महाशिवरात्रि पर निरंतर होंगे बाबा विश्वनाथ के दर्शन, देखें पूरा शेड्यूल

उत्तर प्रदेश प्रशासन का अनुमान है कि महाशिवरात्रि पर 12 लाख से अधिक श्रद्धालु काशी पहुंच सकते हैं, ऐसे में भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है।

काशी विश्वनाथ में श्रद्धालुओं के लिए होगी विशेष व्यवस्था
काशी विश्वनाथ में श्रद्धालुओं के लिए होगी विशेष व्यवस्था
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar05 Feb 2026 10:32 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक राजधानी काशी (वाराणसी) में महाशिवरात्रि को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं।  मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दर्शन-पूजन और आरती का विस्तृत शेड्यूल जारी कर दिया है। इस बार खास बात यह है कि भक्त लगातार 27 घंटे तक बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर सकेंगे। उत्तर प्रदेश प्रशासन का अनुमान है कि महाशिवरात्रि पर 12 लाख से अधिक श्रद्धालु काशी पहुंच सकते हैं, ऐसे में भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है।

15 फरवरी की भोर से 16 फरवरी सुबह तक लगातार दर्शन

उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक राजधानी काशी में महाशिवरात्रि पर इस बार आस्था का सबसे लंबा दर्शन-उत्सव देखने को मिलेगा। मंदिर प्रशासन के मुताबिक 15 फरवरी को बाबा विश्वनाथ की मंगला आरती रात 2:15 बजे शुरू होकर 3:15 बजे संपन्न होगी। इसके तुरंत बाद सुबह 3:30 बजे से गर्भगृह के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे और फिर 15 फरवरी 3:30 बजे से 16 फरवरी सुबह 6:30 बजे तक दर्शन-पूजन का क्रम बिना रुके चलता रहेगा यानी भक्तों को एक ही धाम में लगातार 27 घंटे बाबा के साक्षात दर्शन का अवसर मिलेगा। शेड्यूल के अनुसार सुबह 11:40 से 12:20 बजे तक मध्याह्न भोग आरती होगी। परंपरा के अनुरूप इस दिन नियमित सप्तऋषि, भोग और शयन आरती नहीं कराई जाती; उनकी जगह चार प्रहर की विशेष आरती होगी। इसी व्यवस्था के चलते 16 फरवरी को मंगला आरती नहीं होगी, ताकि काशी में उमड़ने वाली भीड़ को सुचारू दर्शन मिल सके।

चार प्रहर की आरती का पूरा शेड्यूल

  1. प्रथम प्रहर: तैयारी रात 9:30 बजे से (शंखनाद व पूजा तैयारी), आरती रात 10:00 बजे से 12:30 बजे तक।
  2. द्वितीय प्रहर: रात 1:30 बजे से 2:30 बजे तक
  3. तृतीय प्रहर: सुबह 3:30 बजे से 4:30 बजे तक
  4. चतुर्थ प्रहर: सुबह 5:00 बजे से 6:15 बजे तक

12 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं की संभावना

मंदिर प्रशासन का कहना है कि इस बार महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की संख्या पिछले रिकॉर्ड तोड़ सकती है। अनुमान है कि 12 लाख से अधिक भक्त बाबा के दर्शन के लिए वाराणसी आएंगे। इसी को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। सुरक्षा के लिहाज से ड्रोन के जरिए मंदिर और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी भी होगी। काशी विश्वनाथ धाम के आसपास पुलिस बल की मौजूदगी बढ़ा दी गई है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम दर्शन मिल सकें। UP News

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उत्तर प्रदेश पुलिस में बड़ा फेरबदल, 24 IPS अफसरों की पोस्टिंग बदली

इस फेरबदल में जहां कुछ अधिकारियों को पदोन्नति के साथ नई भूमिका मिली है, वहीं उत्तर प्रदेश के 11 जिलों में एसपी/एसएसपी स्तर पर बदलाव कर फील्ड कमान को भी नए सिरे से व्यवस्थित किया गया है।

उत्तर प्रदेश में IPS स्तर पर बड़ी अदला-बदली
उत्तर प्रदेश में IPS स्तर पर बड़ी अदला-बदली
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar05 Feb 2026 09:48 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश में पुलिस प्रशासन की तस्वीर एक बार फिर बदली है। उत्तर प्रदेश सरकार ने 24 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले करते हुए कई अहम पदों पर नई जिम्मेदारियां तय की हैं। इस फेरबदल में जहां कुछ अधिकारियों को पदोन्नति के साथ नई भूमिका मिली है, वहीं उत्तर प्रदेश के 11 जिलों में एसपी/एसएसपी स्तर पर बदलाव कर फील्ड कमान को भी नए सिरे से व्यवस्थित किया गया है। माना जा रहा है कि लखनऊ से लेकर एनसीआर बेल्ट (गौतमबुद्ध नगर-गाजियाबाद) और पूर्वांचल (वाराणसी-अयोध्या-गोरखपुर) तक, कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को और मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया गया है

