गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने कर दिया पूरे देश को शर्मसार

इसी दौरान ग्रेटर नोएडा में स्थापित गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने भारत को पूरी दुनिया के सामने शर्मिंदा करने का काम कर डाला है। आपको बता दें कि ग्रेटर नोएडा की गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने चीन से इम्पोर्ट करके लाए गए एक AI रोबोट को अपना उत्पाद बताकर शिखर सम्मेलन के एक्सपो में प्रदर्शित कर डाला।

गलगोटिया यूनिवर्सिटी
गलगोटिया यूनिवर्सिटी
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar18 Feb 2026 01:46 PM
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Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा में स्थापित गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने पूरी दुनिया के सामने भारत को शर्मसार कर दिया है। ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में प्रसिद्ध रही गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने ऐसा बुरा काम किया है जिसके कारण पूरा भारत देश दुनिया के सामने शर्मिंदा हो गया है। भारत को दुनिया के सामने शर्मिंदा करने वाली गलगोटिया यूनिवर्सिटी अपने किए हुए पर पश्चाताप करने को भी तैयार नहीं है। गलगोटिया यूनिवर्सिटी के कर्ताधर्ता अपनी सबसे बड़ी गलती पर पर्दा डालने का असफल प्रयास कर रहे हैं। भारत में चल रहे कृत्रिम बुद्धिमता (AI) के अंतर्राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन पर पूरी दुनिया की निगाहें लगी हुई हैं। इसी दौरान ग्रेटर नोएडा में स्थापित गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने भारत को पूरी दुनिया के सामने शर्मिंदा करने का काम कर डाला है। आपको बता दें कि ग्रेटर नोएडा की गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने चीन से इम्पोर्ट करके लाए गए एक AI रोबोट को अपना उत्पाद बताकर शिखर सम्मेलन के एक्सपो में प्रदर्शित कर डाला। गलगोटिया यूनिवर्सिटी के स्टॉल पर प्रदर्शित किए गए चीनी AI रोबोट को कुछ दर्शकों ने गलगोटिया यूनिवर्सिटी के स्टॉल पर दिखाए जा रहे AI रोबोट की पोल खोलते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया कि भारत के ग्रेटर नोएडा में स्थापित गलगोटिया यूनिवर्सिटी चीनी सामान को अपना बताकर फर्जी तरह से वाहवाही लूट रही है। फिर क्या था। इस घटना से भारत देश पूरी दुनिया के सामने शर्मिंदा हो गया। 

गलगोटिया यूनिवर्सिटी को दिखाया गया बाहर का रास्ता

ग्रेटर नोएडा की गलगोटिया यूनिवर्सिटी की शर्मनाक हरकत के कारण AI शिखर सम्मेलन के आयोजकों ने कड़ा रूख अपनाया है। बता दें कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के आयोजकों ने दावों में गड़बड़ी और बढ़ते सोशल मीडिया हंगामे को देखते हुए गलगोटिया यूनिवर्सिटी को एक्सपो वेन्यू खाली करने का निर्देश दिया है। इंडिया एआई इंपैक्ट समिट राष्ट्रीय राजधानी के 'भारत मंडपम' में चल रही है। समिट के दौरान जब गलगोटिया यूनिवर्सिटी के स्टॉल पर चीन निर्मित 'Unitree Go2' रोबोट को 'ओरियन' नाम देकर पेश किया गया, तो वहां मौजूद विशेषज्ञों और सोशल मीडिया यूजर्स ने इसकी प्रामाणिकता पर सवाल उठाए। विवाद इतना बढ़ा कि समिट की गरिमा और 'मेक इन इंडिया' के विजन को ध्यान में रखते हुए आयोजकों ने सख्त रुख अपनाया।  आरोप है कि यूनिवर्सिटी ने एक कमर्शियल चाइनीज प्रोडक्ट को अपने 'इन-हाउस' इनोवेशन के रूप में पेश किया, जो एक्सपो के नियमों का उल्लंघन था। सूत्रों के अनुसार, समिट के आयोजक किसी भी प्रकार के 'बौद्धिक संपदा' विवाद या गलत दावों को बढ़ावा नहीं देना चाहते थे, जिसके चलते यूनिवर्सिटी को अपना प्रदर्शन रोकने और जगह खाली करने को कहा गया। एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच से इस तरह बाहर किया जाना एक बड़ा झटका माना जा रहा है। 



