योगी सरकार के सतत प्रयासों से रेशम उद्योग छू रहा ऊंचाइयों को

इसी क्रम में राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सिल्क एक्सपो-2026 का भव्य शुभारंभ किया गया। इस विशेष आयोजन का उद्घाटन प्रदेश सरकार में मंत्री राकेश सचान द्वारा किया गया, जिसमें रेशम उद्योग से जुड़े विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों, बुनकरों और उद्यमियों ने भाग लिया।

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सिल्क एक्सपो-2026 का भव्य शुभारंभ किया गया
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar03 Feb 2026 01:42 PM
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UP News : योगी आदित्यनाथ सरकार के सतत प्रयासों से उत्तर प्रदेश का रेशम उद्योग नई ऊँचाइयों को छू रहा है। इसी क्रम में राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सिल्क एक्सपो-2026 का भव्य शुभारंभ किया गया। इस विशेष आयोजन का उद्घाटन प्रदेश सरकार में मंत्री राकेश सचान द्वारा किया गया, जिसमें रेशम उद्योग से जुड़े विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों, बुनकरों और उद्यमियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान पंडित दीन दयाल उपाध्याय रेशम रत्न सम्मान समारोह का आयोजन भी किया गया, जिसमें रेशम क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 16 विशिष्ट व्यक्तियों को मंत्री राकेश सचान एवं मंत्री नरेन्द्र कश्यप के कर-कमलों से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही विभागीय उपलब्धियों और भावी योजनाओं को समर्पित रेशम मित्र-2025 पत्रिका का विमोचन किया गया, जिससे रेशम विकास के प्रयासों को नई दिशा मिली।प्रदेश में रेशम उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज

प्रदेश में रेशम उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। जहाँ पहले उत्पादन मात्र 27 मीट्रिक टन तक सीमित था, वहीं अब यह बढ़कर 450 से 500 मीट्रिक टन के स्तर पर पहुँच गया है। यह प्रगति आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की संकल्पना को साकार करने में रेशम उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाती है।गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार हुआ

रेशम उद्योग न केवल किसानों के लिए अतिरिक्त आय का साधन बन रहा है, बल्कि बुनकरों और उद्यमियों को भी स्थायी रोजगार के अवसर प्रदान कर रहा है। प्रदेश में मल्टी रीलिंग इकाइयों की स्थापना से रेशम प्रसंस्करण की आधारभूत संरचना सशक्त हुई है, जिससे गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार हुआ है। सरकार द्वारा अब तक 1630 लाभार्थियों को 32.49 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता प्रदान की गई है, जिससे उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री रेशम विकास योजना के अंतर्गत आगामी 10 वर्षों में लगभग 13,500 किसानों को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।शहतूत वृक्षारोपण का दायरा बढ़ाया गयाप्रदेश में रेशम उत्पादन को और बढ़ाने के उद्देश्य से 9,000 एकड़ भूमि पर शहतूत वृक्षारोपण तथा 360 मीट्रिक टन अतिरिक्त रेशम उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, रेशम मित्र पोर्टल के माध्यम से आॅनलाइन आवेदन, निगरानी और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने इस अवसर पर कहा कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से रेशम उद्योग में ऐतिहासिक परिवर्तन देखने को मिला है। सिल्क एक्सपो-2026 में देश के विभिन्न राज्यों से आए शुद्ध रेशमी उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय किया जा रहा है, जो प्रदेश के बुनकरों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में सहायक सिद्ध होगा। यह प्रदर्शनी 06 फरवरी 2026 तक आम जनता के लिए खुली रहेगी, जहाँ आगंतुक विभिन्न राज्यों के बुनकरों और व्यापारियों द्वारा तैयार किए गए उत्कृष्ट रेशमी उत्पादों को देख और खरीद सकेंगे।




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पेन ड्राइव का पंच! अलंकार अग्निहोत्री की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

चर्चा है कि रिपोर्ट के साथ एक पेन ड्राइव भी भेजी गई है, जिसमें कई वीडियो क्लिप्स और अन्य डिजिटल सबूत संकलित हैं। माना जा रहा है कि इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर उत्तर प्रदेश शासन की ओर से आरोपपत्र (चार्जशीट) जारी करने की प्रक्रिया को गति दी जा सकती है।

पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री
पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar03 Feb 2026 11:52 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश के बरेली में सस्पेंड पीसीएस अधिकारी और पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के मामले में प्रशासनिक कार्रवाई अब तेज रफ्तार पकड़ती दिख रही है। बरेली जिला प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम की डिटेल्ड रिपोर्ट तैयार कर इसे शासन स्तर पर भेज दिया है, जिससे कार्रवाई का दायरा और सख्त होने के संकेत मिल रहे हैं। चर्चा है कि रिपोर्ट के साथ एक पेन ड्राइव भी भेजी गई है, जिसमें कई वीडियो क्लिप्स और अन्य डिजिटल सबूत संकलित हैं। माना जा रहा है कि इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर उत्तर प्रदेश शासन की ओर से आरोपपत्र (चार्जशीट) जारी करने की प्रक्रिया को गति दी जा सकती है।

26 जनवरी के बाद क्यों बढ़ा विवाद?

