तगड़ी सब्सक्रिप्शन के बाद भी गिरा शेयर, Biopol Chemicals ने पहले दिन क्यों तोड़ी उम्मीदें?
Biopol Chemicals: Biopol Chemicals की NSE SME पर लिस्टिंग 3% प्रीमियम के साथ 111 रुपये पर हुई, लेकिन कुछ ही देर में शेयर 5% गिरकर लोअर सर्किट पर पहुंच गया। 108 रुपये के इश्यू प्राइस वाला यह 31.26 करोड़ रुपये का IPO कुल 22.33 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

NSE SME प्लेटफॉर्म पर आज Biopol Chemicals की लिस्टिंग निवेशकों के लिए मिली-जुली रही। शेयर 108 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले 2.7% प्रीमियम के साथ 111 रुपये पर लिस्ट हुआ जिससे शुरुआत में निवेशकों को हल्का फायदा दिखा। लेकिन लिस्टिंग के कुछ ही समय बाद बिकवाली बढ़ी और शेयर करीब 5% गिरकर 105.45 रुपये पर पहुंच गया जहां लोअर सर्किट लग गया। इस तरह पहले दिन ही शेयर ने उतार-चढ़ाव भरा प्रदर्शन दिखाया।
IPO निवेशकों के बीच जबरदस्त डिमांड
कंपनी का 31.26 करोड़ रुपये का IPO निवेशकों के बीच जबरदस्त डिमांड में रहा और कुल 22.33 गुना सब्सक्राइब हुआ। यह इश्यू 6 फरवरी को खुला था और 10 फरवरी को बंद हुआ। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा 21.05 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का 24.49 गुना और रिटेल निवेशकों का हिस्सा 20.80 गुना भरा गया। इससे साफ है कि संस्थागत और रिटेल दोनों वर्गों में इस IPO को अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। कंपनी ने इस इश्यू के तहत करीब 29 लाख नए शेयर जारी किए।
कंपनी के पास है कुल 66 प्रोडक्ट्स का पोर्टफोलियो
Biopol Chemicals स्पेशियलिटी केमिकल्स से जुड़ी कंपनी है जो सिलिकॉन, इमल्सीफायर, बायोकेमिकल्स और पॉलीइलेक्ट्रोलाइट कैटेगरी में मैन्युफैक्चरिंग और डिस्ट्रीब्यूशन का काम करती है। कंपनी के पास कुल 66 प्रोडक्ट्स का पोर्टफोलियो है। इनमें 40 सिलिकॉन-बेस्ड, 5 इमल्सीफायर-बेस्ड, 15 बायोकेमिकल और 6 पॉलीइलेक्ट्रोलाइट प्रोडक्ट शामिल हैं। इनका इस्तेमाल टेक्सटाइल, होम केयर, एग्रीकल्चर और इंडस्ट्रियल केमिकल्स जैसी कई इंडस्ट्रीज में होता है। कंपनी का बिजनेस मॉडल B2B है यानी यह सीधे आम ग्राहकों को नहीं बल्कि संस्थागत क्लाइंट्स को सप्लाई करती है।
IPO से जुटाई गई राशि का इस्तेमाल
IPO से जुटाई गई राशि का इस्तेमाल कंपनी इंडस्ट्रियल जमीन खरीदने, कर्ज चुकाने और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए करेगी। इससे कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत होने और भविष्य में विस्तार की संभावनाएं बढ़ने की उम्मीद है। वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो अप्रैल से दिसंबर 2025 के दौरान कंपनी की कुल आय 48.97 करोड़ रुपये रही जबकि शुद्ध मुनाफा 6 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पूरे वित्त वर्ष 2025 में कंपनी की कुल आय 49.15 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 4.33 करोड़ रुपये रहा। इस अवधि में कंपनी पर लगभग 15 करोड़ रुपये का कर्ज भी था। मुनाफे में सुधार यह संकेत देता है कि कंपनी अपने ऑपरेशन को बेहतर बना रही है, हालांकि कर्ज का स्तर निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण फैक्टर रहेगा।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। चेतना मंच की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
NSE SME प्लेटफॉर्म पर आज Biopol Chemicals की लिस्टिंग निवेशकों के लिए मिली-जुली रही। शेयर 108 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले 2.7% प्रीमियम के साथ 111 रुपये पर लिस्ट हुआ जिससे शुरुआत में निवेशकों को हल्का फायदा दिखा। लेकिन लिस्टिंग के कुछ ही समय बाद बिकवाली बढ़ी और शेयर करीब 5% गिरकर 105.45 रुपये पर पहुंच गया जहां लोअर सर्किट लग गया। इस तरह पहले दिन ही शेयर ने उतार-चढ़ाव भरा प्रदर्शन दिखाया।
IPO निवेशकों के बीच जबरदस्त डिमांड
कंपनी का 31.26 करोड़ रुपये का IPO निवेशकों के बीच जबरदस्त डिमांड में रहा और कुल 22.33 गुना सब्सक्राइब हुआ। यह इश्यू 6 फरवरी को खुला था और 10 फरवरी को बंद हुआ। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा 21.05 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का 24.49 गुना और रिटेल निवेशकों का हिस्सा 20.80 गुना भरा गया। इससे साफ है कि संस्थागत और रिटेल दोनों वर्गों में इस IPO को अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। कंपनी ने इस इश्यू के तहत करीब 29 लाख नए शेयर जारी किए।
कंपनी के पास है कुल 66 प्रोडक्ट्स का पोर्टफोलियो
Biopol Chemicals स्पेशियलिटी केमिकल्स से जुड़ी कंपनी है जो सिलिकॉन, इमल्सीफायर, बायोकेमिकल्स और पॉलीइलेक्ट्रोलाइट कैटेगरी में मैन्युफैक्चरिंग और डिस्ट्रीब्यूशन का काम करती है। कंपनी के पास कुल 66 प्रोडक्ट्स का पोर्टफोलियो है। इनमें 40 सिलिकॉन-बेस्ड, 5 इमल्सीफायर-बेस्ड, 15 बायोकेमिकल और 6 पॉलीइलेक्ट्रोलाइट प्रोडक्ट शामिल हैं। इनका इस्तेमाल टेक्सटाइल, होम केयर, एग्रीकल्चर और इंडस्ट्रियल केमिकल्स जैसी कई इंडस्ट्रीज में होता है। कंपनी का बिजनेस मॉडल B2B है यानी यह सीधे आम ग्राहकों को नहीं बल्कि संस्थागत क्लाइंट्स को सप्लाई करती है।
IPO से जुटाई गई राशि का इस्तेमाल
IPO से जुटाई गई राशि का इस्तेमाल कंपनी इंडस्ट्रियल जमीन खरीदने, कर्ज चुकाने और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए करेगी। इससे कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत होने और भविष्य में विस्तार की संभावनाएं बढ़ने की उम्मीद है। वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो अप्रैल से दिसंबर 2025 के दौरान कंपनी की कुल आय 48.97 करोड़ रुपये रही जबकि शुद्ध मुनाफा 6 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पूरे वित्त वर्ष 2025 में कंपनी की कुल आय 49.15 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 4.33 करोड़ रुपये रहा। इस अवधि में कंपनी पर लगभग 15 करोड़ रुपये का कर्ज भी था। मुनाफे में सुधार यह संकेत देता है कि कंपनी अपने ऑपरेशन को बेहतर बना रही है, हालांकि कर्ज का स्तर निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण फैक्टर रहेगा।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। चेतना मंच की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।












