उत्तर प्रदेश में सर्दी का प्रकोप, साइबेरियाई हवाओं के चलते गलन में इजाफा

कानपुर में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 17.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से थोड़ी कम थी। वहीं, न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो कि औसत से 1.6 डिग्री कम था। कोहरे और ओस के कारण ठंड और बढ़ गई है, जिससे लोगों को बाहर निकलने में परेशानी हो रही है।

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सर्दी और कोहरे का प्रकोप
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar10 Jan 2026 01:43 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में सर्दी का प्रकोप अब और तीव्र हो गया है, और खासकर कानपुर में मौसम बेहद ठंडा और कोहरे से भरा हुआ है। साइबेरियाई हवाओं के चलते गलन में इजाफा हुआ है, जिससे लोग ठिठुरते हुए नजर आ रहे हैं। शनिवार को कानपुर में हल्का कोहरा छाया हुआ था, और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में सर्दी और अधिक बढ़ने के साथ-साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई है।

कोहरे और ओस के कारण ठंड और बढ़ी

कानपुर में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 17.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से थोड़ी कम थी। वहीं, न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो कि औसत से 1.6 डिग्री कम था। कोहरे और ओस के कारण ठंड और बढ़ गई है, जिससे लोगों को बाहर निकलने में परेशानी हो रही है। यह सर्दी अब केवल रात और सुबह ही नहीं, बल्कि दिन के समय भी महसूस की जा रही है।

कई जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी 

मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। कानपुर, लखनऊ और आसपास के शहरों में अगले 48 घंटों तक कोहरे का असर रहेगा। इसके साथ ही, ओलावृष्टि और बारिश की भी संभावना जताई जा रही है। कानपुर में बढ़ते कोहरे और सर्दी को देखते हुए जिलाधिकारी ने नर्सरी से लेकर कक्षा 8 तक के स्कूलों में शीतकालीन अवकाश घोषित कर दिया है।

नोएडा सहित कई जिलों में शीतलहर और घना कोहर

उत्तर प्रदेश के करीब 40 जिलों में कोहरे के असर को लेकर चेतावनी दी गई है। इनमें नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, वाराणसी, प्रयागराज, आगरा, झांसी, ललितपुर और अन्य प्रमुख जिले शामिल हैं। इन इलाकों में भी शीतलहर और घना कोहरा जारी रहेगा। कानपुर में प्रदूषण का स्तर भी बढ़ गया है, जहां वायु गुणवत्ता खराब स्तर पर दर्ज की गई है। इस समय कानपुर में जहरीले तत्वों का स्तर 139 के आसपास है, जो पहले के मुकाबले 22 अंक अधिक है। विशेषज्ञों के मुताबिक, उत्तर-पश्चिमी हवाओं का असर गंगा के मैदानी इलाकों में दिखाई दे रहा है, जिससे गलन और अधिक बढ़ी है। आने वाले दिनों में भी सर्दी और कोहरे का सिलसिला जारी रहने की संभावना है, और यूपी के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि कानपुर में बारिश की संभावना कम है।

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सीएम योगी ने माघ मेला में पहुंचकर संगम में किया स्रान, साधु-संतों से की विशेष चर्चा

संगम क्षेत्र में उनके स्नान के लिए फ्लोटिंग जेटी पर विशेष रूप से घाट की व्यवस्था की गई थी। संगम पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पवित्र त्रिवेणी संगम में स्नान किया और इसके उपरांत वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न की।

sangam
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar10 Jan 2026 12:58 PM
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UP News : प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अपने निर्धारित दौरे के तहत सुबह लखनऊ से प्रयागराज के लिए रवाना हुए। वे बमरौली स्थित एयरपोर्ट पहुंचे, जहां से सड़क मार्ग द्वारा वीआईपी घाट के लिए प्रस्थान किया। तय कार्यक्रम के अनुसार सुबह लगभग 10:25 बजे मुख्यमंत्री वीआईपी घाट पहुंचे। वहां उन्होंने संगम में स्रान किया।

स्नान के लिए फ्लोटिंग जेटी पर विशेष रूप से घाट की व्यवस्था की गई

वीआईपी घाट से मुख्यमंत्री स्टीमर के माध्यम से संगम नोज तक गए। संगम क्षेत्र में उनके स्नान के लिए फ्लोटिंग जेटी पर विशेष रूप से घाट की व्यवस्था की गई थी। संगम पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पवित्र त्रिवेणी संगम में स्नान किया और इसके उपरांत वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न की।

