शाहरुख खान IPL विवाद: KKR के फैसले पर सियासी और धार्मिक संगठनों का हंगामा

बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान ने अबू धाबी में आयोजित आईपीएल 2026 मिनी-नीलामी में केकेआर ने बांग्लादेश के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को 9.2 करोड़ रुपये में खरीदने के फैसले को लेकर राजनीतिक और धार्मिक संगठनों की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई सामने आई।

Bollywood superstar Shah Rukh Khan
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar02 Jan 2026 12:44 PM
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बता दें कि आईपीएल 2026 मिनी-नीलामी के बाद बॉलीवुड सुपरस्टार और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के को-ऑनर शाहरुख खान एक बड़े विवाद में घिर गए हैं। बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को 9.2 करोड़ रुपये में खरीदने के फैसले को लेकर राजनीतिक और धार्मिक संगठनों की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ नेताओं और संतों ने शाहरुख खान के खिलाफ कड़े बयान देते हुए उन्हें ‘गद्दार’ तक कह दिया है।

शिवसेना (यूबीटी) ने दी विरोध की चेतावनी

बता दें कि शिवसेना (यूबीटी) ने इस फैसले का विरोध करते हुए चेतावनी दी है कि यदि बांग्लादेशी खिलाड़ी को आईपीएल में खेलने की अनुमति दी गई, तो विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। पार्टी प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा कि यह मुद्दा सिर्फ खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे राष्ट्रीय भावनाएं जुड़ी हुई हैं। उन्होंने दावा किया कि अगर खिलाड़ी को टीम से बाहर किया जाता है तो पार्टी शाहरुख खान का सम्मान करेगी, लेकिन अगर उन्हें खिलाया गया तो इसका कड़ा विरोध होगा।

स्वामी रामभद्राचार्य का तीखा बयान

बता दें कि जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने शाहरुख खान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि बांग्लादेशी खिलाड़ी को टीम में शामिल करना देश के प्रति असंवेदनशीलता दर्शाता है। उन्होंने शाहरुख खान को ‘गद्दार’ कहकर संबोधित किया और उनके चरित्र पर सवाल उठाए।

देवकीनंदन ठाकुर ने भी जताई नाराजगी

बता दें​ कि आध्यात्मिक गुरु देवकीनंदन ठाकुर ने भी इस फैसले की निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को नजरअंदाज कर एक खिलाड़ी को टीम में शामिल करना अमानवीय है। उन्होंने मांग की कि खिलाड़ी को टीम से बाहर किया जाए और उसे दी जा रही राशि पीड़ित परिवारों की मदद में लगाई जाए।

पूर्व विधायक संगीत सोम का हमला

बता दें कि उत्तर प्रदेश के पूर्व विधायक संगीत सोम ने मेरठ में एक कार्यक्रम के दौरान शाहरुख खान को ‘गद्दार’ बताते हुए कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचारों के बीच ऐसे फैसले देश के हितों के खिलाफ हैं।

आईपीएल 2026 मिनी-नीलामी का मामला

गौरतलब है कि अबू धाबी में आयोजित आईपीएल 2026 मिनी-नीलामी में केकेआर ने बांग्लादेश के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को 9.2 करोड़ रुपये में खरीदा था। मुस्तफिजुर अब तक आईपीएल में 60 मैचों में 65 विकेट ले चुके हैं और उन्होंने 2016 में लीग में डेब्यू किया था। फिलहाल इस पूरे मामले पर शाहरुख खान या कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


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इक्कीस: एक शोक-स्मृति, न कि युद्ध जीतने की कहानी

कुछ फिल्में तालियाँ बटोरती हैं, कुछ नारे लगवाती हैं, और कुछ ऐसी भी होती हैं जो दर्शक को चुप करा देती हैं। इक्कीस तीसरी श्रेणी की फिल्म है। यह वह अनुभव है, जिसके बाद आप थिएटर से बाहर निकलते समय बोलना नहीं चाहते, क्योंकि गले में भावनाओं का भार होता है, शब्दों का नहीं।