सूत्रों के मुताबिक 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने के बाद पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा भेजकर प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी। बताया जा रहा है कि यह इस्तीफा ई-मेल के जरिए संबंधित संवैधानिक संस्थाओं तक पहुंचाया गया, जिसमें उन्होंने कुछ नीतिगत पहलुओं के साथ एक कथित घटना का भी उल्लेख किया। इसके तुरंत बाद जब इस्तीफे का पत्र सोशल मीडिया पर सामने आया, तो उत्तर प्रदेश की राजनीति और समाजिक विमर्श में यह मुद्दा तेजी से चर्चा का केंद्र बन गया और मामला प्रशासनिक दायरे से निकलकर व्यापक बहस में बदलता चला गया।

सरकारी कामकाज में बाधा के आरोप

अगले ही दिन यानी 27 जनवरी को कलक्ट्रेट परिसर में नारेबाजी/प्रदर्शन की बातें सामने आईं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार उस दौरान पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी कराई गई थी। अब यही वीडियो और अन्य डिजिटल सबूत पेन ड्राइव के जरिए शासन को भेजे गए हैं। चर्चा है कि क्लिप्स में प्रदर्शन, नारेबाजी और सरकारी कामकाज में बाधा से जुड़े हिस्से रिकॉर्ड हैं और इन्हीं बिंदुओं पर विभागीय कार्रवाई का आधार तैयार किया जा रहा है। शासन ने 26 जनवरी को अलंकार अग्निहोत्री को पद से निलंबित किया था, मगर अब तक औपचारिक आरोपपत्र जारी होने की पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि जांच का जिम्मा मंडल स्तर पर दिया जाएगा। प्रशासनिक हलकों में संकेत हैं कि रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट जल्द जारी हो सकती है।

7 फरवरी को दिल्ली कूच का प्लान

निलंबन के बाद अलंकार अग्निहोत्री को शामली जिलाधिकारी कार्यालय से संबद्ध (अटैच) किए जाने की बात भी सामने आई थी। सूत्रों का कहना है कि वहां उपस्थिति दर्ज न कराने का मुद्दा भी जांच में अहम माना जा रहा है। यदि यह तथ्य रिकॉर्ड पर आता है, तो विभागीय कार्रवाई में इसे भी एक बिंदु बनाया जा सकता है। अलंकार अग्निहोत्री लगातार सोशल मीडिया/मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए समर्थकों के संपर्क में बताए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक वे वाराणसी में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात के बाद 7 फरवरी को दिल्ली कूच की घोषणा कर चुके हैं। उनके स्टेटस/पोस्ट में सत्ता परिवर्तन, विशेष मांगों और केंद्र सरकार पर तीखे हमलों का उल्लेख भी बताया जा रहा है।

इस्तीफा वापस लेने से इनकार

सूत्रों के मुताबिक अलंकार अग्निहोत्री ने निलंबन के खिलाफ कानूनी रास्ता अपनाने का मन बनाया है। हाल में वे प्रयागराज पहुंचकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के कुछ अधिवक्ताओं से सलाह-मशविरा कर चुके हैं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने संकेत दिया कि उनकी लीगल टीम नोटिस/दस्तावेजों का अध्ययन कर रही है और आगे की रणनीति उसी के बाद तय होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि वे अपना इस्तीफा वापस नहीं लेंगे। UP News

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उत्तर प्रदेश पुलिस में बड़ा फैसला, 121 दारोगाओं को मिली इंस्पेक्टर पद पर पदोन्नति

पदोन्नति पाने वाले सभी अधिकारी विभागीय सेवा नियमों के तहत तय प्रक्रिया को पूरा करने के बाद चयनित किए गए हैं। प्रमोशन सूची जारी होने के साथ ही अब इन नव-नियुक्त निरीक्षकों की तैनाती को लेकर प्रशासनिक कवायद तेज कर दी गई है।

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उत्तर प्रदेश पुलिस
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar02 Feb 2026 06:45 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने विभागीय स्तर पर एक अहम निर्णय लेते हुए 121 उपनिरीक्षकों को पदोन्नत कर निरीक्षक के पद पर नियुक्त करने का आदेश जारी किया है। यह आदेश पुलिस मुख्यालय के आईजी स्थापना कार्यालय द्वारा जारी किया गया है, जिससे लंबे समय से प्रमोशन की प्रतीक्षा कर रहे अधिकारियों को राहत मिली है।

जल्द ही नई जिम्मेदारियों से जुड़े आदेश जारी कर दिए जाएंगे

सूत्रों के अनुसार, पदोन्नति पाने वाले सभी अधिकारी विभागीय सेवा नियमों के तहत तय प्रक्रिया को पूरा करने के बाद चयनित किए गए हैं। प्रमोशन सूची जारी होने के साथ ही अब इन नव-नियुक्त निरीक्षकों की तैनाती को लेकर प्रशासनिक कवायद तेज कर दी गई है। माना जा रहा है कि जल्द ही प्रदेश के अलग-अलग जनपदों में उनकी नई जिम्मेदारियों से जुड़े आदेश जारी कर दिए जाएंगे।

जमीनी स्तर पर पुलिस व्यवस्था और अधिक प्रभावी होगी

पुलिस विभाग का मानना है कि इस फैसले से फील्ड लेवल पर नेतृत्व को मजबूती मिलेगी। अनुभवी उपनिरीक्षकों को निरीक्षक पद पर लाने से अपराध नियंत्रण, विवेचना की गुणवत्ता और कानून-व्यवस्था के संचालन में सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, पदोन्नति प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी रखते हुए वरिष्ठता और सेवा रिकॉर्ड को आधार बनाया गया है। इससे पुलिस बल के भीतर कार्य के प्रति उत्साह और अनुशासन दोनों को बढ़ावा मिलेगा। इस प्रमोशन आदेश को पुलिस प्रशासन में चल रहे संरचनात्मक सुधारों की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना है।

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