प्रस्तावित सबवे बनते ही यात्री शिवाजी स्टेडियम से सीधे राजीव चौक पहुंचकर ब्लू और येलो लाइन पर तुरंत सफर कर सकेंगे। इससे न सिर्फ इंटरचेंज का झंझट कम होगा, बल्कि एयरपोर्ट आने-जाने में लगने वाला समय भी घटेगा।

Delhi News : दिल्ली मेट्रो से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। दिल्ली मेट्रो से जुड़ी यह बड़ी खबर रोजाना दिल्ली मेट्रो से सफर करने वाले यात्रियों के लिए किसी खुशखबरी से कम नहीं है। दिल्ली मेट्रो से एयरपोर्ट लाइन (ऑरेंज लाइन) से सफर करने वालों को जल्द ही राजीव चौक तक सीधा और आसान कनेक्शन मिल सकता है वो भी बार-बार लाइन या स्टेशन बदलने की मजबूरी के बिना। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) शिवाजी स्टेडियम और राजीव चौक के बीच एक नए भूमिगत सबवे की योजना पर काम कर रहा है। अभी तक यात्रियों को एयरपोर्ट से आने पर शिवाजी स्टेडियम या नई दिल्ली स्टेशन पर उतरकर दूसरी लाइन पकड़नी पड़ती थी, जिससे समय भी लगता था और भीड़ में जूझना भी पड़ता था। प्रस्तावित सबवे बनते ही यात्री शिवाजी स्टेडियम से सीधे राजीव चौक पहुंचकर ब्लू और येलो लाइन पर तुरंत सफर कर सकेंगे। इससे न सिर्फ इंटरचेंज का झंझट कम होगा, बल्कि एयरपोर्ट आने-जाने में लगने वाला समय भी घटेगा। सबसे अहम बात इस कनेक्शन से राजीव चौक पर यात्रियों की भीड़ का दबाव भी कुछ हद तक कम होने की उम्मीद है, जो रोजाना यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।
दिल्ली मेट्रो के चार चरण पूरे होने के बाद अब पांचवें चरण (फेज-V) पर काम शुरू हो चुका है।इसी नए चरण के तहत शिवाजी स्टेडियम से राजीव चौक तक प्रस्तावित भूमिगत सबवे को शामिल किए जाने की पूरी संभावना जताई जा रही है, जो एयरपोर्ट लाइन और शहर के सबसे व्यस्त इंटरचेंज के बीच कनेक्टिविटी को नई धार देगा। इसी कड़ी में मैजेंटा लाइन के विस्तार से भी नेटवर्क का नक्शा बड़ा होने वाला है। विस्तार पूरा होते ही दिल्ली मेट्रो सिस्टम में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
केंद्र सरकार से रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक 9.9 किलोमीटर के नए भूमिगत खंड को हरी झंडी मिलते ही दिल्ली मेट्रो के मैप पर बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है। इस विस्तार के जुड़ने के बाद मैजेंटा लाइन की कुल लंबाई करीब 76.6 किमी तक पहुंच जाएगी और यह पिंक लाइन को पीछे छोड़कर दिल्ली मेट्रो का सबसे लंबा कॉरिडोर बन सकती है। पूरे कॉरिडोर में 56 स्टेशन प्रस्तावित हैं, यानी यात्रियों को लंबी दूरी पर भी ज्यादा विकल्प और बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। डीएमआरसी के अनुसार रामकृष्ण आश्रम मार्ग–इंद्रप्रस्थ सेक्शन पूरी तरह अंडरग्राउंड होगा और इसमें 9 नए स्टेशन बनाए जाएंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि सेंट्रल विस्टा और आसपास के प्रमुख सरकारी-प्रशासनिक क्षेत्रों तक मेट्रो की सीधी पहुंच मजबूत होगी। इससे न सिर्फ रोज़मर्रा के यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि राजधानी के दिल में ट्रैफिक दबाव कम करने में भी इस कॉरिडोर की अहम भूमिका मानी जा रही है।
