कम खर्च में बड़ा मुनाफा, छोटे शहरों के लिए बेस्ट बिजनेस आइडिया

कम निवेश, कम जोखिम और भरोसे पर आधारित छोटे शहरों के बिजनेस आज तेजी से ग्रो कर रहे हैं। सही प्लानिंग और लगातार मेहनत के साथ घर से शुरू किया गया यह काम कुछ ही महीनों में स्थायी आमदनी का मजबूत जरिया बन सकता है।

Best business ideas for small towns
छोटे शहर के लिए बिजनेस आइडिया (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar03 Jan 2026 01:56 PM
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अक्सर छोटे शहरों और कस्बों में रहने वाले लोग यह मान लेते हैं कि अच्छे बिजनेस मौके सिर्फ बड़े महानगरों तक ही सीमित हैं। लेकिन बदलते दौर में यह सोच पूरी तरह गलत साबित हो रही है। आज छोटे शहर बिजनेस के लिए सबसे मजबूत प्लेटफॉर्म बनकर उभरे हैं। यहां खर्च कम है, प्रतिस्पर्धा सीमित है और लोगों के बीच भरोसे की अहमियत ज्यादा है। सही बिजनेस आइडिया और थोड़ी समझदारी के साथ आप घर से ही ऐसा काम शुरू कर सकते हैं, जो कुछ ही महीनों में मुनाफा देना शुरू कर दे।

घर से चलने वाले सर्विस बेस्ड बिजनेस

बता दें कि छोटे शहरों में सर्विस बेस्ड बिजनेस तेजी से पकड़ बनाते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि लोग बड़ी कंपनियों की बजाय लोकल और भरोसेमंद लोगों पर ज्यादा विश्वास करते हैं। ऐसे में आप मोबाइल रिपेयरिंग, लैपटॉप सर्विस, सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर सर्विस, ट्यूशन क्लास या ऑनलाइन फॉर्म भरने जैसे काम घर से ही शुरू कर सकते हैं। इन बिजनेस में शुरुआती निवेश बेहद कम होता है और कमाई सीधे आपकी स्किल पर निर्भर करती है। एक बार जब आपकी पहचान बन जाती है, तो काम अपने आप बढ़ने लगता है। छोटे शहरों में ‘वर्ड ऑफ माउथ’ सबसे बड़ा प्रमोशन टूल होता है, जहां एक संतुष्ट ग्राहक कई नए ग्राहक लेकर आता है।

लोकल जरूरतों से जुड़ा प्रोडक्ट बिजनेस

बता दें कि छोटे शहरों में वही बिजनेस ज्यादा सफल होता है, जो रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ा हो। घर से अचार, पापड़, मसाले, अगरबत्ती, मोमबत्ती, नमकीन या बेकरी आइटम तैयार कर बेचना एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। इन प्रोडक्ट्स की मांग हर मौसम में बनी रहती है। शुरुआत में आप आसपास के लोगों, किराना दुकानों और साप्ताहिक बाजारों में सप्लाई कर सकते हैं। धीरे-धीरे सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप के जरिए भी ऑर्डर मिलने लगते हैं। यह बिजनेस खासतौर पर महिलाओं और युवाओं के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है, क्योंकि कच्चा माल आसानी से लोकल मार्केट में मिल जाता है और मुनाफा मार्जिन भी अच्छा रहता है।

डिजिटल दौर के स्मार्ट बिजनेस आइडिया

इंटरनेट ने छोटे शहरों के लोगों के लिए भी बड़े मौके खोल दिए हैं। आज आप घर से ही सोशल मीडिया मैनेजमेंट, कंटेंट राइटिंग, वीडियो एडिटिंग, ऑनलाइन रीसेलिंग या डिजिटल सर्विस सेंटर जैसा काम शुरू कर सकते हैं। छोटे शहरों में इन सेवाओं की सप्लाई अभी कम है, जबकि डिमांड तेजी से बढ़ रही है। लोकल दुकानदार, स्कूल, कोचिंग सेंटर और छोटे व्यापारी अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आना चाहते हैं। ऐसे में अगर आप उन्हें ये सेवाएं उपलब्ध कराते हैं, तो नियमित कमाई का रास्ता बन सकता है। इस तरह के बिजनेस में जगह की जरूरत नहीं होती और लोकल क्लाइंट होने की वजह से भरोसा भी जल्दी बन जाता है।

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Zomato-Blinkit के लिए 31 दिसंबर बना गोल्डन डे, चौंका देंगे ऑर्डर के आंकड़े

