आबकारी नीति मामले में राहत के बाद आप पार्टी का तगड़ा हमला

प्रतिक्रिया देते हुए आप पार्टी ने कहा कि इस ऐतिहासिक फैसले ने मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा की झूठ और राजनीतिक दुश्मनी पर आधारित गंदी राजनीति को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। पार्टी ने आरोप लगाया, "वे अपने उन राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को खत्म करना चाहते थे।

Aap Party keriwal cort
कोर्ट ने दिल्ली आबकारी नीति को बताया 'साफ' (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar28 Feb 2026 02:13 PM
bookmark

AAP Party : दिल्ली आबकारी नीति मामले में सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले के बाद आम आदमी पार्टी (आप) ने बड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला है। पार्टी ने कोर्ट के फैसले को 'ऐतिहासिक' बताते हुए इसे 'सच्चाई की जीत और तानाशाही की हार' करार दिया है। आप का दावा है कि यह मामला पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को जेल भेजने की एक गहरी साजिश थी, जो आज नाकाम हो गई है।

मोदी सरकार और कांग्रेस पर 'तमाचा'

आप पार्टी ने कहा कि तथाकथित दिल्ली आबकारी घोटाला मामले को खारिज करने वाला यह फैसला मोदी सरकार के मुंह पर करारा तमाचा है। पार्टी के प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी को खत्म करने के इरादे से भाजपा के साथ साठगांठ करने वाली कांग्रेस पार्टी के लिए भी यह फैसला झूठा साबित होने वाला है। पार्टी ने कहा, "अदालत का 598 पन्नों का फैसला इस मामले को मुकदमे के लायक भी नहीं मानता। यह पार्टी के उस लगातार स्टैंड को सही साबित करता है कि यह मामला आप पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को जेल भेजने की एक गहरी साजिश थी। अरविंद केजरीवाल और उनके साथियों की ईमानदार छवि को खराब करने की जो हताश कोशिश की गई थी, वह आज नाकाम हो गई है।"

'बेनकाब हुई भाजपा की गंदी राजनीति'

प्रतिक्रिया देते हुए आप पार्टी ने कहा कि इस ऐतिहासिक फैसले ने मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा की झूठ और राजनीतिक दुश्मनी पर आधारित गंदी राजनीति को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। पार्टी ने आरोप लगाया, "वे अपने उन राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को खत्म करना चाहते थे जिन्हें मोदी और उनके साथी चुनावों या जनता की अदालत में नहीं हरा सकते थे।" केंद्रीय एजेंसियों पर सवाल उठाते हुए आप ने कहा कि कोर्ट के फैसले ने पहले से ही दागदार केंद्रीय एजेंसियों की साख को और भारी ठेस पहुंचाई है। पार्टी ने कहा, "ये एजेंसियां अपने राजनीतिक आकाओं की सेवा करने के लिए अपनी पेशेवर ईमानदारी से पूरी तरह समझौता कर चुकी हैं। आबकारी मामले में सीबीआई पर की गई टिप्पणियों से साफ है कि देश की इस प्रमुख जांच एजेंसी को इतना बदनाम करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।"

कांग्रेस और अधिकारियों पर निशाना

आप पार्टी ने कांग्रेस पर भी कोई नहीं सोचा। पार्टी ने कहा, "अदालत के फैसले से मोदी जी की बीजेपी के साथ-साथ कांग्रेस भी पूरी तरह बेनकाब हो गई है। यह कांग्रेस ही थी जिसने काल्पनिक आरोपों के साथ इस मनगढ़ंत मामले की शुरुआत की थी और आम आदमी पार्टी को राजनीतिक रूप से खत्म करने की गुप्त सहमति के तहत इसे बीजेपी को सौंप दिया गया था।"