The story beyond twenty-one acts of bravery
इक्कीस वीरता से आगे की कहानी (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar02 Jan 2026 11:26 AM
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यह फिल्म 21 साल की उम्र में परमवीर चक्र पाने वाले कैप्टन अरुण खेतरपाल की वीरगाथा नहीं, बल्कि उनकी अनुपस्थिति की कथा है—उस खालीपन की, जो पीछे रह जाता है। फिल्म दो समय-रेखाओं में आगे बढ़ती है, एक ओर 1971 का भारत-पाक युद्ध, जहाँ युवा टैंक कमांडर अरुण खेतरपाल (अगस्त्य नंदा) मोर्चे पर डटे हैं, और दूसरी ओर, कारगिल युद्ध के बाद का दौर, जहाँ उनके पिता ब्रिगेडियर एम.एल. खेतरपाल (धर्मेंद्र) पाकिस्तान जाते हैं—एक कॉलेज रियूनियन के बहाने, लेकिन असल में अतीत से सामना करने।

कहानी का मूल—युद्ध के शोर से परे एक स्मृति

इक्कीस में पाकिस्तान यात्रा के दौरान ब्रिगेडियर एम.एल. खेतरपाल का सामना पाकिस्तान के अधिकारी ब्रिगेडियर नसीर (जयदीप अहलावत) से होता है। यह मुलाक़ात धीरे-धीरे एक ऐसे सच की ओर बढ़ती है, जिसे कोई ज़ोर से कहना नहीं चाहता। फिल्म का असली असर इसी टकराव में छुपा है—युद्ध के बाद की चुप्पी में। इस दौर में सभी सवालों का जवाब नहीं मिलता, लेकिन कहानी का सत्य यही है कि शौर्य और युद्ध के बाद जो बचता है, वह सिर्फ एक गहरी चुप्प है।

निर्देशन: सूक्ष्मता की ताक़त, लेकिन असमान गति

निर्देशक श्रीराम राघवन इस फिल्म में अपने सिग्नेचर सस्पेंस से हटकर एक संयमित और गंभीर भाषा चुनते हैं। कई दृश्य बेहद असरदार हैं, जैसे टैंक के पेरिस्कोप से झांकता चेहरा, जो एक पल के लिए इतिहास को जीवित कर देता है। हालांकि, फिल्म की संरचना पूरी तरह संतुलित नहीं है। शुरुआती हिस्से में फ्लैशबैक का प्रवाह थोड़ा बिखरा हुआ लगता है और प्रशिक्षण के दृश्य अपेक्षित भावनात्मक गहराई नहीं बना पाते। लेकिन जैसे ही फिल्म अपने दूसरे हिस्से में प्रवेश करती है, उसका स्वर बदल जाता है—और यहीं से इक्कीस सच में पकड़ बनाती है।

अभिनय: धर्मेंद्र और जयदीप अहलावत की अदृश्य जंग

फिल्म की आत्मा दो कलाकारों में बसती है—धर्मेंद्र और जयदीप अहलावत। धर्मेंद्र का अभिनय किसी संवाद पर निर्भर नहीं है; उनकी आंखों की नमी, आवाज़ की थरथराहट और मौन ही सब कुछ कह देता है। यह उनके करियर की सबसे संवेदनशील प्रस्तुतियों में से एक है।

जयदीप अहलावत एक ऐसे पाकिस्तानी अधिकारी के रूप में सामने आते हैं, जो दुश्मन होते हुए भी शौर्य का सम्मान करना जानता है। दोनों के बीच के दृश्य—खासकर अंतिम हिस्से में—फिल्म को साधारण युद्ध कथा से ऊपर उठा देते हैं। अगस्त्य नंदा शारीरिक रूप से भूमिका के अनुरूप हैं और उनकी गंभीरता विश्वसनीय लगती है, लेकिन भावनात्मक स्तर पर उनका अभिनय सीमित रह जाता है। शहादत के भीतर चल रही उथल-पुथल को वे पूरी तरह व्यक्त नहीं कर पाते। सिमर भाटिया, अपने पहले ही प्रयास में, संयमित और सहज लगती हैं। उनका किरदार शोर नहीं मचाता, लेकिन अपनी मौजूदगी दर्ज कराता है।

