यूपी में बनेगा 101 किमी लंबा 8-लेन एक्सप्रेस-वे, हाई-स्पीड कनेक्टिविटी

प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। बाराबंकी और बहराइच के बीच करीब 101 किलोमीटर लंबा आधुनिक 8-लेन एक्सप्रेस-वे विकसित किया जाएगा, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

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आधुनिक 8-लेन एक्सप्रेस-वे
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar18 Mar 2026 07:13 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। बाराबंकी और बहराइच के बीच करीब 101 किलोमीटर लंबा आधुनिक 8-लेन एक्सप्रेस-वे विकसित किया जाएगा, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

6969 करोड़ की लागत से तैयार होगी परियोजना

इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत करीब 6969 करोड़ रुपये रखी गई है। इसे राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-927 के रूप में विकसित किया जाएगा, जो लखनऊ राज्य राजधानी क्षेत्र के विस्तार का अहम हिस्सा बनेगा। वर्तमान में बाराबंकी से बहराइच तक पहुंचने में करीब ढाई घंटे से अधिक का समय लगता है। नए एक्सप्रेस-वे के बन जाने के बाद यही दूरी लगभग डेढ़ घंटे में तय की जा सकेगी, जिससे यात्रियों और माल परिवहन दोनों को बड़ा लाभ मिलेगा।

एक्सप्रेस-वे की प्रमुख विशेषताएं

इस हाईवे को अत्याधुनिक तकनीक के साथ तैयार किया जाएगा। दोनों ओर चार-चार लेन (कुल 8 लेन) होगी। स्थानीय ट्रैफिक के लिए अलग सर्विस रोड बनाई जाएगी। हाई-स्पीड और सुरक्षित यात्रा के लिए आधुनिक डिजाइन होगी। यह व्यवस्था लंबी दूरी और स्थानीय यातायात को अलग-अलग रखकर जाम की समस्या को कम करेगी।

घाघरा नदी पर बनेगा भव्य केबल-स्टे ब्रिज

इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत घाघरा नदी पर बनने वाला 1130 मीटर लंबा केबल-स्टे ब्रिज होगा। यह पुल आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक का बेहतरीन नमूना होगा और क्षेत्र की कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा। यह एक्सप्रेस-वे लखनऊ को अवध क्षेत्र के अन्य जिलों से और बेहतर तरीके से जोड़ेगा। इससे राजधानी क्षेत्र का विस्तार होगा और आसपास के इलाकों में औद्योगिक और शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा।

व्यापार, पर्यटन और रोजगार को मिलेगा फायदा

यह परियोजना न केवल स्थानीय लोगों बल्कि व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों के लिए भी फायदेमंद साबित होगी। भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित इलाकों तक बेहतर सड़क संपर्क बनने से व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, नए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। परियोजना का निर्माण कार्य अक्टूबर 2026 से शुरू होने की संभावना है और इसे अक्टूबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल संबंधित क्षेत्रों में भूमि सर्वेक्षण और चिन्हांकन का कार्य जारी है। बाराबंकी-बहराइच एक्सप्रेस-वे राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक अहम मील का पत्थर साबित हो सकता है। यह न केवल यात्रा को तेज और आसान बनाएगा, बल्कि पूरे क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर भी बदल सकता है। UP News


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उत्तर प्रदेश के नव निर्माण का प्रमाणिक दस्तावेज आ गया

उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा प्रदेश है। पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश ने विकास की नई कहानी लिखी है। 9 वर्ष पहले जो उत्तर प्रदेश बदनाम प्रदेश हुआ करता था वह प्रदेश उत्तम प्रदेश बन गया है। पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश का नव निर्माण हुआ है।

सीएम योगी आदित्यनाथ
सीएम योगी आदित्यनाथ
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar18 Mar 2026 06:22 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा प्रदेश है। पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश ने विकास की नई कहानी लिखी है। 9 वर्ष पहले जो उत्तर प्रदेश बदनाम प्रदेश हुआ करता था वह प्रदेश उत्तम प्रदेश बन गया है। पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश का नव निर्माण हुआ है। उत्तर प्रदेश के नव निर्माण की पूरी हकीकत को एक प्रमाणिक दस्तावेज में समेटा गया है। उत्तर प्रदेश के नव निर्माण का यह प्रमाणिक दस्तावेज है ‘‘नव निर्माण के 9 वर्ष’’ शीर्षक से प्रकाशित एक खास किताब।

