दिल्ली पुलिस की बड़ी कामयाबी, 5 साल से फरार आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। यौन शोषण के एक गंभीर मामले में पिछले पाँच साल से फरार चल रहे आरोपी सुमित मिश्रा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

A success for the Delhi Police Crime Branch.
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की कामयाबी (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar12 Jan 2026 05:26 PM
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आरोपी के खिलाफ वर्ष 2021 में पश्चिमी दिल्ली के रन्होला थाना क्षेत्र में रेप, धमकी और ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज किया गया था। लंबे समय से फरार रहने के कारण कोर्ट ने उसे उसी साल प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर (भगोड़ा) घोषित कर दिया था।

नौकरी का झांसा देकर किया यौन शोषण

दिल्ली पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने 7 मार्च 2021 को शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि वह सिविल डिफेंस की नौकरी के लिए फॉर्म भरवाने आरोपी की दुकान पर गई थी। वहीं से आरोपी ने उसका मोबाइल नंबर लिया और दस्तावेज देने के बहाने संपर्क में आया। आरोप है कि इसी दौरान आरोपी ने पीड़िता का यौन शोषण किया और उसे गर्भवती भी कर दिया। इतना ही नहीं, आरोपी ने पीड़िता के आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसके पिता, भाई और अन्य परिजनों को भेजे और लगातार धमकियां देकर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करता रहा।

ठिकाने बदल-बदल कर बचता रहा आरोपी

पुलिस से बचने के लिए आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा। वह हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अलग-अलग नामों और पहचान के साथ छिपा रहा। कभी हैचरी में मजदूरी की तो कभी होटलों में वेटर बनकर काम करता रहा। साल 2022 में हरियाणा के सोनीपत में आरोपी को पकड़ने गई पुलिस टीम पर उसके साथियों ने हमला भी किया था, जिसके संबंध में एक अलग मामला दर्ज किया गया था।

खुफिया सूचना से मिली सफलता

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी-रॉबरी एंड स्नैचिंग सेल को हाल ही में आरोपी के ठिकाने को लेकर एक पुख्ता खुफिया सूचना मिली। इसके बाद पुलिस ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की। 9 जनवरी को हरिद्वार के पास दबिश दी गई, हालांकि आरोपी मौके से फरार हो गया। लगातार निगरानी के बाद पुलिस ने 10 जनवरी 2026 को दिल्ली के बाहरी इलाके से आरोपी को दबोच लिया।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे रन्होला थाना पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।

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विश्व पुस्तक मेला-2026 है बहुत ही खास, ज्ञान का पूरा भण्डार

पुस्तक मेला में थीम मंडप की डिजाइन भी भारत की सैन्य विरासत के 75 वर्षों का एक ऐतिहासिक और निर्णायक पड़ाव प्रस्तुत कर रहा है। पुस्तक मेले में करीब 35 देशों सहित 3000 स्टॉल और 1000 प्रकाशक शामिल हैं। पाठक नई प्रकाशित पुस्तकों को देख, पढ़ और समझ रहे हैं।

विश्व पुस्तक मेला-2026 में पुस्तक विमोचन का खास पल
विश्व पुस्तक मेला-2026 में पुस्तक विमोचन का खास पल
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar12 Jan 2026 04:37 PM
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World Book Fair 2026 : दिल्ली के भारत मण्डपम में चल रहा विश्व पुस्तक मेला-2026 कोई साधारण मेला नहीं है। विश्व पुस्तक मेला इस वर्ष बहुत ही खास है। हमारी किताबें ज्ञान का भण्डार होती हैं। जब एक ही स्थान पर दुनिया भर की लाखों किताब मिल रही हों तो उस मेले को साधारण मेला कहना बहुत बड़ी गलती है। विश्व पुस्तक मेला-2026 अपने आप में ज्ञान का बहुत बड़ा भण्डार है। यदि आप भी अपना ज्ञान बढ़ाना चाहते हैं तो आपको विश्व पुस्तक मेला-2026 जरूर देखना चाहिए।

