यह उपलब्धि केवल नंबर-1 टैग नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक सुधारों, नियमों के सरलीकरण और अनुपालन (कम्प्लायंस) का बोझ घटाने की रणनीति का नतीजा मानी जा रही है। वहीं, इस सूची में पश्चिम बंगाल की स्थिति सबसे कमजोर रही और वह अंतिम पायदान पर पहुंच गया।

UP News : देश भर में निवेश और कारोबार के लिए अनुकूल माहौल बनाने की प्रतिस्पर्धा में उत्तर प्रदेश ने एक बार फिर अपना दबदबा दर्ज कराया है। केंद्र सरकार की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में आबादी के हिसाब से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश ने त्रिपुरा और ओडिशा के साथ संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि केवल नंबर-1 टैग नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक सुधारों, नियमों के सरलीकरण और अनुपालन (कम्प्लायंस) का बोझ घटाने की रणनीति का नतीजा मानी जा रही है। वहीं, इस सूची में पश्चिम बंगाल की स्थिति सबसे कमजोर रही और वह अंतिम पायदान पर पहुंच गया।
नंबर-1 रैंकिंग मिलने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार अब Compliance Reduction & Deregulation Phase-2 को तेज़ी से लागू करने की तैयारी में है। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा 28 जनवरी 2026 को जारी पत्र के मुताबिक, पहले चरण में 23 प्राथमिकता वाले सुधार लागू किए जा चुके हैं। इन्हीं सुधारों ने उत्तर प्रदेश को शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों की कतार में ला खड़ा किया। अब सरकार 30 नए सुधार प्रस्तावों पर काम शुरू कर चुकी है, जिनका लक्ष्य उद्योग लगाना, व्यापार शुरू करना और MSME सेक्टर को ग्राउंड पर तेजी से आगे बढ़ाना है।
रैंकिंग के नतीजों को तीन साफ श्रेणियों में बांटा गया है, जिससे तस्वीर एकदम स्पष्ट हो जाती है। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की कतार में उत्तर प्रदेश ने त्रिपुरा और ओडिशा के साथ संयुक्त रूप से पहला स्थान साझा किया है। अगले स्तर पर हरियाणा और मध्य प्रदेश रहे, जबकि इसके बादमेघालय और राजस्थान का नंबर आया। दिलचस्प बात यह है कि आगे बढ़ने वाले राज्यों की सूची में महाराष्ट्र, कर्नाटक, बिहार और केरल जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं। वहीं दूसरी तरफ गति पकड़ने में पिछड़े राज्यों की श्रेणी में मणिपुर, नागालैंड, दिल्ली और झारखंड के साथ पश्चिम बंगाल सबसे नीचे 20वें पायदान पर दर्ज हुआ
फेज-2 के सुधार सीधे उन क्षेत्रों को टारगेट कर रहे हैं, जहां निवेशक अक्सर देरी और अनुमतियों की जटिलता से जूझते हैं। इसमें शामिल हैं
सूत्रों के मुताबिक, मुख्य सचिव स्तर से निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित विभाग एक सप्ताह के भीतर कार्य योजना (Action Plan) तैयार करें और दो महीने के भीतर इन सुधारों को लागू करने की दिशा में ठोस प्रगति दिखाई दे। एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के मुताबिक, “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उत्तर प्रदेश का देश में नंबर-1 पर होना निवेशकों के लिए स्पष्ट संकेत है कि सरकार कारोबार को लेकर गंभीर है। फेज-2 के सुधारों पर काम शुरू हो चुका है। बैठक तय थी, लेकिन हो नहीं सकी जल्द ही बैठक कर सुधारों को अंतिम रूप दिया जाएगा। UP News