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में एक समान नियम लागू होने से भवन निर्माण संबंधी प्रक्रियाओं में एकरूपता आने की उम्मीद है। UP News
इसे भी पढ़ें : उत्तर प्रदेश के कार्यवाहक प्रधानाध्यापकों की बल्ले-बल्ले ! वेतन पर आया बड़ा आदेश
नए नियमों के तहत शॉपिंग सेंटर, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, होटल, सिनेमा हॉल, मल्टीप्लेक्स और ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं को भी ऊंचाई के मामले में छूट दी गई है। इसके अलावा हेल्थकेयर संस्थानों, शिक्षण संस्थानों, मैरिज हॉल, स्टेडियम, फार्म हाउस, डेयरी फार्म, मल्टीलेवल पार्किंग और बस टर्मिनल जैसी श्रेणियों को भी निर्धारित प्रावधानों के अनुसार ऊंचाई संबंधी राहत मिलेगी। UP News
जरूर पढ़ें : पंचायत चुनाव पर संकट! HC के आदेश को SC में चुनौती दे सकती है सरकार
नए बिल्डिंग बायलॉज में कुछ भवन श्रेणियों के लिए अधिकतम ऊंचाई भी तय की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार:
इन सीमाओं के साथ संबंधित भवनों पर लागू अन्य तकनीकी और सुरक्षा मानकों का पालन भी जरूरी होगा। UP News
अवश्य पढ़ें : पंचायत चुनाव होंगे या सुप्रीम कोर्ट जाएगी योगी सरकार? लाखों दावेदारों की धड़कनें बढ़ीं
ऊंचाई संबंधी छूट मिलने के बावजूद निर्माणकर्ताओं को सड़क की चौड़ाई के अनुसार लागू फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) और सेटबैक के नियमों का पालन करना होगा। यानी भवन की ऊंचाई में छूट का अर्थ यह नहीं है कि निर्माण से जुड़े सभी नियम समाप्त हो जाएंगे। भवन निर्माण की योजना बनाते समय संबंधित प्राधिकरण के निर्धारित मानकों और स्वीकृति प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक होगा। UP News
इसे भी अवश्य पढ़ें : 412 जोड़ों की शादी, एक ही समारोह में दिखीं तीन धर्मों की परंपराएं
नए नियमों में हवाई अड्डों, एयरफोर्स स्टेशनों, संरक्षित स्मारकों और विरासत स्थलों के आसपास विशेष ऊंचाई प्रतिबंधों को बरकरार रखा गया है। ऐसे क्षेत्रों में निर्माण करते समय संबंधित सुरक्षा और नियामकीय प्रावधानों का पालन करना होगा। UP News
उत्तर प्रदेश में एक समान बिल्डिंग बायलॉज लागू होने से औद्योगिक भवनों, फैक्टरी परिसरों, एमएसएमई इकाइयों और व्यावसायिक परियोजनाओं की योजना बनाने में सहूलियत मिलने की संभावना है। हालांकि, किसी भी परियोजना में ऊंचाई की वास्तविक अनुमति संबंधित भूमि, सड़क की चौड़ाई, सुरक्षा मानकों और लागू प्राधिकरण के नियमों पर निर्भर करेगी। UP News
विज्ञापन