मात्र 10 हजार में शुरू करें चूड़ियों का बिजनेस, लाखों की कमाई का मौका

कम पूंजी में अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं तो चूड़ियों का व्यापार शुरू करें जो कि मात्र 10 हजार रुपये की जरुरत है जिसमें व्यापारी यहां से होलसेल में माल खरीदकर अपने क्षेत्र में खुदरा बिक्री कर अच्छी कमाई कर सकता हैं।

The growing bangle business
चूड़ियों का बढ़ता कारोबार (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar03 Feb 2026 11:04 AM
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Choodi Business : अगर आप कम पूंजी में अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं और कन्फ्यूजन में हैं, तो चूड़ियों का कारोबार आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। यह बिजनेस न सिर्फ कम लागत में शुरू किया जा सकता है, बल्कि इसमें मुनाफे की संभावनाएं भी काफी ज्यादा हैं। चूड़ियों का व्यापार शुरू करने के लिए मात्र 10 हजार रुपये की जरूरत होती है। उत्तर प्रदेश का फिरोजाबाद शहर चूड़ियों के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। यहां के थोक बाजारों में अलग-अलग डिजाइन, साइज और क्वालिटी की चूड़ियां बेहद सस्ते दामों पर उपलब्ध हैं। व्यापारी यहां से होलसेल में माल खरीदकर अपने क्षेत्र में खुदरा बिक्री कर अच्छी कमाई कर सकते हैं।

महिलाओं की पसंद के अनुसार रखें कलेक्शन

बता दें कि इस व्यवसाय में सफलता के लिए यह जरूरी है कि स्थानीय महिलाओं की पसंद को ध्यान में रखते हुए चूड़ियों का चयन किया जाए। बाजार में नए डिजाइन और लेटेस्ट कलेक्शन की हमेशा मांग रहती है। फैंसी, जरकन और डिजाइनर चूड़ियां ग्राहकों को ज्यादा आकर्षित करती हैं, जिससे बिक्री तेजी से बढ़ती है।

20 रुपये से शुरू होती है कीमत

बता दें कि फिरोजाबाद के चूड़ी गोदामों में चूड़ियों की कीमत मात्र 20 रुपये से शुरू हो जाती है। यहां दर्जन और तोड़े के हिसाब से विभिन्न साइज की चूड़ियां उपलब्ध हैं। व्यापारी इन्हें दोगुने दाम पर आसानी से बेच सकते हैं। सही गोदाम से माल खरीदने पर खराब या रिजेक्ट सामान से भी बचा जा सकता है।

डबल इनकम और अच्छी बचत का मौका

विशेषज्ञों का मानना है कि चूड़ियों का व्यापार सबसे सरल और सुरक्षित बिजनेस में से एक है। कम समय में इसमें डबल इनकम के साथ अच्छी बचत शुरू हो जाती है। यही कारण है कि दूर-दराज से व्यापारी यहां आकर लाखों रुपये का माल खरीदकर ले जाते हैं। कम पूंजी, ज्यादा मुनाफा और लगातार मांग—इन तीनों वजहों से चूड़ियों का बिजनेस नए उद्यमियों के लिए एक सुनहरा अवसर बनकर उभरा है। Choodi Business

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सोने के दाम में हुई धड़ाकेदार गिरावट, जानें आज का नया रेट

Budget 2026 के दिन सोने और चांदी के दामों में भारी गिरावट देखी गई। सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई से करीब 31,000 रुपये सस्ती होकर ₹1,60,000 के स्तर पर पहुंच गईं। बाजार में मुनाफावसूली और डॉलर की मजबूती इस गिरावट की मुख्य वजह बनी। निवेशक और आम लोग अब सोने की खरीदारी पर ध्यान दे रहे हैं।

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Gold Rate Today
locationभारत
userअसमीना
calendar01 Feb 2026 11:13 AM
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अगर आप सोना खरीदने का सोच रहे हैं तो आज की खबर आपके लिए बेहद खुशखबरी है। आम बजट 2026 के दिन बाजार में सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट देखी गई है। बीते कुछ महीनों में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच चुका सोना अब तेजी से फिसल रहा है जिससे खरीदारों और निवेशकों को काफी राहत मिली है। खासकर शादी-ब्याह के मौसम में यह खबर आम आदमी के लिए राहत भरी साबित हो सकती है।

