योगी सरकार के सतत प्रयासों से रेशम उद्योग छू रहा ऊंचाइयों को
इसी क्रम में राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सिल्क एक्सपो-2026 का भव्य शुभारंभ किया गया। इस विशेष आयोजन का उद्घाटन प्रदेश सरकार में मंत्री राकेश सचान द्वारा किया गया, जिसमें रेशम उद्योग से जुड़े विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों, बुनकरों और उद्यमियों ने भाग लिया।

UP News : योगी आदित्यनाथ सरकार के सतत प्रयासों से उत्तर प्रदेश का रेशम उद्योग नई ऊँचाइयों को छू रहा है। इसी क्रम में राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सिल्क एक्सपो-2026 का भव्य शुभारंभ किया गया। इस विशेष आयोजन का उद्घाटन प्रदेश सरकार में मंत्री राकेश सचान द्वारा किया गया, जिसमें रेशम उद्योग से जुड़े विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों, बुनकरों और उद्यमियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान पंडित दीन दयाल उपाध्याय रेशम रत्न सम्मान समारोह का आयोजन भी किया गया, जिसमें रेशम क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 16 विशिष्ट व्यक्तियों को मंत्री राकेश सचान एवं मंत्री नरेन्द्र कश्यप के कर-कमलों से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही विभागीय उपलब्धियों और भावी योजनाओं को समर्पित रेशम मित्र-2025 पत्रिका का विमोचन किया गया, जिससे रेशम विकास के प्रयासों को नई दिशा मिली।प्रदेश में रेशम उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज
प्रदेश में रेशम उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। जहाँ पहले उत्पादन मात्र 27 मीट्रिक टन तक सीमित था, वहीं अब यह बढ़कर 450 से 500 मीट्रिक टन के स्तर पर पहुँच गया है। यह प्रगति आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की संकल्पना को साकार करने में रेशम उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाती है।गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार हुआ
रेशम उद्योग न केवल किसानों के लिए अतिरिक्त आय का साधन बन रहा है, बल्कि बुनकरों और उद्यमियों को भी स्थायी रोजगार के अवसर प्रदान कर रहा है। प्रदेश में मल्टी रीलिंग इकाइयों की स्थापना से रेशम प्रसंस्करण की आधारभूत संरचना सशक्त हुई है, जिससे गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार हुआ है। सरकार द्वारा अब तक 1630 लाभार्थियों को 32.49 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता प्रदान की गई है, जिससे उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री रेशम विकास योजना के अंतर्गत आगामी 10 वर्षों में लगभग 13,500 किसानों को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।शहतूत वृक्षारोपण का दायरा बढ़ाया गयाप्रदेश में रेशम उत्पादन को और बढ़ाने के उद्देश्य से 9,000 एकड़ भूमि पर शहतूत वृक्षारोपण तथा 360 मीट्रिक टन अतिरिक्त रेशम उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, रेशम मित्र पोर्टल के माध्यम से आॅनलाइन आवेदन, निगरानी और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने इस अवसर पर कहा कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से रेशम उद्योग में ऐतिहासिक परिवर्तन देखने को मिला है। सिल्क एक्सपो-2026 में देश के विभिन्न राज्यों से आए शुद्ध रेशमी उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय किया जा रहा है, जो प्रदेश के बुनकरों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में सहायक सिद्ध होगा। यह प्रदर्शनी 06 फरवरी 2026 तक आम जनता के लिए खुली रहेगी, जहाँ आगंतुक विभिन्न राज्यों के बुनकरों और व्यापारियों द्वारा तैयार किए गए उत्कृष्ट रेशमी उत्पादों को देख और खरीद सकेंगे।
UP News : योगी आदित्यनाथ सरकार के सतत प्रयासों से उत्तर प्रदेश का रेशम उद्योग नई ऊँचाइयों को छू रहा है। इसी क्रम में राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सिल्क एक्सपो-2026 का भव्य शुभारंभ किया गया। इस विशेष आयोजन का उद्घाटन प्रदेश सरकार में मंत्री राकेश सचान द्वारा किया गया, जिसमें रेशम उद्योग से जुड़े विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों, बुनकरों और उद्यमियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान पंडित दीन दयाल उपाध्याय रेशम रत्न सम्मान समारोह का आयोजन भी किया गया, जिसमें रेशम क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 16 विशिष्ट व्यक्तियों को मंत्री राकेश सचान एवं मंत्री नरेन्द्र कश्यप के कर-कमलों से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही विभागीय उपलब्धियों और भावी योजनाओं को समर्पित रेशम मित्र-2025 पत्रिका का विमोचन किया गया, जिससे रेशम विकास के प्रयासों को नई दिशा मिली।प्रदेश में रेशम उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज
प्रदेश में रेशम उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। जहाँ पहले उत्पादन मात्र 27 मीट्रिक टन तक सीमित था, वहीं अब यह बढ़कर 450 से 500 मीट्रिक टन के स्तर पर पहुँच गया है। यह प्रगति आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की संकल्पना को साकार करने में रेशम उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाती है।गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार हुआ
रेशम उद्योग न केवल किसानों के लिए अतिरिक्त आय का साधन बन रहा है, बल्कि बुनकरों और उद्यमियों को भी स्थायी रोजगार के अवसर प्रदान कर रहा है। प्रदेश में मल्टी रीलिंग इकाइयों की स्थापना से रेशम प्रसंस्करण की आधारभूत संरचना सशक्त हुई है, जिससे गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार हुआ है। सरकार द्वारा अब तक 1630 लाभार्थियों को 32.49 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता प्रदान की गई है, जिससे उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री रेशम विकास योजना के अंतर्गत आगामी 10 वर्षों में लगभग 13,500 किसानों को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।शहतूत वृक्षारोपण का दायरा बढ़ाया गयाप्रदेश में रेशम उत्पादन को और बढ़ाने के उद्देश्य से 9,000 एकड़ भूमि पर शहतूत वृक्षारोपण तथा 360 मीट्रिक टन अतिरिक्त रेशम उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, रेशम मित्र पोर्टल के माध्यम से आॅनलाइन आवेदन, निगरानी और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने इस अवसर पर कहा कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से रेशम उद्योग में ऐतिहासिक परिवर्तन देखने को मिला है। सिल्क एक्सपो-2026 में देश के विभिन्न राज्यों से आए शुद्ध रेशमी उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय किया जा रहा है, जो प्रदेश के बुनकरों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में सहायक सिद्ध होगा। यह प्रदर्शनी 06 फरवरी 2026 तक आम जनता के लिए खुली रहेगी, जहाँ आगंतुक विभिन्न राज्यों के बुनकरों और व्यापारियों द्वारा तैयार किए गए उत्कृष्ट रेशमी उत्पादों को देख और खरीद सकेंगे।












