राहुल गांधी की 'गद्दार' टिप्पणी पर बवाल, भाजपा ने कांग्रेस पर साधा निशाना

भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी कांग्रेस पर जोरदार प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास सिखों के प्रति घृणा से भरा रहा है और आज राहुल गांधी के व्यवहार में वही मानसिकता स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।

Insulting the Sikh community
रवनीत बिट्टू मामले में घिरे राहुल (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar04 Feb 2026 08:50 PM
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BJP President Nitin Naveen : कांग्रेस नेता राहुल गांधी एक बार फिर अपनी टिप्पणी को लेकर विवादों में घिर गए हैं। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू पर कथित तौर पर 'गद्दार' (ट्रेटर) कहने के मामले में भाजपा ने मोर्चा खोल दिया है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला है और उन पर सिख समुदाय का अपमान करने का आरोप लगाया है।

'सभ्यता और गरिमा की सभी हदें पार की'

बता दें कि केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने राहुल गांधी की टिप्पणी को काफी आपत्तिजनक बताते हुए कहा कि जिस तरह से उन्होंने एक सांसद और सम्मानित सिख नेता सरदार रवनीत सिंह बिट्टू को 'गद्दार' कहा है, वह राजनीतिक शालीनता और गरिमा की सभी हदें पार करता है। पुरी ने कहा कि हो सकता है कि राहुल गांधी को बिट्टू से इस बात की निजी दुश्मनी हो कि उन्होंने दिशाहीन कांग्रेस को छोड़कर मोदी सरकार की विकास नीतियों को चुना हो, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उन्हें एक गर्वित सिख पर ऐसे आरोप लगाने का अधिकार मिले। हरदीप पुरी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि हो सकता है कि राहुल के कई दोस्त गद्दार हों, लेकिन बिट्टू निश्चित रूप से उनमें से एक नहीं हैं। उन्होंने याद दिलाया कि बिट्टू के दादा और पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह को आतंकवादियों ने शहीद कर दिया था और ऐसे व्यक्ति पर देशद्रोह का आरोप लगाना अत्यंत शर्मनाक है।

पूरे सिख समुदाय का अपमान

बता दें कि हरदीप सिंह पुरी ने आगे कहा कि बिना किसी आधार के एक प्रतिष्ठित सिख को गद्दार कहना केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि पूरे सिख समुदाय का अपमान है। उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया, "क्या उन्हें अपने गुरु साहिबों और साहिबजादों द्वारा हिंदू धर्म की रक्षा के लिए दिए गए बलिदानों के बारे में नहीं पता?" उन्होंने कहा कि सिक्ख धर्म देशभक्ति सिखाता है और सिख सैन्य बलों में बड़ी संख्या में भारत माता की रक्षा के लिए सेवा करते हैं। राहुल का बयान सिखों के हर क्षेत्र में योगदान और उनकी मातृभूमि के प्रति निष्ठा का अपमान है। पुरी ने 1984 के स्वर्ण मंदिर के अपमान की भी याद दिलाते हुए कहा कि यह उसी मानसिकता का परिणाम है।

भाजपा अध्यक्ष का हमला- कांग्रेस का इतिहास रहा है सिख विरोधी

बता दें कि इस मुद्दे पर भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी कांग्रेस पर जोरदार प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास सिखों के प्रति घृणा से भरा रहा है और आज राहुल गांधी के व्यवहार में वही मानसिकता स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।

नितिन नबीन ने कहा कि केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के लिए 'गद्दार' जैसे शब्द का प्रयोग, कांग्रेस पार्टी की सिख-विरोधी सोच का जीवंत उदाहरण है। रवनीत सिंह बिट्टू ने अपना जीवन पंजाब और देश की सेवा को समर्पित कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का अहंकार और नफरती राजनीति ही उसे राजनीतिक गर्त में ले जा रही है। नबीन ने कहा कि भारत का सिख समाज कांग्रेस की इस नफरती राजनीति को कभी माफ नहीं करेगा। BJP President Nitin Naveen

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बजट सत्र का छठा दिन : लोकसभा में हंगामे से पीएम का जवाब टला, राज्यसभा में बहस जारी

छठे दिन लोकसभा में भारी शोर-शराबे के कारण कार्यवाही बार-बार बाधित रही। इसी वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर पेश धन्यवाद प्रस्ताव पर अपनी प्रतिक्रिया नहीं दे पाए। दूसरी ओर, राज्यसभा में चर्चा लगातार चलती रही और कई प्रमुख नेताओं ने सरकार की नीतियों पर अपने विचार रखे।

pm
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar04 Feb 2026 06:08 PM
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New Delhi News : संसद के बजट सत्र के छठे दिन लोकसभा में भारी शोर-शराबे के कारण कार्यवाही बार-बार बाधित रही। इसी वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर पेश धन्यवाद प्रस्ताव पर अपनी प्रतिक्रिया नहीं दे पाए। दूसरी ओर, राज्यसभा में चर्चा लगातार चलती रही और कई प्रमुख नेताओं ने सरकार की नीतियों पर अपने विचार रखे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री को शाम पांच बजे लोकसभा में बोलना था, लेकिन विपक्षी सदस्यों के विरोध और नारेबाजी के चलते सदन सुचारु रूप से नहीं चल सका। पीठासीन अधिकारी संध्या राय ने सदस्यों से संयम बरतने और कार्यवाही आगे बढ़ाने की अपील की, लेकिन विरोध जारी रहा, जिसके कारण प्रधानमंत्री का वक्तव्य स्थगित करना पड़ा।