गलगोटिया यूनिवर्सिटी का झूठ पकड़ा गया

गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने फजीहत से बचने के लिए पहले एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा था कि उन्होंने कभी इसे अपना आविष्कार नहीं बताया, बल्कि यह छात्रों के लिए एक 'लर्निंग टूल' है। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में यूनिवर्सिटी प्रतिनिधि को स्पष्ट रूप से 'इसे हमने बनाया है' कहते सुना गया। वीडियो में कथित तौर पर यह दावा किया गया कि इसे गलगोटिया यूनिवर्सिटी के 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' द्वारा विकसित किया गया है। इसे भारतीय इनोवेशन और AI ब्रेकथ्रू के रूप में दिखाया गया। हालांकि X कम्युनिटी नोट ने इस दावे की पोल खोलते हुए इसे 'भ्रामक' करार दिया, जिससे आयोजकों पर कार्रवाई करने का दबाव और बढ़ गया। यह रोबो डॉग असल में चीन की प्रसिद्ध रोबोटिक्स कंपनी 'Unitree' का 'Go2' मॉडल है। इस रोबोट की ऑनलाइन कीमत लगभग 2 से 3 लाख रुपये है।




कांग्रेस पार्टी ने बनाया बड़ा मुददा

ग्रेटर नोएडा की गलगोटिया यूनिवर्सिटी के झूठ को कांग्रेस पार्टी ने बड़ा मुददा बना दिया है। कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक हैंडल से भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने एआई के क्षेत्र में भारत को वैश्विक स्तर पर हंसी का पात्र बना दिया है। पार्टी का दावा है कि इस घटना के बाद चीनी मीडिया भारत का मजाक उड़ा रहा है, जो देश के लिए शर्मनाक है। कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि वे खुद इन चीनी रोबोट्स को प्रमोट कर रहे थे। कांग्रेस ने कहा- मोदी सरकार ने देश की छवि को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है। उन्होंने एआई (AI) जैसे गंभीर क्षेत्र को एक मजाक बना दिया है, जबकि हमारे डेटा पावर के दम पर हम इस क्षेत्र में विश्व गुरु बन सकते थे। Greater Noida News




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नोएडा की ताज़ा ख़बरें, 18 फरवरी के अखबारों से, एक साथ पढ़ें

Noida की ताज़ा खबरें—अल्ट्रासाउंड सेंटर सील, ट्रैफिक डायवर्जन, मेडिकल पार्क निवेश, प्रतिमा चोरी और ग्रेनो वेस्ट बाढ़ सुरक्षा अपडेट।

नोएडा की ताज़ा ख़बरें, 18 फरवरी के अखबारों से, एक साथ पढ़ें
नोएडा की ताज़ा ख़बरें, 18 फरवरी के अखबारों से, एक साथ पढ़ें
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar18 Feb 2026 10:55 AM
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Noida News: नोएडा उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है। हर कोई नोएडा के विषय में जानना चाहता है। यहां नोएडा के प्रतिदिन के सभी समाचार अखबारों के हवाले से हम समाचार प्रकाशित करते हैं। नोएडा शहर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों में 18 फरवरी को क्या खास समाचार प्रकाशित हुए हैं यहां एक साथ पढऩे को मिलेंगे।


Noida News: समाचार अमर उजाला से  


अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचारडॉक्टर की गैरमौजूदगी में चल रहे 5 अल्ट्रासाउंड सेंटर सीलशीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि जिले में मानकों को नजरअंदाज कर चल रहे अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर कार्रवाई की गई है। गुप्त सूचना और औचक निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चार संदिग्ध अल्ट्रासाउंड सेंटर और एक निजी सेंटर की अल्ट्रासाउंड मशीन को सील किया है। डिप्टी सीएमओ डॉ. चंदन सोनी ने बताया कि अक्तूबर में सेक्टर 37 स्थित भारत स्कैनिंग सेंटर पर भ्रूण लिंग परीक्षण की गुप्त सूचना मिली थी। विभाग की टीम के निरीक्षण के बाद सेंटर को सील किया। एफआईआर भी हुई। इसके बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर अन्य सेंटरों की जांच जारी रही। पिछले एक महीने में पांच ऐसे सेंटर मिले जहां पर मानकों का उल्लंघन हो रहा था। डॉक्टर की गैरमौजूदगी में अल्ट्रासाउंड सेंटर खुले थे। जरूरी दस्तावेज और सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे थे। प्रसव पूर्ण प्रसव निदान लिंग चयन प्रतिरोध अधिनियम 1994 के तहत कार्रवाई की गई है। 

 

Noida News:


अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार रात में सेक्टर-62 से 71 तक लागू रहेगा ट्रैफिक डायवर्जनशीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि ट्रैफिक पुलिस ने सेक्टर-62 से सेक्टर-71 के बीच बिजली विभाग के कार्य के चलते यातायात डायवर्जन लागू किया है। यूपीपीसीएल ने 18 फरवरी से काम खत्म होने तक रोजाना रात 11 से सुबह 5:30 बजे तक 220 केवी सेक्टर-20 नोएडा (पॉली) से सेक्टर-62 टी-ऑफ तक लाइन पर कार्य किया जाएगा। इस दौरान सेक्टर-71 स्थित कैलाश अस्पताल के सामने - डिवाइडर पर कार्य प्रस्तावित है, जिससे - ट्रैफिक प्रभावित रहेगा। पुलिस के अनुसार, एलिवेटेड रोड/सेक्टर-60 चौक से डीएससी ग्रुप तिराहा (सेक्टर-67/70) की ओर जाने वाले वाहन सेक्टर-59 मेट्रो स्टेशन होते हुए यू-टर्न लेकर सेक्टर-60 अंडरपास से गंतव्य तक पहुंचेंगे। सेक्टर-62 से डीएससी तिराहा जाने वाले वाहन भी सेक्टर-60 अंडरपास के अंदर से जा सकेंगे। 

 

Hindi News:


अमर उजाला ने 18 फरवरी 2026 के अंक में प्रमुख समाचारयीडा के मेडिकल डिवाइस पार्क में निवेश करेंगी विदेशी कंपनियांशीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि यमुना सिटी के मेडिकल डिवाइस पार्क में विप्रो जीई, डिस्पोसेफ और इलैक्टा जैसी कंपनियों ने निवेश के लिए इच्छा जताई है। यीडा के अधिकारियों ने दुबई में आयोजित डब्ल्यूएचएक्स-2026 में कंपनियों से योजना साझा की थी। हेल्थ सेक्टर में दुनिया के सबसे बड़े एक्सपो में डब्ल्यूएचएक्स-2026 शामिल है। प्रदेश सरकार से विशेष सचिव (उद्योग) चंद्र विजय सिंह, केंद्र सरकार के निदेशक (फार्मास्युटिकल्स) हितेंद्र साहू, एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर मेडिकल डिवाइस के कार्यकारी निदेशक प्रवीण कुमार मित्तल ने बताया कि एक्सपो के दौरान इन कंपनियों को मेडिकल डिवाइस पार्क में विकसित सुविधाओं की जानकारी दी गई। आस्का लैब बनाने के लिए एक्यूप्रेक और टीयूवी एसयूडी से बातचीत हुई है। इसके लिए एक्यूप्रेक के प्रतिनिधि फरवरी के अंत में यमुना सिटी का दौरा करेंगे। इसे विकसित करने के लिए कंपनी करीब 250 करोड़ रुपये का निवेश कर सकती है। वहीं, अधिकारियों के मुताबिक, डिस्पोसेफ ने भी निवेश के लिए सहमति जताई है। इसके लिए कंपनी को निवेश मित्र पोर्टल के जरिए जमीन आवंटन के लिए आवेदन करने को कहा गया है। करीब 10 एकड़ जमीन की जरूरत कंपनी को होगी। इसी तरह प्रमुख भारतीय निर्यातक कंपनी पॉलीमेडिक्योर अपनी यूनिट शुरू करेगी। कुसुम हेल्थकेयर ने यूक्रेन और कॉमनवेल्थ देशों को निर्यात के लिए एक मेडिकल डिवाइस प्लांट लगाने में दिलचस्पी दिखाई है। अधिकारियों ने कहा कि इन कंपनियों के यमुना सिटी आने से बेहतर इंको सिस्टम विकसित होगा।

 

