संसद में हंगामा: सुरक्षा विवाद के बीच पीएम मोदी का भाषण रद्द

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में इस बात की जानकारी दी कि आखिर प्रधानमंत्री का भाषण और उनकी उपस्थिति क्यों नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि उन्हें सूचना मिली थी कि हंगामे के दौरान विपक्ष के कई सांसद प्रधानमंत्री की सीट तक पहुंच सकते हैं, जिससे कोई अप्रत्याशित घटना घट सकती थी।

PMs speech
PM के भाषण को लेकर राजनीति तेज (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar05 Feb 2026 05:10 PM
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Sansad Hangaama : संसद के बजट सत्र में विपक्ष के जोरदार हंगामे के चलते गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही फिर बुरी तरह प्रभावित हुई। विपक्षी सदस्यों के नारेबाजी और वेल में पहुंचने के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिभाषण नहीं हो सका और अंत में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पीएम के भाषण के बिना ही ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इस घटनाक्रम पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं।

'अप्रत्याशित घटना की आशंका, इसलिए रोका पीएम को आने से'

बता दें कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में इस बात की जानकारी दी कि आखिर प्रधानमंत्री का भाषण और उनकी उपस्थिति क्यों नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि उन्हें सूचना मिली थी कि हंगामे के दौरान विपक्ष के कई सांसद प्रधानमंत्री की सीट तक पहुंच सकते हैं, जिससे कोई अप्रत्याशित घटना घट सकती थी।स्पीकर ने कहा कि मैंने पीएम से सदन में नहीं आने का आग्रह किया था। पीएम ने मेरे आग्रह को माना। मैं प्रधानमंत्री का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने मेरे आग्रह को स्वीकार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सांसदों का पीएम की सीट तक पहुंचना संसद की गरिमा के खिलाफ था, इसीलिए सुरक्षा को देखते हुए यह कदम उठाना पड़ा।

प्रियंका गांधी का पलटवार- 'तीन महिलाओं के सामने हिम्मत नहीं'

बता दें कि वहीं, लोकसभा अध्यक्ष के इस बयान पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्पीकर के पीछे छिप रहे हैं। कल उनमें सदन में आने की हिम्मत नहीं थी, क्योंकि तीन महिलाएं बेंच के सामने खड़ी थीं। यह क्या बकवास है? प्रियंका ने सरकार पर आरोप लगाया कि उसकी मंशा चर्चा कराने की नहीं है, इसीलिए सदन में कोई सार्थक बहस नहीं हो पा रही है।

शब्द संग्राम जारी, सदन स्थगित

बता दें कि गुरुवार को लगातार चौथे दिन संसद के दोनों सदनों में शब्द संग्राम देखने को मिला। विपक्ष के हंगामे के बीच पीएम मोदी सदन में मौजूद भी रहे, लेकिन बातचीत का माहौल नहीं बन पाया। अंत में सत्ता पक्ष ने आखिरी समय में रणनीति बनाते हुए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा समाप्त कराकर उसे ध्वनिमत से पारित करा दिया। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। Sansad Hangaama

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दिल्ली-NCR में बंद होगी पेट्रोल-डीजल कारें, फ्यूचर प्लान तैयार

प्रस्ताव के मुताबिक BS-I, BS-II और BS-III वाहनों को बिना देरी हटाने की दिशा में कदम उठाने होंगे, जबकि BS-IV वाहनों को अगले पांच वर्षों में चरणबद्ध तरीके से बाहर करने की सिफारिश है।

दिल्ली-NCR में EV युग की तैयारी
दिल्ली-NCR में EV युग की तैयारी
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar05 Feb 2026 01:42 PM
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Delhi News : दिल्ली-NCR में रहने वाले पेट्रोल और डीजल वाहन मालिकों के लिए बड़ी खबर है। बढ़ते प्रदूषण और हवा की बिगड़ती गुणवत्ता को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) की ओर से गठित एक्सपर्ट पैनल ने एक ड्राफ्ट रोडमैप तैयार किया है। इस प्रस्ताव का मकसद आने वाले वर्षों में पेट्रोल-डीजल वाहनों को चरणबद्ध तरीके से कम करना और क्षेत्र को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की तरफ तेजी से ले जाना है। ड्राफ्ट में अलग-अलग श्रेणी के वाहनों के लिए संभावित समय-सीमा भी सुझाई गई है।

BS-IV और BS-VI वाहनों का क्या होगा?

