महाशिवरात्रि में क्या करें और क्या न करें? त्यौहार से पहले जान लें वरना होगा पछतावा

Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि 2026 का व्रत और पूजा का पर्व 15 फरवरी को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान शिव की पूजा विधिपूर्वक करने और व्रत रखने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। महाशिवरात्रि व्रत के दौरान निर्जला, फलाहार या आंशिक व्रत रखा जा सकता है और शारीरिक व मानसिक शुद्धता बनाए रखना जरूरी है।

Mahashivratri Vrat
महाशिवरात्रि व्रत का महत्व
locationभारत
userअसमीना
calendar10 Feb 2026 04:40 PM
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महाशिवरात्रि हिन्दू धर्म का एक अत्यंत पवित्र पर्व है जिसे भगवान शिव को समर्पित किया गया है। इस वर्ष, महाशिवरात्रि 15 फरवरी (रविवार) को मनाई जाएगी। इस दिन भक्त भगवान शिव की पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं। मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक पूजा और व्रत करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। अगर आप पहली बार महाशिवरात्रि का व्रत रखने जा रहे हैं तो व्रत के दौरान कुछ महत्वपूर्ण नियमों का पालन करना आवश्यक है। यह आर्टिकल आपको पूरी जानकारी देगा कि महाशिवरात्रि व्रत कैसे रखें, क्या करें और क्या न करें।

महाशिवरात्रि का व्रत कैसे रखा जाता है?

महाशिवरात्रि का व्रत रखने के लिए सबसे पहले अपने लिए उपयुक्त व्रत का प्रकार चुनें। मुख्य रूप से तीन तरह के व्रत रखे जाते हैं-

1. निर्जला व्रत- इस व्रत में पूरे दिन पानी और भोजन दोनों का त्याग किया जाता है।

2. फलाहार व्रत- इस व्रत में केवल फल और व्रत के अनुसार विशेष चीजें खाई जाती हैं।

3. आंशिक व्रत- इसमें व्रत रखते हुए हल्का भोजन किया जा सकता है।

व्रत के दौरान शारीरिक और मानसिक शुद्धता बनाए रखना बहुत जरूरी है। इस दिन मन को सकारात्मक रखना चाहिए और भगवान शिव के मंत्रों का जाप करना लाभकारी माना जाता है। विशेष रूप से पंचाक्षरी मंत्र “ॐ नमः शिवाय” और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से मन और आत्मा दोनों को शांति मिलती है।

महाशिवरात्रि के दिन क्या करें?

1. शरीर को हाइड्रेट रखें- दिनभर पर्याप्त पानी पीते रहें ताकि कमजोरी न महसूस हो और शरीर में ऊर्जा बनी रहे।

2. पूजा और ध्यान करें- इस दिन भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

3. सकारात्मक सोच रखें- व्रत के दिन केवल सकारात्मक विचार रखें और मन को शांत रखें।

4. रातभर जागरण करें- महाशिवरात्रि की रात शिव ध्यान, मंत्र जाप और भजन में बिताएं।

महाशिवरात्रि के व्रत में क्या न करें?

1. ज्यादा मेहनत वाला काम न करें- भारी या थकाने वाले काम से बचें ताकि शरीर में कमजोरी न आए।

2. निगेटिव सोच से दूर रहें- गुस्सा, झगड़ा और नकारात्मक गतिविधियों से बचें।

3. तामसिक चीजों से परहेज करें- शराब, मांसाहार, प्याज, लहसुन और जुआ से दूर रहें।

4. रात को सोने से बचें- जागरण और ध्यान का महत्व इस दिन और बढ़ जाता है।

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Ramadan 2026: कब रखा जाएगा पहला रोजा? आ गई पक्की तारीख!