MCX पर सोना और चांदी का हाल

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज सोने और चांदी दोनों में भारी बिकवाली देखने को मिली। अप्रैल वायदा के लिए सोना 0.48% गिरकर ₹1,51,610 प्रति 10 ग्राम पर खुला जबकि पिछला बंद भाव ₹1,52,345 था। खुलते ही बाजार में बिकवाली इतनी बढ़ी कि सोने की कीमतें 9% तक नीचे आ गईं। चांदी के मामले में भी गिरावट जारी रही। मार्च वायदा के लिए चांदी ₹7,099 टूटकर ₹2,84,826 प्रति किलो पर खुली जबकि पिछला बंद भाव ₹2,91,925 था।

बजट से पहले सर्राफा बाजार में मची खलबली

आज 1 फरवरी 2026 है और पूरा देश बजट पर नजर गड़ाए बैठा है लेकिन बजट से पहले ही सर्राफा बाजार में भूचाल आ गया। गुडरिटर्न्स के मुताबिक सोने का भाव गिरकर ₹1,60,730 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है। शुक्रवार को दिल्ली के बाजार में एक ही दिन में 14,000 रुपये की बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी स्पॉट गोल्ड में लगभग 16% की गिरावट देखी गई है।

कीमतों में गिरावट की वजहें

विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की गिरावट के पीछे तीन बड़ी वजहें हैं:

मुनाफावसूली (Profit Booking): हालिया तेजी के बाद बड़े निवेशकों ने अपना मुनाफा निकालना शुरू किया।

डॉलर की मजबूती: अमेरिका में राजनीतिक और आर्थिक घटनाक्रम की वजह से डॉलर मजबूत हुआ जिससे सोने की कीमतों पर दबाव पड़ा।

तकनीकी सुधार: लगातार खरीदारी के बाद बाजार में तकनीकी सुधार की जरूरत महसूस की जा रही थी।

Budget 2026 से क्या और सस्ता होगा सोना?

सर्राफा और ज्वेलरी इंडस्ट्री की उम्मीद है कि बजट में सरकार सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी घटा सकती है। फिलहाल यह 6% है जिसे घटाकर 3-4% किए जाने की संभावना जताई जा रही है। अगर ऐसा होता है तो घरेलू बाजार में सोने के दाम और नीचे आ सकते हैं।

साथ ही, सरकार टैक्स और रिपोर्टिंग नियमों पर भी ध्यान दे सकती है जैसे सोने की होल्डिंग लिमिट और आयकर में खुलासे के नियम।

आज का गोल्ड रेट

दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,60,730, 22 कैरेट ₹1,47,350, और 18 कैरेट ₹1,20,590 प्रति 10 ग्राम पर है। मुंबई और कोलकाता में 24 कैरेट सोना ₹1,60,580, 22 कैरेट ₹1,47,200, और 18 कैरेट ₹1,20,440 पर कारोबार कर रहा है। चेन्नई में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,62,550, 22 कैरेट ₹1,49,000, और 18 कैरेट ₹1,28,000 है। लखनऊ, जयपुर और मेरठ में 24 कैरेट सोना ₹1,60,730, 22 कैरेट ₹1,47,350, और 18 कैरेट ₹1,20,590 के स्तर पर है। अहमदाबाद और सूरत में 24 कैरेट सोना ₹1,60,630, 22 कैरेट ₹1,47,250, और 18 कैरेट ₹1,20,490 पर खुला। बेंगलुरु, गुवाहाटी और अन्य शहरों में 24 कैरेट सोना ₹1,60,580, 22 कैरेट ₹1,47,200, और 18 कैरेट ₹1,20,440 के आसपास कारोबार कर रहा है।

निवेशकों और खरीदारों के लिए सलाह

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट लॉन्ग टर्म निवेश और शादी-ब्याह की खरीदारी के लिए अच्छा मौका है। हालांकि, बजट पेश होने के बाद कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। इसलिए एक साथ बड़ी खरीदारी करने से पहले बाजार पर नजर बनाए रखना बेहतर रहेगा।

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Budget 2026: टैक्स रियायत से सोना-चांदी तक, आज हो सकते हैं कई बड़े ऐलान

Budget 2026 में आम आदमी, किसानों और निवेशकों के लिए बड़ी राहत की उम्मीद है। इस बार सोना-चांदी की कीमतों में बदलाव, इनकम टैक्स में स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाने और किसान सम्मान निधि में वृद्धि की संभावना है। बजट में जॉइंट टैक्स फाइलिंग, मेडिकल खर्च पर छूट और गिफ्ट टैक्स सीमा में सुधार की भी उम्मीद है।

