अवैध कब्जे पर योगी सरकार सख्त, भूमाफिया पर जारी रहेगा एक्शन

मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमाफिया और दबंगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई लगातार जारी है और आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी मामलों का त्वरित, निष्पक्ष और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही आमजन को भरोसा दिलाया कि सरकार हर समस्या के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

janta darshan
योगी आदित्यनाथ समस्याएं सुनते हुए
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar12 Jan 2026 03:17 PM
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UP News : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को जनता दर्शन कार्यक्रम में विभिन्न जनपदों से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने प्रार्थना पत्रों पर संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश देते हुए स्पष्ट कहा कि अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

भूमाफिया और दबंगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमाफिया और दबंगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई लगातार जारी है और आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी मामलों का त्वरित, निष्पक्ष और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही आमजन को भरोसा दिलाया कि सरकार हर समस्या के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

इलाज के लिए सरकार दे रही भरपूर आर्थिक सहायता

जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों से पीड़ित कुछ लोगों ने इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इलाज के लिए हर संभव आर्थिक मदद दे रही है। उन्होंने निर्देश दिया कि मरीज अस्पताल से इलाज का एस्टिमेट शीघ्र उपलब्ध कराएं, ताकि एस्टिमेट मिलते ही तुरंत सहायता प्रदान की जा सके। सीएम ने स्पष्ट किया कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकने दिया जाएगा।

नौनिहालों पर उमड़ा मुख्यमंत्री का स्नेह

जनता दर्शन में बच्चों के साथ आए अभिभावकों से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री योगी का बालप्रेम देखने को मिला। उन्होंने बच्चों को दुलारा, उनसे बातचीत की और चॉकलेट दी। मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से ठंड के मौसम में बच्चों का विशेष ध्यान रखने की अपील की, जिस पर अभिभावकों ने उनका आभार जताया।

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गुलज़ार: शब्दों के वो जादूगर जिनकी कविता ने सिनेमा को नई ज़ुबान दी

उनकी लेखनी में हिन्दी, उर्दू और पंजाबी का मिठास भरा संगम है, और यही नहीं उन्होंने ब्रज, खड़ी बोली, मारवाड़ी और हरियाणवी जैसी बोलियों के रंग भी अपनी रचनाओं में इस तरह घोले कि शब्द जीवंत हो उठे।

गुलज़ार की भाषा का जादू
गुलज़ार की भाषा का जादू
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar12 Jan 2026 02:13 PM
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Gulzar : हिन्दी सिनेमा के गीतों को अगर किसी एक शख्स ने धुन से उठाकर अहसास तक पहुँचाया है, तो वह नाम ग़ुलज़ार का है जिनका वास्तविक नाम सम्पूर्ण सिंह कालरा (जन्म: 18 अगस्त 1934) है। वे सिर्फ़ गीतकार नहीं, बल्कि कवि, शायर, पटकथा लेखक, फ़िल्म निर्देशक और नाटककार के तौर पर भी अपनी अलग, बेबाक पहचान रखते हैं। उनकी लेखनी में हिन्दी, उर्दू और पंजाबी का मिठास भरा संगम है, और यही नहीं उन्होंने ब्रज, खड़ी बोली, मारवाड़ी और हरियाणवी जैसी बोलियों के रंग भी अपनी रचनाओं में इस तरह घोले कि शब्द जीवंत हो उठे। सम्मान उनकी कला के पीछे-पीछे चलते रहे 2002 में साहित्य अकादमी पुरस्कार, 2004 में पद्म भूषण और फिर वैश्विक मंच पर 2009 में ‘Slumdog Millionaire’ के गीत ‘जय हो’ के लिए ऑस्कर (Best Original Song) और ग्रैमी जिसने यह साबित कर दिया कि गुलज़ार की कलम सरहदों से बड़ी है।

प्रारम्भिक जीवन

गुलज़ार का जन्म झेलम ज़िले (तत्कालीन पंजाब) के दीना गाँव में हुआ था यह इलाका आज पाकिस्तान में आता है। उनका बचपन आसान नहीं रहा। वे अपने पिता की दूसरी पत्नी की इकलौती संतान थे और बचपन में ही उनकी माँ का साया उठ गया। परिवार बड़ा था कुल नौ भाई-बहन, जिनमें गुलज़ार चौथे नंबर पर थे।

भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद परिवार अमृतसर आकर बस गया। आगे चलकर गुलज़ार मुंबई पहुँचे, जहाँ जीवन ने उन्हें शुरुआती दौर में मेहनत का कड़ा पाठ पढ़ाया। वे वर्ली के एक गैराज में मैकेनिक के तौर पर काम करने लगे खासतौर पर पेंट के रंग मिलाने जैसे कामों में। लेकिन काम के साथ-साथ उनके भीतर का पाठक जाग रहा था। खाली समय में किताबें पढ़ते-पढ़ते, लिखने का आकर्षण तेज़ होता गयाऔर यही आकर्षण आगे चलकर उनकी पहचान बन गया।