आईआईटी मद्रास के प्रो. अशोक झुनझुनवाला की अगुवाई वाले एक्सपर्ट पैनल ने ड्राफ्ट रोडमैप में साफ संकेत दिए हैं कि अब पुराने उत्सर्जन मानकों वाली गाड़ियों के लिए दिल्ली-NCR की सड़कों पर स्पेस लगातार घटने वाली है। प्रस्ताव के मुताबिक BS-I, BS-II और BS-III वाहनों को बिना देरी हटाने की दिशा में कदम उठाने होंगे, जबकि BS-IV वाहनों को अगले पांच वर्षों में चरणबद्ध तरीके से बाहर करने की सिफारिश है। इसी कड़ी में BS-VI दोपहिया वाहनों को 2035 तक और BS-VI कारों को 2040 तक फेज-आउट करने का लक्ष्य सुझाया गया है।

2030 के बाद नई पेट्रोल-डीजल कार का रजिस्ट्रेशन नहीं?

ड्राफ्ट का सबसे बड़ा असर उन उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है जो आने वाले वर्षों में नई कार खरीदने की तैयारी में हैं। प्रस्ताव में सिफारिश की गई है कि अप्रैल 2030 के बाद दिल्ली-NCR में नई कारों का रजिस्ट्रेशन केवल इलेक्ट्रिक वाहनों तक सीमित कर दिया जाए। अगर यह रोडमैप लागू होता है, तो नई पेट्रोल-डीजल कार खरीदने के विकल्प लगभग समाप्त हो सकते हैं। कमर्शियल सेगमेंट को लेकर ड्राफ्ट और भी सख्त नजर आता है। सुझाव है कि अप्रैल 2027 से नई टैक्सियां, और व्यावसायिक उपयोग वाले नए दोपहिया वाहन को इलेक्ट्रिक (Zero Tailpipe Emission - ZTE) बनाना अनिवार्य करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।

सख्ती की असल वजह समझिए

पैनल ने इस सख्ती के पीछे स्वास्थ्य संबंधी गंभीर कारण बताए हैं। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि AQI 250 से ऊपर जाने पर प्रदूषित हवा का असर बेहद खतरनाक हो जाता है यहां तक कि नवजात शिशु के लिए दिनभर में 10 से 15 सिगरेट जितने धुएं के बराबर प्रदूषण सांस के जरिए अंदर जाने जैसी बात कही गई है। साथ ही, नेब्युलाइजर और इनहेलर की बढ़ती मांग को भी चेतावनी के संकेत के तौर पर देखा गया है। इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए पैनल ने राइट टू चार्ज का कानूनी ढांचा तैयार करने की सिफारिश की है, ताकि घरों और दफ्तरों में चार्जिंग सुविधा सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा, PUC व्यवस्था को और सख्त करने के लिए सड़कों पर चलते वाहनों की रिमोट सेंसिंग डिवाइस से जांच करने का प्रस्ताव भी शामिल है। Delhi News

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खुल गया राष्ट्रपति भवन का गार्डन, कब तक खुला रहेगा, क्या है टाइमिंग और कैसे मिलेगी एंट्री?

Amrit Udyan: अमृत उद्यान आम जनता के लिए खोल दिया गया है जहां लोग राष्ट्रपति भवन के अंदर स्थित इस खूबसूरत गार्डन की सैर कर सकते हैं। रंग-बिरंगे फूल, हरियाली और शांत माहौल के लिए मशहूर अमृत उद्यान 3 फरवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक खुला रहेगा।

Amrit Udyan
अमृत उद्यान
locationभारत
userअसमीना
calendar05 Feb 2026 12:49 PM
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दिल्ली में सर्दियों के मौसम में घूमने की बात हो और राष्ट्रपति भवन का गार्डन याद न आए ऐसा हो ही नहीं सकता। राष्ट्रपति भवन के अंदर स्थित मशहूर मुगल गार्डन जिसे अब अमृत उद्यान के नाम से जाना जाता है, आखिरकार आम जनता के लिए खोल दिया गया है। हर साल लाखों लोग इस खूबसूरत गार्डन के खुलने का बेसब्री से इंतजार करते हैं। रंग-बिरंगे फूल, हरियाली, शांत वातावरण और प्रकृति के बीच सुकून भरे पल बिताने के लिए अमृत उद्यान एक बेहतरीन जगह है। अगर आप भी अमृत उद्यान घूमने जाने का प्लान बना रहे हैं तो उससे पहले इससे जुड़ी सभी जरूरी जानकारी जान लेना बेहद जरूरी है।

कहां है अमृत उद्यान?