भारतीय सैन्य इतिहास पर केन्द्रित है वर्ष-2026 का पुस्तक मेला

विश्व पुस्तक मेला-2026 अनेक नई विशेषताओं से भरा हुआ है। विश्व पुस्तक मेला-2026 की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इस पुस्तक मेले का थीम भारत की सबसे बड़ी ताकत यानि भारत की सेना के ऊपर केन्द्रित है। विश्व पुस्तक मेला 2026 में इस बार सेना की शौर्य और प्रज्ञा को नमन किया जा रहा है। इस बार 10-18 जनवरी, 2026 तक आयोजित इस पुस्तक मेले की थीम भारतीय सैन्य इतिहास: शौर्य एवं प्रज्ञा @75 है। पुस्तक मेला में थीम मंडप की डिजाइन भी भारत की सैन्य विरासत के 75 वर्षों का एक ऐतिहासिक और निर्णायक पड़ाव प्रस्तुत कर रहा है। पुस्तक मेले में करीब 35 देशों सहित 3000 स्टॉल और 1000 प्रकाशक शामिल हैं।  पाठक नई प्रकाशित पुस्तकों को देख, पढ़ और समझ रहे हैं।  

अनेक पुस्तकों के विमोचन का गवाह बन रहा है विश्व पुस्तक मेला-2026

 विश्व पुस्तक मेला-2026 अनेक पुस्तकों के विमोचन का भी गवाह बन रहा है। इसी कड़ी में विश्व पुस्तक मेला, 2026 में इंडिया नेटबुक्स प्राइवेट लिमिटेड के स्टॉल पर लेखक नीतू सिंह राय की पुस्तक 'इतिहास और भविष्य के मध्य खड़ा वर्तमान' का विमोचन हुआ। लेखक नीतू रॉय ने कहा कि पुस्तक में 51कविताएं हैं, जो प्रेम, राजनीति और समाज सहित विभिन्न विषयों पर वर्तमान परिदृश्य को इतिहास और भविष्य के बीच पाठकों से संवाद किया गया है। इस दौरान स्टॉल पर कवि नवनीत पाण्डेय की  'पापा मैंने लिखी कविता' बाल कविता का भी विमोचन हुआ। विमोचन के मौके पर कई शहरों से पधारे प्रसिद्ध साहित्यकारों में मौजूद रहकर अपने विचार रखे।

साहित्यकार चित्रा मुद्गल ने राजीव मुद्गल की पुस्तक का किया विमोचन

 विश्व पुस्तक मेला-2026 में इंडिया नेटबुक्स के स्टॉल पर लेखिका डॉ.सविता चड्ढा की पुस्तक 'अपनी राम कहानी, लेखिका आशमा कौल की 'औरत माटी और प्रेम की कविताएं' संग्रह का भी विमोचन हुआ। जबकि राजीव मुद्गल की अंग्रेजी भाषा में किताब The Courtesan and The Saint' का विमोचन प्रसिद्ध साहित्यकार चित्रा मुद्गल ने किया। विमोचन पर इंडिया नेटबुक्स के निदेशक डॉ. संजीव कुमार और डॉ. मनोरमा ने लेखक और लेखिकों को उनकी पुस्तकों के विमोचन पर बधाइयां दीं। इस मौके पर डॉ. मुक्ता, डॉ. बृजेंद्र त्रिपाठी, डॉ.अंजू क्वात्रा, डॉ. कविता सिंह प्रभा, उमंग जॉली सरीन, शकुंतला मित्तल, आसमा कौल, डॉ. कविता मल्होत्रा, डॉ. कल्पना पांडेय, वीणा अग्रवाल, डॉ. रेखा मित्तल, सविता सयाल और सुरक्षा खुराना आदि रहे। नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा आयोजित पुस्तक मेले में जहां इंटरनेशनल इवेंट्स कॉर्नर में अंतरराष्ट्रीय स्तर की लेखकों की वार्ता सुनने का मौका मिल रहा है, वहीं थीम मंडप, बाल मंडप, लेखक मंच, ऑथर्स कॉर्नर में लेखक, पाठक और श्रोताओं का समागम और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम मची है। World Book Fair 2026