गुलज़ार की टॉप 5 शायरी 

1 - शाम से आँख में नमी सी है,

आज फिर आप की कमी सी है   

2 - कोई ख़ामोश ज़ख़्म लगती है,

ज़िंदगी एक नज़्म लगती है। 

3 - ख़ुशबू जैसे लोग मिले अफ़्साने में,

एक पुराना ख़त खोला अनजाने में। 

4 - जब भी ये दिल उदास होता है,

जाने कौन आस-पास होता है

 5 - दिन कुछ ऐसे गुज़ारता है कोई,

जैसे एहसाँ उतारता है कोई



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निलंबित IAS अभिषेक प्रकाश की बढ़ीं मुश्किलें, SIT ने तय किए आरोप

मामला SAEL सोलर कंपनी से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां आरोप है कि उत्तर प्रदेश में प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के बदले कंपनी से 5 फीसदी कमीशन/घूस मांगी गई और यह मांग कथित तौर पर बिचौलिये निकांत जैन के माध्यम से रखी गई। इसी आरोप के आधार पर कंपनी के प्रतिनिधि ने पहले एफआईआर दर्ज कराई थी।

SIT ने निलंबित IAS अभिषेक प्रकाश को आरोपी के तौर पर चिन्हित किया
SIT ने निलंबित IAS अभिषेक प्रकाश को आरोपी के तौर पर चिन्हित किया
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar12 Jan 2026 11:32 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश में कथित कमीशनखोरी के मामले ने निलंबित आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश की परेशानियां और बढ़ा दी हैं। निवेशक से वसूली के जिस प्रकरण ने सूबे की नौकरशाही में हलचल मचाई, उसमें गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने अब अभिषेक प्रकाश को सिर्फ जांच के घेरे में नहीं, बल्कि आरोपी के तौर पर चिन्हित कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान सामने आए दस्तावेज़ों और गवाहियों ने उनकी भूमिका पर संदेह को मजबूत किया, जिसके बाद SIT ने औपचारिक पूछताछ के लिए उत्तर प्रदेश शासन को पत्र भेजकर अनुमति मांगी है। मामला SAEL सोलर कंपनी से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां आरोप है कि उत्तर प्रदेश में प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के बदले कंपनी से 5 फीसदी कमीशन/घूस मांगी गई और यह मांग कथित तौर पर बिचौलिये निकांत जैन के माध्यम से रखी गई। इसी आरोप के आधार पर कंपनी के प्रतिनिधि ने पहले एफआईआर दर्ज कराई थी।

अभिषेक प्रकाश पहले ही हो चुके हैं सस्पेंड

उत्तर प्रदेश में इस मामले ने तब और गंभीर शक्ल ले ली थी, जब कार्रवाई के तहत एसटीएफ ने कथित बिचौलिये निकांत जैन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और उसी समय इन्वेस्ट यूपी के तत्कालीन सीईओ अभिषेक प्रकाश को निलंबित कर दिया गया। यह प्रकरण सिर्फ एक गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उत्तर प्रदेश की निवेश व्यवस्था और उद्योग जगत के लिए बनाए गए सिंगल विंडो सिस्टम की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर गया, क्योंकि इन्वेस्ट यूपी राज्य में निवेश आकर्षित करने वाली प्रमुख एजेंसी मानी जाती है। जानकारी के मुताबिक निकांत जैन के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, लेकिन केस ने अहम मोड़ तब लिया जब वादी पक्ष ने कोर्ट में शपथपत्र देकर पहले लगाए आरोपों को गलत बताया। इसी पृष्ठभूमि में सरकार ने पूरे घटनाक्रम की परत-दर-परत जांच के लिए एसआईटी गठित की। एसआईटी की पड़ताल में कथित तौर पर निकांत जैन और आईएएस अभिषेक प्रकाश के बीच संपर्क/संबंधों के संकेत मिले हैं सूत्रों का दावा है कि पूछताछ के दौरान निकांत जैन ने अभिषेक प्रकाश का नाम भी लिया। साथ ही, जांच टीम को कुछ अतिरिक्त साक्ष्य भी हाथ लगे हैं, जिनके आधार पर अब अभिषेक प्रकाश को औपचारिक रूप से आरोपी बनाया गया है।

अब नजर शासन की अनुमति और SIT की पूछताछ पर

फिलहाल, उत्तर प्रदेश में इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली कड़ी शासन से मिलने वाली अनुमति पर टिकी है। अनुमति मिलते ही SIT अभिषेक प्रकाश से पूछताछ कर सकती है। वहीं, जांच एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि निवेश प्रोजेक्ट से जुड़े फैसलों में कहीं किसी स्तर पर दबाव, लाभ या लेन-देन की कोई कड़ी तो नहीं छुपी है। उत्तर प्रदेश में निवेश और प्रशासनिक पारदर्शिता के लिहाज से यह मामला बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। आने वाले दिनों में SIT की पूछताछ और आगे की कार्रवाई इस केस की दिशा तय करेगी। UP News

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