अखिलेश यादव का अमेरिकी व्यापार पर कड़ा प्रहार, कहा-मेक इन इंडिया के शेर हो गए ढेर

अखिलेश यादव का कहना है कि मौजूदा सरकार ने देश के लगभग 500 अरब डॉलर के विशाल उपभोक्ता बाजार को विदेशी कंपनियों के लिए खोल दिया है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि इसे समझौता कहना ठीक नहीं, बल्कि यह देशी उद्योगों के लिए दी गई ढील जैसा है।

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समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar09 Feb 2026 02:28 PM
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UP News : समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस मेक इन इंडिया पहल को देश की आत्मनिर्भरता का प्रतीक बताया गया था, वह अब अपना असर खोती नजर आ रही है।

लगभग 500 अरब डॉलर के उपभोक्ता बाजार को विदेशी कंपनियों के लिए खोला गया

अखिलेश यादव का कहना है कि मौजूदा सरकार ने देश के लगभग 500 अरब डॉलर के विशाल उपभोक्ता बाजार को विदेशी कंपनियों के लिए खोल दिया है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि इसे समझौता कहना ठीक नहीं, बल्कि यह देशी उद्योगों के लिए दी गई ढील जैसा है। उन्होंने सरकार की नीतियों में विरोधाभास गिनाते हुए कहा कि एक ओर सार्वजनिक स्थानों और हवाई अड्डों पर मोटे अनाज को बढ़ावा देने के प्रचार किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इन्हीं उत्पादों का आयात किया जा रहा है, जिससे देश के किसानों को नुकसान हो रहा है।

पशु आहार के आयात पर भी चिंता जताई

अखिलेश यादव ने पशु आहार के आयात पर भी चिंता जताई और कहा कि इससे स्थानीय अनुसंधान संस्थानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गहरा झटका लग रहा है। उन्होंने विशेष रूप से यह उल्लेख किया कि दुग्ध उत्पादन से जुड़े पिछड़े और दलित समुदायों की आजीविका पर इसका सीधा असर पड़ रहा है, जबकि सरकार विदेशी कंपनियों को लाभ पहुंचाने में जुटी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब सरकार से रोजगार, महंगाई और व्यापार जैसे बुनियादी मुद्दों पर सवाल पूछे जाते हैं, तो जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐतिहासिक और वैचारिक विषयों को चर्चा में लाया जाता है, ताकि वर्तमान समस्याओं पर जवाबदेही से बचा जा सके।


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उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में होगी आम हड़ताल, बड़े आंदोलन की घोषणा

इसी विरोध के चलते 12 फरवरी को उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में आम हड़ताल करने की घोषणा की गई है। उत्तर प्रदेश से लेकर देश के हर कोने में 12 फरवरी को आम हड़ताल की तैयारी तेज कर दी गई है। उत्तर प्रदेश में सक्रिय मजदूर तथा किसान संगठन अपने-अपने स्तर पर बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं।

India-US ट्रेड डील के खिलाफ सड़क पर उतरेगा संयुक्त मोर्चा
India-US ट्रेड डील के खिलाफ सड़क पर उतरेगा संयुक्त मोर्चा
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar09 Feb 2026 01:50 PM
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UP News : अमेरिका के साथ चल रहे व्यापार समझौते का विरोध तेज हो गया है। भारत के तमाम मजदूर संगठनों के साथ ही संयुक्त किसान मोर्चा ने भी अमेरिका-भारत डील का विरोध तेज कर दिया है। इसी विरोध के चलते 12 फरवरी को उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में आम हड़ताल करने की घोषणा की गई है। उत्तर प्रदेश से लेकर देश के हर कोने में 12 फरवरी को आम हड़ताल की तैयारी तेज कर दी गई है। उत्तर प्रदेश में सक्रिय मजदूर तथा किसान संगठन अपने-अपने स्तर पर बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं।

अमेरिका के साथ डील पर एक साथ आए मजदूर तथा किसान संगठन

अमेरिका-भारत डील के विरोध में मजदूर तथा किसान संगठन एक साथ खड़े हो गए हैं। भारत की तमाम सेंट्रल ट्रेड यूनियनों ने 12 फरवरी को आम हड़ताल की पहले ही घोषणा कर रखी है। ट्रेड यूनियनों की आम हड़ताल को सबसे बड़े किसान संगठन संयुक्त किसान मोर्चा ने अपना समर्थन दे दिया है। साथ ही किसान मोर्चा ने घोषणा की है कि यदि सरकार ट्रेड डील से पीछे नहीं हटी तो पूरे देश में बड़ा आंदोलन चलाया जाएगा। 