इसके अलावा, दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना और पूर्व मुख्य सचिव नरेश कुमार को भी निशाने पर लेते हुए आप ने कहा कि फैसले को पढ़ने से यह साफ हो जाता है कि बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व के गुर्गे बेहद अक्षम साबित हुए। उन्हें बड़े पैमाने पर झूठ गढ़कर अरविंद केजरीवाल सरकार को अस्थिर करने का काम सौंपा गया था, लेकिन उनके द्वारा सीबीआई को परोसा गया झूठ अदालत में आरोप पत्र के संज्ञान की सीमा भी पार नहीं कर सका।

'कोई लाभ नहीं पहुंचाया गया'

आप पार्टी ने अदालत के फैसले का हवाला देते हुए दावा किया कि अदालत ने अपने फैसले में जोर देकर स्पष्ट किया है कि कोई भी आपसी लेन-देन नहीं हुआ था और न ही किसी भी संस्था या व्यक्ति को लाभ पहुंचाने का कोई प्रयास किया गया था। पार्टी ने कहा, "तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल या उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ किसी भी गलत काम से जोड़ने का कोई सबूत नहीं था।" पार्टी ने पुनः इस बात पर जोर दिया कि आम आदमी पार्टी 'कट्टर ईमानदार' है और यह फैसला उनकी ईमानदारी की पुष्टि करता है। AAP Party

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

दिल्ली जा रहे है! निकलने से पहले देख लें ट्रैफिक एडवाइजरी, नहीं तो फंस जाएंगे

शनिवार, 28 फरवरी 2026 को दिल्ली के JLN स्टेडियम में पंजाबी सिंगर करण औजला का लाइव कॉन्सर्ट आयोजित किया जा रहा है। ‘P-POP कल्चर इंडिया टूर 2026’ का यह शो 4 बजे शाम से 10 बजे रात तक चलेगा। अनुमान है कि 45–50 हजार फैंस स्टेडियम पहुंचेंगे, ऐसे में आसपास की सड़कों पर भारी दबाव तय माना जा रहा है।

दिल्ली पुलिस ट्रैफिक एडवायजरी
दिल्ली पुलिस ट्रैफिक एडवायजरी
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar28 Feb 2026 10:58 AM
bookmark

Delhi News : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। दिल्ली से जुड़ी यह बड़ी खबर राजधानी दिल्ली के अतरिक्त एनसीआर के लोगो के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। दिल्ली और NCR के लोगों के लिए आज का दिन ट्रैफिक के लिहाज से बेहद अहम रहने वाला है। शनिवार, 28 फरवरी 2026 को दिल्ली के JLN स्टेडियम में पंजाबी सिंगर करण औजला का लाइव कॉन्सर्ट आयोजित किया जा रहा है। ‘P-POP कल्चर इंडिया टूर 2026’ का यह शो 4 बजे शाम से 10 बजे रात तक चलेगा। अनुमान है कि 45–50 हजार फैंस स्टेडियम पहुंचेंगे, ऐसे में आसपास की सड़कों पर भारी दबाव तय माना जा रहा है। इसी कारण दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के साथ यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए हैं और लोगों के लिए ट्रैफिक एडवायजरी भी जारी की है।

स्टेडियम एंट्री: किसे किस गेट से मिलेगा प्रवेश?

ट्रैफिक पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित रखने और दर्शकों की आवाजाही आसान बनाने के लिए JLN स्टेडियम में एंट्री गेट्स का अलग-अलग प्लान जारी किया है। आम दर्शकों के लिए गेट नंबर 2, 6, 8, 13, 14 और 21 तय किए गए हैं। वहीं VIP एंट्री केवल गेट नंबर 13 से होगी। कार्यक्रम से जुड़े कलाकार, आयोजक और टीम मेंबर्स को गेट नंबर 6 से प्रवेश दिया जाएगा। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए गेट नंबर 1 और 10 को पूरी तरह इमरजेंसी रिजर्व रखा गया है।

