शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर उत्तर प्रदेश तक गुरुजनों के सम्मान में उत्साह दिखा। विद्यार्थियों ने शिक्षक बनकर कक्षाएं संभालीं, शिक्षकों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया और सम्मान समारोहों में हिस्सा लिया।

UP News : शिक्षक केवल किताबों का ज्ञान देने वाला व्यक्ति नहीं होता, बल्कि वह समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करने वाला मार्गदर्शक होता है। यही कारण है कि शिक्षक दिवस का अवसर आते ही गुरु और शिष्य के बीच का रिश्ता एक बार फिर भावनाओं और सम्मान से भर उठता है। 5 सितंबर 2026 को शिक्षक दिवस के अवसर पर नोएडा, ग्रेटर नोएडा से लेकर उत्तर प्रदेश के तमाम शहरों और गांवों तक शिक्षक दिवस की धूम दिखाई दे रही है। स्कूलों, कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों में शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किए जा रहे हैं और विद्यार्थी अपने गुरुजनों को शुभकामनाएं देकर उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त कर रहे हैं।शिक्षक दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश में सुबह से ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी शिक्षकों को समर्पित संदेशों और शुभकामनाओं से भरे हुए हैं। छात्र-छात्राएं अपने शिक्षकों को शिक्षक दिवस की बधाई दे रहे हैं। अनेक विद्यार्थी अपने शिक्षकों के पैर छूकर आशीर्वाद लेते दिखाई दे रहे हैं। कई स्थानों पर विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों को फूल, शुभकामना कार्ड और अन्य उपहार देकर सम्मानित किया।
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शिक्षक दिवस पर उत्तर प्रदेश के अनेक विद्यालयों में ऐसे दृश्य देखने को मिल रहे हैं, जो किसी भी संवेदनशील व्यक्ति को भावुक कर दें। विद्यालयों में छात्र-छात्राओं ने अपने शिक्षकों के सम्मान में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए। कहीं विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए तो कहीं शिक्षकों के सम्मान में भाषण और कविताएं प्रस्तुत की गईं। सबसे आकर्षक नजारा उन विद्यालयों में दिखाई दिया जहां छात्र-छात्राएं स्वयं अध्यापकों की वेशभूषा में स्कूल पहुंचीं। विद्यार्थियों ने एक दिन के लिए शिक्षक की भूमिका निभाई और अपने सहपाठियों को पढ़ाया। कई जगह तो विद्यार्थियों ने बाकायदा शिक्षक की तरह कक्षा में खड़े होकर ज्ञान भी दिया।
एक ओर जहां बच्चे शिक्षक बनकर अपने साथियों को पढ़ाते नजर आए, वहीं दूसरी ओर उनके वास्तविक शिक्षक पीछे बैठकर अपने विद्यार्थियों की इस भूमिका को देखकर मुस्कुराते और उनका उत्साह बढ़ाते दिखाई दिए। गुरु और शिष्य के बीच का यह अनूठा दृश्य शिक्षक दिवस की सबसे खूबसूरत तस्वीरों में शामिल रहा।
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शिक्षक दिवस पर कई विद्यालयों में 'स्टूडेंट्स टर्न टीचर्स' की गतिविधियां आयोजित की गईं। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने अध्यापकों की भूमिका निभाई। उन्होंने कक्षा में बच्चों को विषय पढ़ाने के साथ-साथ अनुशासन और जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश भी दिए। कई विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों की कार्यशैली की नकल करते हुए उसी अंदाज में कक्षा संचालित की। इससे विद्यालयों में हंसी-मजाक और खुशी का माहौल भी बना रहा। शिक्षक भी अपने विद्यार्थियों की प्रतिभा देखकर बेहद उत्साहित नजर आए। यह गतिविधि केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रही, बल्कि इससे विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर भी मिला कि एक शिक्षक के लिए पूरी कक्षा को संभालना, हर विद्यार्थी पर ध्यान देना और उसे सही दिशा देना कितना जिम्मेदारी भरा काम है।
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भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान हमेशा से अत्यंत ऊंचा रहा है। शिक्षक दिवस पर इस परंपरा की खूबसूरत झलक भी उत्तर प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों में देखने को मिली। कई विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। शिक्षकों ने भी अपने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया। इस दौरान कई स्थानों पर शिक्षक और विद्यार्थी दोनों भावुक नजर आए। शिक्षकों ने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए केवल किताबी ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अनुशासन, संस्कार, मेहनत, ईमानदारी और दूसरों के प्रति सम्मान की भावना भी आवश्यक है।
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शिक्षक दिवस का वास्तविक महत्व केवल शिक्षकों को शुभकामनाएं देने तक सीमित नहीं है। शिक्षक समाज की उस महत्वपूर्ण कड़ी का नाम है, जो एक पीढ़ी को दूसरी पीढ़ी से जोड़ती है। एक अच्छा शिक्षक विद्यार्थी को केवल परीक्षा पास करने के लिए तैयार नहीं करता, बल्कि उसे जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए भी तैयार करता है। वह विद्यार्थी में आत्मविश्वास पैदा करता है, उसके भीतर सवाल पूछने की क्षमता विकसित करता है और उसे सही तथा गलत के बीच अंतर समझने की शक्ति देता है। आज जब समाज अनेक प्रकार की चुनौतियों से गुजर रहा है, ऐसे समय में शिक्षकों की जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है। सामाजिक कुरीतियों, नशे, हिंसा, भेदभाव, अंधविश्वास और अन्य सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता पैदा करने में शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