एक किताब में समेटा गया है उत्तर प्रदेश के पूरे विकास को

‘‘नव निर्माण के 9 वर्ष’’ शीर्षक से प्रकाशित किताब कोई साधारण किताब नहीं है। इस किताब में पूरे आंकड़ों तथा प्रमाण के साथ उत्तर प्रदेश के विकास की कहानी को बताया गया है। बुधवार को उत्तर  प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इस किताब का विधिवत विमोचन (लोकार्पण) किया गया।  इस किताब का लोकार्पण करने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किताब में दर्ज विकास की  पूरी कहानी को विस्तार से अपनी जबानी बताया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने अपनी बात शुरू करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन व उनकी विजनरी नेतृत्व क्षमता के तहत बीते 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में जो परिवर्तन हुआ है, वह डबल इंजन सरकार की नीतियों, पार्टी कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम, जनप्रतिनिधियों की सेवा भावना और जनता जनार्दन के सहयोग का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता को इन 9 वर्षों की उपलब्धियों के लिए हृदय से बधाई देते हुए कहा कि यह परिवर्तन 25 करोड़ प्रदेशवासियों की सामूहिक शक्ति का प्रतीक है।

2017 के पहले था पहचान का संकट

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन 9 वर्षों की यात्रा को समझने के लिए यह जानना आवश्यक है कि 2017 से पहले प्रदेश की स्थिति क्या थी। उत्तर प्रदेश जैसे असीम संभावनाओं वाले राज्य को पहचान के संकट का सामना करना पड़ रहा था। दुनिया की सबसे उर्वर भूमि और प्रचुर जल संसाधनों के बावजूद किसान आत्महत्या के लिए मजबूर था। प्रदेश का कारीगर, जो अपनी कला के लिए प्रसिद्ध था, वह उद्यमी बनने के बजाय श्रमिक बनकर पलायन करने को विवश था। युवाओं के सामने पहचान और रोजगार का संकट था, भर्ती प्रक्रियाएं भ्रष्टाचार और वसूली से प्रभावित थीं। कानून-व्यवस्था की स्थिति ऐसी थी कि न बेटियां सुरक्षित थीं, न व्यापारी, और न ही आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करता था। प्रदेश में विकास के लिए कोई स्पष्ट विजन नहीं था, जिसके कारण युवा वर्ग निराश होकर या तो पलायन करता था या संघर्ष में उलझा रहता था। 

9 वर्षों में यूपी को मिली नई पहचान

सीएम योगी ने कहा कि आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। पिछले 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, रोजगार, किसानों के कल्याण, महिलाओं के सशक्तीकरण और गरीबों के उत्थान के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए हैं। कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से दलितों, वंचितों और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी लाभ पहुंचाने का काम किया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और सेवा क्षेत्रों में सुधार करते हुए सुशासन की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। साथ ही प्रदेश की आस्था, संस्कृति व परंपराओं को सम्मान देते हुए उन्हें नई पहचान दिलाने के प्रयास भी लगातार जारी हैं, जिससे उत्तर प्रदेश आज एक नई पहचान के साथ देश और दुनिया में उभर रहा है।

संवाद के माध्यम से 9 वर्षों की उपलब्धियों को करेंगे साझा

मुख्यमंत्री ने बताया कि इन उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 9 विषयों पर आधारित 9 दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जो बसंत नवरात्रि से प्रारंभ हो रहा है। इसका उद्देश्य है कि यह जन-चर्चा का विषय बने और समाज के सभी वर्ग, युवा, किसान, श्रमिक, महिलाएं और गरीब इसमें सहभागी बनें। संवाद के माध्यम से न केवल बीते 9 वर्षों की उपलब्धियों को साझा किया जाएगा, बल्कि आने वाले समय के लिए विकास का विजन भी तय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 9 एक शुभ अंक है, जो पूर्णता का प्रतीक है, और यह कार्यक्रम भी उसी पूर्णता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

