‘हथियार लेकर रौब ...' लखनऊ मर्डर केस में पड़ोसियों ने बताई अंदर की बात
उत्तर प्रदेश पुलिस के मुताबिक, युवक ने लाइसेंसी बंदूक से पिता को गोली मारी, फिर शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में छिपा दिए। जैसे-जैसे केस की परतें खुल रही हैं, वैसे-वैसे मोहल्ले से भी चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सामने आए सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे शहर को हिला दिया है। नीट की तैयारी कर रहा युवक अक्षत अपने ही पिता मानवेंद्र सिंह की हत्या के आरोप में गिरफ्तार है। उत्तर प्रदेश पुलिस के मुताबिक, युवक ने लाइसेंसी बंदूक से पिता को गोली मारी, फिर शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में छिपा दिए। जैसे-जैसे केस की परतें खुल रही हैं, वैसे-वैसे मोहल्ले से भी चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं। मोहल्ले वालों का कहना है कि अक्षत अक्सर घर में पिता की बंदूक लेकर घूमता दिखाई देता था। पड़ोसियों के मुताबिक, वह कई बार बंदूक के पार्ट खोलकर सफाई करता और निशाना साधने की कोशिश करता था। कुछ लोगों का यह भी दावा है कि वह कभी-कभी कार में भी बंदूक लेकर बाहर निकल जाता था। स्थानीय लोगों के अनुसार, उसके इस व्यवहार से मोहल्ले के बच्चे तक सहमे रहते थे और उससे दूरी बनाकर रखते थे।
20 फरवरी से लापता थे मानवेंद्र
पुलिस के अनुसार, लखनऊ के आशियाना थाना क्षेत्र में रहने वाले मानवेंद्र सिंह 20 फरवरी से लापता बताए गए थे। उसी दिन उनके बेटे अक्षत ने थाने पहुंचकर गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
आरोपी ने पुलिस को बताया था कि 20 फरवरी सुबह करीब 6 बजे पिता ने उसे जगाकर कहा कि वह दिल्ली जा रहे हैं और 21 फरवरी दोपहर तक लौट आएंगे। इसके बाद उनके तीनों मोबाइल बंद हो गए और वे वापस नहीं आए। गुमशुदगी के बाद पुलिस ने मानवेंद्र सिंह की तलाश शुरू की। जांच में उनका आखिरी मोबाइल लोकेशन काकोरी की ओर मिला, लेकिन मोबाइल वहां बरामद नहीं हुआ। इसी दौरान पुलिस का शक बेटे पर बढ़ने लगा। पूछताछ शुरू हुई तो आरोपी लगातार बयान बदलता रहापहले उसने अलग कहानी सुनाई, फिर कहा कि पिता ने आत्महत्या की, और आखिर में कथित तौर पर हत्या की बात कबूल कर ली। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 20 फरवरी सुबह करीब 4:30 बजे पिता से विवाद हुआ। विवाद बढ़ा तो उसने लाइसेंसी बंदूक उठाकर पिता के सिर में गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद उसने सबूत मिटाने के लिए शव को तीसरे फ्लोर से नीचे एक खाली कमरे में लाया और टुकड़े कर दिए। पुलिस के मुताबिक, कुछ हिस्सों को कार में रखकर वह बाहर सदरौना इलाके की तरफ फेंक आया और बाकी हिस्से नीले ड्रम में भरकर घर में छिपा दिए।
‘नीला ड्रम’ बना सबसे बड़ा सबूत
पुलिस का कहना है कि आरोपी आगे भी शव के बाकी हिस्से ठिकाने लगाने की फिराक में था, लेकिन उससे पहले ही मामला खुल गया। सोमवार शाम पुलिस अक्षत को लेकर उसके घर पहुंची, जहां कमरे में रखा ड्रम खोलने पर मानवेंद्र सिंह का आधा कटा शव बरामद हुआ। पुलिस को यह भी संकेत मिले हैं कि आरोपी ने वारदात के बाद कार की सफाई भी की थी। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी की बहन घर में मौजूद थी, लेकिन डर के कारण उसने किसी को कुछ नहीं बताया। पुलिस इस एंगल से भी पूछताछ कर रही है कि घटना के बाद घर के भीतर क्या-क्या हुआ और कौन-कौन कब तक अनजान बना रहा। पड़ोसी धर्मेंद्र सिंह के अनुसार, गोली सिर में लगने की वजह से शव की हालत बेहद खराब थी और कमरे में खून फैला था। मृतक मानवेंद्र सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। उनके पिता यूपी पुलिस से सेवानिवृत्त हैं। मानवेंद्र की पत्नी का करीब एक साल पहले निधन हो चुका है। परिवार में आरोपी बेटा अक्षत और 11वीं में पढ़ने वाली बेटी है। मानवेंद्र का छोटा भाई भी उत्तर प्रदेश पुलिस में कार्यरत बताया जा रहा है। UP News