राज्यसभा में राजनीतिक बहस बिना रुकावट जारी रही

वहीं, उच्च सदन यानी राज्यसभा में राजनीतिक बहस बिना रुकावट जारी रही। भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जे. पी. नड्डा और नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने-अपने तर्कों के माध्यम से सदन को संबोधित किया। बिहार से निर्वाचित राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज झा ने प्रसिद्ध कवि सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की रचनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। इसके बाद तमिलनाडु से राज्यसभा पहुंचे अभिनेता और राजनेता कमल हासन ने सदन में अपना पहला भाषण दिया।

कमल हासन ने केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली की आलोचना की

अपने वक्तव्य में कमल हासन ने महात्मा गांधी, पेरियार और अन्य सामाजिक विचारकों के विचारों का हवाला देते हुए केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली की आलोचना की। सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने यह उल्लेख किया कि यह उनका पहला संबोधन है और सदस्यों से अनुरोध किया कि वे भाषण के दौरान किसी भी तरह का व्यवधान न डालें। कुल मिलाकर, दिन की कार्यवाही ने एक बार फिर लोकसभा में गतिरोध और राज्यसभा में सक्रिय बहस के स्पष्ट अंतर को उजागर किया।

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कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए बिट्टू पर राहुल का हमला

राहुल गांधी की ‘गद्दार’ वाली टिप्पणी पर रवनीत बिट्टू ने कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने तुरंत पलटवार करते हुए राहुल गांधी को ‘देश का दुश्मन’ करार दे दिया। इस बीच, जब राहुल गांधी ने सामान्य संबंध बनाने के लिए हाथ आगे बढ़ाया, तो केंद्रीय मंत्री ने उनसे हाथ मिलाने से साफ इनकार कर दिया।

Rahul Gandhis taunt
संसद परिसर में राहुल बनाम बिट्टू (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar04 Feb 2026 02:47 PM
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Rahul Gandhi Ravneet Singh Bittu Viral Video: संसद के बजट सत्र के दौरान बुधवार को माहौल तब गर्म हो गया जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच संसद परिसर में जमकर नोंकझोंक हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया और कूटनीतिक तौर पर हाथ मिलाने से भी इनकार कर दिया। मिली जानकारी के अनुसार, मामला तब बढ़ा जब राहुल गांधी ने रवनीत बिट्टू को देखकर चढ़ावा देते हुए कहा, "नमस्ते भाई, मेरे गद्दार दोस्त।" राहुल ने आगे कहा, "चिंता मत करो, तुम वापस (कांग्रेस में) आ जाओगे।" राहुल की यह टिप्पणी बिट्टू के कांग्रेस छोड़कर 2024 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा में शामिल होने को लेकर थी।

‘देश का दुश्मन’ पर दिया करारा जवाब

बता दें कि राहुल गांधी की ‘गद्दार’ वाली टिप्पणी पर रवनीत बिट्टू ने कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने तुरंत पलटवार करते हुए राहुल गांधी को ‘देश का दुश्मन’ करार दे दिया। इस बीच, जब राहुल गांधी ने सामान्य संबंध बनाने के लिए हाथ आगे बढ़ाया, तो केंद्रीय मंत्री ने उनसे हाथ मिलाने से साफ इनकार कर दिया और अपनी नाराजगी जाहिर की।

विपक्ष का प्रदर्शन और सांसदों का निलंबन

बता दें कि यह पूरा विवाद उस समय हुआ जब कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर संसद के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। सांसदों के हाथों में ‘PM कॉम्प्रोमाइज्ड हैं’ लिखे पोस्टर थे। इस बीच, सदन की कार्यवाही में बाधा डालने को लेकर मंगलवार को 8 विपक्षी सांसदों को निलंबित किए जाने के बाद से ही सदन में गतिरोध बना हुआ है।

राहुल गांधी का चीन पर बड़ा आरोप

बता दें कि इस राजनीतिक हलचल के बीच राहुल गांधी ने चीन सीमा विवाद को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की एक अप्रकाशित किताब का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि 2020 में जब चीनी टैंक भारतीय क्षेत्र में घुस आए थे, तो रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री और एनएसए से बात करने के बाद भी आर्मी चीफ को कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला था। राहुल ने दावा किया कि अंत में रक्षा मंत्री ने ‘टॉप’ (प्रधानमंत्री) से पूछकर बताना कहा, जिसके बाद सेना को "जो उचित समझो वो करो" का जवाब मिला। राहुल ने किताब के अंश का हवाला देते हुए कहा कि नरवणे ने लिखा है कि उन्हें "बहुत अकेला महसूस हुआ, पूरे सिस्टम ने मुझे छोड़ दिया था।" Rahul Gandhi Ravneet Singh Bittu Viral Video

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