Zomato-Blinkit के लिए 31 दिसंबर बना गोल्डन डे, चौंका देंगे ऑर्डर के आंकड़े

जोमैटो और ब्लिंकिट ने न्यू ईयर ईव पर 75 लाख से ज्यादा ऑर्डर डिलीवर किए। गिग वर्कर्स की हड़ताल की अपील के बावजूद दोनों प्लेटफॉर्म्स की सर्विस पर कोई असर नहीं पड़ा। एटर्नल के फाउंडर दीपेंद्र गोयल ने इस रिकॉर्ड को डिलीवरी पार्टनर्स की मेहनत और मजबूत सिस्टम का नतीजा बताया।

zomato vs blinkit
जोमैटो-ब्लिंकिट का रिकॉर्ड तोड़ ऑर्डर
locationभारत
userअसमीना
calendar02 Jan 2026 03:13 PM
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भारत में 31 दिसंबर को ऑनलाइन फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स ने एक नया मुकाम हासिल किया। जिस दिन लोग घरों में पार्टी और जश्न मनाने में मसरूफ थे उसी दिन जोमैटो और ब्लिंकिट ने मिलकर ऐसा रिकॉर्ड बनाया जो पहले कभी नहीं हुआ। जोमैटो और ब्लिंकिट प्लेटफॉर्म्स ने एक ही दिन में 75 लाख से ज्यादा ऑर्डर सफलतापूर्वक डिलीवर किए। खास बात यह रही कि यह उपलब्धि ऐसे समय में हासिल की गई जब गिग वर्कर्स की हड़ताल की बातें चल रही थीं। इसके बावजूद ग्राहकों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

हड़ताल की अपील के बावजूद काम रहा सामान्य

जोमैटो और ब्लिंकिट की पैरेंट कंपनी एटर्नल के फाउंडर और सीईओ दीपेंद्र गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस रिकॉर्ड की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हड़ताल की अपीलों का कंपनी के कामकाज पर कोई खास असर नहीं पड़ा। लोकल पुलिस और प्रशासन के सहयोग से हालात को काबू में रखा गया जिससे डिलीवरी सिस्टम पूरे दिन बिना रुकावट चलता रहा।

लाखों डिलीवरी पार्टनर्स ने संभाला मोर्चा

दीपेंद्र गोयल के मुताबिक, 31 दिसंबर को 4.5 लाख से ज्यादा डिलीवरी पार्टनर्स सड़कों पर उतरे और पूरे दिन मेहनत की। इन डिलीवरी पार्टनर्स ने करीब 63 लाख ग्राहकों तक खाना, ग्रॉसरी और जरूरी सामान पहुंचाया। यह अब तक का सबसे बड़ा सिंगल-डे डिलीवरी रिकॉर्ड माना जा रहा है। भारी मांग के बावजूद डिलीवरी समय पर पूरी की गई जिससे ग्राहकों का भरोसा और मजबूत हुआ।

बिना एक्स्ट्रा इंसेंटिव के बना रिकॉर्ड

इस रिकॉर्ड को लेकर एक और अहम बात सामने आई। कंपनी ने साफ किया कि डिलीवरी पार्टनर्स को कोई अतिरिक्त इंसेंटिव नहीं दिया गया था। नए साल की पूर्व संध्या पर जो इंसेंटिव आमतौर पर दिए जाते हैं वही इस बार भी दिए गए। 31 दिसंबर को जोमैटो डिलीवरी पार्टनर्स को प्रति ऑर्डर करीब 120 से 150 रुपये का भुगतान किया गया।

31 दिसंबर क्यों होता है सबसे व्यस्त दिन?

न्यू ईयर ईव फूड डिलीवरी कंपनियों के लिए साल का सबसे व्यस्त दिन होता है। लोग बाहर जाने के बजाय घर पर रहकर पार्टी करना पसंद करते हैं और खाना या जरूरी सामान ऑनलाइन ऑर्डर करते हैं। इसी वजह से जोमैटो और ब्लिंकिट ने पहले से ही तैयारी कर ली थी। कंपनियों ने वॉर रूम बनाए थे ताकि बढ़ते ऑर्डर्स और सिस्टम पर आने वाले दबाव को आसानी से संभाला जा सके।