Ramadan 2026: रमजान 2026 भारत में कब शुरू होगा और पहला रोजा कब रखा जाएगा, इसकी पूरी जानकारी आपको इस आर्टिकल में मिलेगी। रमजान के पाक महीने में सहरी और इफ्तार का सही समय, रोजा रखने के नियम और ईद-उल-फित्र की संभावित तारीख भी विस्तार से बताई गई है।

Ramadan Mubarak
रमजान कब से है
locationभारत
userअसमीना
calendar10 Feb 2026 04:03 PM
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इस्लाम धर्म में रमजान का महीना सबसे पाक और रहमतों से भरा माना जाता है। इस महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग पूरे संयम, इबादत और सब्र के साथ रोजा रखते हैं। रमजान सिर्फ भूखा-प्यासा रहने का नाम नहीं है बल्कि यह आत्मशुद्धि, नेकी, दुआ और इंसानियत को बेहतर बनाने का महीना होता है। हर साल की तरह 2026 में भी लोगों के मन में यही सवाल है कि रमजान 2026 कब शुरू होगा, पहला रोजा कब रखा जाएगा और ईद कब मनाई जाएगी। आइए जानते हैं रमजान 2026 से जुड़ी हर अहम जानकारी।

रमजान 2026 कब शुरू होगा?

इस्लामिक (हिजरी) कैलेंडर के अनुसार रमजान साल का नौवां महीना होता है। रमजान की शुरुआत चांद दिखने पर निर्भर करती है जो शाबान महीने की 29 या 30 तारीख को देखा जाता है। शाही इमाम मौलाना सैय्यद फ़ज़लुल्ल मन्नान रहमानी के अनुसार, भारत में रमजान 2026 की शुरुआत 19 फरवरी 2026 से होने की संभावना है। यदि 18 फरवरी की शाम को चांद दिखाई देता है तो 19 फरवरी को पहला रोजा रखा जाएगा।

पहला रोजा कब रखा जाएगा?

संभावनाओं के अनुसार, भारत में पहला रोजा 19 फरवरी 2026 (गुरुवार) को रखा जा सकता है। हालांकि, अंतिम फैसला चांद दिखने के बाद ही होगा। इसी आधार पर सहरी, इफ्तार और नमाज का समय तय किया जाता है।

ईद-उल-फित्र 2026 कब मनाई जाएगी?

ईद-उल-फित्र जिसे मीठी ईद भी कहा जाता है, रमजान के खत्म होने पर मनाई जाती है। यह शव्वाल महीने के पहले दिन आती है और इसका निर्धारण भी चांद देखने पर ही होता है। मौलाना सैय्यद फ़ज़लुल्ल मन्नान रहमानी के अनुसार, ईद 20 या 21 मार्च 2026 को मनाई जा सकती है। अगर रमजान 29 दिनों का होता है तो ईद जल्दी और 30 दिनों का होता है तो एक दिन बाद मनाई जाती है।

रमजान के खास और अहम दिन

रमजान के आखिरी दस दिन सबसे ज्यादा अहम माने जाते हैं। इनमें शबे-कद्र की रात आती है जो हजार महीनों की इबादत से बेहतर मानी जाती है। 21वीं, 23वीं, 25वीं, 27वीं और 29वीं शब को खास तौर पर इबादत करने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा रमजान के आखिरी शुक्रवार को अलविदा जुमा की नमाज का बेहद महत्व होता है।

सहरी क्या होती है और इसका महत्व क्या है?

सहरी वह भोजन होता है जो रोजा रखने से पहले फज्र की नमाज से पहले किया जाता है। सहरी करने के बाद रोजेदार सूरज ढलने तक कुछ भी खाता-पीता नहीं है। इस्लाम में सहरी को बहुत बरकत वाला माना गया है क्योंकि यह पूरे दिन रोजा रखने के लिए शरीर को ऊर्जा देती है और अल्लाह की सुन्नत भी है।

इफ्तार क्या होता है?