UP News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सामने आए सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे शहर को हिला दिया है। नीट की तैयारी कर रहा युवक अक्षत अपने ही पिता मानवेंद्र सिंह की हत्या के आरोप में गिरफ्तार है। उत्तर प्रदेश पुलिस के मुताबिक, युवक ने लाइसेंसी बंदूक से पिता को गोली मारी, फिर शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में छिपा दिए। जैसे-जैसे केस की परतें खुल रही हैं, वैसे-वैसे मोहल्ले से भी चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं। मोहल्ले वालों का कहना है कि अक्षत अक्सर घर में पिता की बंदूक लेकर घूमता दिखाई देता था। पड़ोसियों के मुताबिक, वह कई बार बंदूक के पार्ट खोलकर सफाई करता और निशाना साधने की कोशिश करता था। कुछ लोगों का यह भी दावा है कि वह कभी-कभी कार में भी बंदूक लेकर बाहर निकल जाता था। स्थानीय लोगों के अनुसार, उसके इस व्यवहार से मोहल्ले के बच्चे तक सहमे रहते थे और उससे दूरी बनाकर रखते थे।
20 फरवरी से लापता थे मानवेंद्र
पुलिस के अनुसार, लखनऊ के आशियाना थाना क्षेत्र में रहने वाले मानवेंद्र सिंह 20 फरवरी से लापता बताए गए थे। उसी दिन उनके बेटे अक्षत ने थाने पहुंचकर गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
आरोपी ने पुलिस को बताया था कि 20 फरवरी सुबह करीब 6 बजे पिता ने उसे जगाकर कहा कि वह दिल्ली जा रहे हैं और 21 फरवरी दोपहर तक लौट आएंगे। इसके बाद उनके तीनों मोबाइल बंद हो गए और वे वापस नहीं आए। गुमशुदगी के बाद पुलिस ने मानवेंद्र सिंह की तलाश शुरू की। जांच में उनका आखिरी मोबाइल लोकेशन काकोरी की ओर मिला, लेकिन मोबाइल वहां बरामद नहीं हुआ। इसी दौरान पुलिस का शक बेटे पर बढ़ने लगा। पूछताछ शुरू हुई तो आरोपी लगातार बयान बदलता रहापहले उसने अलग कहानी सुनाई, फिर कहा कि पिता ने आत्महत्या की, और आखिर में कथित तौर पर हत्या की बात कबूल कर ली। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 20 फरवरी सुबह करीब 4:30 बजे पिता से विवाद हुआ। विवाद बढ़ा तो उसने लाइसेंसी बंदूक उठाकर पिता के सिर में गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद उसने सबूत मिटाने के लिए शव को तीसरे फ्लोर से नीचे एक खाली कमरे में लाया और टुकड़े कर दिए। पुलिस के मुताबिक, कुछ हिस्सों को कार में रखकर वह बाहर सदरौना इलाके की तरफ फेंक आया और बाकी हिस्से नीले ड्रम में भरकर घर में छिपा दिए।
‘नीला ड्रम’ बना सबसे बड़ा सबूत
पुलिस का कहना है कि आरोपी आगे भी शव के बाकी हिस्से ठिकाने लगाने की फिराक में था, लेकिन उससे पहले ही मामला खुल गया। सोमवार शाम पुलिस अक्षत को लेकर उसके घर पहुंची, जहां कमरे में रखा ड्रम खोलने पर मानवेंद्र सिंह का आधा कटा शव बरामद हुआ। पुलिस को यह भी संकेत मिले हैं कि आरोपी ने वारदात के बाद कार की सफाई भी की थी। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी की बहन घर में मौजूद थी, लेकिन डर के कारण उसने किसी को कुछ नहीं बताया। पुलिस इस एंगल से भी पूछताछ कर रही है कि घटना के बाद घर के भीतर क्या-क्या हुआ और कौन-कौन कब तक अनजान बना रहा। पड़ोसी धर्मेंद्र सिंह के अनुसार, गोली सिर में लगने की वजह से शव की हालत बेहद खराब थी और कमरे में खून फैला था। मृतक मानवेंद्र सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। उनके पिता यूपी पुलिस से सेवानिवृत्त हैं। मानवेंद्र की पत्नी का करीब एक साल पहले निधन हो चुका है। परिवार में आरोपी बेटा अक्षत और 11वीं में पढ़ने वाली बेटी है। मानवेंद्र का छोटा भाई भी उत्तर प्रदेश पुलिस में कार्यरत बताया जा रहा है। UP News