गिग वर्कर्स की क्या थीं मांगें

गिग वर्कर्स की यूनियनों ने बेहतर वेतन, सुरक्षा और सोशल सिक्योरिटी की मांग को लेकर 25 और 31 दिसंबर को हड़ताल का ऐलान किया था। यूनियनों का दावा था कि देशभर में करीब 2.10 लाख गिग वर्कर्स इस हड़ताल में शामिल हुए। इसके अलावा उन्होंने 10 मिनट डिलीवरी मॉडल पर रोक लगाने की मांग भी की। उनका कहना था कि जल्दबाजी में काम करने से राइडर्स की जान को खतरा हो सकता है।

गिग इकॉनमी को लेकर दीपेंद्र गोयल का नजरिया

दीपेंद्र गोयल ने डिलीवरी पार्टनर्स का धन्यवाद करते हुए कहा कि अगर कोई सिस्टम गलत होता, तो इतने लोग लंबे समय तक उससे जुड़े नहीं रहते। उन्होंने गिग इकॉनमी को भारत में रोजगार का एक मजबूत जरिया बताया। उनका कहना है कि आने वाले समय में इसका असर और भी दिखेगा, खासकर तब जब डिलीवरी पार्टनर्स के बच्चे अच्छी शिक्षा और स्थिर आय के सहारे देश की वर्कफोर्स का हिस्सा बनेंगे।

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E to E Trans Infra IPO ने निवेशकों को किया मालामाल, टूटे सभी रिकॉर्ड्स!

E to E Trans Infra IPO: E to E Trans Infra IPO ने NSE SME प्लेटफॉर्म पर धमाकेदार लिस्टिंग दी है, शेयर 99.48% प्रीमियम पर लिस्ट हुए हैं। निवेशकों का पैसा लिस्टिंग के साथ लगभग दोगुना हो गया है। IPO में भारी सब्सक्रिप्शन और रिटेल, NII व QIB निवेशकों का जबरदस्त उत्साह देखा गया।

E to E Trans Infra IPO
E2ERAIL ने NSE SME पर मचाया धमाका
locationभारत
userअसमीना
calendar02 Jan 2026 01:35 PM
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रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की प्रमुख कंपनी ई टू ई ट्रांस इंफ्रा लिमिटेड (E2ERAIL) ने अपने SME IPO के साथ निवेशकों के लिए आज का दिन यादगार बना दिया। कंपनी के शेयर बाजार में कदम रखते ही लगभग 99.48% प्रीमियम पर लिस्ट हुए जिससे IPO में शेयर लेने वाले निवेशकों का पैसा लगभग दोगुना हो गया। इस तरह की शानदार शुरुआत को वित्तीय विशेषज्ञ ब्लॉकबस्टर लिस्टिंग के रूप में देख रहे हैं।

IPO लिस्टिंग पर निवेशकों को बड़ा फायदा

ई टू ई ट्रांस इंफ्रा के शेयर कल से NSE SME प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग शुरू हो गई। कंपनी ने IPO के लिए 174 रुपये प्रति शेयर का ऊपरी प्राइस बैंड तय किया था  लेकिन बाजार में भारी मांग के कारण शेयर सीधे 347.10 रुपये के भाव पर लिस्ट हुए। इसका मतलब है कि IPO में निवेशकों को प्रति शेयर 173.10 रुपये का सीधा फायदा मिला।

निवेशकों का उत्साह और भारी सब्सक्रिप्शन

इस IPO को लेकर निवेशकों में जबरदस्त उत्साह देखा गया। IPO कुल 526.56 गुना सब्सक्राइब हुआ था। रिटेल निवेशकों ने 544.28 गुना आवेदन किया, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) ने 872.09 गुना आवेदन किए, क्वालीफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) में 236.30 गुना आवेदन मिले। कंपनी ने IPO के जरिए लगभग 84.22 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा था लेकिन निवेशकों ने इस अवसर के लिए हजारों करोड़ रुपये की बोलियां लगाईं।

ई टू ई ट्रांस इंफ्रा कंपनी क्या करती है?

ई टू ई ट्रांस इंफ्रा मुख्य रूप से रेलवे सेक्टर के लिए सिस्टम इंटीग्रेशन और इंजीनियरिंग सॉल्यूशन प्रदान करती है। कंपनी की विशेषज्ञता क्षेत्रों में सिग्नलिंग सिस्टम, टेलीकम्युनिकेशन, ट्रैक प्रोजेक्ट्स, इलेक्ट्रिफिकेशन शामिल हैं। कंपनी ने हैदराबाद और नागपुर मेट्रो जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स में भी योगदान दिया है और कुछ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी सेवाएं दी हैं। रेलवे सेक्टर में सरकारी निवेश और आधुनिकीकरण के कारण कंपनी के पास काम की कमी नहीं है जो इसे भविष्य में और भी मजबूत बनाता है।

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी केवल सूचना के लिए है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन होता है। निवेश करने से पहले हमेशा वित्तीय विशेषज्ञ से सलाह लें।)

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Auto Sales Report India 2025: कौन सी कंपनी ने मारी बाजी, कौन पिछड़ा?