दिन भर रोजा रखने के बाद सूर्यास्त के समय मगरिब की अजान के साथ रोजा खोला जाता है जिसे इफ्तार कहते हैं। अक्सर इफ्तार खजूर, पानी, फल या हल्के भोजन से किया जाता है। इफ्तार का समय दुआओं की कबूलियत का खास वक्त माना जाता है।

रमजान में जकात का महत्व

रमजान के महीने में जकात और सदका देना बहुत सवाब का काम माना गया है। जकात इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक है। मौलाना सैय्यद फ़ज़लुल्ल मन्नान रहमानी के अनुसार, अगर किसी के पास तयशुदा मालियत (निसाब) से ज्यादा संपत्ति है तो उसे 2.5% जकात जरूरतमंदों को देनी चाहिए। इस्लामिक मान्यता है कि रमजान में दिया गया दान कई गुना सवाब दिलाता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। चेतना मंच इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

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आप बुद्धिमान हैं अथवा नहीं, 12 गुण करेंगे फैसला

चाणक्य नीति में ऐसे 12 गुण बताए गए हैं जिनके आधार पर तय होगा कि व्यक्ति बुद्धिमान है अथवा नहीं। चाणक्य नीति में बताए गए गुण यदि आपके अंदर मौजूद हैं तो आप वास्तव में बुद्धिमान हैं। चाणक्य नीति में बताए गए गुण यदि आपके अंदर नहीं हैं तो आपको बुद्धिमान होने का भ्रम है।

चाणक्य नीति का बड़ा संदेश
चाणक्य नीति का बड़ा संदेश
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar09 Feb 2026 02:36 PM
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Chanakya Niti : आप बुद्धिमान हैं अथवा नहीं इस बात की पहचान करना बहुत मुश्किल काम नहीं है। आचार्य चाणक्य ने चाणक्य नीति में बुद्धिमान की पूरी पहचान बताई है। चाणक्य नीति में ऐसे 12 गुण बताए गए हैं जिनके आधार पर तय होगा कि व्यक्ति बुद्धिमान है अथवा नहीं। चाणक्य नीति में बताए गए गुण यदि आपके अंदर मौजूद हैं तो आप वास्तव में बुद्धिमान हैं। चाणक्य नीति में बताए गए गुण यदि आपके अंदर नहीं हैं तो आपको बुद्धिमान होने का भ्रम है।

हर कोई मानता है अपने आपको बुद्धिमान

यह दुनिया का सबसे बड़ा सत्य है कि हर कोई अपने आपको बुद्धिमान मानता है। काफी हद तक यह सही भी है कि जिस व्यक्ति के अंदर भी बुद्धि है वह तो वास्तव में बुद्धिमान होगा ही। वास्तव में बुद्धिमान व्यक्ति वही माना जाता है जिसके अंदर बुद्धिमान होने के सारे गुण मौजूद हैं। आचार्य चाणक्य ने चाणक्य नीति में बुद्धिमान व्यक्ति के 12 जरूरी गुण बताए हैं। हम आपको एक काम बता रहे है कि चाणक्य नीति में बुद्धिमान व्यक्ति में क्या-क्या गुण बताए गए हैं।

गुण नम्बर-1 :- योजनाओ को गुप्त रखना (Keeping Secrets)

चाणक्य नीति में कहा गया है कि एक बुद्धिमान व्यक्ति कभी भी अपने काम के शुरू होने से पहले उसकी चर्चा नहीं करता। वह जानता है कि योजना सार्वजनिक करने से उसमें बाधाएं आ सकती हैं या शत्रु उसका लाभ उठा सकते हैं। जब तक कार्य सफल न हो जाए, एक समझदार व्यक्ति उसे Confidential ही रखता है।

गुण नम्बर-2 :- कम बोलना और ज्यादा सुनना  (Listening More)

चाणक्य नीति में साफ कहा गया है कि ज्ञानी व्यक्ति की सबसे बड़ी पहचान उसका मौन है। वे व्यर्थ की बातों में ऊर्जा बर्बाद नहीं करते। वे दूसरों की बातों को ध्यान से सुनते हैं क्योंकि सुनने से ज्ञान बढ़ता है और सामने वाले की मंशा समझ आती है। istening Skills ही उन्हें सही निर्णय लेने में मदद करती है।

गुण नम्बर-3 :- दूसरों की गलतियों से सीखना(Learning from Others)