जोमैटो और ब्लिंकिट ने न्यू ईयर ईव पर 75 लाख से ज्यादा ऑर्डर डिलीवर किए। गिग वर्कर्स की हड़ताल की अपील के बावजूद दोनों प्लेटफॉर्म्स की सर्विस पर कोई असर नहीं पड़ा। एटर्नल के फाउंडर दीपेंद्र गोयल ने इस रिकॉर्ड को डिलीवरी पार्टनर्स की मेहनत और मजबूत सिस्टम का नतीजा बताया।

zomato vs blinkit
जोमैटो-ब्लिंकिट का रिकॉर्ड तोड़ ऑर्डर
locationभारत
userअसमीना
calendar02 Jan 2026 03:13 PM
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भारत में 31 दिसंबर को ऑनलाइन फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स ने एक नया मुकाम हासिल किया। जिस दिन लोग घरों में पार्टी और जश्न मनाने में मसरूफ थे उसी दिन जोमैटो और ब्लिंकिट ने मिलकर ऐसा रिकॉर्ड बनाया जो पहले कभी नहीं हुआ। जोमैटो और ब्लिंकिट प्लेटफॉर्म्स ने एक ही दिन में 75 लाख से ज्यादा ऑर्डर सफलतापूर्वक डिलीवर किए। खास बात यह रही कि यह उपलब्धि ऐसे समय में हासिल की गई जब गिग वर्कर्स की हड़ताल की बातें चल रही थीं। इसके बावजूद ग्राहकों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

हड़ताल की अपील के बावजूद काम रहा सामान्य

जोमैटो और ब्लिंकिट की पैरेंट कंपनी एटर्नल के फाउंडर और सीईओ दीपेंद्र गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस रिकॉर्ड की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हड़ताल की अपीलों का कंपनी के कामकाज पर कोई खास असर नहीं पड़ा। लोकल पुलिस और प्रशासन के सहयोग से हालात को काबू में रखा गया जिससे डिलीवरी सिस्टम पूरे दिन बिना रुकावट चलता रहा।

लाखों डिलीवरी पार्टनर्स ने संभाला मोर्चा

दीपेंद्र गोयल के मुताबिक, 31 दिसंबर को 4.5 लाख से ज्यादा डिलीवरी पार्टनर्स सड़कों पर उतरे और पूरे दिन मेहनत की। इन डिलीवरी पार्टनर्स ने करीब 63 लाख ग्राहकों तक खाना, ग्रॉसरी और जरूरी सामान पहुंचाया। यह अब तक का सबसे बड़ा सिंगल-डे डिलीवरी रिकॉर्ड माना जा रहा है। भारी मांग के बावजूद डिलीवरी समय पर पूरी की गई जिससे ग्राहकों का भरोसा और मजबूत हुआ।

बिना एक्स्ट्रा इंसेंटिव के बना रिकॉर्ड

इस रिकॉर्ड को लेकर एक और अहम बात सामने आई। कंपनी ने साफ किया कि डिलीवरी पार्टनर्स को कोई अतिरिक्त इंसेंटिव नहीं दिया गया था। नए साल की पूर्व संध्या पर जो इंसेंटिव आमतौर पर दिए जाते हैं वही इस बार भी दिए गए। 31 दिसंबर को जोमैटो डिलीवरी पार्टनर्स को प्रति ऑर्डर करीब 120 से 150 रुपये का भुगतान किया गया।

31 दिसंबर क्यों होता है सबसे व्यस्त दिन?

न्यू ईयर ईव फूड डिलीवरी कंपनियों के लिए साल का सबसे व्यस्त दिन होता है। लोग बाहर जाने के बजाय घर पर रहकर पार्टी करना पसंद करते हैं और खाना या जरूरी सामान ऑनलाइन ऑर्डर करते हैं। इसी वजह से जोमैटो और ब्लिंकिट ने पहले से ही तैयारी कर ली थी। कंपनियों ने वॉर रूम बनाए थे ताकि बढ़ते ऑर्डर्स और सिस्टम पर आने वाले दबाव को आसानी से संभाला जा सके।

गिग वर्कर्स की क्या थीं मांगें

गिग वर्कर्स की यूनियनों ने बेहतर वेतन, सुरक्षा और सोशल सिक्योरिटी की मांग को लेकर 25 और 31 दिसंबर को हड़ताल का ऐलान किया था। यूनियनों का दावा था कि देशभर में करीब 2.10 लाख गिग वर्कर्स इस हड़ताल में शामिल हुए। इसके अलावा उन्होंने 10 मिनट डिलीवरी मॉडल पर रोक लगाने की मांग भी की। उनका कहना था कि जल्दबाजी में काम करने से राइडर्स की जान को खतरा हो सकता है।

