दिल्ली में इंटरनेशनल साइबर गैंग बेनकाब, SIM बॉक्स से चलता था 100 करोड़ का फ्रॉड

दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट ने जनवरी 2026 की शुरुआत में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक ताइवानी नागरिक भी शामिल है।

Delhi Police IFSO Unit
दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar10 Jan 2026 08:07 PM
bookmark

दिल्ली पुलिस की IFSO (इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस) यूनिट ने साइबर क्राइम के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम देते हुए एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। इस नेटवर्क के तार चीन, पाकिस्तान, नेपाल, कंबोडिया और ताइवान तक जुड़े पाए गए हैं। पुलिस ने अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक ताइवानी नागरिक भी शामिल है।

SIM बॉक्स के जरिए चलता था साइबर फ्रॉड

बता दें कि डीसीपी IFSO विनीत कुमार ने बताया कि यह गिरोह SIM बॉक्स तकनीक का इस्तेमाल कर देशभर में साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था। दिल्ली, मोहाली और मुंबई से आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ कई SIM बॉक्स डिवाइस बरामद की गई हैं, जिनमें फिजिकल SIM और e-SIM दोनों का इस्तेमाल किया जा रहा था।

डिजिटल अरेस्ट और आतंकी हमलों का डर दिखाकर ठगी

बता दें कि जांच में सामने आया है कि ठग खुद को सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को टेरर फंडिंग, दिल्ली ब्लास्ट और पहलगाम आतंकी हमले जैसे मामलों में फंसाने की धमकी देते थे। ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे मामलों की शुरुआत इन्हीं SIM बॉक्स के जरिए की जाती थी।

20 हजार नंबर, 100 करोड़ का फ्रॉड

बता दें कि पुलिस के मुताबिक इस सिंडिकेट के जरिए करीब 20,000 मोबाइल नंबर ऑपरेट किए जा रहे थे। अब तक 1000 से अधिक शिकायतें सामने आ चुकी हैं और शुरुआती जांच में करीब 100 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का खुलासा हुआ है।

ड्राइवर से साइबर अपराधी तक

बता दें कि सबसे पहले 53 वर्षीय शशि प्रसाद को गिरफ्तार किया गया, जिसने किराए पर कमरा लेकर SIM बॉक्स का सेटअप किया था। पूछताछ में परविंदर सिंह का नाम सामने आया। दोनों पेशे से ड्राइवर थे और इस नेटवर्क से हर महीने एक लाख रुपये से अधिक की कमाई कर रहे थे।

ताइवानी नागरिक करता था टेक्निकल सेटअप

बता दें कि गिरफ्तार आरोपी सुंग चेन, जो ताइवान का नागरिक है, पूरे SIM बॉक्स नेटवर्क का तकनीकी संचालन करता था। उसकी गिरफ्तारी के बाद खुलासा हुआ कि उसने मोहाली में भी इसी तरह का नेटवर्क खड़ा कर रखा था।

पाकिस्तान से मिल रहा था मार्गदर्शन

बता दें कि जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह को पाकिस्तान से गाइड किया जा रहा था। मोहाली से बरामद SIM में एक पाकिस्तानी SIM कंपनी (FEMA) से जुड़ा IMEI नंबर मिला है, जिससे विदेशी लिंक की पुष्टि हुई है।

देशभर में फैला नेटवर्क

बता दें कि कोयंबटूर से दिनेश नाम के आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है, जहां SIM बॉक्स लगाया गया था। निहाल विहार और नरेला में तमिलनाडु पुलिस द्वारा हाल ही में बरामद SIM बॉक्स भी इसी नेटवर्क से जुड़े बताए जा रहे हैं।

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

आतिशी वीडियो केस में नया मोड़, FSL जांच ने खोली पोल

दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी मार्लेना से जुड़े एक वायरल वीडियो को लेकर पंजाब पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है।

Forensic investigation revealed...
फॉरेंसिक जांच में खुलासा (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar10 Jan 2026 03:08 PM
bookmark

बता दें कि पुलिस का दावा है कि फॉरेंसिक जांच में यह साफ हो गया है कि आतिशी ने अपने भाषण में ‘गुरु’ शब्द का इस्तेमाल ही नहीं किया था। सोशल मीडिया पर वायरल किया गया वीडियो एडिटेड और डॉक्टर्ड था, जिसे धार्मिक भावनाएं भड़काने के उद्देश्य से फैलाया गया।

फॉरेंसिक जांच में सामने आई सच्चाई

पंजाब के जालंधर पुलिस कमिश्नरेट के अनुसार, वायरल वीडियो को फॉरेंसिक जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL), पंजाब भेजा गया था। जांच रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि वीडियो के ऑडियो के साथ जानबूझकर छेड़छाड़ की गई थी और ऐसे शब्द जोड़े गए, जिन्हें आतिशी ने कभी नहीं कहा।

कपिल मिश्रा के सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट हुआ वीडियो

यह वीडियो दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) से पोस्ट किया गया था। वीडियो में कथित तौर पर आतिशी को गुरुओं के खिलाफ आपत्तिजनक और ईशनिंदा वाली टिप्पणी करते हुए दिखाया गया, साथ ही बेहद भड़काऊ कैप्शन भी लगाए गए थे। वीडियो के वायरल होते ही राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई और बीजेपी के कई नेताओं ने आतिशी पर निशाना साधा।

