दिल्लीवालों सावधान! वोटर लिस्ट की जांच हुई शुरू, अभी जुटा लें दस्तावेज

इसका मकसद मतदाता सूची को क्लीन और अपडेट करना है। इस दौरान दिल्ली छोड़ चुके लोगों के नाम हटाए जा सकते हैं, जबकि नए योग्य मतदाताओं को सूची में जोड़ा जाएगा ताकि चुनावी रिकॉर्ड पूरी तरह दुरुस्त रहे।

दिल्ली वोटर लिस्ट अपडेट
दिल्ली वोटर लिस्ट अपडेट
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar25 Feb 2026 01:54 PM
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Delhi News : दिल्ली के मतदाताओं के लिए एक बड़ा और बेहद अहम अपडेट सामने आया है। अगर आप राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रहते हैं और चाहते हैं कि आपका वोटिंग अधिकार किसी उलझन में न फंसे, तो अब पुराने दस्तावेजों को संभालकर रखना जरूरी हो गया है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के निर्देश पर दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसका मकसद मतदाता सूची को क्लीन और अपडेट करना है इस दौरान दिल्ली छोड़ चुके लोगों के नाम हटाए जा सकते हैं, जबकि नए योग्य मतदाताओं को सूची में जोड़ा जाएगा ताकि चुनावी रिकॉर्ड पूरी तरह दुरुस्त रहे।

क्यों अहम बन गया 2002 का रिकॉर्ड?

निर्वाचन विभाग ने इस विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में वर्ष 2002 की मतदाता सूची को रेफरेंस बेस बनाया है। यानी अगर आप 2002 से पहले से दिल्ली में रह रहे हैं, तो आपके लिए सबसे जरूरी काम यही है कि 2002 वाली वोटर लिस्ट में अपना नाम खोजकर उसका रिकॉर्ड सुरक्षित कर लें। आमतौर पर इस एंट्री में आपका नाम, पिता/पति/अभिभावक का नाम, विधानसभा क्षेत्र, भाग संख्या (Part No.) और क्रम संख्या (Serial No.) जैसी अहम जानकारियां दर्ज होती हैं।

2002 के बाद दिल्ली आने वालों के लिए क्या नियम?

दिल्ली देशभर के लोगों का शहर है, इसलिए दूसरे राज्यों से आकर बसे मतदाताओं के लिए सत्यापन का तरीका थोड़ा अलग रखा गया है। स्वाभाविक है कि अगर आप 2002 के बाद दिल्ली आए हैं, तो आपका नाम दिल्ली की 2002 वाली वोटर लिस्ट में नहीं मिलेगा। ऐसे मामलों में आपको अपने मूल राज्य की उस अवधि की मतदाता सूची/रिकॉर्ड दिखाने की जरूरत पड़ सकती है, जब वहां आखिरी बार गहन पुनरीक्षण (SIR) हुआ था (जैसे 2002, 2003 या 2005)। इसके लिए संबंधित राज्य की CEO वेबसाइट से अपना पुराना डेटा निकालकर सुरक्षित रखें, ताकि BLO के घर-घर सत्यापन के वक्त आप उसे तुरंत उपलब्ध करा सकें और नाम को लेकर कोई उलझन न बने।

घर बैठे ऐसे खोजें अपना रिकॉर्ड

दिल्ली चुनाव कार्यालय ने मतदाताओं के लिए ऑनलाइन सर्च की सुविधा खोल दी है, ताकि लोग घर बैठे 2002 की वोटर लिस्ट में अपना रिकॉर्ड आसानी से ढूंढ सकें। आप नाम के जरिए, पोलिंग स्टेशन के आधार पर या फिर अपने क्षेत्र की पूरी सूची डाउनलोड करके जरूरी विवरण सुरक्षित कर सकते हैं। बेहतर यही है कि जो भी जानकारी मिले, उसका स्क्रीनशॉट या प्रिंट आउट अभी निकालकर रख लें। बता दें कि यह मुहिम सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है। बिहार में यह वोटर लिस्ट क्लीन-अप पहले ही पूरा हो चुका है, जबकि उत्तर प्रदेश, गुजरात, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु समेत कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इसे तेज़ी से आगे बढ़ाया जा रहा है। Delhi News

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केरल के बाद दिल्ली के नाम बदलने की उठी मांग, गृह मंत्रालय तक पहुंची चिट्ठी

भाजपा सांसद खंडेलवाल का कहना है कि राजधानी का नाम बदलना सिर्फ प्रशासनिक फैसला नहीं होगा, बल्कि इससे दिल्ली की “ऐतिहासिक और सभ्यतागत पहचान” को दोबारा स्थापित करने में मदद मिलेगी।

