PFC बॉण्ड क्यों बन रहा पसंदीदा विकल्प, एक क्लिक में बटोरें सारी जानकारी

PFC बॉण्ड में निवेश करना FD से बेहतर हो सकता है। जानें PFC जीरो कूपन बॉण्ड (ZCB) की अवधि, रिटर्न, टैक्स कटौती के बाद नेट रिटर्न और बीच में बेचकर पैसा निकालने की सुविधा। सुरक्षित और फायदेमंद निवेश के लिए पूरी जानकारी पढ़ें।

PFC Bond
PFC Bond
locationभारत
userअसमीना
calendar23 Jan 2026 02:01 PM
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निवेशक जो सुरक्षित और फायदेमंद निवेश की तलाश में हैं उनके लिए पब्लिक सेक्टर कंपनी पावर फाइनैंस कॉर्पोरेशन (PFC) के जीरो कूपन बॉण्ड (ZCB) एक अच्छा विकल्प साबित हो सकते हैं। ये बॉण्ड 10 साल और 1 महीने की अवधि के लिए हैं। यदि आप जोखिम कम रखते हुए अच्छा रिटर्न चाहते हैं, तो यह निवेश आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। ET के अनुसार, PFC के इस पब्लिक इश्यू में निवेश करने की आखिरी तारीख 30 जनवरी है। इसके अलावा, ये बॉण्ड स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होंगे यानी जरूरत पड़ने पर इन्हें बीच में भी बेचकर पैसा निकाला जा सकता है।

PFC बॉण्ड की खासियत

इन बॉण्ड में निवेश करने वाले आम निवेशक 50,780 रुपये में एक बॉण्ड खरीद सकते हैं। 10 साल और 1 महीने बाद उन्हें यह बॉण्ड 1 लाख रुपये वापस देगा। इस हिसाब से सालाना लगभग 6.95% का मुनाफा मिलेगा जो टैक्स कटने के बाद करीब 6.04% रह जाता है।जो निवेशक 10 लाख रुपये या उससे अधिक निवेश करते हैं उनके लिए बॉण्ड की कीमत 51,263 रुपये होगी और टैक्स कटने के बाद रिटर्न करीब 5.96% रह जाता है।

FD के मुकाबले रिटर्न

जानकारों का मानना है कि PFC बॉण्ड बैंक एफडी से बेहतर रिटर्न दे रहे हैं। उदाहरण के लिए, SBI की 10 साल की FD पर 6.05% ब्याज मिलता है। लेकिन ऊंचे टैक्स स्लैब वाले निवेशकों के लिए टैक्स कटने के बाद यह सिर्फ 4.24% रह जाता है। वहीं, टैक्स-फ्री बॉण्ड पर भी मुनाफा 5.1% से 5.15% के बीच रहता है। इस हिसाब से PFC बॉण्ड टैक्स के बाद भी FD से बेहतर रिटर्न दे रहे हैं।

बाजार की स्थिति और भविष्य

सिनर्जी कैपिटल के एमडी विक्रम दलाल का मानना है कि अगले 12 से 18 महीनों में यदि ब्याज दरें 0.25% से 0.50% तक गिरती हैं तो इन बॉण्ड की वैल्यू बढ़ सकती है। इसका मतलब है कि निवेशक न केवल तय रिटर्न पाएंगे बल्कि यदि जरूरत पड़े तो बीच में बेचकर अतिरिक्त मुनाफा भी कमा सकते हैं।

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MSME और स्टार्टअप्स के लिए सुनहरा मौका, भारत आ रही सैकड़ों नौकरियां!

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) जल्द ही लागू होने वाला है। इस डील से भारत के एक्सपोर्ट में तेजी आएगी। यूरोप के बड़े मार्केट में भारतीय उत्पाद कम या बिना टैक्स के प्रवेश कर पाएंगे। इससे टेक्सटाइल, फार्मा, आईटी, सर्विसेज और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को फायदा होगा।

India and UE
India‑EU FTA
locationभारत
userअसमीना
calendar23 Jan 2026 11:57 AM
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भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच लंबे समय से चली आ रही व्यापार बातचीत अब अपने अंतिम चरण में है। 27 जनवरी 2026 को दोनों पक्ष इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) का ऐलान कर सकते हैं। यह समझौता न सिर्फ भारत के व्यापार को बढ़ावा देगा, बल्कि लाखों नई नौकरियों और निवेश के अवसर भी पैदा करेगा। आइए जानते हैं कि इस डील से भारत को क्या-क्या फायदे मिल सकते हैं।

भारत का बड़ा मार्केट

यूरोपीय संघ में करीब 450 मिलियन लोग रहते हैं और इसका अर्थव्यवस्था $20 ट्रिलियन से भी बड़ी है। 2024–25 में भारत और EU के बीच व्यापार $136.5 अरब था, जिसमें भारत का एक्सपोर्ट $75.8 अरब और इंपोर्ट $60.7 अरब रहा। FTA के बाद भारतीय उत्पादों को यूरोप में कम या बिना टैक्स के प्रवेश मिलेगा। इसका मतलब है कि भारत का EU में व्यापार $200–250 अरब तक बढ़ सकता है।

एक्सपोर्ट में तेजी

FTA से यूरोप में भारतीय उत्पादों पर इंपोर्ट ड्यूटी कम या खत्म हो जाएगी। इससे टेक्सटाइल, रेडीमेड गारमेंट्स, फार्मा, चमड़ा, जूते, ज्वेलरी, IT और सर्विस सेक्टर के एक्सपोर्ट में तेजी आएगी। इसके अलावा यूरोप अमेरिका पर निर्भरता कम करने के लिए भारत से हथियार और डिफेंस इक्विपमेंट खरीद सकता है।