इन जगहों पर ट्रैफिक डायवर्जन की संभावना

करण औजला के लाइव कॉन्सर्ट के दौरान JLN स्टेडियम और आसपास के इलाकों में वाहनों का दबाव बढ़ना तय माना जा रहा है। इसी वजह से ट्रैफिक पुलिस ने कुछ अहम चौराहों और कट-पॉइंट्स पर डायवर्जन/रिस्ट्रिक्शन लागू करने की तैयारी की है। एडवायजरी के मुताबिक JLN रेड लाइट पर जरूरत पड़ने पर ट्रैफिक डायवर्ट किया जा सकता है। वहीं सेवा नगर बस डिपो रेड लाइट पर B.P. मार्ग से आने वाले वाहन JLN लाल बत्ती पर मेहरचंद मार्केट की दिशा में मोड़े जाएंगे। 5th एवेन्यू रोड (डबल स्टोरी मार्केट/धोबी घाट) से आने वाले वाहनों को JLN सर्विस रोड की ओर जाने की अनुमति नहीं होगी और उन्हें 5th एवेन्यू रोड पर U-टर्न लेना पड़ेगा। इसी तरह प्रगति विहार रेड लाइट पर लोधी रोड से आने वाला ट्रैफिक आगे नहीं बढ़ पाएगा वाहनों को वहीं से U-टर्न कराकर वापस भेजा जाएगा। इसके अलावा लाला लाजपत राय मार्ग टी-पॉइंट पर SCOPE कॉम्प्लेक्स की तरफ लेफ्ट टर्न बंद रहेगा और वाहनों को सीधे लोधी फ्लाईओवर की ओर निकाला जाएगा। JLN गेट नंबर-5 के पास बारापुला कट पर INA/त्यागराज स्टेडियम की ओर से आकर लाला लाजपत राय मार्ग जाने वाले वाहन JLN सर्विस रोड का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे उन्हें सीधे बारापुला की तरफ भेजा जाएगा। वहीं जंगपुरा मेट्रो स्टेशन/सूचना भवन टी-पॉइंट पर भी सूचना भवन/स्कोप कॉम्प्लेक्स की ओर बाएं मुड़ने की अनुमति नहीं होगी और ट्रैफिक को लोधी फ्लाईओवर की तरफ डायवर्ट किया जाएगा।

आम लोगों के लिए जरूरी सलाह (Traffic Tips)

आज शाम दिल्ली में जाम से बचना है तो रूट चुनने में समझदारी जरूरी है। ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक B.P. मार्ग, लोधी रोड और JLN स्टेडियम एरिया में भीड़ और वाहनों का दबाव बढ़ सकता है, इसलिए इन रास्तों से पीक टाइम में दूरी बनाना बेहतर होगा। खासकर एयरपोर्ट/रेलवे स्टेशन/हॉस्पिटल जाने वाले लोग पहले से यात्रा की योजना बनाकर चलें। कॉन्सर्ट देखने जा रहे दर्शकों को सलाह दी गई है कि वे कार की बजाय वायलेट लाइन वाले JLN स्टेडियम मेट्रो स्टेशन का इस्तेमाल करें।

पार्किंग प्लान: गाड़ी कहां खड़ी करें?

ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक पार्किंग को लेकर भी स्पष्ट व्यवस्था तय की गई है। VIP वाहनों की पार्किंग स्टेडियम के गेट नंबर 1 के भीतर वेस्ट ब्लॉक के ओपन स्पेस एरिया में होगी। वहीं आम दर्शकों के लिए पार्किंग सेवा नगर बस डिपो, सुनहरी पुल्ला बस डिपो, CGO कॉम्प्लेक्स, SCOPE कॉम्प्लेक्स और JLN स्टेडियम के गेट नंबर 7 से 9 के आसपास उपलब्ध रहेगी। आयोजकों का कहना है कि दर्शकों की सुविधा के लिए इन पार्किंग स्लॉट्स को पहले से बुक/रिजर्व किया जा चुका है।

