योगी सरकार का रजिस्ट्री फीस पर बड़ा फैसला, बदला सिस्टम
ऑनलाइन भुगतान लागू होने से न सिर्फ प्रक्रिया तेज और सुरक्षित होगी, बल्कि काउंटर पर भीड़ भी घटेगी और रजिस्ट्री का काम अधिक सुचारू हो सकेगा। कुल मिलाकर, यह कदम उत्तर प्रदेश में संपत्ति पंजीकरण व्यवस्था को और भरोसेमंद व आधुनिक बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

UP News : उत्तर प्रदेश में जमीन और मकान की रजिस्ट्री व्यवस्था को कैशलेस, पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब ₹20,000 से अधिक की रजिस्ट्री/रजिस्ट्रेशन फीस नकद नहीं, बल्कि केवल ऑनलाइन मोड से ही जमा होगी। इस बदलाव को लेकर महानिरीक्षक निबंधन नेहा शर्मा ने प्रदेश के सभी पंजीकरण कार्यालयों को निर्देश जारी कर दिए हैं। सरकार की मंशा साफ है रजिस्ट्री में नकद लेनदेन की भूमिका घटे, भुगतान का हर रिकॉर्ड डिजिटल ट्रैक हो और आम नागरिकों को उत्तर प्रदेश के निबंधन कार्यालयों के चक्कर कम लगाने पड़ें। ऑनलाइन भुगतान लागू होने से न सिर्फ प्रक्रिया तेज और सुरक्षित होगी, बल्कि काउंटर पर भीड़ भी घटेगी और रजिस्ट्री का काम अधिक सुचारू हो सकेगा। कुल मिलाकर, यह कदम उत्तर प्रदेश में संपत्ति पंजीकरण व्यवस्था को और भरोसेमंद व आधुनिक बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
पहले फेज में इन जिलों को मिली प्राथमिकता
यह नई व्यवस्था सोमवार से ही उत्तर प्रदेश में लागू कर दी गई है और शुरुआत पहले चरण के तहत चुनिंदा जिलों से की गई है। इस फेज में आजमगढ़, बाराबंकी, रायबरेली, सुल्तानपुर, सीतापुर, हापुड़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, बुलंदशहर, बरेली, अमरोहा, कानपुर नगर, फतेहपुर, देवरिया, चित्रकूट, बागपत, कासगंज, एटा, रामपुर, इटावा, महोबा, हरदोई, बस्ती, अंबेडकरनगर, जौनपुर, कौशांबी, भदोही, महाराजगंज, बहराइच और मऊ में ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था को सक्रिय किया गया है। प्रशासन का तर्क है कि इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने से सिस्टम पर अचानक लोड नहीं पड़ेगा, तकनीकी तैयारियां बेहतर तरीके से परखी जा सकेंगी और लोगों को भी उत्तर प्रदेश के रजिस्ट्री नियमों में हुए बदलाव अपनाने के लिए पर्याप्त समय व सुविधा मिल सकेगी।
यूपी में सैनिकों को नववर्ष पर राहत
उत्तर प्रदेश में नए साल की शुरुआत सशस्त्र सेनाओं और अर्धसैनिक बलों के सेवारत व सेवानिवृत्त जवानों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आई है। उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद ने ‘पहले आओ–पहले पाओ’ योजना के तहत फ्लैट बुकिंग पर जवानों को अतिरिक्त छूट देने का निर्णय लिया है। परिषद की 274वीं बैठक में मंजूर प्रस्ताव के बाद अब पात्र कार्मिकों को फ्लैट बुकिंग पर अधिकतम 20% तक छूट का लाभ मिलेगा। खास बात यह है कि यह सुविधा उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद के ऑनलाइन पोर्टल पर सक्रिय कर दी गई है, जिससे आवेदन और बुकिंग प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान हो गई है। फिलहाल परिषद लखनऊ, गाजियाबाद, मेरठ, कानपुर, सहारनपुर, मुरादाबाद और आगरा में उपलब्ध रेडी-टू-मूव रिक्त फ्लैट्स का आवंटन कर रही है। जहां आम नागरिकों को एकमुश्त भुगतान पर 15% तक छूट मिलती है वहीं उत्तर प्रदेश के जवानों के लिए यह रियायत बढ़ाकर ज्यादा आकर्षक बना दी गई है, ताकि वे कम लागत में अपना घर लेने का सपना तेजी से पूरा कर सकें।
भुगतान समय-सीमा के हिसाब से छूट का फॉर्मूला
उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद की इस पहल में छूट का फायदा भुगतान की समय-सीमा से सीधे जुड़ा रखा गया है। जो लाभार्थी आवंटन तिथि से 60 दिनों के भीतर पूरा भुगतान कर देंगे, उन्हें 20% तक की अधिकतम छूट मिलेगी। वहीं 61 से 90 दिनों के बीच भुगतान करने पर 15% और 91 से 120 दिनों के भीतर भुगतान करने वालों को 10% की छूट दी जाएगी। UP News