अमृत उद्यान देश की राजधानी दिल्ली में स्थित राष्ट्रपति भवन परिसर के अंदर है। यह गार्डन न सिर्फ भारत के अलग-अलग राज्यों से आने वाले पर्यटकों को आकर्षित करता है बल्कि हर साल बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक भी यहां पहुंचते हैं। सर्दियों के मौसम में यहां की खूबसूरती अपने चरम पर होती है जब फूल पूरी तरह खिले होते हैं और पूरा गार्डन रंगों से भर जाता है।

कब से कब तक खुला रहेगा अमृत उद्यान?

आम जनता के लिए अमृत उद्यान 3 फरवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक खुला रहेगा। यह गार्डन हफ्ते में 6 दिन खुला रहेगा जबकि हर सोमवार को बंद रहेगा। पर्यटक यहां सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक घूम सकते हैं। समय का ध्यान रखना जरूरी है ताकि आपको आराम से पूरा गार्डन देखने का मौका मिल सके।

अमृत उद्यान में एंट्री कैसे मिलेगी?

अमृत उद्यान में प्रवेश पूरी तरह फ्री है यानी यहां घूमने के लिए आपको कोई टिकट खरीदने की जरूरत नहीं है। हालांकि, एंट्री के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना जरूरी होता है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद आपको एक तय समय स्लॉट मिलता है उसी समय पर आपको गार्डन में प्रवेश दिया जाता है। बिना रजिस्ट्रेशन के एंट्री की अनुमति नहीं होती इसलिए पहले से रजिस्ट्रेशन कर लेना जरूरी है।

अमृत उद्यान में क्या-क्या देख सकते हैं?

अमृत उद्यान अपनी खूबसूरती और फूलों की विविधता के लिए जाना जाता है। यहां आपको 145 से ज्यादा किस्मों के गुलाब देखने को मिलते हैं जो इस गार्डन की खास पहचान हैं। इसके अलावा यहां 85 से अधिक प्रकार के अन्य फूलों के पौधे लगाए गए हैं जो पूरे गार्डन को बेहद आकर्षक बना देते हैं। यहां की सबसे खास बात यह है कि अमृत उद्यान में जगह-जगह लगे QR कोड को स्कैन करके आप फूलों और पौधों से जुड़ी पूरी जानकारी अपने मोबाइल पर आसानी से ले सकते हैं। इससे बच्चों और प्रकृति प्रेमियों को सीखने का भी अच्छा मौका मिलता है।

ट्यूलिप बने लोगों के आकर्षण का केंद्र

अमृत उद्यान में सबसे ज्यादा लोगों का ध्यान रंग-बिरंगे ट्यूलिप फूल खींचते हैं। ट्यूलिप जब पूरी तरह खिलते हैं तो पूरा गार्डन किसी तस्वीर जैसा नजर आता है। फोटो खिंचवाने और यादगार पल कैद करने के लिए यह जगह लोगों की पहली पसंद बन जाती है।

घूमने से पहले इन बातों का रखें ध्यान?

अमृत उद्यान घूमने जाते समय समय का खास ध्यान रखें और अपने तय स्लॉट पर ही पहुंचें। भीड़ को देखते हुए आरामदायक कपड़े पहनना बेहतर होता है। गार्डन के अंदर साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा जाता है इसलिए पर्यटकों से भी नियमों का पालन करने की उम्मीद की जाती है। खाने-पीने की चीजों को लेकर नियम हो सकते हैं इसलिए प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन जरूर करें।

क्यों खास है अमृत उद्यान?

अमृत उद्यान सिर्फ एक गार्डन नहीं बल्कि प्रकृति, शांति और सुंदरता का अनोखा संगम है। राष्ट्रपति भवन जैसे ऐतिहासिक परिसर में स्थित होने की वजह से इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। अगर आप दिल्ली घूमने का प्लान बना रहे हैं तो अमृत उद्यान को अपनी लिस्ट में जरूर शामिल करें।

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