अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में विरोध प्रदर्शन : इंजीनियरिंग छात्रों का परीक्षा बहिष्कार
एएमयू के इंजीनियरिंग विभाग के अंतिम वर्ष के छात्रों ने 23 फरवरी 2026 को अपने लंबित परिणामों को लेकर व्यापक विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला लगा दिया और धरने पर बैठकर परिसर में किसी भी छात्र को परीक्षा देने की अनुमति नहीं दी।

UP News : अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के इंजीनियरिंग विभाग के अंतिम वर्ष के छात्रों ने 23 फरवरी 2026 को अपने लंबित परिणामों को लेकर व्यापक विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला लगा दिया और धरने पर बैठकर परिसर में किसी भी छात्र को परीक्षा देने की अनुमति नहीं दी।
लंबे समय से परिणाम घोषित नहीं किए गए
छात्रों का कहना है कि लंबे समय से उनके परिणाम घोषित नहीं किए गए हैं, जिससे उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है। कई बार प्रशासन से शिकायत करने के बावजूद कोई समाधान नहीं मिलने पर छात्रों ने यह कदम उठाया। विरोध के दौरान परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह बाधित रही और परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
छात्र परीक्षाओं में शामिल नहीं होंगे और आंदोलन जारी रखेंगे
छात्रों ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक उनका परिणाम जारी नहीं किया जाएगा, वे परीक्षाओं में शामिल नहीं होंगे और आंदोलन जारी रखेंगे। इस कदम से विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रॉक्टोरियल टीम के बीच भी कुछ तनावपूर्ण स्थितियाँ सामने आईं। वर्तमान में छात्रों को आश्वासन देने के बाद स्थिति कुछ हद तक शांत हुई है, लेकिन उनका मुख्य उद्देश्य परिणाम की घोषणा करवाना है।
UP News : अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के इंजीनियरिंग विभाग के अंतिम वर्ष के छात्रों ने 23 फरवरी 2026 को अपने लंबित परिणामों को लेकर व्यापक विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला लगा दिया और धरने पर बैठकर परिसर में किसी भी छात्र को परीक्षा देने की अनुमति नहीं दी।
लंबे समय से परिणाम घोषित नहीं किए गए
छात्रों का कहना है कि लंबे समय से उनके परिणाम घोषित नहीं किए गए हैं, जिससे उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है। कई बार प्रशासन से शिकायत करने के बावजूद कोई समाधान नहीं मिलने पर छात्रों ने यह कदम उठाया। विरोध के दौरान परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह बाधित रही और परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
छात्र परीक्षाओं में शामिल नहीं होंगे और आंदोलन जारी रखेंगे
छात्रों ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक उनका परिणाम जारी नहीं किया जाएगा, वे परीक्षाओं में शामिल नहीं होंगे और आंदोलन जारी रखेंगे। इस कदम से विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रॉक्टोरियल टीम के बीच भी कुछ तनावपूर्ण स्थितियाँ सामने आईं। वर्तमान में छात्रों को आश्वासन देने के बाद स्थिति कुछ हद तक शांत हुई है, लेकिन उनका मुख्य उद्देश्य परिणाम की घोषणा करवाना है।