UP News : उत्तर प्रदेश में जमीन और मकान की रजिस्ट्री व्यवस्था को कैशलेस, पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब ₹20,000 से अधिक की रजिस्ट्री/रजिस्ट्रेशन फीस नकद नहीं, बल्कि केवल ऑनलाइन मोड से ही जमा होगी। इस बदलाव को लेकर महानिरीक्षक निबंधन नेहा शर्मा ने प्रदेश के सभी पंजीकरण कार्यालयों को निर्देश जारी कर दिए हैं। सरकार की मंशा साफ है रजिस्ट्री में नकद लेनदेन की भूमिका घटे, भुगतान का हर रिकॉर्ड डिजिटल ट्रैक हो और आम नागरिकों को उत्तर प्रदेश के निबंधन कार्यालयों के चक्कर कम लगाने पड़ें। ऑनलाइन भुगतान लागू होने से न सिर्फ प्रक्रिया तेज और सुरक्षित होगी, बल्कि काउंटर पर भीड़ भी घटेगी और रजिस्ट्री का काम अधिक सुचारू हो सकेगा। कुल मिलाकर, यह कदम उत्तर प्रदेश में संपत्ति पंजीकरण व्यवस्था को और भरोसेमंद व आधुनिक बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
पहले फेज में इन जिलों को मिली प्राथमिकता
यह नई व्यवस्था सोमवार से ही उत्तर प्रदेश में लागू कर दी गई है और शुरुआत पहले चरण के तहत चुनिंदा जिलों से की गई है। इस फेज में आजमगढ़, बाराबंकी, रायबरेली, सुल्तानपुर, सीतापुर, हापुड़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, बुलंदशहर, बरेली, अमरोहा, कानपुर नगर, फतेहपुर, देवरिया, चित्रकूट, बागपत, कासगंज, एटा, रामपुर, इटावा, महोबा, हरदोई, बस्ती, अंबेडकरनगर, जौनपुर, कौशांबी, भदोही, महाराजगंज, बहराइच और मऊ में ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था को सक्रिय किया गया है। प्रशासन का तर्क है कि इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने से सिस्टम पर अचानक लोड नहीं पड़ेगा, तकनीकी तैयारियां बेहतर तरीके से परखी जा सकेंगी और लोगों को भी उत्तर प्रदेश के रजिस्ट्री नियमों में हुए बदलाव अपनाने के लिए पर्याप्त समय व सुविधा मिल सकेगी।
यूपी में सैनिकों को नववर्ष पर राहत
उत्तर प्रदेश में नए साल की शुरुआत सशस्त्र सेनाओं और अर्धसैनिक बलों के सेवारत व सेवानिवृत्त जवानों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आई है। उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद ने ‘पहले आओ–पहले पाओ’ योजना के तहत फ्लैट बुकिंग पर जवानों को अतिरिक्त छूट देने का निर्णय लिया है। परिषद की 274वीं बैठक में मंजूर प्रस्ताव के बाद अब पात्र कार्मिकों को फ्लैट बुकिंग पर अधिकतम 20% तक छूट का लाभ मिलेगा। खास बात यह है कि यह सुविधा उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद के ऑनलाइन पोर्टल पर सक्रिय कर दी गई है, जिससे आवेदन और बुकिंग प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान हो गई है। फिलहाल परिषद लखनऊ, गाजियाबाद, मेरठ, कानपुर, सहारनपुर, मुरादाबाद और आगरा में उपलब्ध रेडी-टू-मूव रिक्त फ्लैट्स का आवंटन कर रही है। जहां आम नागरिकों को एकमुश्त भुगतान पर 15% तक छूट मिलती है वहीं उत्तर प्रदेश के जवानों के लिए यह रियायत बढ़ाकर ज्यादा आकर्षक बना दी गई है, ताकि वे कम लागत में अपना घर लेने का सपना तेजी से पूरा कर सकें।
भुगतान समय-सीमा के हिसाब से छूट का फॉर्मूला
उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद की इस पहल में छूट का फायदा भुगतान की समय-सीमा से सीधे जुड़ा रखा गया है। जो लाभार्थी आवंटन तिथि से 60 दिनों के भीतर पूरा भुगतान कर देंगे, उन्हें 20% तक की अधिकतम छूट मिलेगी। वहीं 61 से 90 दिनों के बीच भुगतान करने पर 15% और 91 से 120 दिनों के भीतर भुगतान करने वालों को 10% की छूट दी जाएगी। UP News

















