आज की महिलाएं, आज का बिजनेस, कमाई के नए रास्ते

आज के समय में महिलाएं न सिर्फ घर की जिम्मेदारियां अच्छे से निभा रही हैं, बल्कि अपनी पहचान बनाने के लिए बिजनेस की दुनिया में भी कदम रख रही हैं। देखें तो इस युग में कई ऐसे बिजनेस आइडियाज हैं जो स्मार्टफोन और हुनर के दम पर महिलाएं घर बैठे कमा सकती हैं।

Women Business Ideas
घर बैठे महिलाओं के लिए कमाई (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar19 Jan 2026 03:35 PM
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आज के दौर में महिलाएं सिर्फ घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही हैं। खास बात यह है कि अब बिजनेस शुरू करने के लिए न तो बड़ी पूंजी की जरूरत है और न ही घर से बाहर जाने की मजबूरी। स्मार्टफोन और हुनर के दम पर महिलाएं घर बैठे हर महीने हजारों रुपये कमा सकती हैं। डिजिटल इंडिया के इस युग में कई ऐसे बिजनेस आइडियाज हैं, जिन्हें बेहद कम लागत में शुरू किया जा सकता है और जिनसे अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। 

आइए जानते हैं महिलाओं के लिए 6 बेहतरीन बिजनेस आइडियाज, जो उनकी जिंदगी बदल सकते हैं।

1. ब्लॉगिंग और वीडियो मेकिंग से करें कमाई

बता दें कि सोशल मीडिया आज कमाई का बड़ा जरिया बन चुका है। अगर आपको खाना बनाना, ट्रैवल, फैशन या किसी खास विषय की जानकारी है, तो आप ब्लॉगिंग या वीडियो मेकिंग शुरू कर सकती हैं। यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर कंटेंट डालकर महिलाएं विज्ञापन और ब्रांड प्रमोशन के जरिए हर महीने 20,000 से 50,000 रुपये या उससे ज्यादा कमा सकती हैं।

2. घर से शुरू करें ब्यूटी पार्लर बिजनेस

बता दें कि ब्यूटी पार्लर महिलाओं के लिए हमेशा से फायदेमंद बिजनेस रहा है। यदि आपने ब्यूटीशियन का कोर्स किया है, तो घर के एक छोटे कमरे से भी यह काम शुरू कर सकते है और किया जा सकता है शादी-ब्याह और त्योहारों के सीजन में कमाई और बढ़ जाती है। शुरुआत में ही महिलाएं 15,000 से 30,000 रुपये प्रति माह कमा सकती हैं।

3. इंटीरियर डिजाइनिंग में बनाएं करियर

बता दें कि अगर आपको घर सजाने-संवारने का शौक है, तो इंटीरियर डिजाइनिंग आपके लिए बेहतरीन विकल्प है। महिलाएं इसे फ्रीलांस तौर पर शुरू कर सकती हैं और सोशल मीडिया पर अपने काम की फोटो डालकर क्लाइंट्स पा सकती हैं। एक प्रोजेक्ट से 20,000 रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक की कमाई की जा सकती हैं।

4. घर पर ट्यूशन और एक्टिविटी सेंटर

बता दें कि पढ़ी-लिखी महिलाओं के लिए होम ट्यूशन एक शानदार अवसर है। बच्चे पढ़ाने के साथ-साथ पेंटिंग, डांस और क्राफ्ट जैसी एक्टिविटी क्लासेस भी शुरू की जा सकती हैं। इस बिजनेस में लागत लगभग शून्य होती है और महिलाएं 10,000 से 25,000 रुपये प्रति माह आसानी से कमा सकती हैं।