Make in India को बढ़ावा

FTA के बाद भारत में बने प्रोडक्ट्स यूरोप भेजे जा सकेंगे और यूरोप से कच्चा माल आने की संभावना भी बढ़ेगी। इससे उत्पादन लागत कम होगी और नई फैक्ट्रियां खुलेंगी। बड़े निवेश के साथ-साथ टेक्नोलॉजी ट्रांसफर भी आसान होगा जिससे ‘Make in India’ अभियान को मजबूती मिलेगी।

नई नौकरियों के अवसर

इस डील से मैन्युफैक्चरिंग, IT, डिजिटल सर्विस, लॉजिस्टिक्स और MSME सेक्टर में लाखों नई डायरेक्ट और इनडायरेक्ट नौकरियों के अवसर पैदा होंगे। युवा पेशेवरों और स्टार्टअप्स के लिए यह सुनहरा अवसर होगा।

यूरोप में भारतीय कंपनियों की एंट्री

FTA नॉन-टैरिफ बैरियर्स को कम करेगा जिससे भारतीय कंपनियां यूरोप में आसानी से अपना व्यवसाय बढ़ा सकेंगी। इसके साथ ही भारतीय पेशेवरों के लिए यूरोप में काम करने के अवसर भी बढ़ेंगे।

चीन पर निर्भरता कम

भारत लंबे समय से चीन पर निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहा है। यूरोप के साथ FTA के बाद भारत को भरोसेमंद सप्लाई चेन पार्टनर बनने का मौका मिलेगा। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, रिन्यूएबल एनर्जी और ग्रीन हाइड्रोजन में नई फंडिंग की संभावनाएं भी खुलेंगी।

यूरोपीय निवेश से फायदा

यूरोप अब तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में निवेश करने की दिशा में देख रहा है। भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होने के कारण यूरोपीय निवेशकों के लिए आकर्षक मार्केट बन सकता है। इससे स्टार्टअप्स और नई कंपनियों को लाभ मिलेगा।

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Gold Silver Price में भूचाल, कीमतों में आया बड़ा बदलाव

Gold Silver Price Today: Gold Silver Price Today को लेकर बाजार में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। MCX और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना चांदी के ताजा भाव, रिकॉर्ड हाई और तेजी के पीछे की वजहों की पूरी जानकारी यहां पढ़ें। निवेशकों के लिए यह अपडेट बेहद अहम है।

Gold and Silver Rate Today
आज की सोने-चांदी की कीमत
locationभारत
userअसमीना
calendar23 Jan 2026 10:08 AM
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पिछले कुछ दिनों से सोना और चांदी के दामों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा था। कल आई तेज गिरावट ने निवेशकों को चिंता में डाल दिया था खासकर चांदी को लेकर यह डर था कि कहीं इसके भाव फिर से 3 लाख रुपये प्रति किलो के नीचे न चले जाएं लेकिन आज यानी 23 जनवरी 2026 (शुक्रवार) को बाजार का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आया। सोना और चांदी दोनों ने जोरदार रिकवरी की और सोना तो अपने ऑल-टाइम हाई स्तर तक पहुंच गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना-चांदी का हाल

अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो आज कॉमेक्स (COMEX) पर सोने की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। गोल्ड का भाव बढ़कर $4,964 प्रति औंस तक पहुंच गया वहीं चांदी $96.505 प्रति औंस के स्तर पर कारोबार करती नजर आई यह तेजी साफ तौर पर दिखाती है कि वैश्विक स्तर पर निवेशक एक बार फिर सुरक्षित निवेश की ओर लौट रहे हैं।

MCX पर भारत में आज सोना-चांदी के भाव

भारत में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर गुरुवार को दिनभर भारी दबाव देखने को मिला था। कीमतें लगातार गिर रही थीं लेकिन बाजार बंद होने से पहले जोरदार रिकवरी आई। चांदी का भाव बढ़कर ₹3,26,500 प्रति किलो हो गया वहीं सोना ₹1,56,540 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ। इस रिकवरी ने घरेलू निवेशकों को काफी राहत दी है।

आखिर क्यों लौटी सोना-चांदी में तेजी?

सोना-चांदी में आई इस तेजी के पीछे कई अहम वजहें हैं। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड को लेकर अपने फैसले से पीछे हटने और यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की योजना टालने से बाजार में थोड़ी राहत आई थी जिस कारण एक दिन के लिए कीमतों में गिरावट देखी गई। लेकिन इसके बाद अमेरिका के उपभोक्ता खर्च और रोजगार से जुड़े मजबूत आंकड़ों ने डॉलर पर दबाव बना दिया। इसके अलावा, फेडरल रिजर्व पर ब्याज दरों को लेकर दबाव, भू-राजनीतिक तनाव अभी पूरी तरह खत्म न होना, अमेरिकी डॉलर में कमजोरी इन सभी कारणों से सोना और चांदी एक बार फिर रिकॉर्ड स्तरों की ओर बढ़ गए।

निवेश से पहले यह जरूर ध्यान रखें

सोना और चांदी में निवेश करने से पहले मौजूदा कीमतों की जांच करना बेहद जरूरी है। हर शहर में टैक्स, मेकिंग चार्ज और मांग के हिसाब से दाम अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए ज्वेलरी खरीदने से पहले अपने शहर के लेटेस्ट रेट जरूर पता करें।