निलंबित IAS अभिषेक प्रकाश की बढ़ीं मुश्किलें, SIT ने तय किए आरोप

मामला SAEL सोलर कंपनी से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां आरोप है कि उत्तर प्रदेश में प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के बदले कंपनी से 5 फीसदी कमीशन/घूस मांगी गई और यह मांग कथित तौर पर बिचौलिये निकांत जैन के माध्यम से रखी गई। इसी आरोप के आधार पर कंपनी के प्रतिनिधि ने पहले एफआईआर दर्ज कराई थी।

SIT ने निलंबित IAS अभिषेक प्रकाश को आरोपी के तौर पर चिन्हित किया
SIT ने निलंबित IAS अभिषेक प्रकाश को आरोपी के तौर पर चिन्हित किया
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar12 Jan 2026 11:32 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश में कथित कमीशनखोरी के मामले ने निलंबित आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश की परेशानियां और बढ़ा दी हैं। निवेशक से वसूली के जिस प्रकरण ने सूबे की नौकरशाही में हलचल मचाई, उसमें गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने अब अभिषेक प्रकाश को सिर्फ जांच के घेरे में नहीं, बल्कि आरोपी के तौर पर चिन्हित कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान सामने आए दस्तावेज़ों और गवाहियों ने उनकी भूमिका पर संदेह को मजबूत किया, जिसके बाद SIT ने औपचारिक पूछताछ के लिए उत्तर प्रदेश शासन को पत्र भेजकर अनुमति मांगी है। मामला SAEL सोलर कंपनी से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां आरोप है कि उत्तर प्रदेश में प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के बदले कंपनी से 5 फीसदी कमीशन/घूस मांगी गई और यह मांग कथित तौर पर बिचौलिये निकांत जैन के माध्यम से रखी गई। इसी आरोप के आधार पर कंपनी के प्रतिनिधि ने पहले एफआईआर दर्ज कराई थी।

अभिषेक प्रकाश पहले ही हो चुके हैं सस्पेंड

उत्तर प्रदेश में इस मामले ने तब और गंभीर शक्ल ले ली थी, जब कार्रवाई के तहत एसटीएफ ने कथित बिचौलिये निकांत जैन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और उसी समय इन्वेस्ट यूपी के तत्कालीन सीईओ अभिषेक प्रकाश को निलंबित कर दिया गया। यह प्रकरण सिर्फ एक गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उत्तर प्रदेश की निवेश व्यवस्था और उद्योग जगत के लिए बनाए गए सिंगल विंडो सिस्टम की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर गया, क्योंकि इन्वेस्ट यूपी राज्य में निवेश आकर्षित करने वाली प्रमुख एजेंसी मानी जाती है। जानकारी के मुताबिक निकांत जैन के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, लेकिन केस ने अहम मोड़ तब लिया जब वादी पक्ष ने कोर्ट में शपथपत्र देकर पहले लगाए आरोपों को गलत बताया। इसी पृष्ठभूमि में सरकार ने पूरे घटनाक्रम की परत-दर-परत जांच के लिए एसआईटी गठित की। एसआईटी की पड़ताल में कथित तौर पर निकांत जैन और आईएएस अभिषेक प्रकाश के बीच संपर्क/संबंधों के संकेत मिले हैं सूत्रों का दावा है कि पूछताछ के दौरान निकांत जैन ने अभिषेक प्रकाश का नाम भी लिया। साथ ही, जांच टीम को कुछ अतिरिक्त साक्ष्य भी हाथ लगे हैं, जिनके आधार पर अब अभिषेक प्रकाश को औपचारिक रूप से आरोपी बनाया गया है।

अब नजर शासन की अनुमति और SIT की पूछताछ पर

फिलहाल, उत्तर प्रदेश में इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली कड़ी शासन से मिलने वाली अनुमति पर टिकी है। अनुमति मिलते ही SIT अभिषेक प्रकाश से पूछताछ कर सकती है। वहीं, जांच एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि निवेश प्रोजेक्ट से जुड़े फैसलों में कहीं किसी स्तर पर दबाव, लाभ या लेन-देन की कोई कड़ी तो नहीं छुपी है। उत्तर प्रदेश में निवेश और प्रशासनिक पारदर्शिता के लिहाज से यह मामला बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। आने वाले दिनों में SIT की पूछताछ और आगे की कार्रवाई इस केस की दिशा तय करेगी। UP News

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उत्तर प्रदेश बना किन्नर समाज का बड़ा केंद्र, देशभर से पहुंचे हजारों लोग

इस आयोजन की सबसे अलग बात यह है कि यहां सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि किन्नर समाज की पारंपरिक रिश्तेदारी परंपरा भी पूरी विधि-विधान से निभाई जाती है। किसी को मां तो किसी को बेटी, किसी को भाई तो किसी को बहन रिश्ते उसी तरह तय होते हैं जैसे किसी परिवार में रस्मों के साथ होते हैं।

अखिल भारतीय मंगल मूर्ति किन्नर कार्यक्रम
अखिल भारतीय मंगल मूर्ति किन्नर कार्यक्रम
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar12 Jan 2026 09:40 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश के कानपुर में इन दिनों माहौल बिल्कुल बदला-बदला सा है उत्तर परेश का औद्योगिक शहर कानपुर उत्सव और परंपरा के अनोखे रंग में नजर आ रहा है। कानपुर दक्षिण के अर्रा इलाके में चल रहे अखिल भारतीय मंगल मूर्ति किन्नर कार्यक्रम ने न सिर्फ शहर, बल्कि दूर-दराज तक लोगों का ध्यान खींच लिया है। इस आयोजन में कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक से हजारों की संख्या में किन्नर समाज के लोग पहुंचे हैं, जिससे पूरा क्षेत्र किसी बड़े धार्मिक मेले जैसा जीवंत हो उठा है। रंग-बिरंगे परिधान, पारंपरिक श्रृंगार और भजन-कीर्तन की गूंज के बीच आयोजन स्थल का दृश्य मानो शादी-ब्याह के भव्य समारोह की तरह दिखाई दे रहा है।