5. कंटेंट राइटिंग और फ्रीलांसिंग का बढ़ता क्रेज

बता दें कि लिखने का शौक रखने वाली महिलाओं के लिए कंटेंट राइटिंग एक बेहतरीन विकल्प है। वेबसाइट्स और कंपनियां आर्टिकल, ब्लॉग और कहानियों के लिए अच्छा भुगतान करती हैं। अनुभवी कंटेंट राइटर 25,000 से 40,000 रुपये प्रति माह तक कमा रहे हैं।

6. ऑनलाइन बुटीक और सिलाई का बिजनेस

बता दें कि सिलाई-कढ़ाई में निपुण महिलाओं के लिए ऑनलाइन बुटीक खोलना फायदेमंद साबित हो सकता है। इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप के जरिए सीधे ग्राहकों तक पहुंच बनाई जा सकती है। डिजाइनर सूट, कुर्तियां और ब्लाउज बेचकर महिलाएं 20,000 से 45,000 रुपये प्रति माह तक कमा सकती हैं।

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सोना-चांदी में जबरदस्त उछाल, चांदी तीन लाख के पार

नए साल की शुरुआत से ही चांदी में तेज रफ्तार बनी हुई है। जनवरी 2026 में अब तक चांदी की कीमतों में 65 हजार से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है। बीते साल 31 दिसंबर 2025 को जहां चांदी 2,35,701 प्रति किलो के स्तर पर थी, वहीं कुछ ही हफ्तों में इसमें ऐतिहासिक उछाल देखने को मिला है।

sona chandi
सोना-चांदी
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar19 Jan 2026 01:31 PM
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Bullion Market : वैश्विक हालात में बढ़ती अनिश्चितता का असर अब साफ तौर पर सर्राफा बाजार पर दिखाई देने लगा है। सुरक्षित निवेश की तलाश में निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी के चलते सोना और चांदी दोनों ही लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को चांदी ने ऐसा इतिहास रचा, जो पहले कभी नहीं देखा गया। कारोबार शुरू होते ही चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया और पहली बार इसका भाव तीन लाख रुपये प्रति किलो के आंकड़े को पार कर गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर मार्च वायदा चांदी में पांच प्रतिशत से अधिक की तेजी देखी गई और यह 3,01,315 प्रति किलो के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई।

नए साल की शुरुआत से ही चांदी में तेजी 

नए साल की शुरुआत से ही चांदी में तेज रफ्तार बनी हुई है। जनवरी 2026 में अब तक चांदी की कीमतों में 65 हजार से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है। बीते साल 31 दिसंबर 2025 को जहां चांदी 2,35,701 प्रति किलो के स्तर पर थी, वहीं कुछ ही हफ्तों में इसमें ऐतिहासिक उछाल देखने को मिला है। सोना भी इस तेजी में पीछे नहीं रहा। एमसीएक्स पर फरवरी वायदा सोने ने सोमवार को नया रिकॉर्ड बना दिया। पिछले कारोबारी सत्र में सोना 1,42,517 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, लेकिन सोमवार सुबह कारोबार शुरू होते ही यह करीब 3,000 की छलांग लगाकर 1,45,500 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। अगर साल की शुरुआत से अब तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो सोने की कीमतों में भी भारी उछाल दर्ज किया गया है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोना 1,35,804 में मिल रहा था, जो अब लगभग 9,700 महंगा हो चुका है।

बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अस्थिरता ने किया यह हाल 

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अस्थिरता ने निवेशकों को सुरक्षित विकल्पों की ओर मोड़ दिया है। अमेरिका की ओर से ग्रीनलैंड को लेकर दिए गए टैरिफ संकेतों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में चिंता बढ़ी है। इसी वजह से सोना और चांदी जैसे सेफ हेवन एसेट्स की मांग तेजी से बढ़ी है, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा है। मौजूदा हालात को देखते हुए जानकारों का कहना है कि अगर वैश्विक तनाव बना रहता है, तो आने वाले दिनों में कीमती धातुओं में यह तेजी और भी देखने को मिल सकती है।

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क्विक कॉमर्स में मुनाफे की बात, रिलायंस के दावे से बाजार में हलचल