शिक्षक दिवस के अवसर पर SOS Bhojanalaya में शाम 5 बजे एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में शिक्षकों को सम्मानित करने के साथ-साथ सामाजिक विषयों पर विचार-विमर्श भी किया जाएगा।कार्यक्रम के आमंत्रण में कहा गया है कि शिक्षक समाज में सार्थक और स्थायी बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं। इसी भावना के साथ शिक्षक दिवस के विशेष अवसर पर शिक्षकों को सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है। कार्यक्रम के आयोजक डॉ. नवीन गुप्ता ने शिक्षकों को आमंत्रित करते हुए कहा है कि इस अवसर पर शिक्षकों के विचारों को सुनना उनके लिए गौरव की बात होगी। कार्यक्रम में इस बात पर चर्चा की जाएगी कि समाज में व्याप्त सामाजिक बुराइयों के खिलाफ मिलकर किस प्रकार प्रभावी ढंग से काम किया जा सकता है और एक बेहतर समाज का निर्माण कैसे किया जा सकता है। डॉ. नवीन गुप्ता की ओर से शिक्षकों को भेजे गए संदेश में कहा गया है कि शिक्षक समाज में 'meaningful and lasting change', अर्थात सार्थक और स्थायी परिवर्तन लाने की शक्ति रखते हैं। इसी उद्देश्य से शिक्षक दिवस पर उनका सम्मान किया जाएगा और सामाजिक बदलाव को लेकर उनके मूल्यवान विचार सुने जाएंगे।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा के स्कूलों में शिक्षक दिवस को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है। शहर के विभिन्न विद्यालयों में सुबह से ही शिक्षक दिवस की तैयारियां शुरू हो गई थीं। विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों को शुभकामना संदेश दिए और कई विद्यालयों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। ग्रेटर नोएडा के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में भी विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों को सम्मानित किया। कहीं शिक्षकों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए तो कहीं विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के सम्मान में भाषण दिए। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को शिक्षक दिवस के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि भारत की महान परंपरा में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है। विद्यार्थी के जीवन में माता-पिता के बाद शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है।
शिक्षक दिवस के अवसर पर सोशल मीडिया पर भी गुरुजनों के सम्मान में संदेशों की बाढ़ आई हुई है। पूर्व और वर्तमान विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के साथ पुरानी तस्वीरें साझा कर उन्हें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। कई लोगों ने अपने जीवन में बदलाव लाने वाले शिक्षकों को याद करते हुए भावुक संदेश पोस्ट किए। कुछ लोगों ने अपने शिक्षकों को फोन करके बधाई दी तो कुछ विद्यार्थी वर्षों बाद अपने गुरुजनों से मिलने पहुंचे। शिक्षक दिवस के अवसर पर सोशल मीडिया पर एक बार फिर यह चर्चा भी देखने को मिली कि समय भले ही बदल जाए, लेकिन गुरु और शिष्य का रिश्ता कभी पुराना नहीं होता।
भारत में शिक्षक दिवस डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। वे महान दार्शनिक, शिक्षाविद और भारत के दूसरे राष्ट्रपति थे। उनका जन्म 5 सितंबर को हुआ था। डॉ. राधाकृष्णन का मानना था कि शिक्षा केवल जानकारी प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति के संपूर्ण व्यक्तित्व के विकास का साधन है। यही कारण है कि उनके जन्मदिन को देश में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन देशभर में शिक्षक और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया जाता है। विद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
शिक्षक दिवस केवल एक औपचारिक दिवस नहीं बल्कि गुरु-शिष्य परंपरा को मजबूत करने का अवसर भी है। आधुनिक दौर में शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। डिजिटल शिक्षा, इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने पढ़ाई के तरीके बदल दिए हैं, लेकिन विद्यार्थी के जीवन में शिक्षक की आवश्यकता आज भी बनी हुई है। एक मशीन जानकारी दे सकती है, लेकिन विद्यार्थी की प्रतिभा को पहचानना, उसकी कमजोरियों को समझना, उसके भीतर आत्मविश्वास पैदा करना और उसे सही दिशा देना शिक्षक ही कर सकता है। इसीलिए शिक्षक दिवस पर शिक्षकों को केवल शुभकामनाएं देना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उनके सम्मान, उनकी भूमिका और शिक्षा के महत्व को समाज में और अधिक मजबूत करना भी जरूरी है।
नोएडा से लेकर ग्रेटर नोएडा और उत्तर प्रदेश के तमाम हिस्सों में मनाया जा रहा शिक्षक दिवस यही संदेश दे रहा है कि शिक्षक समाज की नींव को मजबूत करने वाली सबसे महत्वपूर्ण शक्तियों में से एक हैं। विद्यालयों में विद्यार्थियों द्वारा शिक्षकों के पैर छूकर आशीर्वाद लेना, शिक्षकों को सम्मानित करना और स्वयं शिक्षक की भूमिका निभाकर उनके दायित्व को समझने का प्रयास करना इस दिवस की खूबसूरती को और बढ़ा रहा है। वहीं SOS Bhojanalaya में आयोजित होने वाला शिक्षक सम्मान कार्यक्रम शिक्षकों की भूमिका को केवल शिक्षा तक सीमित न रखकर सामाजिक परिवर्तन के वाहक के रूप में देखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आ रहा है। शिक्षक दिवस के इस अवसर पर यही संकल्प लिया जाना चाहिए कि शिक्षक और विद्यार्थी मिलकर ऐसा समाज बनाने में योगदान देंगे, जहां शिक्षा के साथ संस्कार, संवेदनशीलता, समानता, सामाजिक जिम्मेदारी और मानवता को भी सर्वोच्च महत्व दिया जाए। चेतना मंच की ओर से देश और प्रदेश के सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
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