शाम 4 से रात 11 बजे तक रहेगी पाबंदी

एडवायजरी के मुताबिक 28 फरवरी को शाम 4 बजे से रात 11 बजे के बीच JLN स्टेडियम रेड लाइट से B.P. मार्ग तक भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी। इसका उद्देश्य ट्रैफिक रुकावट और जाम की स्थिति से बचना है। लोगों से अपील है कि इस समयावधि में B.P. मार्ग, लोधी रोड, JLN स्टेडियम एरिया और तय पार्किंग लॉट तक जाने वाली सड़कों पर अनावश्यक आवाजाही न करें और डायवर्जन का पालन करें।

इमरजेंसी वाहनों को रहेगी पूरी छूट

जाम और पाबंदियों के बीच भी इमरजेंसी सेवाएं सबसे ऊपर रहेंगी। दिल्ली पुलिस के मुताबिक एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य जरूरी सेवाओं के वाहन प्रतिबंधित मार्गों पर भी बिना किसी रुकावट के आ-जा सकेंगे। लेकिन तेजी और सुरक्षा के लिहाज से इन वाहनों को भी B.P. मार्ग व लोधी रोड से दूरी बनाकर वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है, ताकि किसी भी कीमती मिनट का नुकसान न हो। Delhi News

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

अरविंद केजरीवाल के विरूद्ध दिल्ली हाईकोर्ट पहुंची CBI

निचली अदालत के द्वारा अरविंद केजरीवाल को बरी करने के आदेश के विरूद्ध सीबीआई(CBI) ने दिल्ली के हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा दिया है। दिल्ली हाईकोर्ट में CBI ने अरविंद केजरीवाल को बरी करने का विरोध किया है। यह समाचार लिखे जाने तक हाईकोर्ट में CBI की प्रार्थना पर सुनवाई चल रही थी।

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar27 Feb 2026 05:40 PM
bookmark

Delhi News : दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के मामले में अचानक बड़ा मोड़ आ गया है। निचली अदालत के द्वारा अरविंद केजरीवाल को बरी करने के आदेश के विरूद्ध सीबीआई(CBI) ने दिल्ली के हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा दिया है। दिल्ली हाईकोर्ट में CBI ने अरविंद केजरीवाल को बरी करने का विरोध किया है। यह समाचार लिखे जाने तक हाईकोर्ट में CBI की प्रार्थना पर सुनवाई चल रही थी।

अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर लगाया बड़ा आरोप

इससे पहले पत्रकारों से बात करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी के विरूद्ध PM मोदी तथा अमित शाह ने आजाद भारत का सबसे बड़ा राजनीतिक षडय़ंत्र रचा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आम आदमी पार्टी को समाप्त करने के लिए दोनों ने मिलकर आजाद भारत का यह सबसे बड़ा षडय़ंत्र रचा था। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि शराब घोटाले का फर्जी मामला बनाकर आम आदमी पार्टी के सभी बड़े नेताओं को जेल में डाला गया। दिल्ली जैसे महत्वपूर्ण प्रदेश के मुख्यमंत्री को घसीटकर जेल में भेजा गया। उन्होंने कहा कि अदालत के फैसले से यह साफ हो गया है कि आम आदमी पार्टी ने कोई घोटाला नहीं किया था।

अरविंद केजरीवाल को निचली अदालत ने किया बरी

दिल्ली के बहुचर्चित शराब घोटाले में शुक्रवार का दिन फैसले का दिन था। दिल्ली की राउज एवन्यु कोर्ट ने सीबीआई की चार्जशीट को बेहद कमजोर मानते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल को बरी कर दिया। केजरीवाल के साथ उनके कैबिनेट सहयोगी रहे मनीष सिसौदिया और तेलंगाना के पूर्व सीएम केसीआर की बेटी के कविता को भी शराब घोटाले के आरोपों से दोषमुक्त कर दिया है। इस मामले के कुल 23 आरोपी बरी हुई हैं, लेकिन इसे सबसे बड़ी राहत अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी के लिए मानी जा रहा है। जिन्होंने इस शराब घोटाले के चलते काफी कुछ राजनीतिक और व्यक्तिगत रूप से खोया और सहा। कोर्ट ने शराब घोटाले पर अपने फैसले में कुछ बेहद कड़े तर्क दिए हैं, जिसने जांच एजेंसियों की थ्योरी पर सवाल खड़े कर दिए। स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने कहा कि इतनी कमजोर चार्जशीट उन्होंने पहले कभी नहीं देखी।. हम चार्जशीट फाइल से बात करते हैं, जहां हमारे सवालों का फाइल जवाब देती है। लेकिन CBI की चार्जशीट फाइल हमारे सवालों को लेकर खामोश रही।