लखनऊ जोन में बड़ा बदलाव

तबादला सूची का सबसे अहम बिंदु राजधानी लखनऊ जोन से जुड़ा है। अब तक लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) रहे सुजीत पांडे को पुलिस महानिदेशक (डीजी), अग्निशमन एवं आपात सेवाएं, मुख्यालय लखनऊ की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं अयोध्या परिक्षेत्र में तैनात प्रवीण कुमार को लखनऊ जोन का नया एडीजी नियुक्त किया गया है। यूपी की प्रशासनिक धड़कन माने जाने वाले लखनऊ जोन में यह बदलाव खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मुख्यालय व रेंज स्तर पर भी फेरबदल

इस प्रशासनिक फेरबदल में सरकार ने मुख्यालय और फील्ड दोनों मोर्चों पर अनुभवी अधिकारियों को नई भूमिकाएं देकर सिस्टम को और चुस्त करने का संकेत दिया है। ईओडब्ल्यू में तैनात रहे के.एस. इमैन्युअल को अब डीजीपी का जीएसओ बनाया गया है, जिससे शीर्ष स्तर पर रणनीतिक समन्वय और निर्णय प्रक्रिया को मजबूती मिलने की उम्मीद है। वहीं मिर्जापुर के एसपी सोमेन बर्मा को डीआईजी, अयोध्या रेंज की कमान सौंपी गई है। इसके अलावा कानपुर कमिश्नरेट में संयुक्त पुलिस आयुक्त रहे विनोद कुमार को डॉ. भीमराव अंबेडकर पुलिस अकादमी, मुरादाबाद में पुलिस महानिरीक्षक नियुक्त किया गया है।

संभल की अनुकृति शर्मा को प्रमोशन

उत्तर प्रदेश की तबादला सूची में 2020 बैच की आईपीएस अनुकृति शर्मा का नाम खासतौर पर चर्चा में है। सरकार ने उन्हें संभल की अपर पुलिस अधीक्षक के पद से पदोन्नत करते हुए गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट में अपर पुलिस उपायुक्त (ADCP) की जिम्मेदारी सौंपी है। माना जा रहा है कि संभल में सामने आए बड़े इंश्योरेंस घोटाले की परतें खोलने में उनकी सक्रिय भूमिका के बाद यह प्रमोशन उनके कामकाज पर भरोसे की मुहर है। 

कमिश्नरेट में भी बदलाव

  1. आलोक प्रियदर्शी को गाजियाबाद कमिश्नरेट से हटाकर वाराणसी कमिश्नरेट में अपर पुलिस आयुक्त बनाया गया है।
  2. राज करन नैय्यर को गोरखपुर से गाजियाबाद कमिश्नरेट का अपर पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है।
  3. संकल्प शर्मा और विपिन टाडा को क्रमशः मिर्जापुर व मेरठ से स्थानांतरित कर कानपुर कमिश्नरेट में संयुक्त पुलिस आयुक्त बनाया गया है।

ATS और तकनीकी सेवाओं में नई तैनाती

  1. अभिषेक यादव को पीलीभीत से डीआईजी (ATS), लखनऊ भेजा गया है।
  2. आशीष तिवारी को सहारनपुर से डीआईजी, तकनीकी सेवाएं, लखनऊ नियुक्त किया गया है।
  3. प्रताप गोपेंद्र यादव को पीटीसी मुरादाबाद से डीआईजी, यूपी पुलिस मुख्यालय में तैनात किया गया है।

11 जिलों में नए एसपी/एसएसपी की तैनाती

यूपी के कई जिलों में पुलिस नेतृत्व बदला गया है—

  1. डॉ. कौस्तुभ: जौनपुर से गोरखपुर के एसएसपी
  2. अविनाश पांडे: मेरठ के एसएसपी
  3. अभिनंदन: बस्ती से सहारनपुर के एसएसपी
  4. चारू निगम: 47वीं पीएसी गाजियाबाद से सुल्तानपुर के एसपी
  5. डॉ. ख्याति गर्ग: 09वीं पीएसी मुरादाबाद से लखीमपुर खीरी के एसपी
  6. यशवीर सिंह: रायबरेली से बस्ती के एसपी
  7. कुंवर अनुपम सिंह: सुल्तानपुर से जौनपुर के एसपी
  8. अपर्णा रजत कौशिक: अमेठी से मिर्जापुर के एसपी
  9. रवि कुमार: 11वीं पीएसी सीतापुर से रायबरेली के एसपी
  10. सुकीर्ति माधव: आगरा से पीलीभीत के एसपी
  11. सर्वानन टी: वाराणसी कमिश्नरेट से अमेठी के एसपी UP News