बड़े पैमाने पर एकजुट होंगे संगठन

देश भर में विरोध स्थलों पर किसानों, खेतिहर मजदूरों और औद्योगिक यूनियनों की बड़े पैमाने पर भागीदारी की उम्मीद है, जिसमें PRTC, बिजली कर्मचारी और अन्य मजदूर संगठन शामिल हैं। इस बीच, हिमाचल प्रदेश में सेब किसानों ने 12 फरवरी को देशव्यापी किसानों की हड़ताल में शामिल होने की तैयारी तेज कर दी है और दिल्ली मार्च की घोषणा की है। साथ ही चेतावनी दी है कि भारत-अमेरिका और अन्य मुक्त व्यापार समझौतों के तहत हाल ही में आयात शुल्क में की गई कटौती पहाड़ी राज्य की सेब आधारित अर्थव्यवस्था को तबाह कर सकती है। वहीं, केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बार-बार आश्वासन दिया है कि भारतीय सेब उत्पादकों के हितों की रक्षा की जाएगी। हिमाचल प्रदेश में किसान संगठनों ने केंद्र सरकार पर 'किसान विरोधी' व्यापार नीतियां अपनाने का आरोप लगाया है। इनका कहना है कि किसान अब एक साथ मिलकर राष्ट्रीय आंदोलन के तहत दिल्ली मार्च करने के लिए तैयार हैं। यह बात जुब्बल और रोहड़ू में हिमाचल प्रदेश एप्पल ग्रोअर्स एसोसिएशन (HPAGA) की ब्लॉक-लेवल मीटिंग्स में दोहराई गई, जहां बागवानों ने 12 फरवरी की हड़ताल के लिए गांव लेवल पर किसानों को इकट्ठा करने का फैसला किया।

किसान संगठन चलाएंगे लम्बा आंदोलन

इस दौरान संयुक्त किसान मोर्चा के तमाम नेता सक्रिय हो गए हैं। संयुक्त किसान मोर्चा ने 12 फरवरी की आम हड़ताल का समर्थन करने के साथ ही अमेरिका—भारत ट्रेड डील के विरोध में लम्बा आंदोलन चलाने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। किसानों का यह आंदोलन उत्तर प्रदेश से लेकर पूरे देश में चलाया जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने घोषणा की है कि ​अमेरिका के साथ की गई ट्रेड डील के विरोध में 12 फरवरी 2026 को दिल्ली में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में प्रदर्शन होगा। 15 फरवरी को इंदौर, 18 फरवरी को उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और 23 मार्च को हरियाणा में किसानों की पंचायत तथा बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने की योजना है। इसमें सरकार से अमेरिकी से ट्रेड डील से पीछे हटने की अपील की जाएगी। यदि सरकार सहमत नहीं होती है तो विरोध प्रदर्शन को तेज किया जाएगा। किसान नेताओं ने घोषणा की है कि जब तक भारत सरकार इस ट्रेड डील से पीछे नहीं हटेगी तब तक आंदोलन चलाया जाएगा। UP News

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उत्तर प्रदेश में इस महिला ने रच दिया इतिहास

लगातार 66 साल में जिस पद पर कभी कोई महिला नहीं बैठी थी उसी पद पर सेना की कर्नल श्रीमती सीमा मिश्रा की तैनाती से उत्तर प्रदेश में नया इतिहास रच दिया गया है। कर्नल सीमा मिश्रा की इस बड़ी उपलब्धि के बाद से उन्हें लगातार बधाईयां मिल रही हैं।

राज्यपाल की मौजूदगी में यूपी सैनिक स्कूल लखनऊ के कैडेट्स
राज्यपाल की मौजूदगी में यूपी सैनिक स्कूल लखनऊ के कैडेट्स
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar09 Feb 2026 01:38 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में एक से बढ़क एक नए कारनामे होते रहते हैं। हाल ही में उत्तर प्रदेश में एक नया इतिहास रचा गया है। उत्तर प्रदेश में 66 वर्ष बाद एक महिला ने प्रदेश के एक महत्वपूर्ण पद पर आसीन होकर नया इतिहास रच दिया है। लगातार 66 साल में जिस पद पर कभी कोई महिला नहीं बैठी थी उसी पद पर सेना की कर्नल श्रीमती सीमा मिश्रा की तैनाती से उत्तर प्रदेश में नया इतिहास रच दिया गया है। कर्नल सीमा मिश्रा की इस बड़ी उपलब्धि के बाद से उन्हें लगातार बधाईयां मिल रही हैं।

