गोरखपुर में विजयादशमी पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर से निकलने वाली पारंपरिक विजय शोभायात्रा की अगुवाई करेंगे। वह गुरु गोरखनाथ का विशिष्ट पूजन करने के बाद मानसरोवर मंदिर में भगवान शिव की पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद मानसरोवर रामलीला मैदान में प्रभु श्रीराम का पूजन और राज्याभिषेक होगा।

UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ विजयादशमी के अवसर पर गोरखपुर में पारंपरिक विजय शोभायात्रा की अगुवाई करेंगे। गोरखनाथ मंदिर से निकलने वाली इस भव्य शोभायात्रा में तुरही, नगाड़ों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज के बीच श्रद्धालु शामिल होंगे। शोभायात्रा का समापन मानसरोवर रामलीला मैदान में होगा, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रभु श्रीराम का पूजन और राज्याभिषेक करेंगे। गोरक्षपीठ में विजयादशमी का पर्व धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक समरसता, सद्भाव और लोककल्याण की परंपरा से भी जुड़ा है। हर वर्ष आयोजित होने वाली इस शोभायात्रा में विभिन्न वर्गों के लोग भाग लेते हैं। आयोजन के माध्यम से पूर्वांचल में आपसी सौहार्द और सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया जाता है। UP News :
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विजयादशमी के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सबसे पहले गोरखनाथ मंदिर में शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ का विधि-विधान से विशिष्ट पूजन करेंगे। नाथपंथ की परंपरा के अनुसार, इस अवसर पर गोरक्षपीठाधीश्वर विशेष परिधान धारण करते हैं और गुरु गोरक्षनाथ का आशीर्वाद लेकर विजय शोभायात्रा के लिए प्रस्थान करते हैं। सायंकाल निकलने वाली इस पारंपरिक शोभायात्रा में तुरही, नगाड़े और बैंड-बाजे की धुन के बीच श्रद्धालु शामिल होंगे। गोरखनाथ मंदिर की यह परंपरा लंबे समय से विजयादशमी के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों का प्रमुख हिस्सा रही है।
गोरखनाथ मंदिर से निकलने वाली शोभायात्रा मानसरोवर मंदिर पहुंचेगी। यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देवाधिदेव महादेव की पूजा-अर्चना करेंगे। मानसरोवर मंदिर गोरक्षपीठ की धार्मिक परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल है। भगवान शिव की पूजा-अर्चना के बाद शोभायात्रा मानसरोवर रामलीला मैदान की ओर बढ़ेगी। यहां प्रभु श्रीराम का पूजन और राज्याभिषेक किया जाएगा। विजयादशमी के अवसर पर आयोजित यह धार्मिक कार्यक्रम बुराई पर अच्छाई की विजय और मर्यादा, धर्म तथा लोककल्याण के आदर्शों का संदेश देता है।
मानसरोवर रामलीला मैदान में प्रभु श्रीराम के पूजन और राज्याभिषेक का कार्यक्रम विजयादशमी समारोह का प्रमुख आकर्षण होगा। धार्मिक परंपराओं में श्रीराम का राज्याभिषेक न्याय, सुशासन, मर्यादा और जनकल्याण के आदर्शों से जुड़ा माना जाता है। गोरक्षपीठ की विजयादशमी परंपरा में गुरु गोरखनाथ का पूजन, मानसरोवर मंदिर में भगवान शिव की आराधना और रामलीला मैदान में प्रभु श्रीराम का राज्याभिषेक एक क्रम में संपन्न होते हैं। इससे नाथपंथ की धार्मिक परंपरा और रामायण से जुड़े सांस्कृतिक मूल्यों की झलक देखने को मिलती है।
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गोरखनाथ मंदिर की विजयादशमी शोभायात्रा की एक विशेष पहचान विभिन्न समुदायों की सहभागिता और स्वागत परंपरा भी है। आयोजन के दौरान अल्पसंख्यक समुदाय के लोग भी शोभायात्रा का स्वागत करते हैं। वे गोरखनाथ मंदिर के मुख्य द्वार के पास फूल-मालाओं के साथ पहुंचकर अपनी सहभागिता व्यक्त करते हैं। गोरक्षपीठ की इस परंपरा को सामाजिक सद्भाव और आपसी सम्मान के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। धार्मिक आयोजन के साथ विभिन्न समुदायों की भागीदारी गोरखपुर की साझा सांस्कृतिक विरासत को भी सामने लाती है। UP News :
गोरखनाथ मंदिर की विजयादशमी शोभायात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि गोरक्षपीठ की ऐतिहासिक परंपरा और सामाजिक समरसता की भावना का भी प्रतीक है। गुरु गोरखनाथ के पूजन से लेकर भगवान शिव की आराधना और प्रभु श्रीराम के राज्याभिषेक तक का धार्मिक क्रम इस आयोजन को विशिष्ट बनाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में निकलने वाली यह शोभायात्रा विजयादशमी के अवसर पर धर्म, संस्कृति, सद्भाव और लोककल्याण के संदेश को केंद्र में रखेगी। UP News :
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