दिल्ली के नाम पर बहस तेज
दिल्ली के नाम पर बहस तेज
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar25 Feb 2026 11:28 AM
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Delhi News : देश के सबसे शिक्षित राज्य केरल के नाम को ‘केरलम’ किए जाने की चर्चा के बाद अब राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का नाम बदलने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। राजधानी दिल्ली के चांदनी चौक से बीजेपी सांसद और कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली का नाम ‘इंद्रप्रस्थ’ किए जाने पर विचार करने का आग्रह किया है। भाजपा सांसद खंडेलवाल का कहना है कि राजधानी का नाम बदलना सिर्फ प्रशासनिक फैसला नहीं होगा, बल्कि इससे दिल्ली की “ऐतिहासिक और सभ्यतागत पहचान” को दोबारा स्थापित करने में मदद मिलेगी।

गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र

प्रवीन खंडेलवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखे पत्र में कहा है कि भारत दुनिया की प्राचीनतम जीवित सभ्यताओं में शामिल है, इसलिए देश की राजधानी का नाम भी उसी गहरे सांस्कृतिक–ऐतिहासिक मूल्यों को प्रतिबिंबित करना चाहिए। उनके मुताबिक ‘इंद्रप्रस्थ’ नाम दिल्ली की प्राचीन विरासत से जुड़ाव को मजबूत करेगा। इसके अलावा भाजपा सांसद खंडेलवाल ने एक अलग पत्र दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता को भी भेजा है। इसमें उन्होंने अनुरोध किया है कि दिल्ली विधानसभा में राजधानी का नाम ‘इंद्रप्रस्थ’ करने के लिए प्रस्ताव पारित किया जाए, ताकि इस मांग को औपचारिक प्रक्रिया के तौर पर आगे बढ़ाया जा सके। खंडेलवाल का दावा है कि ऐतिहासिक साहित्य, पुरातात्विक संकेत और दीर्घकालिक सभ्यतागत परंपराएं इस बात की ओर इशारा करती हैं कि आज की दिल्ली ही प्राचीन इंद्रप्रस्थ का क्षेत्र रहा है,जिसे पांडवों की भव्य राजधानी के रूप में महाभारत में वर्णित किया गया है। उन्होंने कहा कि ग्रंथों में इंद्रप्रस्थ को यमुना तट पर बसा समृद्ध नगर बताया गया है, जिसका भूगोल वर्तमान दिल्ली से मेल खाता है।

प्राचीन बसावट के प्रमाण बताए

पत्र में पुराना किला क्षेत्र में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की खुदाई का उल्लेख भी किया गया है। खंडेलवाल के मुताबिक वहां लगभग 1000 ईसा पूर्व की बसावट से जुड़े प्रमाण सामने आए हैं, जिनमें पेंटेड ग्रे वेयर (PGW) संस्कृति के अवशेष भी बताए जाते हैं। उनका तर्क है कि ऐसे संकेत महाभारत काल से जोड़कर देखे जाते रहे हैं, जिससे इंद्रप्रस्थ वाली धारणा को बल मिलता है। सांसद का कहना है कि ‘दिल्ली’ नाम अपेक्षाकृत मध्यकालीन कालखंड में अधिक प्रचलन में आया और इतिहासकार इसे ढिल्लिका/देहली जैसे संदर्भों से जोड़ते हैं। उनके अनुसार यह नाम राजधानी की “मूल सभ्यतागत पहचान” का प्रतिनिधित्व नहीं करता, जबकि ‘इंद्रप्रस्थ’ उस प्राचीन पहचान का प्रतीक है जिसे फिर से सामने लाया जा सकता है।

पुराना किला पर पांडव प्रतिमाएं लगाने का सुझाव

खंडेलवाल ने तर्क दिया कि देश में कई शहरों के ऐतिहासिक नाम पहले भी पुनर्स्थापित किए गए हैं जैसे मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और प्रयागराज। उन्होंने यह भी कहा कि ‘इंद्रप्रस्थ’ नाम दिल्ली के कई संस्थानों और स्थानों में पहले से उपयोग होता है, इसलिए समाज में इसकी स्वाभाविक स्वीकार्यता मौजूद है। नाम परिवर्तन के साथ एक सांस्कृतिक प्रस्ताव भी रखा गया है। खंडेलवाल ने सुझाव दिया कि पुराना किला या किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर पांडवों की प्रतिमाएं स्थापित की जाएं, ताकि दिल्ली की प्राचीन सांस्कृतिक–ऐतिहासिक पहचान को दृश्य रूप में भी पुनर्जीवित किया जा सके। Delhi News

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प्यासे रहेंगे दिल्ली के ये इलाके! कहीं आपका इलाका तो नहीं?