उत्तर प्रदेश के सैनिक स्कूल की प्रधानाचार्य बनी कर्नल सीमा मिश्रा

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक प्रसिद्ध सैनिक स्कूल स्थापित है। उत्तर प्रदेश के इस सैनिक स्कूल का पूरा नाम कर्नल मनोज कुमार पाण्डे यूपी सैनिक स्कूल है। उत्तर प्रदेश के इस प्रसिद्ध सैनिक स्कूल की नई प्रधानाचार्य कर्नल सीमा मिश्रा बनी हैं। भारत के रक्षा मंत्रालय ने सीमा मिश्रा को उत्तर प्रदेश के सैनिक स्कूल का नया प्रधानाचार्य नियुक्त किया है। उत्तर प्रदेश के इस सैनिक स्कूल की स्थापना वर्ष-1960 में हुई थी। वर्ष-1960 से वर्ष-2026 तक इस सैनिक स्कूल के प्रधानाचार्य पद पर केवल पुरूष सैन्य अधिकारी ही तैनात होते रहे हैं। उत्तर प्रदेश के सैनिक स्कूल की प्रधानाचार्य बनकर कर्नल सीमा मिश्रा ने नया इतिहास रच दिया है। सीमा मिश्रा के प्रधानाचार्य पद पर तैनात होने के बाद से उन्हें लगातार बधाईयां मिल रही हैं।

उत्तर प्रदेश के सैनिक स्कूल की प्रधानाचार्य बनी सीमा मिश्रा का पूरा परिचय

आपको उत्तर प्रदेश सैनिक स्कूल की प्रधानाचार्य कर्नल सीमा मिश्रा का पूरा परिचय बता देते हैं। कर्नल सीमा मिश्रा 47 वर्षीय महिला सैन्य अधिकारी हैं। रक्षा मंत्रालय की ओर से उन्हें कैप्टन मनोज कुमार पांडे उत्तर प्रदेश सैनिक स्कूल का प्राचार्य नियुक्त किया गया है। कर्नल सीमा मिश्रा ने वर्ष 2003 में आर्मी एजुकेशनल कोर में कमीशन प्राप्त किया था। उनके पास सेना में काम करने का 22 साल का अनुभव है। उत्तर प्रदेश के सैनिक स्कूल में प्रिंसिपल नियुक्त होने से पहले उन्होंने राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल, बेलगाम में प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर कार्य किया है। कर्नल सीमा मिश्रा ने सैनिक स्कूल, कपूरथला में वाइस-प्रिंसिपल और भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून में प्रशिक्षक के रूप में तैनात होने वाली पहली महिला अधिकारी के रूप में भी कार्य किया है। सेवा के प्रति उनके समर्पण के लिए उन्हें चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ और वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ कमेंडेशन कार्ड मिल चुका है।

उत्तर प्रदेश के सैनिक स्कूल के लिए बताई प्राथमिकताएं

कर्नल मिश्रा ने अपनी प्राथमिकताओं के बारे में बताते हुए कहा है कि मेरा एकमात्र लक्ष्य अधिक से अधिक कैडेट्स को नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) में भेजना होगा। मैं यह सुनिश्चित करने की कोशिश करूंगी कि अधिक से अधिक लड़के और लड़कियां एनडीए के लिए क्वालीफाई करें। उन्होंने आने वाले वर्षों में कैडेट्स और स्टाफ की क्षमताओं और संभावनाओं पर विश्वास जताया। इसे हासिल करने के लिए अपने अटूट समर्थन, मार्गदर्शन और सहयोग का आश्वासन दिया। कर्नल सीमा मिश्रा ने कहा कि समृद्ध विरासत वाले देश के पहले सैनिक स्कूल का नेतृत्व करना चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी है। स्कूल की पहली महिला प्रिंसिपल के तौर पर मुझे पता है कि लोग मेरे काम को उसी नजर से देखेंगे। उन्होंने कहा कि मैं हमारे पूर्व प्रिंसिपल कर्नल राघव के किए गए अच्छे काम को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हूं। कर्नल मिश्रा ने कहा कि 26 जनवरी को लखनऊ में गणतंत्र दिवस परेड के दौरान सैनिक स्कूल बैंड को बेस्ट मार्चिंग स्कूल बैंड चुना गया था। स्कूल के मार्चिंग दस्ते ने सभी मार्चिंग दस्तों में तीसरा स्थान हासिल किया। UP News


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