दिसंबर 2025 का महीना देश के ऑटो सेक्टर में बेहद शानदार रहा। मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स, हुंडई, टोयोटा, किआ और स्कोडा जैसी कंपनियों ने बिक्री में जबरदस्त बढ़त दिखाई। मारुति सुजुकी की कुल बिक्री 2,17,854 यूनिट रही जबकि टाटा मोटर्स ने पैसेंजर और कमर्शियल वाहनों में 14% से लेकर 40% तक की वृद्धि दर्ज की।

Maruti Suzuki
Auto Sales Report India
locationभारत
userअसमीना
calendar02 Jan 2026 01:11 PM
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साल 2025 का दिसंबर महीना देश के ऑटो सेक्टर में कई बड़ी कंपनियों के लिए बेहद सफल साबित हुआ। मारुति सुजुकी, टाटा, हुंडई, टोयोटा, किआ और स्कोडा जैसी कंपनियों ने बिक्री में शानदार बढ़त दिखाई है जो भारतीय ऑटो इंडस्ट्री की मजबूती और बाजार में बढ़ती मांग का सबूत है। इस दौरान छोटी कारों से लेकर यूटिलिटी वाहनों और इलेक्ट्रिक वाहनों तक सभी सेगमेंट में बिक्री के नए रिकॉर्ड बनते दिखे।

मारुति सुजुकी की कुल बिक्री

मारुति सुजुकी इंडिया की कुल बिक्री दिसंबर 2025 में 2,17,854 यूनिट रही जो पिछले साल इसी महीने 1,78,248 यूनिट थी। घरेलू यात्री वाहनों की बिक्री भी 1,78,646 यूनिट तक पहुंच गई जबकि छोटी कारों जैसे ऑल्टो और एस-प्रेसो की बिक्री 14,225 यूनिट रही। कॉम्पैक्ट कारों जैसे बलेनो, सेलेरियो, डिजायर और स्विफ्ट की बिक्री 78,704 यूनिट रही और यूटिलिटी वाहन जैसे ब्रेजो, एर्टिगा, ग्रैंड विटारा, जिम्नी और एक्सएल6 की बिक्री 73,818 यूनिट तक पहुंची। हालांकि निर्यात में कमी आई और यह 25,739 यूनिट रहा।

टाटा मोटर्स ने दिखाई जबरदस्त बढ़त

टाटा मोटर्स ने भी पैसेंजर और कमर्शियल वाहनों दोनों में जबरदस्त बढ़त दिखाई। पैसेंजर वाहनों की बिक्री 50,519 यूनिट रही जबकि इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 6,906 यूनिट तक पहुंची। कंपनी की कमर्शियल व्हीकल (CV) बिक्री 42,508 यूनिट रही जिसमें हेवी कमर्शियल व्हीकल (HCV) ट्रकों की बिक्री 12,483 यूनिट और इंटरमीडिएट, लाइट और मीडियम CV ट्रकों की बिक्री 7,959 यूनिट रही।

हुंडई मोटर इंडिया का भी शानदार प्रदर्शन

हुंडई मोटर इंडिया ने भी शानदार प्रदर्शन किया और कुल 58,702 गाड़ियां बेचीं। इसमें घरेलू बिक्री 42,416 यूनिट और निर्यात 16,286 यूनिट रही जो सालाना आधार पर 26.5% अधिक है। यह दर्शाता है कि भारत में बनी हुंडई कारों की मांग देश और विदेश दोनों जगह लगातार मजबूत है।

दिसंबर रहा बेहद खास

टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने दिसंबर 2025 में बिक्री 39,333 यूनिट दर्ज की जो पिछले साल के 29,529 यूनिट की तुलना में 33% अधिक है। घरेलू बिक्री 34,157 यूनिट और निर्यात 5,176 यूनिट रही। किआ इंडिया की बिक्री दिसंबर में दो गुना बढ़कर 18,659 यूनिट हो गई जबकि स्कोडा ऑटो इंडिया ने पूरे साल 2025 में कुल 72,665 यूनिट बेचीं। JSW MG Motor की बिक्री सालाना 19% बढ़कर 70,554 यूनिट हुई और ऑडी इंडिया ने 2025 में 4,510 लक्जरी वाहन बेचे।

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