अरविंद केजरीवाल के फैसले में अदालत ने कही बड़ी बात

अरविंद केजरीवाल तथा उनके सहयोगियों को बरी करते हुए अदालत ने अनेक बड़ी बातें कही हैं। इस मामले में अदालत ने कहा कि CBI यह साबित करने में नाकाम रही कि केजरीवाल ने जानबूझकर समन की अनदेखी की। समन भेजने के तरीके (जैसे ईमेल)। को भी कोर्ट ने पूरी तरह कानूनी नहीं माना। कोर्ट ने यहां तक कि केजरीवाल का नाम बिना सबूत के जोड़ा गया। मुख्य आरोपी कुलदीप सिंह को बरी करते हुए जज ने कहा कि हैरानी की बात है कि पहले आरोपी के खिलाफ ही कोई ठोस सामग्री नहीं है। अदालत ने साफ कहा कि शराब माफिया से आम आदमी पार्टी के नेताओं तक पैसा पहुंचने के सबूत 'बिखरे' हुए हैं। यानी जांच एजेंसियां पैसों के लेनदेन की वह कड़ी नहीं जोड़ पाईं जो किसी को दोषी ठहराने के लिए जरूरी होती है। कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष अपना मामला 'संदेह से परे' साबित नहीं कर सका, इसलिए आरोपियों को दोषमुक्त किया जाना चाहिदिल्ली शराब घोटाले को बताया गया था सबसे बड़ा घोटाला। जिस शराब घोटाले के मामले में अरविंद केजरीवाल बरी हुए हैं उस घोटाले को दिल्ली का सबसे बड़ा घोटाला बताया गया था। लम्बे समय तक मीडिया ने शराब घोटाले को दिल्ली के इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला कहकर प्रचारित किया था। शुरुआत में जब यह मामला उठा, तो इसे सैकड़ों-हजारों करोड़ का घोटाला बताया गया। दिल्ली के उप-राज्यपाल को सौंपी गई रिपोर्ट में करीब 580 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान की बात कही गई थी। जांच एजेंसियों ने आरोप लगाया था कि नई आबकारी नीति के जरिए शराब व्यापारियों को करीब 12% का मुनाफा सुनिश्चित किया गया, जिसके बदले में 'साउथ ग्रुप' से 100 करोड़ रुपये की रिश्वत (किकबैक) ली गई। ED का दावा था कि इस रिश्वत के पैसे में से करीब 45 करोड़ रुपये का इस्तेमाल आम आदमी पार्टी ने गोवा विधानसभा चुनाव में किया

अरविंद केजरीवाल के राजनीतिक पतन का कारण बना शराब घोटाला

यह चर्चित शराब घोटाला दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) के पतन का कारण बन गया। आम आदमी पार्टी के लिए सबसे मुश्किल दौर तब आया जब उसके शीर्ष नेता एक-एक कर जेल चले गए।

मनीष सिसोदिया : आबकारी विभाग के प्रभारी होने के नाते उन्हें फरवरी 2023 में गिरफ्तार किया गया। वे लगभग 17 महीने जेल में रहे।

संजय सिंह: राज्यसभा सांसद संजय सिंह को अक्टूबर 2023 में गिरफ्तार किया गया और वे करीब 6 महीने जेल में रहे।