Income Tax Relief budget
बजट 2026
locationभारत
userअसमीना
calendar01 Feb 2026 12:58 AM
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आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना नौवां बजट पेश करेंगी। इस बार सबकी नजरें इनकम टैक्स, सोना-चांदी की कीमतों और किसान सम्मान निधि पर टिकी हैं। उम्मीद है कि बजट से आम आदमी को सीधे फायदा मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ सकती है, सोना-चांदी पर टैक्स में बदलाव हो सकता है और बुनियादी ढांचे के लिए खर्च बढ़ाया जा सकता है। आइए जानते हैं बजट की प्रमुख बातें।

सोना-चांदी और आम आदमी की राहत

इस बजट से सबसे ज्यादा ध्यान सोने-चांदी की कीमतों पर रहेगा। वित्त मंत्रालय और एक्सपर्ट्स का मानना है कि कुछ टैक्स रियायतों और नियमों में बदलाव से सोना-चांदी सस्ता हो सकता है। इसके अलावा, इनकम टैक्स की नई रिजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाकर 1 लाख रुपए किए जाने की संभावना है। इससे मिडिल क्लास और छोटे निवेशकों को राहत मिलेगी।

किसान सम्मान निधि और कृषि सेक्टर

किसानों के लिए किसान सम्मान निधि में वृद्धि की संभावना है। इससे ग्रामीण और कृषि आधारित समुदायों को सीधे लाभ मिलेगा। बजट में कृषि और ग्रामीण विकास के लिए भी विशेष प्रावधान किए जाने की उम्मीद है।

राजकोषीय घाटा और सरकार की आर्थिक रणनीति

राजकोषीय घाटा यानी सरकार के खर्च और आय के बीच अंतर, चालू वित्त वर्ष में 4.4% रहने का अनुमान है। विशेषज्ञ उम्मीद कर रहे हैं कि वित्त वर्ष 2026-27 में सरकार इसे 4% तक लाने का लक्ष्य तय कर सकती है। इससे बाजार और निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।

कैपिटल एक्सपेंडिचर और बुनियादी ढांचे में निवेश

सरकार चालू वित्त वर्ष में बुनियादी ढांचे पर 11.2 लाख करोड़ रुपये खर्च कर रही है। अगले बजट में इसे 10-15% बढ़ाने की संभावना है। इसका मतलब है कि कैपिटल एक्सपेंडिचर 12 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकता है। यह कदम प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देगा और रोजगार के नए अवसर बनाएगा।

कर्ज और GDP रेशियो

सरकार का लक्ष्य है कि कर्ज-जीडीपी रेशियो को 60% तक लाया जाए। साल 2024 में यह रेशियो 85% था, जिसमें केंद्र सरकार का हिस्सा 57% था। बाजार इस बजट में सरकार की नई समय-सीमा और रणनीति पर नजर रखेगा। 2025-26 के लिए सरकार ने टैक्स रेवेन्यू का टारगेट 42.70 लाख करोड़ रुपये रखा था। इसमें से 25.20 लाख करोड़ प्रत्यक्ष करों से और 17.5 लाख करोड़ अप्रत्यक्ष करों से आएंगे। GST से 11.78 लाख करोड़ रुपये का राजस्व रहने का अनुमान है। बजट 2026 में GST में बदलाव और राजस्व के नए आंकड़ों पर खास नजर रहेगी।

GDP ग्रोथ और आर्थिक उम्मीदें

2025-26 में मौजूदा कीमतों पर GDP ग्रोथ 10.1% रहने का अनुमान था। वास्तविक GDP ग्रोथ 7.4% मानी गई थी। अगले वित्त वर्ष में GDP ग्रोथ 10.5 से 11% के बीच रहने की संभावना है। महंगाई कम रहने के कारण यह अनुमान बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है।Budget 2026 में हेल्थकेयर सेक्टर में सरकारी खर्च बढ़ाने की उम्मीद है। डिफेंस में स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा, और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में नई रफ्तार देने के भी संकेत हैं। इसके अलावा, रियल एस्टेट सेक्टर में सस्ती ब्याज दरें और अफोर्डेबल हाउसिंग को बढ़ावा मिल सकता है।

रेलवे प्रोजेक्ट्स और सार्वजनिक सुविधाएं

इस बजट में अमृत भारत और वंदे भारत ट्रेनों की घोषणा हो सकती है। इससे ट्रेवल सुविधाओं में सुधार होगा और रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे।

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