9 वर्ष में 9 लाख करोड़ का बजट किया प्रस्तुत

मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 वर्ष पूरे होने पर प्रदेश सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए लगभग 9 लाख 12 हजार करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है, जो उत्तर प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास को नई गति देगा। यह बजट प्रदेश को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाने, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उत्तर प्रदेश आज सुरक्षा, सुशासन और विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है और यह परिवर्तन आने वाले वर्षों में और अधिक व्यापक रूप में दिखाई देगा।

उत्तर प्रदेश की महिलाओं का हुआ बड़ा भला

इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार के महिला कल्याण के कार्यों को भी गिनाया। बताया कि प्रदेश में 9 लाख से अधिक सरकारी भर्ती हुईं। इसमें 1.75 लाख से अधिक बेटियों की भर्ती की गई। स्वयंसेवी समूह की 1.10 करोड़ से अधिक महिलाएं प्रदेश में आजीविका दीदी के रूप में उद्यमी बनकर कार्य कर रहीं हैं। इस बार के बजट में महिला उद्मयी स्कीम के अंतर्गत अलग से पैसे की व्यवस्था की गई है। पीएम के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना (जन्म से स्नातक तक) 25 हजार का पैकेज, बेटी की शादी के लिए एक लाख रुपये की सहायता सामूहिक विवाह योजना में दी जा रही है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत अब तक पांच लाख बेटियों की शादी संपन्न कराई जा चुकी है। 

जल्द ही पेंशन में वृद्धि करेगी कैबिनेट

सीएम ने निराश्रित महिला, वृद्ध व दिव्यांगजन पेंशन की भी चर्चा करते हुए बताया कि 1.06 करोड़ से अधिक परिवारों को प्रदेश सरकार 12 हजार रुपये वार्षिक पेंशन उपलब्ध करा रही है। इनके कल्याण के लिए कैबिनेट जल्द ही इसमें वृद्धि का भी निर्णय लेगा। सरकार स्नातक व परास्नातक की मेधावी बेटियों को स्कूटी भी उपलब्ध कराएगी। बेटी की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन के लिए मिशन शक्ति का कार्यक्रम भी चल रहा है। उप्र के प्रतिभावान युवाओं के लिए नौकरी, रोजगार व स्वरोजगार भी उपलब्ध कराया जा रहा है। एमएसएमई में तीन करोड़ से अधिक रोजगार, बड़े निवेश के माध्यम से 65 लाख से अधिक नौकरियां उपलब्ध कराईं। सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत अब तक 1.30 लाख से अधिक नए उद्यमी उत्तर प्रदेश में बने हैं। सरकार दो करोड़ से अधिक नौजवानों को टैबलेट देगी, इसमें से 50 लाख युवाओं को टैबलेट दिया जा चुका है, शेष को भी जल्द ही उपलब्ध होगा।

पूरी दुनिया में बजा उत्तर प्रदेश का डंका

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में ‘नव निर्माण के 9 वर्ष’ पुस्तक के विमोचन पर अपने संबोधन में कहा कि यूपी अब इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदेश बना है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के तेजी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर से अवगत कराते हुए कहा कि देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क यूपी के पास है। सर्वाधिक सात शहरों (लखनऊ, कानपुर, आगरा, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ) में मेट्रो चल रही है। देश की पहली रैपिड रेल मेरठ से दिल्ली के बीच प्रारंभ हो चुकी है। देश का पहला रोपवे वाराणसी में बन रहा है। देश में पहला इनलैंड वाटर वे यूपी (वाराणसी से हल्दिया) में बना है। सीएम ने एयर कनेक्टिविटी का जिक्र करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश में 16 एयरपोर्ट संचालित हैं, जिनमें चार अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट हैं। यूपी का पांचवां अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट जेवर में तैयार है। यह देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। हमने 28 मार्च को इसके लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री जी से अनुरोध किया है, उन्हें आमंत्रित किया है। जेवर एयरपोर्ट से अर्थव्यस्था में ग्रोथ होगी और उप्र सरकार को एक लाख करोड़ रुपये की आय होगी। 