दिल्ली जल बोर्ड (DJB) ने एडवाइजरी जारी कर लोगों से जरूरी पानी पहले से स्टोर करने और सोच-समझकर उपयोग करने की अपील की है। सुबह की चाय से लेकर खाना बनाने, साफ-सफाई और रोजमर्रा की जरूरतों तक हर काम पर इसका असर पड़ सकता है।

दिल्ली में 48 घंटे पानी सप्लाई प्रभावित
दिल्ली में 48 घंटे पानी सप्लाई प्रभावित
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar25 Feb 2026 09:58 AM
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Delhi News : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रहने वाले दिल्लीवासियों के लिए अगले दो दिन राहत भरे नहीं रहने वाले है। गर्मी की दस्तक से पहले ही राजधानी के कई इलाकों में पानी की सप्लाई बंद या कम दबाव पर रहने की आशंका है। दिल्ली जल बोर्ड (DJB) ने एडवाइजरी जारी कर लोगों से जरूरी पानी पहले से स्टोर करने और सोच-समझकर उपयोग करने की अपील की है। सुबह की चाय से लेकर खाना बनाने, साफ-सफाई और रोजमर्रा की जरूरतों तक हर काम पर इसका असर पड़ सकता है।

क्यों रोकी जा रही है पानी की सप्लाई?

दिल्ली जल बोर्ड के मुताबिक यह कटौती किसी आपात स्थिति के कारण नहीं, बल्कि तकनीकी इंटरकनेक्शन कार्य की वजह से की जा रही है। भग्य विहार क्षेत्र में द्वारका वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) की नई रॉ-वॉटर लाइन को मौजूदा पाइपलाइन सिस्टम से जोड़ा जा रहा है। इसी काम के चलते कुछ समय के लिए सप्लाई रोकना जरूरी है।

DJB का कहना है कि यह अस्थायी असुविधा भविष्य में बेहतर जल आपूर्ति और पानी के दबाव को सुधारने के लिए की जा रही है।

कब से कब तक प्रभावित रहेगी सप्लाई?

25 फरवरी सुबह 11 बजे से 27 फरवरी सुबह 11 बजे तक यानी पूरे 48 घंटे दिल्ली के कई इलाकों में पानी की सप्लाई ठप या बेहद कम दबाव पर रह सकती है। ऐसे में जल बोर्ड ने लोगों से पहले से पानी का इंतजाम करने की अपील की है। राहत की बात यह है कि जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में टैंकर सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। किसी भी आपात स्थिति या टैंकर संबंधी सहायता के लिए नागरिक DJB हेल्पलाइन 1916 पर कॉल कर तुरंत जानकारी और मदद ले सकते हैं।

लोगों के लिए जरूरी सलाह

  1. पानी पहले से स्टोर कर लें
  2. अनावश्यक खपत से बचें, पानी सोच-समझकर इस्तेमाल करें
  3. जरूरत हो तो टैंकर सेवा का उपयोग करें
  4. बच्चों/बुजुर्गों के लिए पीने का पानी अलग सुरक्षित रखें

इन इलाकों में पानी सप्लाई प्रभावित/बंद रह सकती है

द्वारका सब सिटी, महावीर एन्क्लेव, विजय एन्क्लेव, उत्तम नगर की कॉलोनियां, पोचनपुर, भरथल, अंबराही गांव, मधु विहार, सागरपुर, कैलाश पुरी, दुर्गा पार्क, मंगला पुरी, राज नगर फेज-I/II, बागडोला गांव, बिजवासन, धूलसिरस, बिंदापुर, सेवक पार्क, भारत विहार, सीता पुरी, राजापुरी, जीवन पार्क, इंद्रा पार्क, मिलापनगर/चाणक्य प्लेस, अर्जुन पार्क, लक्ष्मी विहार, बजरंग एन्क्लेव, मकसूदाबाद, नया बाजार, विजय पार्क, साईं बाबा एन्क्लेव, नांगली सकरावती गांव व एक्सटेंशन, रणाजी एन्क्लेव, श्याम विहार कॉलोनी समूह, धर्मपुरा कॉलोनी समूह, रोशनपुरा कॉलोनी समूह, दीनपुर गांव, मटियाला और पालम, विश्वास पार्क, साध नगर पार्ट-I/II, नन्हे पार्क, बामनोली गांव, शाहबाद मोहम्मदपुर गांव, कापसहेड़ा गांव, IGI एयरपोर्ट और यशोभूमि (ICCC), नजफगढ़ और आसपास के क्षेत्र। Delhi News

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