ट्रेड डील के बाद अमेरिका की विश-लिस्ट आउट! भारत अब क्या-क्या खरीदेगा?
भारत ने अमेरिका से एनर्जी/पेट्रोलियम, रक्षा उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक्स, दवाइयाँ, टेलीकॉम उत्पाद और विमान जैसी श्रेणियों में खरीद बढ़ाने पर सहमति जताई है। साथ ही, कुछ कृषि उत्पादों में अमेरिका को सीमित मार्केट एक्सेस दिए जाने की बात भी सामने आई है।

India-US trade deal : भारत–अमेरिका के बीच कई महीनों की बातचीत के बाद ट्रेड डील पर सहमति बन गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद इसकी घोषणा करते हुए बताया कि भारत पर लगने वाला रेसिप्रोकल टैरिफ घटाकर 18% कर दिया गया है (पहले 25%)। इसके बदले अमेरिका ने जिस “विश-लिस्ट” की ओर इशारा किया, उसमें भारत की ओर से बड़े पैमाने पर अमेरिकी सामान खरीदने की सहमति शामिल मानी जा रही है।
क्या-क्या खरीदेगा भारत?
Reuters के मुताबिक सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि भारत–अमेरिका ट्रेड डील की दिशा में यह कदम शुरुआती लेकिन रणनीतिक माना जा रहा है। भारत ने अमेरिका से एनर्जी/पेट्रोलियम, रक्षा उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक्स, दवाइयाँ, टेलीकॉम उत्पाद और विमान जैसी श्रेणियों में खरीद बढ़ाने पर सहमति जताई है। साथ ही, कुछ कृषि उत्पादों में अमेरिका को सीमित मार्केट एक्सेस दिए जाने की बात भी सामने आई है। अधिकारी के अनुसार यह समझौता पहला चरण है और आगे बड़ी तथा व्यापक डील पर बातचीत जारी रहेगी। अमेरिका के ट्रेड डेफिसिट को घटाने के लक्ष्य से जोड़कर देखे जा रहे इस फैसले ने देश के भीतर राजनीतिक तापमान भी बढ़ा दिया है।
500 अरब डॉलर की खरीद का संकेत
ट्रंप के बयान में यह भी संकेत दिया गया कि भारत अमेरिका से $500 अरब तक के सामान जैसे एनर्जी/कोल, टेक्नोलॉजी, एग्रीकल्चर आदि की खरीद कर सकता है। यह दावा/अपेक्षा डील के आर्थिक पैमाने को बड़ा बनाती है, हालांकि टाइमलाइन और शर्तों का पूरा खाका अभी सार्वजनिक तौर पर साफ नहीं है। कॉमर्स मिनिस्ट्री के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी–नवंबर अवधि में भारत का अमेरिका को एक्सपोर्ट $85.5 अरब रहा, जबकि इसी अवधि में आयात $46.08 अरब दर्ज हुआ। India-US trade deal
India-US trade deal : भारत–अमेरिका के बीच कई महीनों की बातचीत के बाद ट्रेड डील पर सहमति बन गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद इसकी घोषणा करते हुए बताया कि भारत पर लगने वाला रेसिप्रोकल टैरिफ घटाकर 18% कर दिया गया है (पहले 25%)। इसके बदले अमेरिका ने जिस “विश-लिस्ट” की ओर इशारा किया, उसमें भारत की ओर से बड़े पैमाने पर अमेरिकी सामान खरीदने की सहमति शामिल मानी जा रही है।
क्या-क्या खरीदेगा भारत?
Reuters के मुताबिक सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि भारत–अमेरिका ट्रेड डील की दिशा में यह कदम शुरुआती लेकिन रणनीतिक माना जा रहा है। भारत ने अमेरिका से एनर्जी/पेट्रोलियम, रक्षा उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक्स, दवाइयाँ, टेलीकॉम उत्पाद और विमान जैसी श्रेणियों में खरीद बढ़ाने पर सहमति जताई है। साथ ही, कुछ कृषि उत्पादों में अमेरिका को सीमित मार्केट एक्सेस दिए जाने की बात भी सामने आई है। अधिकारी के अनुसार यह समझौता पहला चरण है और आगे बड़ी तथा व्यापक डील पर बातचीत जारी रहेगी। अमेरिका के ट्रेड डेफिसिट को घटाने के लक्ष्य से जोड़कर देखे जा रहे इस फैसले ने देश के भीतर राजनीतिक तापमान भी बढ़ा दिया है।
500 अरब डॉलर की खरीद का संकेत
ट्रंप के बयान में यह भी संकेत दिया गया कि भारत अमेरिका से $500 अरब तक के सामान जैसे एनर्जी/कोल, टेक्नोलॉजी, एग्रीकल्चर आदि की खरीद कर सकता है। यह दावा/अपेक्षा डील के आर्थिक पैमाने को बड़ा बनाती है, हालांकि टाइमलाइन और शर्तों का पूरा खाका अभी सार्वजनिक तौर पर साफ नहीं है। कॉमर्स मिनिस्ट्री के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी–नवंबर अवधि में भारत का अमेरिका को एक्सपोर्ट $85.5 अरब रहा, जबकि इसी अवधि में आयात $46.08 अरब दर्ज हुआ। India-US trade deal