इसी महीने पूरा हो रहा गंगा एक्सप्रेसवे का कार्य

सीएम योगी ने 2017 के पहले राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर की दुर्दशा का जिक्र किया, फिर अपनी सरकार के कार्यों को गिनाया। उन्होंने कहा कि देश का 55 फीसदी एक्सप्रेसवे यूपी के पास है। गंगा एक्सप्रेसवे इसी महीने पूरा हो रहा है। इसके पश्चात यूपी का शेयर 60 फीसदी हो जाएगा। यूपी ने इंटरस्टेट, इंटरनेशनल, फोरलेन कनेक्टिविटी को बेहतर किया है। मैत्रीद्वार बनाए गए हैं। सीएम ने यूपी में आए परिवर्तनों को भी इंगित किया और कहा कि हर जिला मुख्यालय फोरलेन, ब्लॉक-तहसील मुख्यालय टू लेन-फोर लेन कनेक्टिविटी से जुड़ा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अभी हम लोग जापान और सिंगापुर की यात्रा पर गए थे। मेरे साथ वित्त व औद्योगिक विकास मंत्री भी थे। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व आईटी मंत्री जर्मनी की यात्रा पर गए थे। उन देशों में सभी वरिष्ठ मंत्री व इंडस्ट्री लीडर्स कहते थे कि हम यूपी में इसलिए आ रहे हैं, क्योंकि वहां जीरो टॉलरेंस व जीरो करप्शन की नीति है। सीएम योगी ने कहा कि यूपी निवेश का बेहतरीन डेस्टिनेशन बनकर उभरा है। सिंगापुर, जापान और जर्मनी से बड़े निवेशक यूपी आने वाले हैं। अभी से पत्र आने प्रारंभ हो गए हैं। सरकार ने इस पर कार्य भी शुरू कर दिया है। जिस प्रदेश में कोई निवेशक नहीं आता था, वहां अब तक 15 लाख करोड़ के निवेश की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी हैं। छह लाख करोड़ रुपये का निवेश ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के लिए तैयार है। हर जिले में निवेश हो रहा है। हमारे पास व्यापक लैंडबैंक है। 34 सेक्टोरल पॉलिसीज, निवेश मित्र व निवेश सारथी जैसी उद्यम सर्मथित व्यवस्थाएं है। प्रदेश इस दिशा में आगे बढ़ा है। 

सुरक्षा, पॉलिसी, लैंडबैंक और सरकार की नीयत नहीं होने से 2017 के पहले नहीं आते थे निवेशक

सीएम योगी ने कहा कि यूपी में 2017 से पहले निवेशक नहीं आता था, क्योंकि यहां सुरक्षा, पॉलिसी, लैंडबैंक और सरकार की नीयत भी नहीं थी। 1947 से 2017 तक बमुश्किल 14 हजार से कम उद्योग थे, आज राज्य में अब तक 31 हजार बड़े उद्योग लग चुके हैं। यूपी में 96 लाख एमएसएमई यूनिट कार्यरत हैं, जिसमें 3.11 करोड़ लोग कार्यरत हैं। 31 हजार से अधिक उद्योगों में 65 लाख से अधिक लोग कार्य कर रहे हैं। निवेश तब आता है, जब सरकार की नीयत अच्छी होती है। 

नोएडा जाने के अपशकुन को उखाड़ फेंका

सीएम ने पिछली सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग हमारी आस्था को अंधविश्वास बोलते थे, वे नोएडा नहीं जाते थे। उन्हें लगता था नोएडा जाएंगे तो कुर्सी चली जाएगी। मुझे दायित्व मिला तो मैंने कहा कि नोएडा जाएंगे। लोगों ने कहा कि जो मुख्यमंत्री नोएडा जाते हैं, उनकी कुर्सी चली जाती है। मैंने कहा कि कुर्सी आज चली जाए, लेकिन प्रदेश का भला होगा तो नोएडा जाएंगे और विकास पर लगे बैरियर को हटाएंगे। नोएडा, ग्रेटर नोएडा आज देश के विकास में योगदान दे रहे हैं। यदि हम लोग नोएडा नहीं जाते तो देश में 55 फीसदी मोबाइल की मैन्युफेक्चरिंग और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट का 60 फीसदी निर्माण यूपी में नहीं हो पाता। नोएडा जाना यूपी के लिए अपशकुन बना दिया गया था, तब के मुख्यमंत्री उसका माध्यम बने थे। हमने कहा कि अपशकुन को उखाड़ फेकेंगे और इसे विकास में बाधा नहीं बनने देंगे।