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जानें, उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए बेहद काम की सरकारी मोबाइल ऐप्स

राज्य सरकार ने आम नागरिकों की सुविधा के लिए कई ऐसे आधिकारिक मोबाइल ऐप लॉन्च किए हैं, जिनकी मदद से लोग घर बैठे ही शिकायत दर्ज करा सकते हैं, सरकारी सेवाओं का लाभ ले सकते हैं और जरूरी दस्तावेज हासिल कर सकते हैं। आइए जानते हैं यूपी सरकार की उन प्रमुख ऐप्स के बारे में, जो हर नागरिक के फोन में होनी चाहिए।

upapp
मोबाइल ऐप
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar04 Feb 2026 06:59 PM
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UP News : अगर आप उत्तर प्रदेश में रहते हैं और अब तक सरकारी मोबाइल ऐप्स का इस्तेमाल नहीं करते, तो आप कई जरूरी सुविधाएं मिस कर रहे हैं। राज्य सरकार ने आम नागरिकों की सुविधा के लिए कई ऐसे आधिकारिक मोबाइल ऐप लॉन्च किए हैं, जिनकी मदद से लोग घर बैठे ही शिकायत दर्ज करा सकते हैं, सरकारी सेवाओं का लाभ ले सकते हैं और जरूरी दस्तावेज हासिल कर सकते हैं। आइए जानते हैं यूपी सरकार की उन प्रमुख ऐप्स के बारे में, जो हर नागरिक के फोन में होनी चाहिए।

जनसुनवाई समाधान ऐप

यह ऐप प्रदेशवासियों की समस्याओं और शिकायतों को सीधे सरकार तक पहुंचाने का माध्यम है। बिजली, पानी, सड़क, राशन या किसी भी सरकारी सेवा से जुड़ी परेशानी को इस ऐप के जरिए दर्ज किया जा सकता है। खास बात यह है कि शिकायत के साथ फोटो या वीडियो भी अपलोड किया जा सकता है और तय समय सीमा में कार्रवाई की जाती है। यूजर अपनी शिकायत की स्थिति ट्रैक कर सकता है और समाधान मिलने के बाद फीडबैक भी दे सकता है।

UPCOP ऐप

उत्तर प्रदेश पुलिस की डिजिटल सेवाओं के लिए यह ऐप काफी उपयोगी है। इसके जरिए लोग बिना थाने जाए आॅनलाइन एफआईआर दर्ज कर सकते हैं। मोबाइल, पर्स या वाहन चोरी, साइबर अपराध, गुमशुदा बच्चों की जानकारी और अन्य आपराधिक मामलों की शिकायत भी इसी ऐप से की जा सकती है।

उद्यम सारथी ऐप

राज्य के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से यह ऐप लॉन्च किया गया है। इस प्लेटफॉर्म पर युवा अपनी योग्यता और कौशल के अनुसार नौकरी के अवसर तलाश सकते हैं। साथ ही स्वरोजगार से जुड़ी जानकारियां भी मिलती हैं।

युवा साथी ऐप

यह ऐप शिक्षा, नौकरी और कौशल विकास से संबंधित सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराता है। इसके जरिए युवा अलग-अलग योजनाओं के बारे में जान सकते हैं और उनके लिए आवेदन भी कर सकते हैं।

संदेस ऐप

संदेस एक सुरक्षित मैसेजिंग ऐप है, जिसे सरकारी विभागों में आधिकारिक संवाद के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह ऐप डेटा सुरक्षा के लिहाज से काफी भरोसेमंद माना जाता है।

निवेश मित्र ऐप

उत्तर प्रदेश में उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए निवेश मित्र ऐप शुरू किया गया है। इसके जरिए कारोबारियों और निवेशकों को विभिन्न विभागों से जुड़ी मंजूरी और ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर मिल जाती हैं।

ई-डिस्ट्रिक्ट यूपी ऐप

अब जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। इस ऐप के जरिए कई नागरिक सेवाओं के लिए आनलाइन आवेदन किया जा सकता है और प्रमाण पत्र डिजिटल रूप में प्राप्त किए जा सकते हैं।

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