वोटर लिस्ट में कागजी शादी! पंचायत चुनाव से पहले दुल्हन बन गई पत्नी

मामला जयसिंहपुर तहसील के मैरी रंजीत गांव से जुड़ा बताया गया है। गांव के निवासी उमेश सिंह ने एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर निर्वाचन प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाया।

सुल्तानपुर में मतदाता सूची पर बवाल
सुल्तानपुर में मतदाता सूची पर बवाल
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar03 Feb 2026 12:16 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच मतदाता सूची को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के मोतिगरपुर ब्लॉक क्षेत्र में वोटर लिस्ट की दुरुस्ती के दौरान ऐसा फर्जीवाड़ा पकड़ा गया, जिसने प्रशासन को भी हैरान कर दिया। आरोप है कि जिस दुल्हन की शादी अभी हुई ही नहीं, उसका नाम ससुराल की मतदाता सूची में पहले से पत्नी के रूप में दर्ज कर दिया गया। मामला जयसिंहपुर तहसील के मैरी रंजीत गांव से जुड़ा बताया गया है। गांव के निवासी उमेश सिंह ने एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर निर्वाचन प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाया। शिकायत के अनुसार मतदाता सूची में क्रमांक संख्या 1268 (मकान संख्या 154) पर संजना सिंह का नाम, सचिन सिंह की पत्नी के रूप में दर्ज है जबकि दोनों का विवाह कार्ड के मुताबिक 5 फरवरी 2026 को होना तय है। यानी शादी से पहले ही सरकारी रिकॉर्ड में रिश्ता कानूनी बना दिया गया।

दो-दो मामलों ने बढ़ाई गंभीरता

शिकायत में केवल एक नहीं, बल्कि ऐसे ही दो मामलों का उल्लेख किया गया है। मतदाता सूची में क्रमांक संख्या 918 पर कृतिका सिंह का नाम, अनुराग सिंह की पत्नी के रूप में दर्ज होने का दावा किया गया है, जबकि उनकी शादी भी फरवरी में प्रस्तावित बताई गई है। इसके अलावा, बीएलओ पर यह भी आरोप है कि कुछ ऐसे युवाओं के नाम जोड़ दिए गए जिनकी उम्र 1 जनवरी 2026 तक भी 18 वर्ष पूरी नहीं हो रही थी। शिकायतों के सामने आते ही प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई। प्रभात कुमार सिंह (एसडीएम, जयसिंहपुर) ने प्राथमिक तौर पर मामले को गंभीर मानते हुए इसे जघन्य अपराध करार दिया और जांच के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने साफ कहा कि मतदाता सूची में इस तरह की हेराफेरी स्वीकार नहीं की जाएगी, और दोषी पाए जाने पर बीएलओ या संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई होगी।

प्रशासन ने कसी लगाम

गांव-देहात की राजनीति में पंचायत चुनाव अक्सर बेहद करीबी मुकाबलों में तय होते हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि वोट बैंक साधने के लिए कई बार सूची में नाम जोड़ने–कटाने की कोशिशें होती हैं। इसीलिए प्रशासन अब मतदाता सूची को लेकर अतिरिक्त सख्ती के मूड में दिख रहा है, ताकि चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर कोई सवाल न उठे। UP News

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पेन ड्राइव का पंच! अलंकार अग्निहोत्री की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

चर्चा है कि रिपोर्ट के साथ एक पेन ड्राइव भी भेजी गई है, जिसमें कई वीडियो क्लिप्स और अन्य डिजिटल सबूत संकलित हैं। माना जा रहा है कि इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर उत्तर प्रदेश शासन की ओर से आरोपपत्र (चार्जशीट) जारी करने की प्रक्रिया को गति दी जा सकती है।

पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री
पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar03 Feb 2026 11:52 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश के बरेली में सस्पेंड पीसीएस अधिकारी और पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के मामले में प्रशासनिक कार्रवाई अब तेज रफ्तार पकड़ती दिख रही है। बरेली जिला प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम की डिटेल्ड रिपोर्ट तैयार कर इसे शासन स्तर पर भेज दिया है, जिससे कार्रवाई का दायरा और सख्त होने के संकेत मिल रहे हैं। चर्चा है कि रिपोर्ट के साथ एक पेन ड्राइव भी भेजी गई है, जिसमें कई वीडियो क्लिप्स और अन्य डिजिटल सबूत संकलित हैं। माना जा रहा है कि इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर उत्तर प्रदेश शासन की ओर से आरोपपत्र (चार्जशीट) जारी करने की प्रक्रिया को गति दी जा सकती है।

26 जनवरी के बाद क्यों बढ़ा विवाद?

