रिटायर्ड वन दरोगा ने प्रेमिका को पत्नी बताकर संपत्ति बेची, बेटे ने करवाई जेल
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपनी प्रेमिका को अपनी मृत पत्नी का नाम देकर उसे पत्नी का फर्जी पहचान पत्र बनवाने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसे दस्तावेज तैयार कराये गए।

UP News : यह घटना इटावा में एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला बनकर सामने आई है, जिसमें एक रिटायर्ड वन दरोगा ने अपनी मृत पत्नी की करोड़ों रुपये की संपत्ति को धोखाधड़ी से अपनी प्रेमिका के नाम कर दिया। आरोपी ने पूरी योजना के तहत अपनी प्रेमिका को पत्नी बताकर और फर्जी दस्तावेज तैयार कर संपत्ति बेच डाली। यह मामला उस समय उजागर हुआ जब रिटायर्ड दरोगा के बेटे ने पुलिस में शिकायत की और आरोप लगाया कि उसके पिता ने उसकी मृत मां की संपत्ति अवैध तरीके से बेच दी।
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बेची गई जमीनें
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपनी प्रेमिका को अपनी मृत पत्नी का नाम देकर उसे पत्नी का फर्जी पहचान पत्र बनवाने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसे दस्तावेज तैयार कराये गए और उन दस्तावेजों के आधार पर मृत महिला के नाम की भूमि और संपत्तियों को बेचने की प्रक्रिया को अंजाम दिया गया। रिटायर्ड वन दरोगा ने यह सबकुछ 2022 से 2024 के बीच किया, जिसमें लगभग 12.5 बीघा कृषि भूमि और कुछ प्लॉट शामिल थे, जिनकी कीमत लगभग 3 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
रिटायर्ड वन दरोगा और उसकी प्रेमिका गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में रिटायर्ड वन दरोगा और उसकी प्रेमिका को गिरफ्तार किया, और उन्हें न्यायालय में पेश किया। अदालत अब इस फर्जी बैनामों और संपत्ति की बिक्री के मामले में अंतिम निर्णय लेगी। इस मामले की जांच कर रहे अधिकारी के अनुसार, वर्तमान में संपत्ति पर बेटों का ही कब्जा बना हुआ है और बैनामों की वैधता पर अदालत द्वारा ही निर्णय लिया जाएगा। यह घटना पारिवारिक धोखाधड़ी और कानूनी दस्तावेजों के गलत इस्तेमाल के उदाहरण के रूप में सामने आई है। इसे देखकर यह स्पष्ट होता है कि कई बार लोग अपनी गलत हरकतों को छुपाने के लिए कानूनी प्रावधानों का फायदा उठाते हैं, जो समाज के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो सकता है। क्या आपको लगता है कि ऐसे मामलों में प्रशासन को और सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि इस तरह के धोखाधड़ी के मामलों पर जल्दी से अंकुश लगाया जा सके?
UP News : यह घटना इटावा में एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला बनकर सामने आई है, जिसमें एक रिटायर्ड वन दरोगा ने अपनी मृत पत्नी की करोड़ों रुपये की संपत्ति को धोखाधड़ी से अपनी प्रेमिका के नाम कर दिया। आरोपी ने पूरी योजना के तहत अपनी प्रेमिका को पत्नी बताकर और फर्जी दस्तावेज तैयार कर संपत्ति बेच डाली। यह मामला उस समय उजागर हुआ जब रिटायर्ड दरोगा के बेटे ने पुलिस में शिकायत की और आरोप लगाया कि उसके पिता ने उसकी मृत मां की संपत्ति अवैध तरीके से बेच दी।
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बेची गई जमीनें
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपनी प्रेमिका को अपनी मृत पत्नी का नाम देकर उसे पत्नी का फर्जी पहचान पत्र बनवाने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसे दस्तावेज तैयार कराये गए और उन दस्तावेजों के आधार पर मृत महिला के नाम की भूमि और संपत्तियों को बेचने की प्रक्रिया को अंजाम दिया गया। रिटायर्ड वन दरोगा ने यह सबकुछ 2022 से 2024 के बीच किया, जिसमें लगभग 12.5 बीघा कृषि भूमि और कुछ प्लॉट शामिल थे, जिनकी कीमत लगभग 3 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
रिटायर्ड वन दरोगा और उसकी प्रेमिका गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में रिटायर्ड वन दरोगा और उसकी प्रेमिका को गिरफ्तार किया, और उन्हें न्यायालय में पेश किया। अदालत अब इस फर्जी बैनामों और संपत्ति की बिक्री के मामले में अंतिम निर्णय लेगी। इस मामले की जांच कर रहे अधिकारी के अनुसार, वर्तमान में संपत्ति पर बेटों का ही कब्जा बना हुआ है और बैनामों की वैधता पर अदालत द्वारा ही निर्णय लिया जाएगा। यह घटना पारिवारिक धोखाधड़ी और कानूनी दस्तावेजों के गलत इस्तेमाल के उदाहरण के रूप में सामने आई है। इसे देखकर यह स्पष्ट होता है कि कई बार लोग अपनी गलत हरकतों को छुपाने के लिए कानूनी प्रावधानों का फायदा उठाते हैं, जो समाज के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो सकता है। क्या आपको लगता है कि ऐसे मामलों में प्रशासन को और सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि इस तरह के धोखाधड़ी के मामलों पर जल्दी से अंकुश लगाया जा सके?












