उत्तर प्रदेश के मेरठ में दलित महिला की हत्या से सनसनी, भारी पुलिस तैनात

परिजनों का आरोप है कि गांव के ही एक युवक ने बेटी को अगवा करने की कोशिश के दौरान महिला पर धारदार हथियार से हमला किया, जिससे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

कपसाड़ गांव में दलित महिला की मौत के बाद बढ़ा तनाव
कपसाड़ गांव में दलित महिला की मौत के बाद बढ़ा तनाव
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar09 Jan 2026 05:12 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक दलित महिला की मौत और उसकी बेटी के लापता होने से हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। । मामला सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव का बताया जा रहा है। परिजनों का आरोप है कि गांव के ही एक युवक ने बेटी को अगवा करने की कोशिश के दौरान महिला पर धारदार हथियार से हमला किया, जिससे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

बेटी की बरामदगी तक अंतिम संस्कार से इनकार

मृतक महिला के परिजन और दलित समाज के लोग शव रखकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक लापता बेटी को सुरक्षित बरामद नहीं किया जाता, तब तक अंतिम संस्कार नहीं होगा। प्रशासनिक अधिकारी लगातार परिजनों से बातचीत कर रहे हैं, लेकिन गांव में तनाव बना हुआ है और माहौल काफी संवेदनशील बताया जा रहा है।

पुलिस की 10 टीमें सक्रिय

मेरठ पुलिस के अनुसार, प्राथमिकता लापता लड़की की बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी है। इसी के तहत 10 टीमों को अलग-अलग दिशा में लगाया गया है। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में हत्या से जुड़ी धाराएं जोड़ी गई हैं और हर पहलू से जांच आगे बढ़ रही है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश प्रशासन की ओर से जिले के वरिष्ठ अधिकारी भी गांव पहुंचे। DM और SSP सहित पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौके पर डटे हैं। एहतियात के तौर पर आसपास के थानों से भी फोर्स बुलाई गई है ताकि कानून-व्यवस्था बिगड़ने न पाए।

दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे

उत्तर प्रदेश के मेरठ में इस मामले को लेकर दोनों पक्षों की कहानियां अलग-अलग सामने आ रही हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि बेटी को अगवा किए जाने का महिला ने विरोध किया तो उसी दौरान हमला हुआ। वहीं दूसरे पक्ष की ओर से पूरी घटना को अलग तरीके से बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले कॉल डिटेल्स, घटनास्थल की जांच, उपलब्ध साक्ष्य और गवाहों के बयानों के आधार पर हर एंगल से पड़ताल की जा रही है। UP News

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उत्तर प्रदेश में ट्रेंड किए जा रहे हैं विदेशों के पुलिस अधिकारी

हाल ही में उत्तर प्रदेश के खास ट्रेनिंग सेंटर में नेपाल तथा श्रीलंका के 40 पुलिस अधिकारियों को विशेष प्रकार की ट्रेनिंग दी गई है। यह ट्रेनिंग प्राप्त करने वाले नेपाल तथा श्रीलंका के पुलिस अधिकारी इस ट्रेनिंग का सदुपयोग अपने-अपने देश में करेंगे।

CDTI परिसर में प्रशिक्षण के दौरान अनुभव साझा करते अधिकारी
CDTI परिसर में प्रशिक्षण के दौरान अनुभव साझा करते अधिकारी
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar09 Jan 2026 03:20 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में स्थापित एक खास सेंटर में विदेशों के पुलिस अधिकारियों को ट्रेंड किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में विदेशों के पुलिस अधिकारियों को आतंकवाद से लडऩे की अत्याधुनिक ट्रेनिंग दी जा रही है। हाल ही में उत्तर प्रदेश के खास ट्रेनिंग सेंटर में नेपाल तथा श्रीलंका के 40 पुलिस अधिकारियों को विशेष प्रकार की ट्रेनिंग दी गई है। यह ट्रेनिंग प्राप्त करने वाले नेपाल तथा श्रीलंका के पुलिस अधिकारी इस ट्रेनिंग का सदुपयोग अपने-अपने देश में करेंगे।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में दी जा रही है खास ट्रेनिंग

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में केन्द्रीय गुप्तचर प्रशिक्षण संस्थान मौजूद है। इस ट्रेनिंग सेंटर का पूरा नाम (CDTI) है। इस ट्रेनिंग सेंटर को CDTI के नाम से पहचाना जाता है। इस ट्रेनिंग सेंटर CDTI में भारत ही नहीं विदेशों के पुलिस अधिकारियों को भी खास प्रकार की ट्रेनिंग दी जाती है। हाल ही में 5 जनवरी 2026 से लेकर 9 जनवरी 2026 तक CDTI में 40 विदेशी पुलिस अधिकारियों को ट्रेनिंग दी गई है।

नेपाल तथा श्रीलंका के पुलिस अधिकारियों ने ली उत्तर प्रदेश में ट्रेनिंग

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में स्थित केंद्रीय गुप्तचर प्रशिक्षण संस्था (Central Detective Training Institute-Ghaziabad) में श्रीलंका और नेपाल के पुलिस अधिकारियों के लिए 5 जनवरी से 9 जनवरी तक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। CDTI कैंपस में ITEC प्रोग्राम के तहत पांच दिवसीय “Counter Voilent Extremism And De-Radicilization” पर प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण कार्यक्रम को विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय और पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (Bureau of Police Research and Development) के निर्देश पर आयोजित किया गया। भविष्य में आतंकवाद और ऑनलाइन रेडिकीलाइजेशन को कैसे रोका जा सकता है, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके इसपर प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। इस ट्रेनिंग में कुल 40 पुलिस अधिकारी शामिल रहे. इसमें से 25 पुलिस अधिकारी नेपाल और 15 पुलिस अधिकारी श्रीलंका से हैं। सभी राजपत्रित अधिकारी हैं। ट्रेनिंग में शामिल पुलिस अधिकारियों को डेढ़ से दो दशक का अनुभव है। प्रशिक्षण लेने के बाद नेपाल और श्रीलंका से आए पुलिस अधिकारी अपने देश में अन्य अधिकारियों को प्रशिक्षण में मिली तमाम जानकारियां को उपलब्ध कराएंगे।