गिग इकॉनमी को लेकर दीपेंद्र गोयल का नजरिया

दीपेंद्र गोयल ने डिलीवरी पार्टनर्स का धन्यवाद करते हुए कहा कि अगर कोई सिस्टम गलत होता, तो इतने लोग लंबे समय तक उससे जुड़े नहीं रहते। उन्होंने गिग इकॉनमी को भारत में रोजगार का एक मजबूत जरिया बताया। उनका कहना है कि आने वाले समय में इसका असर और भी दिखेगा, खासकर तब जब डिलीवरी पार्टनर्स के बच्चे अच्छी शिक्षा और स्थिर आय के सहारे देश की वर्कफोर्स का हिस्सा बनेंगे।

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एक ही छत के नीचे होगी पिज्जा हट और KFC की दुनिया, होगी सबसे बड़ी डील

भारत के फास्ट-फूड मार्केट में केएफसी और पिज़्ज़ा हट की ऑपरेटर कंपनी का ऐतिहासिक मर्जर होने जा रहा है। देवयानी इंटरनेशनल और सफायर फूड्स के विलय से देश का सबसे बड़ा क्विक‑सर्विस रेस्टोरेंट ऑपरेटर बन जाएगा। इस डील से शेयर बाजार में तेजी देखी गई है और निवेशकों की नजरें अब इस मुनाफे के अवसर पर टिकी हैं।

Fast food market
फास्ट-फूड मार्केट में बड़ा धमाका
locationभारत
userअसमीना
calendar02 Jan 2026 02:14 PM
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भारत के फास्ट-फूड बाजार में एक बड़ा बदलाव होने वाला है। केएफसी और पिज्जा हट की ऑपरेटर कंपनी सफायर फूड्स इंडिया लिमिटेड जल्द ही देवयानी इंटरनेशनल लिमिटेड में मर्जर होने जा रही है। यह डील फास्ट-फूड इंडस्ट्री के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा मर्जर माना जा रहा है।

खबरों के मुताबिक, यह मर्जर ऐसे समय हो रहा है जब भारत में फास्ट-फूड फ्रेंचाइजी घटती बिक्री और घटते मार्जिन के दबाव का सामना कर रही हैं। बढ़ती महंगाई के चलते ग्राहक बाहर खाने की बजाय घर पर ही खाना ऑर्डर करना पसंद कर रहे हैं।

जारी की जाएगी 177 शेयर

डील के तहत देवयानी इंटरनेशनल, सफायर फूड्स के प्रत्येक 100 शेयरों के बदले 177 शेयर जारी करेगी। कंपनी को ज्वॉइंट यूनिट के ऑपरेशन के दूसरे पूरे वर्ष से 210 करोड़ रुपए से 225 करोड़ रुपए तक का सालाना फायदा मिलने की उम्मीद है। साथ ही ग्रुप की कंपनी आर्कटिक इंटरनेशनल मौजूदा प्रमोटरों से सफायर फूड्स की लगभग 18.5 प्रतिशत पेड-अप इक्विटी खरीदने जा रही है। इस प्रक्रिया में वित्तीय निवेशक को हिस्सेदारी सौंपने का विकल्प भी शामिल है।

मर्जर की मंजूरी और समयसीमा

प्रस्तावित मर्जर को लागू होने के लिए कई नियामक और वैधानिक स्वीकृतियों की जरूरत है। इसमें स्टॉक एक्सचेंज, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग, राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण और दोनों कंपनियों के शेयरधारक तथा लेनदार शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, सभी स्वीकृतियां प्राप्त करने में लगभग 12 से 15 महीने का समय लगेगा जिसके बाद मर्जर प्रभावी हो जाएगा।

भारत में सबसे बड़ा क्विक-सर्विस रेस्टोरेंट (QSR)

लेनदेन पूरा होने के बाद देवयानी इंटरनेशनल दोनों कंपनियों के संचालन को मिलाकर भारत के सबसे बड़े क्विक-सर्विस रेस्टोरेंट संचालकों में शामिल हो जाएगी। देवयानी इंटरनेशनल के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष रवि जयपुरिया ने कहा, "यह मर्जर हमारी विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण और निर्णायक कदम है। अब डीआईएल को पूरे भारतीय बाजार में केएफसी और पिज्जा हट ब्रांडों के लिए फ्रेंचाइज अधिकार मिल गए हैं। इसके साथ ही हमारी अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति, विशेषकर श्रीलंका में और भी मजबूत होगी।"

शेयर बाजार में तेजी

इस ऐलान के तुरंत बाद देवयानी इंटरनेशनल के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। बीएसई के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी का शेयर करीब 8% बढ़कर 159.45 रुपए पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार के दौरान यह 156.90 रुपए पर खुला था। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस मर्जर से कंपनी की बाजार स्थिति और वित्तीय मजबूती में काफी सुधार आएगा।