दिल्ली मेट्रो के नए रूट पर चोरी से हड़कंप, धीमी रफ्तार से चलीं ट्रेनें
दीपाली चौक से माजलिस पार्क तक शुरू किए गए नए मेट्रो सेक्शन को निशाना बनाते हुए चोरों ने करीब 500 मीटर लंबी कॉपर केबल काट ली। इस घटना का सीधा असर मेट्रो संचालन पर पड़ा और पूरे दिन ट्रेन सेवाएं प्रभावित रहीं।

Delhi News : दिल्ली मेट्रो के नए कॉरिडोर पर उद्घाटन के महज चार दिन बाद ही चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। दीपाली चौक से माजलिस पार्क तक शुरू किए गए नए मेट्रो सेक्शन को निशाना बनाते हुए चोरों ने करीब 500 मीटर लंबी कॉपर केबल काट ली। इस घटना का सीधा असर मेट्रो संचालन पर पड़ा और पूरे दिन ट्रेन सेवाएं प्रभावित रहीं। साथ ही मेट्रो प्रशासन को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा।
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली मेट्रो के दो नए कॉरिडोर का उद्घाटन किया था। इनमें 9.9 किलोमीटर लंबा दीपाली चौक-माजलिस पार्क कॉरिडोर भी शामिल है। इसी नए रूट पर गुरुवार को चोरी की यह घटना हुई, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
सिग्नलिंग सिस्टम ठप होने से ट्रेनों की रफ्तार हुई धीमी
पुलिस के मुताबिक, माजलिस पार्क के पास से सिग्नलिंग सिस्टम में इस्तेमाल होने वाली कॉपर केबल चोरी की गई। इस मामले में जहांगीरपुरी निवासी 28 वर्षीय शेख साफीक को गिरफ्तार किया गया है। उस पर आरोप है कि उसने मेट्रो की महत्वपूर्ण सिग्नलिंग केबल काटी, जिसके कारण ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हो गई। केबल कटने के बाद सिग्नल सिस्टम में खराबी आ गई, जिसकी वजह से मेट्रो ट्रेनों को सामान्य गति से नहीं चलाया जा सका। आमतौर पर 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनें गुरुवार को केवल 25 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से संचालित करनी पड़ीं। इसका असर यात्रियों पर भी साफ दिखाई दिया और उन्हें लंबी देरी व असुविधा का सामना करना पड़ा। जानकारों के अनुसार, इस तरह की कॉपर केबल मेट्रो ट्रेनों की लोकेशन ट्रैक करने और सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने में बेहद अहम भूमिका निभाती है। जब ऐसी केबल क्षतिग्रस्त या चोरी हो जाती है, तो ट्रेनों की सामान्य गति बहाल करना मुश्किल हो जाता है। यही कारण रहा कि इस घटना के बाद पूरे दिन मेट्रो सेवाओं पर असर बना रहा।
पहले भी हो चुकी हैं कई वारदातें
दिल्ली मेट्रो में केबल चोरी का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले 11 जनवरी को एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर भी करीब 800 मीटर केबल को नुकसान पहुंचाया गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जून 2024 से अब तक केबल चोरी की 89 घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन मामलों में करीब 22 किलोमीटर लंबी कॉपर वायर, जिसका वजन लगभग 44 हजार किलो बताया गया है, चोरी हो चुकी है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 4 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस ने बताया कि सूचना मिलने के बाद जब टीम मौके पर पहुंची, तो कुछ लोग जंगल वाले इलाके में तार जलाकर उससे कॉपर अलग करते मिले। वहां से 170 से 180 मीटर तक जली हुई केबल बरामद की गई है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। Delhi News
Delhi News : दिल्ली मेट्रो के नए कॉरिडोर पर उद्घाटन के महज चार दिन बाद ही चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। दीपाली चौक से माजलिस पार्क तक शुरू किए गए नए मेट्रो सेक्शन को निशाना बनाते हुए चोरों ने करीब 500 मीटर लंबी कॉपर केबल काट ली। इस घटना का सीधा असर मेट्रो संचालन पर पड़ा और पूरे दिन ट्रेन सेवाएं प्रभावित रहीं। साथ ही मेट्रो प्रशासन को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा।
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली मेट्रो के दो नए कॉरिडोर का उद्घाटन किया था। इनमें 9.9 किलोमीटर लंबा दीपाली चौक-माजलिस पार्क कॉरिडोर भी शामिल है। इसी नए रूट पर गुरुवार को चोरी की यह घटना हुई, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
सिग्नलिंग सिस्टम ठप होने से ट्रेनों की रफ्तार हुई धीमी
पुलिस के मुताबिक, माजलिस पार्क के पास से सिग्नलिंग सिस्टम में इस्तेमाल होने वाली कॉपर केबल चोरी की गई। इस मामले में जहांगीरपुरी निवासी 28 वर्षीय शेख साफीक को गिरफ्तार किया गया है। उस पर आरोप है कि उसने मेट्रो की महत्वपूर्ण सिग्नलिंग केबल काटी, जिसके कारण ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हो गई। केबल कटने के बाद सिग्नल सिस्टम में खराबी आ गई, जिसकी वजह से मेट्रो ट्रेनों को सामान्य गति से नहीं चलाया जा सका। आमतौर पर 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनें गुरुवार को केवल 25 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से संचालित करनी पड़ीं। इसका असर यात्रियों पर भी साफ दिखाई दिया और उन्हें लंबी देरी व असुविधा का सामना करना पड़ा। जानकारों के अनुसार, इस तरह की कॉपर केबल मेट्रो ट्रेनों की लोकेशन ट्रैक करने और सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने में बेहद अहम भूमिका निभाती है। जब ऐसी केबल क्षतिग्रस्त या चोरी हो जाती है, तो ट्रेनों की सामान्य गति बहाल करना मुश्किल हो जाता है। यही कारण रहा कि इस घटना के बाद पूरे दिन मेट्रो सेवाओं पर असर बना रहा।
पहले भी हो चुकी हैं कई वारदातें
दिल्ली मेट्रो में केबल चोरी का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले 11 जनवरी को एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर भी करीब 800 मीटर केबल को नुकसान पहुंचाया गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जून 2024 से अब तक केबल चोरी की 89 घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन मामलों में करीब 22 किलोमीटर लंबी कॉपर वायर, जिसका वजन लगभग 44 हजार किलो बताया गया है, चोरी हो चुकी है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 4 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस ने बताया कि सूचना मिलने के बाद जब टीम मौके पर पहुंची, तो कुछ लोग जंगल वाले इलाके में तार जलाकर उससे कॉपर अलग करते मिले। वहां से 170 से 180 मीटर तक जली हुई केबल बरामद की गई है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। Delhi News












