सोना-चांदी में जबरदस्त उछाल, चांदी तीन लाख के पार

नए साल की शुरुआत से ही चांदी में तेज रफ्तार बनी हुई है। जनवरी 2026 में अब तक चांदी की कीमतों में 65 हजार से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है। बीते साल 31 दिसंबर 2025 को जहां चांदी 2,35,701 प्रति किलो के स्तर पर थी, वहीं कुछ ही हफ्तों में इसमें ऐतिहासिक उछाल देखने को मिला है।

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सोना-चांदी
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar19 Jan 2026 01:31 PM
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Bullion Market : वैश्विक हालात में बढ़ती अनिश्चितता का असर अब साफ तौर पर सर्राफा बाजार पर दिखाई देने लगा है। सुरक्षित निवेश की तलाश में निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी के चलते सोना और चांदी दोनों ही लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को चांदी ने ऐसा इतिहास रचा, जो पहले कभी नहीं देखा गया। कारोबार शुरू होते ही चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया और पहली बार इसका भाव तीन लाख रुपये प्रति किलो के आंकड़े को पार कर गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर मार्च वायदा चांदी में पांच प्रतिशत से अधिक की तेजी देखी गई और यह 3,01,315 प्रति किलो के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई।

नए साल की शुरुआत से ही चांदी में तेजी 

नए साल की शुरुआत से ही चांदी में तेज रफ्तार बनी हुई है। जनवरी 2026 में अब तक चांदी की कीमतों में 65 हजार से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है। बीते साल 31 दिसंबर 2025 को जहां चांदी 2,35,701 प्रति किलो के स्तर पर थी, वहीं कुछ ही हफ्तों में इसमें ऐतिहासिक उछाल देखने को मिला है। सोना भी इस तेजी में पीछे नहीं रहा। एमसीएक्स पर फरवरी वायदा सोने ने सोमवार को नया रिकॉर्ड बना दिया। पिछले कारोबारी सत्र में सोना 1,42,517 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, लेकिन सोमवार सुबह कारोबार शुरू होते ही यह करीब 3,000 की छलांग लगाकर 1,45,500 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। अगर साल की शुरुआत से अब तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो सोने की कीमतों में भी भारी उछाल दर्ज किया गया है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोना 1,35,804 में मिल रहा था, जो अब लगभग 9,700 महंगा हो चुका है।

बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अस्थिरता ने किया यह हाल 

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अस्थिरता ने निवेशकों को सुरक्षित विकल्पों की ओर मोड़ दिया है। अमेरिका की ओर से ग्रीनलैंड को लेकर दिए गए टैरिफ संकेतों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में चिंता बढ़ी है। इसी वजह से सोना और चांदी जैसे सेफ हेवन एसेट्स की मांग तेजी से बढ़ी है, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा है। मौजूदा हालात को देखते हुए जानकारों का कहना है कि अगर वैश्विक तनाव बना रहता है, तो आने वाले दिनों में कीमती धातुओं में यह तेजी और भी देखने को मिल सकती है।

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अब एक ही स्टेटमेंट में दिखेगा बैंक बैलेंस, PF और निवेश का पूरा हिसाब

प्रस्तावित नई व्यवस्था में यही बिखराव खत्म होने की उम्मीद है उपभोक्ता को एक कॉम्प्रिहेंसिव व्यू मिलेगा, यानी बचत से लेकर निवेश और बीमा तक, पूरी ‘फाइनेंशियल हेल्थ’ का साफ़-सुथरा मासिक स्नैपशॉट एक ही जगह उपलब्ध होगा।

इन्वेस्टर फ्रेंडली अपडेट
इन्वेस्टर फ्रेंडली अपडेट
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar19 Jan 2026 10:38 AM
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Single Monthly Statement : बैंक में कितना पैसा है, पीएफ में कितनी बचत हुई और शेयर/म्यूचुअल फंड में निवेश का क्या हाल है यह जानने के लिए अब अलग-अलग ऐप और स्टेटमेंट खंगालने की परेशानी जल्द कम हो सकती है। वित्तीय क्षेत्र के नियामक एक ऐसे ‘सिंगल मंथली स्टेटमेंट’ पर काम कर रहे हैं, जिसमें आपकी बचत, निवेश, बीमा और रिटायरमेंट फंड का पूरा हिसाब एक ही जगह दिखाई देगा।

