मालामाल हुई दिल्ली सरकार, 6 महीने में जुटाए 22,000 करोड़ रुपये
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 03:51 AM
दिल्ली सरकार के खजाने में इस बार GST से रिकॉर्ड तोड़ राजस्व पहुंचा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली छमाही (1 अप्रैल से 30 सितंबर) में सरकार को 22,443 करोड़ रुपये से अधिक का जीएसटी कलेक्शन प्राप्त हुआ है। यह पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले लगभग 1,400 करोड़ रुपये ज्यादा है। आश्चर्य की बात यह है कि ये बढ़ोतरी तब दर्ज की गई है जब कई वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी दरों में कटौती की गई थी। इसके बावजूद सरकार को SGST (राज्य वस्तु एवं सेवा कर) से 16.15% की वृद्धि देखने को मिली है। Delhi GST Collection
GST दरें घटीं फिर भी बढ़ा राजस्व
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2024 में जहां 3,272.55 करोड़ रुपये का जीएसटी कलेक्शन हुआ था, वहीं सितंबर 2025 में यह बढ़कर 3,373.45 करोड़ रुपये हो गया। यानी दरों में कटौती के बावजूद 100 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कलेक्शन हुआ है। वित्त विभाग के सूत्रों के मुताबिक, यह आंकड़ा अभी प्रारंभिक है और फाइनल आंकड़े आने के बाद इसमें और इजाफा हो सकता है।
GST लक्ष्य 48,500 करोड़ तय
दिल्ली सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए GST वसूली का लक्ष्य 48,500 करोड़ रुपये रखा है, जो पिछले साल की तुलना में 5,000 करोड़ ज्यादा है। जानकारों का मानना है कि जीएसटी में कटौती के बाद बाजार में सकारात्मक माहौल बना है जिससे खरीदारों की संख्या और ट्रांजेक्शन में तेजी आई है।
VAT में गिरावट की वजह क्या है?
जहां एक ओर जीएसटी से राजस्व में बढ़ोतरी हुई है वहीं VAT से सरकार की कमाई घट गई है। अप्रैल से सितंबर 2025 तक वैट से 166 करोड़ रुपये कम वसूले गए हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह डीजल की बिक्री में गिरावट मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ने से डीजल की मांग घटी है। दिल्ली में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर पाबंदी भी असर डाल रही है। चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में डीजल दिल्ली से 3 से 5 रुपये सस्ता है, जिससे बाहर से आने वाले ट्रक दिल्ली में डीजल भरवाने से बच रहे हैं। दिल्ली के पेट्रोल पंप संचालक केन्द्र सरकार से डीजल पर वैट कम करने की मांग लगातार कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस साल डीजल की बिक्री में करीब 8% की गिरावट आ चुकी है, जिससे व्यापारियों और सरकार दोनों को नुकसान हो रहा है।
SGST (State Goods and Services Tax) यानी राज्य वस्तु एवं सेवा कर राज्य के भीतर (Intra-State) लेन-देन पर लगाया जाता है। जब कोई वस्तु या सेवा एक ही राज्य की सीमा में खरीदी-बेची जाती है तो उस पर SGST लगता है। इसमें मिलने वाला राजस्व राज्य सरकार को जाता है। इसके साथ-साथ केंद्र सरकार CGST (Central GST) भी वसूलती है। Delhi GST Collection