15 दिनों का है आयोजन

उत्तर प्रदेश के कानपुर में चल रहे इस आयोजन को लेकर काजल किन्नर बताती हैं कि कार्यक्रम करीब 15 दिनों तक जारी रहेगा, जिसमें 14 दिनों तक भव्य गंगा यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा शहर के अलग-अलग इलाकों से होकर गुजरेगी और इसमें 6 से 7 हजार लोगों की भागीदारी की संभावना जताई जा रही है। भजन-कीर्तन, पूजा-पाठ और मंगल प्रार्थनाओं के साथ निकलने वाली इस यात्रा का स्वागत भी खास अंदाज में हो रहा है कहीं फूलों की बारिश, तो कहीं हाथ जोड़कर सम्मान और आशीर्वाद लेने की कतारें दिख रही हैं। इस आयोजन की सबसे अलग बात यह है कि यहां सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि किन्नर समाज की पारंपरिक रिश्तेदारी परंपरा भी पूरी विधि-विधान से निभाई जाती है। किसी को मां तो किसी को बेटी, किसी को भाई तो किसी को बहन रिश्ते उसी तरह तय होते हैं जैसे किसी परिवार में रस्मों के साथ होते हैं। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश में हो रहा यह आयोजन किन्नर समाज के लिए सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव और सामाजिक पहचान का भी बड़ा मंच बन गया है।

उत्तर प्रदेश से देश-विदेश की शांति के लिए दुआ

उत्तर प्रदेश के कानपुर में चल रहे इस आयोजन की खास बात यह है कि यहां आस्था की परंपराएं सिर्फ समाज तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि देश की सुख-शांति और अमन-चैन के लिए भी सामूहिक प्रार्थनाएं की जा रही हैं। आयोजकों का कहना है कि हालिया घटनाओं को देखते हुए पीड़ितों की आत्मिक शांति के लिए विशेष पूजा-अर्चना और मंगल कामनाओं का क्रम तय किया गया है। किन्नर समाज का मानना है कि एकजुट होकर की गई प्रार्थना समाज में सकारात्मक ऊर्जा और शांति का संदेश देती है।

हर साल बदलता है शहर

जानकारी के मुताबिक यह आयोजन हर वर्ष होता है, लेकिन आयोजन स्थल हर बार बदलता है। पिछली बार कार्यक्रम राजस्थान में हुआ था और इस बार उत्तर प्रदेश के कानपुर को इसकी मेजबानी मिली है। आयोजकों का कहना है कि कार्यक्रम में सहभागिता के लिए समाज के भीतर तय मानकों का पालन किया जा रहा है। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस-प्रशासन भी सक्रिय है और आयोजन स्थल के आसपास निगरानी बढ़ाई गई है। आयोजन स्थल पर हर तरफ रंग-बिरंगे परिधान, पारंपरिक श्रृंगार और भारी आभूषणों की चमक दिखाई दे रही है। पूरा दृश्य किसी शाही उत्सव जैसा लग रहा है। आयोजकों के अनुसार यह कार्यक्रम उनकी कुलदेवी को समर्पित है, जिसमें देवी-देवताओं की पूजा के जरिए भारतवर्ष की मंगल कामना की जाती है। UP News

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किसानों के अधिकारों के लिए टिकैत ने उठाया बड़ा कदम

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत गाजियाबाद पहुंचे और किसानों की महापंचायत में शामिल हुए। इस पंचायत का आयोजन वेव सिटी बिल्डर के खिलाफ किया गया था।

Indian Farmers Union Rakesh Tikait
भारतीय किसान यूनियन राकेश टिकैत (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar11 Jan 2026 10:09 PM
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UP News : पंचायत में टिकैत ने वेव सिटी के बिल्डर को भूमि अधिग्रहण से जुड़े मसलों को सुलझाने के लिए एक महीने का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने कहा कि अगर बिल्डर समय पर किसानों की मांगों को नहीं मानता है, तो किसान खुद ट्रैक्टर चला कर अपनी ताकत दिखाएंगे। टिकैत ने यह भी दावा किया कि वह खुद ट्रैक्टर चलाकर इस मामले में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

पंचायत में किसानों को दिया भरोसा

राकेश टिकैत ने कहा कि किसान अपनी जमीन के अधिकार के लिए हर संभव कदम उठाने को तैयार हैं। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी आवाज़ दबने नहीं दी जाएगी और वे अपनी मांगों के लिए दृढ़ खड़े हैं।

अमेरिका की दादागिरी पर टिकैत का बयान

महापंचायत के दौरान, राकेश टिकैत ने अमेरिका के रवैये पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “हमारे देश में चाहे अंदरूनी विवाद कितने भी हों, लेकिन अगर कोई हमारे प्रधानमंत्री या भारत के खिलाफ कुछ कहेगा तो हम देश और प्रधानमंत्री के साथ मजबूती से खड़े हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि भारत को अपने करीबी देशों जैसे चीन और नेपाल के साथ मजबूत संबंध बनाए रखने चाहिए।

राकेश टिकैत ने साफ कर दिया कि देश का किसान कमजोर नहीं है और ना ही नौजवान। उन्होंने कहा कि किसी भी बाहरी ताकत की दादागिरी को भारतीय किसान और युवा कभी सहन नहीं करेंगे। UP News

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