महीने के आखिर की माथापच्ची खत्म करने की तैयारी

अभी की व्यवस्था में आम उपभोक्ता को अपनी वित्तीय स्थिति समझने के लिए कई दरवाजे खटखटाने पड़ते हैं कहीं बैंक बैलेंस देखा जाता है, कहीं म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो, डीमैट होल्डिंग्स अलग, बीमा पॉलिसी का स्टेटस अलग और पीएफ की जानकारी के लिए अलग पोर्टल। दिक्कत यह भी है कि ये रिपोर्टें एक साथ नहीं आतीं, इसलिए महीने के आखिर में पूरा हिसाब जोड़ना किसी पज़ल को पूरा करने जैसा हो जाता है। प्रस्तावित नई व्यवस्था में यही बिखराव खत्म होने की उम्मीद है उपभोक्ता को एक कॉम्प्रिहेंसिव व्यू मिलेगा, यानी बचत से लेकर निवेश और बीमा तक, पूरी ‘फाइनेंशियल हेल्थ’ का साफ़-सुथरा मासिक स्नैपशॉट एक ही जगह उपलब्ध होगा।

SEBI ने शुरू की पहल

इस पहल को ज़मीन पर उतारने के लिए शेयर बाजार नियामक SEBI ने कमान संभाल ली है और बाकी वित्तीय संस्थाओं के साथ समन्वय की प्रक्रिया तेज़ कर दी है। SEBI इस समय RBI (बैंकिंग), IRDAI (बीमा) और PFRDA (पेंशन/एनपीएस) जैसे प्रमुख नियामकों के साथ लगातार बातचीत कर रहा है। मकसद साफ है आम निवेशक को अलग-अलग प्लेटफॉर्म और स्टेटमेंट के बीच भटकना न पड़े। बल्कि एक ही दस्तावेज़ में बैंक, निवेश, बीमा और रिटायरमेंट फंड का पूरा लेखा-जोखा एक नजर में मिल जाए, ताकि हर महीने अपनी “फाइनेंशियल तस्वीर” समझना आसान और पारदर्शी हो सके।

CAS का दायरा बढ़ाने की योजना

SEBI की कोशिश है कि मौजूदा CAS (Consolidated Account Statement) को अब सिर्फ शेयर और म्यूचुअल फंड तक सीमित न रखा जाए। फिलहाल यह स्टेटमेंट निवेशक को मुख्य रूप से डीमैट अकाउंट में मौजूद सिक्योरिटीज और म्यूचुअल फंड होल्डिंग्स की ही तस्वीर दिखाता है। लेकिन प्रस्तावित बदलाव के बाद CAS का दायरा व्यापक हो सकता हैइसे एक ऐसे ऑल-इन-वन फाइनेंशियल स्टेटमेंट के रूप में विकसित करने की तैयारी है, जिसमें निवेशक को अपनी वित्तीय स्थिति का कहीं ज्यादा साफ, एकीकृत और भरोसेमंद मासिक सारांश एक ही जगह मिल सके।

नए स्टेटमेंट में किन-किन चीजों को जोड़ने पर चर्चा?

रेगुलेटर्स के बीच चल रही बातचीत में संकेत हैं कि यह एकीकृत मासिक स्टेटमेंट आने वाले समय में सिर्फ निवेश तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आपकी पूरी फाइनेंशियल लाइफ का सार बन सकता है। प्रस्ताव यह है कि इसमें बैंक खातों का सारांश, छोटी बचत योजनाओं की स्थिति, बीमा उत्पादों का अपडेट, बॉन्ड होल्डिंग्स का विवरण और प्रोविडेंट फंड (PF) की बचत जैसी जानकारियां भी एक साथ दिखाई जाएं। इतना ही नहीं, रिपोर्ट्स के मुताबिक NPS से जुड़ी जानकारी देने वाले PFRDA को भी इस सिस्टम से जोड़ने की तैयारी पर काम हो रहा है ।

आम लोगों को क्या फायदा होगा?