संगीत और तकनीकी पक्ष

तनुज टिकू और केतन सोढ़ा का बैकग्राउंड स्कोर भावनाओं को बिना दबाव बनाए उभारता है। युद्ध दृश्य वास्तविक लगते हैं—बिना अनावश्यक नाटकीयता के।

दृष्टिकोण: शोर नहीं, सम्मान

आज की अधिकतर युद्ध फिल्में जहां आक्रामक राष्ट्रवाद का रास्ता चुनती हैं, इक्कीस एक कठिन लेकिन ईमानदार विकल्प अपनाती है। यह फिल्म यह स्वीकार करती है कि युद्ध में सम्मान हो सकता है, भले ही सीमाएं अलग हों। यह विचार हर दर्शक को सहज नहीं लगेगा और शायद फिल्म भी इस असहजता को जानती है—इसीलिए अंत में एक स्पष्ट संदेश देती है, ताकि भावनाओं को गलत दिशा न मिले।

निष्कर्ष: यह जीत नहीं, एक स्मरण है

इक्कीस तब सबसे प्रभावशाली होती है जब वह खुद को “युद्ध फिल्म” साबित करने की कोशिश छोड़ देती है। यह फिल्म हमें यह नहीं बताती कि हम कितने शक्तिशाली हैं, बल्कि यह याद दिलाती है कि हमारी आज़ादी की कीमत कितनी भारी रही है। यह फिल्म गर्व नहीं भरती—यह खाली कर देती है। और वही खालीपन, जो लंबे समय तक भीतर बना रहता है, इक्कीस की सबसे बड़ी सफलता है। यह सिनेमा नहीं, एक शोक-स्मृति है—उस बेटे के लिए, जो लौटकर नहीं आया। उस पिता के लिए, जो उस कमी के साथ जीता रहा। और उस देश के लिए, जो अपने नायकों को याद तो करता है, लेकिन अक्सर चुपचाप।

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फिनाले में असली विलेन का खेल खत्म, El पर क्या बीती? जानिए पूरी कहानी

फिनाले ने वही सवाल हवा में टांग दिए, जिन पर फैंस की सांसें अटकी रहीं क्या Eleven की कहानी यहीं खत्म हो गई? क्या Steve Harrington आखिरी जंग से बच पाया? और Will Byers, जो कभी सबसे कमजोर कड़ी माना जाता था, क्या वही इस निर्णायक लड़ाई का असली गेम-चेंजर बनकर उभरा?

Hawkins की आखिरी जंग में असली विलेन का खेल खत्म!
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locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar01 Jan 2026 11:09 AM
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Stranger Things Season 5 (Volume-3) : Hawkins नाम के छोटे-से अमेरिकी शहर से उठी रहस्य, डर और दोस्ती की यह दास्तान अब अपने सबसे बड़े और सबसे भावनात्मक मुकाम पर आकर ठहर गई है। Stranger Things Season 5 (Volume-3) के साथ नेटफ्लिक्स की इस आइकॉनिक सीरीज ने दर्शकों को एक ऐसी विदाई दी, जिसमें रोमांच भी है और दिल तोड़ देने वाला सन्नाटा भी। फिनाले ने वही सवाल हवा में टांग दिए, जिन पर फैंस की सांसें अटकी रहीं क्या Eleven की कहानी यहीं खत्म हो गई? क्या Steve Harrington आखिरी जंग से बच पाया? और Will Byers, जो कभी सबसे कमजोर कड़ी माना जाता था, क्या वही इस निर्णायक लड़ाई का असली गेम-चेंजर बनकर उभरा?