मनुष्य की उम्र इतनी लंबी नहीं होती कि वह हर गलती खुद करके सीखे। बुद्धिमान वही है जो दूसरों की असफलताओं को देखकर उनसे सबक ले ले। यह ्रAnalytical Thinking उसे भविष्य के बड़े नुकसानों से बचा लेती है।

गुण नम्बर-4 :- समय की कद्र करना (Time Management)

एक बुद्धिमान व्यक्ति के लिए समय ही सबसे बड़ा धन है। वह कभी भी कल पर काम नहीं टालता। चाणक्य कहते हैं कि जो व्यक्ति समय की कद्र नहीं करता, समय उसे नष्ट कर देता है। Punctuality   और अनुशासन उनके जीवन का आधार होते हैं।

गुण नम्बर-5 :- संकट में धैर्य बनाए रखना  (Patience in Crisis)

मुसीबत आने पर जो विचलित हो जाए, वह बुद्धिमान नहीं। समझदार इंसान संकट के समय शांत रहकर समाधान खोजता है। वह जानता है कि गुस्सा या डर उसकी सोचने की शक्ति को खत्म कर देगा। इसलिए Emotional Intelligence   के साथ वह कठिन समय को भी पार कर लेता है।

गुण नम्बर-6:- अपनी क्षमता का सही आकलन (Self-Awareness)

बुद्धिमान व्यक्ति को पता होता है कि उसकी ताकत क्या है और कमजोरी क्या। वह कभी भी अपनी क्षमता से बाहर जाकर दिखावे के लिए कोई काम नहीं करता। अपनी मर्यादा और ताकत को जानकर ही वह कदम आगे बढ़ाता है।

गुण नम्बर-7:- निरंतर सीखते रहने की इच्छा (Lifelong Learning)

ज्ञान का अहंकार कभी भी एक बुद्धिमान व्यक्ति को नहीं होता। वह हर छोटे-बड़े इंसान से कुछ न कुछ सीखने की कोशिश करता है। उसके लिए Continuous Learning   ही विकास का एकमात्र रास्ता है।

गुण नम्बर-8:- विवादों से दूरी बनाना  (Avoiding Conflicts)

बेवजह के वाद-विवाद और झगड़ों में पडऩा मूर्खों का काम है। बुद्धिमान व्यक्ति अपनी ऊर्जा सकारात्मक कार्यों में लगाता है। वह जानता है कि बहस जीतने से अच्छा है कि शांत रहकर अपना काम सिद्ध किया जाए।

गुण नम्बर-9 :- धन का संचय और सही उपयोग (Wealth Management)

चाणक्य नीति के अनुसार, पैसा मुसीबत का सबसे बड़ा साथी है। बुद्धिमान व्यक्ति फिजूलखर्ची से बचता है और बुरे समय के लिए Savings   करता है। वह धन का उपयोग केवल उपभोग के लिए नहीं बल्कि निवेश और सुरक्षा के लिए करता है।

गुण नम्बर-10 :- हार न मानना (Resilience)

असफलता एक बुद्धिमान व्यक्ति के लिए अंत नहीं बल्कि एक सीख है। वह गिरकर दोबारा उठने की ताकत रखता है। जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए, वह अपनी रणनीतियों को बदलता है लेकिन मैदान नहीं छोड़ता।

गुण नम्बर-11:- संगति का सही चुनाव (Right Company)

इंसान की पहचान उसकी संगति से होती है। बुद्धिमान व्यक्ति हमेशा विद्वानों और सकारात्मक सोच वाले लोगों के बीच रहता है। वह जानता है कि  Bad Company   उसे पतन की ओर ले जा सकती है।

12:- वर्तमान में जीना (Living in Present)

चाणक्य नीति में कहा गया है कि समझदार लोग बीते हुए कल का शोक नहीं मनाते और न ही भविष्य की चिंता में डूबे रहते हैं। वे वर्तमान पल में पूरी ईमानदारी से मेहनत करते हैं, क्योंकि आज का कर्म ही कल का भविष्य तय करता है। Chanakya Niti

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