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RSS की 100 साल की यात्रा पर बनी फिल्म ‘शतक’ का पहला गीत रिलीज

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की 100 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा पर आधारित फिल्म ‘शतक’ का पहला गीत ‘भगवा है अपनी पहचान’ दिल्ली स्थित केशव कुंज में आयोजित एक भव्य समारोह में लॉन्च किया गया।

The song from the film Shatak has been launched.
फिल्म ‘शतक’ का गीत लॉन्च (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar12 Jan 2026 02:35 PM
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बता दें कि गीत का औपचारिक लोकार्पण आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने किया। यह अवसर फिल्म ‘शतक’ की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है, जो संघ की कही-अनकही गाथाओं को बड़े परदे पर प्रस्तुत करने का प्रयास है।

‘भगवा है अपनी पहचान’: सभ्यता और राष्ट्रभाव का उद्घोष

गीत ‘भगवा है अपनी पहचान’ केवल एक संगीतमय प्रस्तुति नहीं, बल्कि भारत की सभ्यतागत चेतना, त्याग, तपस्या, अनुशासन और आध्यात्मिक शक्ति का सशक्त स्वर है। भगवा रंग को पहचान और प्रेरणा के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करता यह गीत समाज को एकजुट होकर राष्ट्रहित में आगे बढ़ने का संदेश देता है। देशभक्ति गीतों के लिए प्रसिद्ध सुखविंदर सिंह की ऊर्जावान आवाज़ ने गीत को भावनात्मक गहराई और राष्ट्रवादी ओज से भर दिया है। संगीतकार सनी इंदर की प्रभावशाली धुनें और गीतकार राकेश कुमार पाल के ओजपूर्ण शब्द गीत को विशेष बनाते हैं।

डॉ. हेडगेवार का जीवन ही संघ की आत्मा: मोहन भागवत

इस अवसर पर सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार का जीवन ही आरएसएस की आत्मा है—भारत सर्वोपरि। उन्होंने कहा कि फिल्म ‘शतक’ और इसका गीत संघ की अडिग राष्ट्रभक्ति और आंतरिक शक्ति को दर्शाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि संघ अपने मूल्यों से विचलित हुए बिना निरंतर विकसित हो रहा है। यह फिल्म संघ की उन अनकही कहानियों को सामने लाती है, जो डॉ. हेडगेवार की नेतृत्व क्षमता और समाज को जोड़ने की शक्ति को उजागर करती हैं।

सुखविंदर सिंह बोले—यह गीत राष्ट्रसेवा है

गायक सुखविंदर सिंह ने कहा कि उनके गीत को मोहन भागवत द्वारा लॉन्च किया जाना उनके लिए गर्व और आशीर्वाद की बात है। उन्होंने कहा कि यह गीत मेरे लिए सिर्फ एक पेशेवर प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा है। निर्देशक की सोच—सरलता के साथ गहराई—ने मुझे प्रेरित किया। इतिहास को संजोना बेहद जरूरी है और मैंने इस गीत को पूरे दिल से गाया है।

फिल्म ‘शतक’: संघ की 100 वर्षों की यात्रा

फिल्म ‘शतक’ आरएसएस की 1925 में नागपुर में स्थापना से लेकर आज तक की 100 वर्षों की यात्रा को दर्शाती है। यह फिल्म संघ के सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय योगदान को विस्तार से प्रस्तुत करती है। फिल्म की परिकल्पना अनिल डी.अग्रवाल की है, निर्देशन आशीष मॉल ने किया है, जबकि निर्माण वीर कपूर ने किया है। सह-निर्माता आशीष तिवारी हैं। फिल्म को ADA 360 Degree LLP द्वारा प्रस्तुत किया गया है और यह जल्द ही दर्शकों के सामने आने वाली है।

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