फेज-V में दिल्ली मेट्रो राजधानी के सबसे अहम इलाकों को एक नई भूमिगत रीढ़ देने की तैयारी में है। प्रस्तावित योजना के मुताबिक इस चरण में आरके आश्रम मार्ग से लेकर इंद्रप्रस्थ तक कई हाई-प्रोफाइल स्टेशन शामिल होंगे। जिनमें शिवाजी स्टेडियम, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, कर्तव्य भवन, इंडिया गेट, वॉर मेमोरियल–हाई कोर्ट, बड़ौदा हाउस और भारत मंडपम जैसे प्रमुख ठिकाने भी हैं। मतलब साफ है: यह कॉरिडोर सिर्फ यात्रियों की सुविधा नहीं बढ़ाएगा, बल्कि सेंट्रल दिल्ली के प्रशासनिक, पर्यटन और आयोजनों वाले हब को तेज, सुरक्षित और समयबद्ध मेट्रो कनेक्टिविटी से जोड़कर शहर की आवाजाही को और स्मार्ट बना देगा।
यह निर्माणाधीन खंड दिल्ली मेट्रो नेटवर्क को एक नया मल्टी-लाइन जंक्शन देने वाला है। योजना के मुताबिक यात्रियों को सेंट्रल सेक्रेटेरिएट पर येलो/वायलेट लाइन, इंद्रप्रस्थ पर ब्लू लाइन और शिवाजी स्टेडियम पर एयरपोर्ट लाइन से सीधे इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी। यानी अब एक लाइन से दूसरी लाइन में जाने के लिए लंबा चक्कर या भीड़भाड़ वाले रास्ते नहीं चुनने पड़ेंगे। इस कनेक्टिविटी से न सिर्फ यात्रियों का ट्रैवल टाइम घटेगा, बल्कि राजधानी के सबसे व्यस्त रूट्स पर दबाव कम करके दिल्ली मेट्रो सिस्टम को और ज्यादा मजबूत व स्मार्ट बनाने में भी यह सेक्शन अहम भूमिका निभाएगा।
डीएमआरसी के फेज-IV को दिल्ली मेट्रो के अगले बड़े विस्तार के तौर पर देखा जा रहा है। इस चरण में कुल 112.4 किलोमीटर लंबाई के 6 नए कॉरिडोर और 94 स्टेशन प्रस्तावित हैं, जो राजधानी और आसपास के इलाकों में कनेक्टिविटी का दायरा काफी बढ़ाएंगे। इनमें मजलिस पार्क–मौजपुर, आरके आश्रम मार्ग–जनकपुरी पश्चिम और एयरोसिटी–तुगलकाबाद (नई गोल्डन लाइन) जैसे अहम रूट्स को जल्द यात्रियों के लिए खोलने की तैयारी चल रही है। इन कॉरिडोर के चालू होते ही मेट्रो नेटवर्क पर दबाव घटने, ट्रैफिक को राहत मिलने और रोज़ाना सफर करने वालों को कम समय में ज्यादा सीधी कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली मेट्रो का विस्तार अब सिर्फ नई लाइनों तक सीमित नहीं, बल्कि मौजूदा नेटवर्क को और दूर तक ले जाने की तैयारी भी तेज है। प्रस्तावित योजनाओं में इंद्रलोक से इंद्रप्रस्थ तक ग्रीन लाइन का विस्तार, रिठाला से नरेला–कुंडली तक रेड लाइन का विस्तार और साकेत जी ब्लॉक से लाजपत नगर तक गोल्डन लाइन का विस्तार जैसे अहम कॉरिडोर शामिल हैं। इन रूट्स के आगे बढ़ने से उत्तर-पश्चिम दिल्ली से लेकर दक्षिण दिल्ली और एनसीआर बॉर्डर तक सीधी कनेक्टिविटी मजबूत होगी, यात्रियों को कम इंटरचेंज में तेज सफर मिलेगा और सड़क ट्रैफिक पर भी दबाव घटने की उम्मीद है। Delhi News