सूत्रों के मुताबिक 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने के बाद पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा भेजकर प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी। बताया जा रहा है कि यह इस्तीफा ई-मेल के जरिए संबंधित संवैधानिक संस्थाओं तक पहुंचाया गया, जिसमें उन्होंने कुछ नीतिगत पहलुओं के साथ एक कथित घटना का भी उल्लेख किया। इसके तुरंत बाद जब इस्तीफे का पत्र सोशल मीडिया पर सामने आया, तो उत्तर प्रदेश की राजनीति और समाजिक विमर्श में यह मुद्दा तेजी से चर्चा का केंद्र बन गया और मामला प्रशासनिक दायरे से निकलकर व्यापक बहस में बदलता चला गया।

सरकारी कामकाज में बाधा के आरोप

अगले ही दिन यानी 27 जनवरी को कलक्ट्रेट परिसर में नारेबाजी/प्रदर्शन की बातें सामने आईं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार उस दौरान पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी कराई गई थी। अब यही वीडियो और अन्य डिजिटल सबूत पेन ड्राइव के जरिए शासन को भेजे गए हैं। चर्चा है कि क्लिप्स में प्रदर्शन, नारेबाजी और सरकारी कामकाज में बाधा से जुड़े हिस्से रिकॉर्ड हैं और इन्हीं बिंदुओं पर विभागीय कार्रवाई का आधार तैयार किया जा रहा है। शासन ने 26 जनवरी को अलंकार अग्निहोत्री को पद से निलंबित किया था, मगर अब तक औपचारिक आरोपपत्र जारी होने की पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि जांच का जिम्मा मंडल स्तर पर दिया जाएगा। प्रशासनिक हलकों में संकेत हैं कि रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट जल्द जारी हो सकती है।

7 फरवरी को दिल्ली कूच का प्लान

निलंबन के बाद अलंकार अग्निहोत्री को शामली जिलाधिकारी कार्यालय से संबद्ध (अटैच) किए जाने की बात भी सामने आई थी। सूत्रों का कहना है कि वहां उपस्थिति दर्ज न कराने का मुद्दा भी जांच में अहम माना जा रहा है। यदि यह तथ्य रिकॉर्ड पर आता है, तो विभागीय कार्रवाई में इसे भी एक बिंदु बनाया जा सकता है। अलंकार अग्निहोत्री लगातार सोशल मीडिया/मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए समर्थकों के संपर्क में बताए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक वे वाराणसी में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात के बाद 7 फरवरी को दिल्ली कूच की घोषणा कर चुके हैं। उनके स्टेटस/पोस्ट में सत्ता परिवर्तन, विशेष मांगों और केंद्र सरकार पर तीखे हमलों का उल्लेख भी बताया जा रहा है।

इस्तीफा वापस लेने से इनकार

सूत्रों के मुताबिक अलंकार अग्निहोत्री ने निलंबन के खिलाफ कानूनी रास्ता अपनाने का मन बनाया है। हाल में वे प्रयागराज पहुंचकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के कुछ अधिवक्ताओं से सलाह-मशविरा कर चुके हैं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने संकेत दिया कि उनकी लीगल टीम नोटिस/दस्तावेजों का अध्ययन कर रही है और आगे की रणनीति उसी के बाद तय होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि वे अपना इस्तीफा वापस नहीं लेंगे। UP News

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उत्तर प्रदेश पुलिस में बड़ा फैसला, 121 दारोगाओं को मिली इंस्पेक्टर पद पर पदोन्नति

पदोन्नति पाने वाले सभी अधिकारी विभागीय सेवा नियमों के तहत तय प्रक्रिया को पूरा करने के बाद चयनित किए गए हैं। प्रमोशन सूची जारी होने के साथ ही अब इन नव-नियुक्त निरीक्षकों की तैनाती को लेकर प्रशासनिक कवायद तेज कर दी गई है।

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उत्तर प्रदेश पुलिस
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar02 Feb 2026 06:45 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने विभागीय स्तर पर एक अहम निर्णय लेते हुए 121 उपनिरीक्षकों को पदोन्नत कर निरीक्षक के पद पर नियुक्त करने का आदेश जारी किया है। यह आदेश पुलिस मुख्यालय के आईजी स्थापना कार्यालय द्वारा जारी किया गया है, जिससे लंबे समय से प्रमोशन की प्रतीक्षा कर रहे अधिकारियों को राहत मिली है।

जल्द ही नई जिम्मेदारियों से जुड़े आदेश जारी कर दिए जाएंगे

सूत्रों के अनुसार, पदोन्नति पाने वाले सभी अधिकारी विभागीय सेवा नियमों के तहत तय प्रक्रिया को पूरा करने के बाद चयनित किए गए हैं। प्रमोशन सूची जारी होने के साथ ही अब इन नव-नियुक्त निरीक्षकों की तैनाती को लेकर प्रशासनिक कवायद तेज कर दी गई है। माना जा रहा है कि जल्द ही प्रदेश के अलग-अलग जनपदों में उनकी नई जिम्मेदारियों से जुड़े आदेश जारी कर दिए जाएंगे।

जमीनी स्तर पर पुलिस व्यवस्था और अधिक प्रभावी होगी

पुलिस विभाग का मानना है कि इस फैसले से फील्ड लेवल पर नेतृत्व को मजबूती मिलेगी। अनुभवी उपनिरीक्षकों को निरीक्षक पद पर लाने से अपराध नियंत्रण, विवेचना की गुणवत्ता और कानून-व्यवस्था के संचालन में सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, पदोन्नति प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी रखते हुए वरिष्ठता और सेवा रिकॉर्ड को आधार बनाया गया है। इससे पुलिस बल के भीतर कार्य के प्रति उत्साह और अनुशासन दोनों को बढ़ावा मिलेगा। इस प्रमोशन आदेश को पुलिस प्रशासन में चल रहे संरचनात्मक सुधारों की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना है।

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