अनुभव साझा किए विदेशी पुलिस अधिकारियों ने

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान नेपाल और श्रीलंका से आए पुलिस अधिकारियों ने अपने अनुभवों को भी साझा किया। पांच दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान नेपाल और श्रीलंका के पुलिस अधिकारियों को प्रधानमंत्री संग्रहालय, लाल किला और अक्षरधाम मंदिर का भ्रमण कराया गया। CDTI अधिकारियों के मुताबिक, मौजूदा समय में ऑनलाइन रेडिकीलाइजेशन हो रहा है, जिसके तहत लोन वुल्फ अटैक किए जा रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में भी इसी तरह के अटैक देखे गए हैं। आसपास के देशों में भी इस तरह के अटैक्स हो रहे हैं। ट्रेनिंग का मकसद पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम के दौरान आतंकवाद के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए रणनीतियों के बारे में भी प्रशिक्षार्थियों को बताया गया. केस स्टडी के माध्यम से भी समझाया गया कि आतंकवाद के खतरों का सामना कैसे करना है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के पश्चात नेपाल और श्रीलंका के पुलिस अधिकारियों को अपने देश में प्रभावी ढंग से सुरक्षा और शांति बनाए रखने में मदद मिलेगी। UP News

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राहत इंदौरी के वो शेर जिन्हें बार-बार पढ़ते हैं लोग

साहित्य के साथ-साथ शिक्षा जगत में भी उनकी पहचान रही, वे देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर में उर्दू साहित्य के प्राध्यापक रहे। 11 अगस्त 2020 को हृदयाघात से उनका निधन हुआ, लेकिन उनके शब्द आज भी उतनी ही शिद्दत से जिंदा हैं।

बार-बार पढ़े जाने वाले राहत इंदौरी के चुनिंदा शेर
बार-बार पढ़े जाने वाले राहत इंदौरी के चुनिंदा शेर
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar09 Jan 2026 01:43 PM
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Rahat Indori : राहत इंदौरी (1 जनवरी 1950 – 11 अगस्त 2020) उर्दू शायरी की दुनिया का वो चमकता नाम थे, जिनकी दमदार आवाज और तीखे अल्फ़ाज ने मुशायरों को भी जिंदा कर दिया और आम लोगों की ज़ुबान पर भी अपनी जगह बना ली। उनकी शायरी में जज़्बात, बगावत और जिंदगी की सच्चाई इतनी साफ़ झलकती थी कि सुनने वाला खुद को उनसे जुड़ा हुआ महसूस करता था। मंच पर उनका अंदाज जितना असरदार था, उतनी ही मजबूती से उन्होंने हिंदी फिल्मों के लिए यादगार गीत भी लिखे। साहित्य के साथ-साथ शिक्षा जगत में भी उनकी पहचान रही, वे देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर में उर्दू साहित्य के प्राध्यापक रहे। 11 अगस्त 2020 को हृदयाघात से उनका निधन हुआ, लेकिन उनके शब्द आज भी उतनी ही शिद्दत से जिंदा हैं।

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

राहत इंदौरी का जन्म इंदौर में रफ्तुल्लाह कुरैशी और मकबूल-उन-निशा बेगम के घर हुआ। उनके पिता एक कपड़ा कारख़ाने में नौकरी करते थे। राहत अपने माता-पिता की चौथी संतान थे। परिवार की आर्थिक स्थिति सीमित थी, इसलिए बचपन से ही उन्होंने संघर्ष और जिम्मेदारियों को करीब से देखा। कम उम्र में ही मेहनत की राह पकड़ते हुए, उन्होंने लगभग 10 साल की आयु से साइन पेंटिंग/चित्रकारी का काम शुरू कर दिया। उनकी शुरुआती पढ़ाई इंदौर के नूतन स्कूल में हुई। आगे उन्होंने इस्लामिया करीमिया कॉलेज, इंदौर से 1973 में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। फिर 1975 में बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल से उर्दू साहित्य में एम.ए. किया। उर्दू साहित्य में उनकी शैक्षणिक यात्रा यहीं नहीं रुकी। उन्होंने उर्दू में उच्च अध्ययन जारी रखा और 1985 में मध्य प्रदेश के भोज विश्वविद्यालय से उर्दू साहित्य में पीएच.डी. पूरी की। उनकी थीसिस “उर्दू मुख्य मुशायरा” के लिए उन्हें सम्मान भी मिला जो उनके शोध और साहित्यिक समझ की गहराई को दर्शाता है।

 राहत इंदौरी टॉप 5 शायरी

1 - शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम

आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे

2 - दोस्ती जब किसी से की जाए

दुश्मनों की भी राय ली जाए

3 - हम अपनी जान के दुश्मन को अपनी जान कहते हैं

मोहब्बत की इसी मिट्टी को हिंदुस्तान कहते हैं

4 - रोज़ तारों को नुमाइश में ख़लल पड़ता है

चाँद पागल है अँधेरे में निकल पड़ता है

5 - सूरज सितारे चाँद मिरे साथ में रहे

जब तक तुम्हारे हाथ मिरे हाथ में रहे







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