सरकार ने 3.16 लाख करोड़ से अधिक किया गन्ना भुगतान

गन्ना किसानों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने यूपी में आए परिवर्तन से भी सभी को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि 2012 से 2017 के मध्य कुल 95,000 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य का भुगतान हुआ था। जबकि, हमने 2017 से अब तक 9 वर्ष में 3,16,800 करोड़ का भुगतान किया। 2017 में किसानों को 300 रुपये प्रति कुंतल गन्ने का दाम मिलता था, आज 400 रुपये मिल रहा है। घटलौती बंद और पर्ची की समस्या का समाधान भी हो गया। सरकारी क्रय केंद्रों पर धान, गेहूं, सरसों, तिलहन, दलहन, मिलेट्स, बाजरा, मक्का की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद हो रही है। हमने किसानों से यह भी कहा है कि बाजार में अच्छा दाम मिले तो वहां अपनी फसल बेचें, लेकिन कम दाम मिले तो अपने उत्पाद क्रय केंद्रों पर बेचें। हमारी सरकार ने किसानों को राहत भी दी,  पिछली सरकार में किसानों से मंडी शुल्क ढाई से तीन फीसदी लिया जाता था, जो अब महज एक फीसदी लिया जा रहा है।

सपा-बसपा व कांग्रेस सरकारों ने किसानों को बनाया कर्जदार, डबल इंजन सरकार ने फिर उसे उत्पादक की श्रेणी में खड़ा किया

सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने पीएम किसान सम्मान निधि के रूप में उत्तर प्रदेश के किसानों के खाते में 99 हजार करोड़ रुपये भेजे हैं। कांग्रेस व सपा-बसपा सरकारों ने किसानों को कर्जदार बना दिया था, डबल इंजन सरकार ने उसे कर्ज से उबारकर फिर से उत्पादक की श्रेणी में लाकर खुशहाली की ओर बढ़ाया है। अब हमारा किसान तीन-तीन फसलें ले रहा है। प्रदेश में 56 लाख हेक्टेयर में सिंचाई की अतिरिक्त सुविधा हुई है। सरकार पहली बार प्राइवेट ट्यूबवेल में फ्री बिजली की सुविधा दे रही है। अभी 23 लाख ट्यूबवेल डीजल से संचालित हो रहे हैं, किसानों को सोलर पैनल देकर उन्हें इससे भी मुक्त कराएंगे। इसके लिए बजट में पैसा भी दिया गया है। सरकार अन्नदाता किसान को खुशहाल करने की दिशा में निरंतर कदम बढ़ाती रहेगी। UP News

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उत्तर प्रदेश ने कर दिया बड़ा कमाल, विकास में बना बेमिसाल

उत्तर प्रदेश ने बड़ा कमाल कर दिया है। विकास की गति को तेज करने के मामले में उत्तर प्रदेश भारत के सभी प्रदेशों में बेमिसाल प्रदेश बन गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ में एक खास पुस्तक (किताब) का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
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userआरपी रघुवंशी
calendar18 Mar 2026 06:08 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश ने बड़ा कमाल कर दिया है। विकास की गति को तेज करने के मामले में उत्तर प्रदेश भारत के सभी प्रदेशों में बेमिसाल प्रदेश बन गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ में एक खास पुस्तक (किताब) का विमोचन किया। उत्तर प्रदेश की विकास की गाथा को समेटे हुए इस किताब का नाम ‘‘नव निर्माण के 9 वर्ष’’ है। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 9 वर्षों के कार्यकाल का पूरा लेखा-जोखा प्रस्तुत करने वाली यह खास किताब उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा की कहानी का बहुत बड़ा दस्तावेज है।

मात्र 9 वर्ष में उत्तर प्रदेश को बना दिया उत्तम प्रदेश

बुधवार को लखनऊ में ‘‘नव निर्माण के 9 वर्ष’’ नामक पुस्तक के विमोचन के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन में बोलते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विस्तार से बताया कि किस प्रकार मात्र 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने का बेमिसाल काम किया गया है। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र का जिक्र करते हुए विकसित उत्तर प्रदेश की पूरी यात्रा का विस्तार विर्णन किया। मुख्यमंत्री के संबोधन की सबसे बड़ी बात यह रही कि उन्होंने उत्तर प्रदेश में हुए बेमिसाल विकास का श्रेय खुद नहीं लिया।