इकोनॉमिक्स टाइम्स की एक रिपोर्ट के हवाले से कंपनी ने कहा है कि उसका क्विक कॉमर्स बिजनेस अब कंट्रीब्यूशन मार्जिन पॉजिटिव हो गया है, यानी हर ऑर्डर पर ऑपरेशनल स्तर पर कंपनी पैसे बचा/कमा रही है।

10 मिनट डिलीवरी की रेस में रिलायंस का नया दावा
10 मिनट डिलीवरी की रेस में रिलायंस का नया दावा
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar19 Jan 2026 11:53 AM
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Reliance Quick Commerce Profit : भारत में 10 मिनट डिलीवरी का बाजार जिस रफ्तार से बढ़ा है, उतनी ही तेजी से इसकी सबसे बड़ी चुनौती भी सामने आई है। दूध, ब्रेड, स्नैक्स या रोजमर्रा का राशन… ग्राहक अब दुकान की बजाय ऐप पर भरोसा कर रहे हैं। मगर इस स्पीड के पीछे लागत, डिस्काउंट और डिलीवरी का भारी दबाव होता है। ऐसे में रिलायंस इंडस्ट्रीज का ताजा दावा उद्योग के लिए बड़ा संकेत माना जा रहा है। इकोनॉमिक्स टाइम्स की एक रिपोर्ट के हवाले से कंपनी ने कहा है कि उसका क्विक कॉमर्स बिजनेस अब कंट्रीब्यूशन मार्जिन पॉजिटिव हो गया है, यानी हर ऑर्डर पर ऑपरेशनल स्तर पर कंपनी पैसे बचा/कमा रही है। साथ ही, तीन साल पहले शुरू किया गया उसका एफएमसीजी कारोबार भी EBITDA पॉजिटिव होने की बात कही गई है।

क्विक कॉमर्स का मुनाफे वाला मोड़ कैसे आया?

अक्टूबर 2024 में रिलायंस ने अपने 10 मिनट डिलीवरी मॉडल को आक्रामक रफ्तार दी और अब कंपनी का दावा है कि उसने बेहद कम समय में वह मुकाम छू लिया है, जिसके लिए क्विक कॉमर्स के दूसरे दिग्गज सालों से संघर्ष कर रहे हैं। रिलायंस के मुताबिक इस तेज और टिकाऊ मॉडल की बुनियाद तीन मजबूत स्तंभों पर टिकी है। पहला, सोर्सिंग पावर देश के बड़े किराना/ग्रोसरी नेटवर्क के चलते रिलायंस बड़े पैमाने पर खरीद करता है, जिससे ब्रांड्स और सप्लायर्स से उसे बेहतर दरें मिलती हैं और लागत अपने आप नीचे आती है। दूसरा, कमाई का सबसे बड़ा इंजन फूड और बेवरेज (F&B) कैटेगरी है, जहां मार्जिन तुलनात्मक रूप से ज्यादा रहता हैकंपनी का कहना है कि उसके प्लेटफॉर्म पर हर तीन में से एक ऑर्डर इसी से जुड़ा होता है। तीसरा, किराना कारोबार की सबसे बड़ी चुनौती वेस्टेज पर कंट्रोल। रिलायंस का दावा है कि बेहतर इन्वेंट्री प्लानिंग और सख्त सप्लाई चेन मैनेजमेंट के जरिए उसने खाने-पीने की चीजों में होने वाले नुकसान को सीमित किया, जिससे मार्जिन सुधरा और 10 मिनट डिलीवर का मॉडल घाटे से निकलकर कमाई की दिशा में बढ़ा।

