
Noida News : लोगों को ठगने के लिए ठगों द्वारा रोजाना नए नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। इन्हीं तरीकों में एक है 'साइबर ठगी'। साइबर ठगों का जाल इतना लंबा चौड़ा है कि वह कब किसे और किस रुप में ठग ले, कुछ पता ही नहीं चलता। बदलते समय के साथ साइबर ठगों ने अपने कार्य करने के तौर तरीकों में भी बदलाव कर लिया है। ठगी करने के लिए अब वह उस 'प्वाइंट' को टारगेट करते हैं, जो प्वाइंट आपकी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा हुआ है। वह ऐसा ड्रीम क्रिएट करते हैं, जिसे सुनते ही आप तुरंत साइबर ठगों के जाल में फंस जाते हैं।
यदि आप भी साइबर ठगी का शिकार हुए हैं तो घबराने की बिल्कुल भी जरुरत नहीं हैं। आज हम यहां पर आपको कुछ ऐसे टिप्स बताने जा रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप साइबर ठग द्वारा ठगे गए आपके सारे के सारे पैसे वापस मिल जाएंगे साथ ही ठग भी पुलिस की गिरफ्त में आ सकता है।
1. यदि आप साइबर ठगी का शिकार हुए हैं तो बिल्कुल न घबराएं और जितना जल्दी हो सके अपने निकटवर्ती पुलिस थाना या साइबर क्राइम ब्रांच को सूचना दें। इससे ये होगा कि पुलिस या साइबर क्राइम ब्रांच में कार्यरत कर्मचारी तुरंत उस बैंक को सूचित करेंगे, जिस बैंक एकाउंट में आपके खाते से पैसा ट्रांसफर हुआ है।
2. संबंधित बैंक अधिकारी तुरंत साइबर ठग के बैंक एकाउंट को सीज कर देंगे, जिससे वह आपसे ठगी की गई रकम का विल्ड्राल नहीं कर सकेगा।
3. साइबर ठगी होने के तुरंत बाद दर्ज कराई गई रिपोर्ट को गोल्डन टाइम एक्शन माना जाता है। इस गोल्डन टाइम की अवधि 24 घंटे होती है। इस दौरान दर्ज कराई गई शिकायत के बाद पैसे वापस आने की संभावना करीब 90% होती है।
4. इसलिए अगर आपके या आपके किसी संबंधित व्यक्ति के साथ साइबर क्राइम होता है तो तत्काल स्थानीय कोतवाली या साइबर सेल में जाकर अपनी शिकायत दर्ज करवाएं।
5. साइबर ठगी होने की स्थिति में आपको तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करनी चाहिए। शिकायत दर्ज करने के बाद आपके पैसे के दोबारा मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है। यह नंबर गृह मंत्रालय के साइबर क्राइम पोर्टल का सेंट्रलाइज नंबर है। जो पूरे देशभर में लागू है। साथ ही गृह मंत्रालय के साइबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in पर कंप्लेंट करें।
1. किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना ओटीपी शेयर न करें।
2. किसी भी अनजान व्यक्ति से अपनी व्यक्ति जानकारी जैसे पहचान पत्र नंबर, पेन कार्ड नंबर शेयर न करें।
3. किसी भी अनजान व्यक्ति को अपनी बैंक डिटेल शेयर न करें।
4. व्हाटसऐप या अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से खुद को आपका रिश्तेदार या मित्र बताकर रुपयों की मांग करता है तो तुरंत कोई फैसला न ले। हो सके तो यदि खुद को आपका मित्र या रिश्तेदार बताकर रुपये मांगने वाला पैसा मांगता है तो ऐसे में रुपये न दें।
5. यदि वास्तव में आपका कोई परिचित परेशान है तो उससे व्यक्तिगत मुलाकात करके मदद करें ताकि आपको भी पता चला जाए कि सोशल मीडिया के माध्यम से रुपये मांगने वाला व्यक्ति आपका रिश्तेदार अथवा परिचित है या नहीं।
यूपी साइबर सेल एसपी आईपीएस त्रिवेणी सिंह ने बताते हैं कि अगर आपके पास किसी अनजान व्यक्ति का कॉल आए तो उससे सावधानीपूर्वक बात करें। अगर कभी भी पैसों की बात आती है तो सोच समझकर ही फैसला लें। अधिकतर देखा जाता है कि साइबर क्रिमिनल अपने आपको आपका रिश्तेदार या दोस्त बताकर पैसे मांगते हैं, लेकिन आपको इस बात की सावधानी बरतनी है कि पैसों की बात आने पर आप अलर्ट हो जाएं।
आपको बता दें कि पिछले 4 सालों में सैकड़ों लोगों के साथ साइबर क्राइम हुआ है। जिनमें से नोएडा पुलिस और यूपी साइबर सेल ने 146 लोगों के करीब 7 करोड़ रुपए वापस करवाए हैं। नोएडा पुलिस के द्वारा लगातार अभियान चलाकर लोगों को साइबर क्राइम के प्रति जागरूक किया जा रहा है। नोएडा में साइबर सेल की भी स्थापना हुई है। Noida News