उत्तर प्रदेश की जनता को दिया विकास का पूरा श्रेय

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के व्यापक विकास का श्रेय प्रदेश की 25 करोड़ जनता को दिया है।  ‘‘नव निर्माण के 9 वर्ष’’ शीर्षक से प्रकाशित पुस्तक का विमोचन करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन व उनकी विजनरी नेतृत्व क्षमता के तहत बीते 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में जो परिवर्तन हुआ है, वह डबल इंजन सरकार की नीतियों, पार्टी कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम, जनप्रतिनिधियों की सेवा भावना और जनता जनार्दन के सहयोग का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता को इन 9 वर्षों की उपलब्धियों के लिए हृदय से बधाई देते हुए कहा कि यह परिवर्तन 25 करोड़ प्रदेशवासियों की सामूहिक शक्ति का प्रतीक है।




वर्ष-2017 सेपहले की भी याद दिलाई उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इन 9 वर्षों की यात्रा को समझने के लिए यह जानना आवश्यक है कि 2017 से पहले प्रदेश की स्थिति क्या थी। उत्तर प्रदेश जैसे असीम संभावनाओं वाले राज्य को पहचान के संकट का सामना करना पड़ रहा था। दुनिया की सबसे उर्वर भूमि और प्रचुर जल संसाधनों के बावजूद किसान आत्महत्या के लिए मजबूर था। प्रदेश का कारीगर, जो अपनी कला के लिए प्रसिद्ध था, वह उद्यमी बनने के बजाय श्रमिक बनकर पलायन करने को विवश था। युवाओं के सामने पहचान और रोजगार का संकट था, भर्ती प्रक्रियाएं भ्रष्टाचार और वसूली से प्रभावित थीं। कानून-व्यवस्था की स्थिति ऐसी थी कि न बेटियां सुरक्षित थीं, न व्यापारी, और न ही आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करता था। प्रदेश में विकास के लिए कोई स्पष्ट विजन नहीं था, जिसके कारण युवा वर्ग निराश होकर या तो पलायन करता था या संघर्ष में उलझा रहता था। 

उत्तर प्रदेश को मिली नई पहचान

सीएम योगी ने कहा कि आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। पिछले 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, रोजगार, किसानों के कल्याण, महिलाओं के सशक्तीकरण और गरीबों के उत्थान के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए हैं। कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से दलितों, वंचितों और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी लाभ पहुंचाने का काम किया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और सेवा क्षेत्रों में सुधार करते हुए सुशासन की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। साथ ही प्रदेश की आस्था, संस्कृति व परंपराओं को सम्मान देते हुए उन्हें नई पहचान दिलाने के प्रयास भी लगातार जारी हैं, जिससे उत्तर प्रदेश आज एक नई पहचान के साथ देश और दुनिया में उभर रहा है।

9 दिन में जनता को बताएंगे विकास की गाथा

मुख्यमंत्री ने बताया कि इन उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 9 विषयों पर आधारित 9 दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जो बसंत नवरात्रि से प्रारंभ हो रहा है। इसका उद्देश्य है कि यह जन-चर्चा का विषय बने और समाज के सभी वर्ग, युवा, किसान, श्रमिक, महिलाएं और गरीब इसमें सहभागी बनें। संवाद के माध्यम से न केवल बीते 9 वर्षों की उपलब्धियों को साझा किया जाएगा, बल्कि आने वाले समय के लिए विकास का विजन भी तय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 9 एक शुभ अंक है, जो पूर्णता का प्रतीक है, और यह कार्यक्रम भी उसी पूर्णता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उत्तर प्रदेश का बजट हो गया 9 लाख करोड़ का 

मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 वर्ष पूरे होने पर प्रदेश सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए लगभग 9 लाख 12 हजार करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है, जो उत्तर प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास को नई गति देगा। यह बजट प्रदेश को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाने, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उत्तर प्रदेश आज सुरक्षा, सुशासन और विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है और यह परिवर्तन आने वाले वर्षों में और अधिक व्यापक रूप में दिखाई देगा। UP News

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