जालंधर पुलिस में दर्ज हुई एफआईआर

इस मामले में इकबाल सिंह की शिकायत पर जालंधर पुलिस कमिश्नरेट ने एफआईआर दर्ज की है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आतिशी का एडिटेड और डॉक्टर्ड वीडियो जानबूझकर अपलोड और सर्कुलेट किया गया, ताकि सामाजिक और धार्मिक तनाव पैदा किया जा सके।

जांच के बाद बढ़ी कार्रवाई

विवाद बढ़ने के बाद पंजाब पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद पुलिस का कहना है कि वीडियो पूरी तरह से छेड़छाड़ किया हुआ है। अब यह देखना होगा कि इस मामले में आगे किन लोगों के खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। फिलहाल, इस खुलासे के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है और सोशल मीडिया पर फैलाए गए भ्रामक कंटेंट को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।


संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

दिल्ली विधानसभा में सियासी घमासान, शिक्षा मंत्री ने आप पार्टी को घेरा

दिल्ली विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने आप पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर जोरदार हमला बोला है।

Education Minister Ashish Sood & kejriwal
शिक्षा मंत्री आशीष सूद (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar09 Jan 2026 08:57 PM
bookmark

बता दें कि शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने विपक्ष पर जनता के बीच भ्रम और झूठ फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उपराज्यपाल के भाषण से साफ है कि वर्तमान सरकार अपने लक्ष्यों की ओर मजबूती से आगे बढ़ रही है। मंत्री सूद ने विधानसभा में आप पार्टी नेता गोपाल राय की ओर इशारा करते हुए कहा कि विपक्ष अपनी पुरानी आदतों से बाज नहीं आ रहा और बेवजह जनता को गुमराह करने का काम कर रहा है।

‘मेनिफेस्टो सिर्फ कागजों तक सीमित रहा’

बता दें कि आशीष सूद ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में विधायक और ब्यूरोक्रेसी मिलकर ईमानदारी से दिल्ली में बदलाव ला रहे हैं। उन्होंने आप पार्टी के 70 सूत्रीय एजेंडे पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज गिनाने के लिए सिर्फ 10 बिंदु बचे हैं, जिनमें भी यमुना की सफाई और प्रदूषण जैसे मुद्दे केवल कागजों तक सीमित रह गए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि केजरीवाल सरकार को अपने “शीशमहल” से बाहर निकलने की फुर्सत ही नहीं मिली, जिस कारण जनता से किए गए वादे जमीन पर नहीं उतर सके।

‘झूठ बोलने वालों को जनता ने सत्ता से किया बेदखल’

मंत्री सूद ने कहा कि आप पार्टी और अरविंद केजरीवाल झूठ बोलकर राजनीति करने में विश्वास रखते हैं। दिल्ली की जनता ने परेशान होकर ही उन्हें सत्ता से बाहर किया है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार द्वारा जनता से किए गए वादे धीरे-धीरे पूरे किए जा रहे हैं और सरकार पर जनता का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले 11 महीनों में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को लेकर ठोस कदम उठाए गए हैं, लाइसेंसिंग की समय-सीमा घटाई गई है और प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है।

‘आप पार्टी ने झुग्गी-झोपड़ी वालों को ठगा’

बता दें कि झुग्गी-झोपड़ी और बजट को लेकर भी मंत्री ने विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि आप पार्टी सरकार रात में बजट लाई और 12 बजे वह लैप्स हो गया, जिसमें एक रुपया भी खर्च नहीं हुआ। इसे उन्होंने अपने आप में रिकॉर्ड बताया। अटल कैंटीन का जिक्र करते हुए सूद ने कहा कि 25 दिसंबर से 8 जनवरी 2026 तक 3.76 लाख से ज्यादा लोगों ने अटल कैंटीन में भोजन किया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अटल कैंटीन का पौष्टिक भोजन “शीशमहल में खाने वालों” को शायद पच न पाए।

शिक्षा और सफाई व्यवस्था पर जोर

मंत्री आशीष सूद ने मुख्यमंत्री कार्यालय और सचिवालय में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले अपने ही विधायक मुख्यमंत्री कार्यालय तक नहीं पहुंच पाते थे, लेकिन अब व्यवस्था बदली है। शिक्षा और सफाई व्यवस्था पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ने वाले सभी बच्चे सरकार के लिए समान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान शिक्षक और सफाई कर्मचारी वेतन न मिलने के कारण हड़ताल पर रहते थे। उन्होंने कहा कि अब नगर निगम और दिल्ली सरकार के बीच टकराव नहीं है और सरकार पूरी जिम्मेदारी के साथ काम कर रही है। मंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली 11 साल की सरकार ने कॉलेजों की मरम्मत तक पर ध्यान नहीं दिया।

‘हम सेवा के भाव से काम कर रहे हैं’

अपने बयान के अंत में मंत्री आशीष सूद ने कहा कि मौजूदा सरकार दिल्ली के रखवाले के रूप में सेवा भाव से काम कर रही है और राजधानी में वास्तविक बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

संबंधित खबरें