फिनाले की पूरी जानकारी

Stranger Things 5 का फिनाले एपिसोड The Right Side Up नाम के साथ सामने आया और यही एपिसोड सीरीज की आख़िरी, सबसे भारी-भरकम कड़ी बन गया। इसे 31 दिसंबर 2025 को दुनियाभर में एक साथ रिलीज़ किया गया, जबकि भारत में दर्शकों ने इसे 1 जनवरी 2026 की सुबह 6:30 बजे स्ट्रीम होते देखा। करीब 2 घंटे 8 मिनट का यह रनटाइम किसी सिनेमाई क्लाइमैक्स जैसा है जहां हर सीन में सस्पेंस की परतें, इमोशन का वजन और आख़िरी लड़ाई की धड़कनें साफ महसूस होती हैं।

क्या Steve Harrington की मौत हो गई?

फिनाले से पहले सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात की थी कि कहीं Steve Harrington इस बार बच न पाए,क्योंकि हर सीजन में सबसे बड़ा दांव अक्सर उसी जैसे किरदारों पर लगता रहा है। लेकिन मेकर्स ने आखिरी वक्त पर फैंस की धड़कनों को राहत में बदल दिया। Steve न सिर्फ जिंदा रहता है, बल्कि आख़िरी फ्रेम तक एक सॉलिड फाइटर की तरह खड़ा दिखाई देता है। उसके साथ Will, Mike, Dustin, Lucas और Max भी इस निर्णायक टकराव से बाहर निकल आते हैं। Steve की यह सर्वाइवल फिनाले के भारी माहौल में उम्मीद की एक चमक छोड़ जाती है ।

Eleven की कुर्बानी: क्या El सच में मर गई?

फिनाले की सबसे भारी और दिल चीर देने वाली परत Eleven और Kali (008) की कहानी में खुलती है। Vecna को खत्म करने और Upside Down को हमेशा के लिए मिटाने की कोशिश जब अपने चरम पर पहुंचती है, तभी एक गोली खेल पलट देती है और Kali की मौत इस लड़ाई को निजी, बेहद दर्दनाक बना देती है। इसी उथल-पुथल के बीच जैसे ही Upside Down ढहने लगता है, Eleven अचानक आंखों से ओझल हो जाती है।

क्या Eleven अब भी जिंदा है?

लेकिन कहानी का आख़िरी दरवाज़ा यहीं बंद नहीं होता। फिनाले के अंतिम मिनटों में Mike एक ऐसी थ्योरी रखता है, जो पूरे क्लाइमैक्स की तस्वीर बदल देती है। उसके मुताबिक Eleven और Kali (008) ने अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करके एक भ्रम (illusion) रचाजिससे सबको यही लगा कि Eleven खत्म हो गई। इसी संकेत के साथ यह संभावना भी मजबूत होती है कि Eleven किसी अनजान, सुरक्षित ठिकाने पर छिपकर अब भी ज़िंदा हो सकती है। मेकर्स ने El की किस्मत को जानबूझकर ओपन एंडिंग पर छोड़ दिया है ताकि फैंस के लिए आखिरी फ्रेम के बाद भी एक उम्मीद जिंदा रहे, और Hawkins की कहानी पूरी तरह “खत्म” न लगे।

Will Byers क्यों बना फिनाले की सबसे बड़ी कड़ी?

सीजन-5 यह साफ कर देता है कि Will अब वही डरा-सहमा बच्चा नहीं रहा। Vecna ने उसे कमजोर समझकर चुना था, लेकिन Will की Upside Down के Hive Mind से जुड़ने की क्षमता कहानी का रुख बदल देती है। इशारा मिलता है कि अब सिर्फ Eleven ही नहीं, बल्कि Will भी खास शक्तियों वाला किरदार बन चुका है और यही वजह है कि Vecna की योजना अंततः नाकाम हो जाती है। Stranger Things Season 5 (Volume-3)

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