अरविंद केजरीवाल : उन्हें 21 मार्च 2024 को गिरफ्तार किया गया. बीच में लोकसभा चुनाव 2024 में प्रचार के लिए उन्हें अंतरिम जमानत मिली, लेकिन कुल मिलाकर उन्होंने करीब 5-6 महीने जेल में बिताए. इस दौरान उन्होंने जेल से सीएम पद संभाला और दिल्ली की सरकार चलाई। जमानत के संघर्ष के दौरान अलग-अलग अदालतों ने समय-समय पर सख्त बातें भी कहीं। जमानत खारिज करते हुए शुरुआती दौर में दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा था कि जांच एजेंसियों के पास गिरफ्तारी के लिए पर्याप्त आधार हैं और इसे राजनीति से प्रेरित नहीं कहा जा सकता। हालांकि, बाद में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी को अनिश्चित काल के लिए जेल में नहीं रखा जा सकता क्योंकि 'जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार' सर्वोपरि है। कोर्ट ने ED के 'सरकारी गवाह' बनाने के तरीके पर भी सवाल उठाए थे। इस घोटाले ने विपक्षी दलों को केजरीवाल पर हमला करने का सबसे बड़ा हथियार दे दिया। भाजपा ने केजरीवाल को 'भ्रष्टाचार का पोस्टर बॉय' करार दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग लोकपाल की बात करते थे, वे आज शराब माफिया के साथ खड़े हैं। दिल्ली कांग्रेस ने तो शुरुआत में इस घोटाले की शिकायत ही दर्ज कराई थी। राहुल गांधी ने भी केजरीवाल को इस घोटाले का 'आर्किटेक्ट' बताया था, हालांकि बाद में इंडिया गठबंधन के चलते सुर थोड़े नरम पड़ा।

आम आदमी पार्टी के लिए बहुत हानिकारक साबित हुआ शराब घोटाला

शराब घोटाले के दाग ने आम आदमी पार्टी को चुनावी मैदान में काफी नुकसान पहुंचाया। 2024 लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सभी 7 सीटों पर AAP और कांग्रेस का गठबंधन बुरी तरह हार गया। जिसके लिए केजरीवाल कहते हैं कि इस चुनाव जीतने की खातिर आजाद की सबसे साजिश रची गई। टीवी पर 'भ्रष्टाचार' के मुद्दे पर रोजाना डिबेट चलाई गई। AAP की 'कट्टर ईमानदार' वाली छवि को गहरा धक्का लगा। केजरीवाल को यह साबित करने के लिए संघर्ष करना पड़ा कि वे निर्दोष हैं। घोटाले के आरोपों और जेल जाने के नैतिक दबाव के चलते अरविंद केजरीवाल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। उन्हें अपनी जगह आतिशी को मुख्यमंत्री बनाना पड़ा ताकि वे जनता की अदालत में जाकर खुद को निर्दोष साबित करने की अपील कर सकें। लेकिन दिल्ली विधानसभा चुनाव में उनकी कोई दलील वोटर के सामने नहीं चली। केजरीवाल और मनीष सिसौदिया, दोनों अपना चुनाव हार गए।

फिर से कानूनी लड़ाई शुरू

भले ही निचली अदालत ने केजरीवाल को राहत दी हो, लेकिन इस घोटाले ने आम आदमी पार्टी की राजनीतिक दिशा बदल दी। एक समय पूरे देश में विस्तार का सपना देखने वाली पार्टी आज अपनी साख बचाने की लड़ाई लड़ रही है। केजरीवाल के लिए यह केवल कानूनी लड़ाई नहीं, बल्कि अपनी राजनीतिक विरासत को फिर से खड़ा करने की चुनौती है. पिछले साल फरवरी में दिल्ली चुनाव हार जाने के बाद केजरीवाल लगभग वनवास पर दिल्ली से दूर पंजाब चले गए और वहीं की राजनीति तक सिमट गए। अब कोर्ट से बरी होने के बाद दिल्ली की राजनीति में भव्य एंट्री लेने का मौका मिल गया है। CBI के द्वारा हाईकोर्ट में अपील करने के बाद अरविंद केजरीवाल को इस मामले में एक बार फिर कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ेगी। Delhi News

संबंधित खबरें