कम खर्च में बड़ी पहुंच का दावा

रिलायंस की क्विक कॉमर्स रणनीति का सबसे मजबूत पत्ता उसका पहले से बना रिटेल इकोसिस्टम है। कंपनी नई-नई सुविधाएं खड़ी करने की बजाय अपने मौजूदा स्टोर नेटवर्क को ही 10 मिनट डिलीवरी के लिए इस्तेमाल कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, रिलायंस के करीब 3,000 आउटलेट्स इस मॉडल से जुड़े हैं, जिनमें लगभग 800 डार्क स्टोर्स शामिल बताए जाते हैं। यही वह बढ़त है जो उसे कई प्रतिद्वंद्वियों से अलग खड़ा करती है जहां बाकी कंपनियों को विस्तार के लिए नए इंफ्रास्ट्रक्चर, गोदाम और संचालन व्यवस्था पर भारी निवेश करना पड़ता है, वहीं रिलायंस तैयार नेटवर्क के सहारे लागत को काबू में रखने और संचालन को अधिक कुशल बनाने का दावा कर रही है।

ऑर्डर्स की रफ्तार भी तेज

रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर 2025 की तिमाही में रिलायंस को औसतन 16 लाख ऑर्डर प्रतिदिन मिल रहे थे और ऑर्डर वॉल्यूम में तिमाही-दर-तिमाही 53% बढ़ोतरी दर्ज होने की बात कही गई है। कंपनी का लक्ष्य इसे देश का सबसे बड़ा क्विक कॉमर्स प्लेयर बनाने का है। साथ ही, रिलायंस अब केवल ग्रोसरी तक सीमित नहीं रहकर इलेक्ट्रॉनिक्स और फैशन जैसी कैटेगरी में भी डिलीवरी बढ़ा रही है, जिससे बास्केट साइज और रेवेन्यू दोनों बढ़ने की संभावना बनती है।

Blinkit–Swiggy की स्थिति क्या?

क्विक कॉमर्स की रेस में Blinkit और Swiggy ने रफ्तार जरूर पकड़ ली है, लेकिन मुनाफे की सीधी लाइन अभी भी इनके लिए चुनौती बनी हुई है। रिपोर्ट के संकेतों के मुताबिक, दोनों कंपनियां ग्रोथ के दम पर बाजार में अपनी मौजूदगी मजबूत कर रही हैं, मगर कुल मिलाकर प्रॉफिटेबिलिटी अभी दूर है। Blinkit ने कई शहरों/क्लस्टर्स में यूनिट-इकोनॉमिक्स सुधरने की बात कही है, लेकिन जैसे ही कंपनी नए शहरों में विस्तार करती है, डार्क स्टोर्स, लॉजिस्टिक्स और डिस्काउंट का खर्च बढ़कर मार्जिन पर दबाव डाल देता है। वहीं Swiggy के नुकसान में कमी के संकेत जरूर मिले हैं, मगर कंपनी ने अब तक खुद को पूरी तरह प्रॉफिटेबल घोषित नहीं किया है। यानी ग्रोथ की तेज रफ्तार के बावजूद, इस सेक्टर में असली जीत अभी भी उसी की होगी जो स्केल के साथ कमाई का संतुलन बना पाए।

बाजार के लिए संकेत क्या है?

यदि रिलायंस का यह दावा आने वाली कई तिमाहियों तक भी कायम रहता है, तो क्विक कॉमर्स की बहस “यूज़र बढ़ाओ” से निकलकर सीधे टिकाऊ मुनाफा की तरफ शिफ्ट हो जाएगी। क्योंकि 10 मिनट डिलीवरी की असली लड़ाई सिर्फ रफ्तार की नहीं, सिस्टम की मजबूती की है। यहां वही कंपनी बाज़ी मारेगी, जिसके पास लागत को न्यूनतम रखने का मजबूत ढांचा हो, हाई-मार्जिन कैटेगरी का सही और लगातार बिकने वाला मिश्रण हो, और इन्वेंट्री व लॉजिस्टिक्स पर ऐसी पकड़ हो जो वेस्टेज को घाटे में बदलने ही न दे। Reliance Quick Commerce Profit


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