इस प्रस्तावित बदलाव का सबसे बड़ा लाभ सीधे आम उपभोक्ता को मिलने वाला है। एकीकृत स्टेटमेंट के जरिए उसे अपनी पूरी फाइनेंशियल तस्वीर एक ही जगह दिखेगी, यानी अलग-अलग ऐप, पोर्टल और रिपोर्ट्स के चक्कर लगाने की जरूरत काफी हद तक खत्म हो जाएगी। इससे बचत, निवेश और सुरक्षा कवच (बीमा/रिटायरमेंट फंड) का कुल हिसाब साफ रहेगा और व्यक्ति अपनी वित्तीय योजना ज्यादा समझदारी से बना सकेगा। सबसे अहम बात यह कि महीने-दर-महीने होने वाले बदलाव एक नजर में पकड़ में आ जाएंगे, जिससे ट्रैकिंग आसान और निर्णय तेज हो सकेंगे। हालांकि फिलहाल यह पहल समन्वय और ढांचे की तैयारी के चरण में है, लेकिन यदि यह मॉडल लागू हो गया तो यह आम निवेशक के लिए पर्सनल फाइनेंस मैनेजमेंट में गेम-चेंजर साबित हो सकता है। Single Monthly Statement

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UPI पेमेंट अब बन गया सुपर ईजी, Kiwi App के जरिए करें स्मार्ट शॉपिंग

UPI: भारत में UPI अब और भी स्मार्ट हो गया है। अब आप UPI पेमेंट सीधे क्रेडिट कार्ड से कर सकते हैं और कैशबैक, रिवॉर्ड पॉइंट्स और EMI की सुविधा पा सकते हैं। Kiwi App के जरिए RuPay क्रेडिट कार्ड को UPI से जोड़ना बेहद आसान है।

UPI
UPI अब और भी स्मार्ट
locationभारत
userअसमीना
calendar17 Jan 2026 10:49 AM
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भारत में डिजिटल पेमेंट की दुनिया तेजी से बदल रही है। पहले लोग नकद या चेक के जरिए लेन-देन करते थे फिर आया डेबिट और क्रेडिट कार्ड का जमाना और अब UPI ने लेन-देन को और आसान बना दिया है। महज QR कोड स्कैन करके सेकंड्स में पेमेंट करना अब आम बात हो गई है लेकिन UPI में अब एक नया बदलाव आया है। अब आप अपने UPI पेमेंट में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसका मतलब यह है कि आपके बैंक खाते में पैसे न होने पर भी आप आसानी से खरीदारी कर सकते हैं। साथ ही, इस प्रक्रिया में कुछ बैंक और प्लेटफॉर्म्स आपको कैशबैक, रिवॉर्ड पॉइंट्स और EMI विकल्प भी देते हैं।

UPI और क्रेडिट कार्ड का नया तरीका

UPI पेमेंट पहले सिर्फ बैंक खाते से सीधे कटौती करता था। इसका मतलब था कि खाते में पर्याप्त राशि न होने पर पेमेंट रद्द हो जाता। अब क्रेडिट कार्ड को UPI से जोड़ने से यह समस्या हल हो गई है। इससे बड़े खर्चों को EMI में बदलना आसान हो जाता है और छोटी खरीदारी के लिए भी आपको हर बार बैंक बैलेंस चेक करने की जरूरत नहीं पड़ती।

कैशबैक और रिवॉर्ड पॉइंट्स

कुछ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और बैंक अब UPI + क्रेडिट पेमेंट पर कैशबैक और रिवॉर्ड पॉइंट्स भी देते हैं। इसका फायदा यह है कि आप रोजमर्रा की खरीदारी में कुछ पैसे बचा सकते हैं। ये रिवॉर्ड पॉइंट्स या कैशबैक सीधे आपके बैंक खाते में जमा हो जाते हैं और कभी भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं।

EMI विकल्प और बड़े खर्चों के लिए आसान तरीका

UPI + क्रेडिट पेमेंट बड़े खर्चों के लिए भी मददगार है। आप इसे EMI में बदल सकते हैं, जिससे एक साथ बड़ी रकम न कटे और जेब पर बोझ कम हो। यह तरीका डिजिटल इंडिया में सुविधाजनक और सुरक्षित लेन-देन का एक नया तरीका बन रहा है।

डिजिटल इंडिया में क्रेडिट-स्मार्ट होना

जैसे-जैसे ज्यादा लोग UPI + क्रेडिट का इस्तेमाल कर रहे हैं, भारत में पैसे खर्च करने और संभालने का तरीका बदल रहा है। यह तरीका न सिर्फ पेमेंट को तेज बनाता है बल्कि लोगों को क्रेडिट-स्मार्ट और financially aware भी बनाता है। इस तरह, UPI + क्रेडिट पेमेंट डिजिटल इंडिया की स्मार्ट और आसान शॉपिंग का एक हिस्सा बन चुका है।

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