सीएम ने संत-महात्माओं से किया संवाद 

धार्मिक अनुष्ठान के बाद मुख्यमंत्री सुबह करीब 11:10 बजे पुन: स्टीमर से वीआईपी घाट लौटे। वहां से वे सीधे प्रयागराज के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान हनुमान के दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। हनुमान मंदिर में दर्शन के पश्चात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ख्वाब चौक स्थित प्रधानमंत्री सतुआ बाबा के आश्रम पहुंचे, जहां आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने सहभागिता की। इस दौरान उन्होंने संत-महात्माओं से संवाद किया और कार्यक्रम को संबोधित भी किया। मुख्यमंत्री का यह दौरा धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक सहभागिता का प्रतीक रहा, जिसमें उन्होंने प्रयागराज की धार्मिक विरासत से जुड़कर विभिन्न कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लिया।

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वाराणसी केस में अमिताभ ठाकुर को जमानत, कोर्ट से मिली बड़ी राहत

वजह यह है कि उत्तर प्रदेश के देवरिया में जमीन धोखाधड़ी से जुड़े एक अलग मामले में वे पहले से न्यायिक हिरासत में हैं और उसी केस में जमानत न मिलने के कारण उन्हें फिलहाल जेल में ही रहना होगा।

अमिताभ ठाकुर
अमिताभ ठाकुर
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar10 Jan 2026 12:45 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश की सियासत और प्रशासनिक हलकों में अक्सर चर्चा में रहने वाले पूर्व आईपीएस अफसर और आजाद अधिकार सेना के अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर को वाराणसी से दर्ज एक मामले में बड़ी राहत मिली है। वाराणसी की जिला अदालत ने शुक्रवार को उन्हें जमानत दे दी। जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश पारित किया। हालांकि यह राहत फिलहाल कागजी”ही रहेगी, क्योंकि अमिताभ ठाकुर अभी जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे। वजह यह है कि उत्तर प्रदेश के देवरिया में जमीन धोखाधड़ी से जुड़े एक अलग मामले में वे पहले से न्यायिक हिरासत में हैं और उसी केस में जमानत न मिलने के कारण उन्हें फिलहाल जेल में ही रहना होगा।

क्या है वाराणसी वाला मामला?

यह पूरा विवाद उत्तर प्रदेश में सोशल मीडिया पर बढ़ती सियासी-प्रशासनिक गर्माहट की ही एक कड़ी माना जा रहा है। आरोप है कि 30 नवंबर 2024 को अमिताभ ठाकुर ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल से कफ सिरप के कथित अवैध कारोबार को लेकर एक पोस्ट की थी। इसी पोस्ट पर वाराणसी में हिंदू युवा वाहिनी से जुड़े नेता अम्बरीष सिंह भोला ने आपत्ति जताते हुए शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता का दावा है कि पोस्ट के जरिए उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई और बिना पुख्ता साक्ष्यों के उन पर गंभीर आरोप लगाए गए। इस शिकायत के आधार पर 9 दिसंबर को वाराणसी के चौक थाने में अमिताभ ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई, जिसके बाद मामला कानूनी प्रक्रिया में आगे बढ़ गया।

कोर्ट में बचाव पक्ष ने क्या कहा?

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अनुज यादव ने अदालत में दलील दी कि अमिताभ ठाकुर ने किसी व्यक्ति विशेष पर सीधे तौर पर आरोप नहीं लगाए थे और न ही पोस्ट का उद्देश्य मानहानि करना था। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में अवैध कारोबार जैसे जनहित के मुद्दों पर जांच की मांग करना लोकतांत्रिक अधिकार है और इसे किसी की छवि खराब करने की नीयत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत ने जमानत याचिका स्वीकार कर ली।

राहत के बावजूद क्यों नहीं निकल पाएंगे बाहर?

वाराणसी केस में जमानत मिलने के बाद भी अमिताभ ठाकुर को फिलहाल रिहाई नहीं मिलेगी, क्योंकि देवरिया में दर्ज जमीन धोखाधड़ी के मामले में वे पहले से जेल में बंद हैं। उत्तर प्रदेश में चल रहे उस केस में जमानत/रिहाई की प्रक्रिया पूरी न होने तक उनकी जेल से बाहर आने की संभावना नहीं है। UP News

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