Noida News: समाचार दैनिक जागरण से


दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 18 फरवरी 2026 का प्रमुख समाचार800 वर्ष पुरानी प्रतिमा चोरी करने वाला मंदिर का सहायक और वेल्डर गिरफ्तारशीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि ईकोटेक-3 कोतवाली पुलिस ने सुनपुरा गांव स्थित प्रचीन जैन मंदिर में हुई चोरी की वारदात का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चोरी करने वाले आरोपियों में मंदिर का सहायक मुलायम और पूर्व वेल्डिंग कर्मचारी शामिल है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 800 वर्ष पुरानी अष्टधातु से निर्मित प्राचीन प्रतिमा, चांदी की - पांडुकशिला के आठ टुकड़े, चांदी का नारियल और चांदी का कलश बरामद किया है। बरामद सामान की कीमत एक करोड़ से अधिक की है। एसीपी राजीव कुमार गुप्ता के अनुसार सोमवार को सूचना मिली कि सुनपुरा गांव के जैन मंदिर में कार्यरत मुलायम और चेतन ने मंदिर परिसर से चांदी की पांडुशिला, नारियल, कलश तथा अष्ठधातु की प्राचीन प्रतिमा चोरी कर ली है। मामले में मंदिर के अकाउंटेंट आशीष कुमार की तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई। सर्विलांस और गोपनीय सूचना के आधार पर मंगलवार को पुलिस ने सुनपुरा गांव क्षेत्र से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किया गया समस्त सामान बरामद किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुलायम सिंह निवासी गांव बिजोरी पाठक जनपद दमोह मध्यप्रदेश और चेतन निवासी गांव धूम मानिकपुर बादलपुर के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि चोरी की वारदात में कोई अन्य व्यक्ति शामिल तो नहीं है।

 

दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में प्रमुख समाचारग्रेनो वेस्ट में हरनंदी का पानी घुसने से रोकने के लिए बन रहा रेगुलेटरशीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि ग्रेटर नोएडा ग्रेटर नोएडा वेस्ट को हरनंदी की बाढ़ से सुरक्षित करने के लिए बिसरख नाले पर रेगुलेटर लगाने का काम शुरू हो गया है। मानसून के दौरान नाले के जरिये हरनंदी का पानी ग्रेटर नोएडा वेस्ट के इलाके तक पहुंचने से रोका जा सकेगा। सिंचाई विभाग की निगरानी में हो रहे इस काम को अगस्त तक पूरा किया जाएगा। प्राधिकरण व सिंचाई विभाग की टीम ने मंगलवार को रेगुलेटर के कार्य का निरीक्षण कर समय से कार्य पूरा करने के निर्देश एजेंसी को दिए। बिसरख क्षेत्र में ऐमनाबाद के निकट नाला हरनंदी में मिलता है। मानसून में हरनंदी का जलस्तर बढ़ने से नाले का पानी बैंक होता है। नाले में पानी का स्तर बढ़ने से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर -व गांवों जलभराव का खतरा बढ़ जाता है। सेक्टर एक, बिसरख, जलपुरा, ऐमनाबाद आदि गांवों व कालोनियों में घुसने की आशंका बनी रहती है। हरनंदी में बाढ़ के हालात में ग्रेटर नोएडा वेस्ट व - सेक्टरों में पानी पहुंचने से रोकने के -- लिए ऐमनाबाद तटबंध पर नाले पर - रेगुलेटर लगाने का काम हो रहा है। इस पर 10 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसे ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण वहन करेगा। प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक मनोज कुमार सचान ने बताया कि बिसरख नाले पर रेगुलेटर का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके लिए 5 करोड़ रुपये की धनराशि सिंचाई विभाग को जारी हो चुकी है। अगस्त तक काम पूरा करने का लक्ष्य है।

 

दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 18 फरवरी  का प्रमुख समाचार सर्वे लेखपाल का रिश्वत लेते हुए वीडियो प्रसारित, कार्रवाई की मांगशीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि जमीन का दाखिल खारिज और हाईवे में जा रही जमीन का मुआवजा दिलवाने के नाम पर सर्वे लेखपाल का रिश्वत लेते वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। पीड़ित ने अधिकारियों से कार्रवाई की मांग कर किसानों को न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। सर्वे एआरओ ने जांच के बाद लेखपाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कहीं है। झुप्पा गांव यमुना नदी के किनारे होने की वजह से सर्वे में है। झुप्पा गांव के पीड़ित किसान वीरेंद्र ने अपनी पत्नी नीतू के नाम से एक बीघा जमीन खरीदी थी। आरोप है कि जमीन का दाखिल खारिज कराने के लिए सर्वे लेखपाल ने उनसे रिपोर्ट लगाने के नाम पर पैसों की मांग रखी थी। 15 हजार किसान ने पहले दे दिए, लेखपाल ने फिर से पैसे लेकर किसान को कलक्ट्रेट आफिस में बुलाया व 10 हजार लेते वक्त किसी ने वीडियो बना लिया। दूसरे किसान जयपाली का आरोप है उनकी जमीन अलीगढ़ पलवल हाईवे में जा रही है। इसका मुआवजा दिलाने को उनसे भी रिश्वत की मांगी गई थी। रिश्वत लेते वीडियो प्रसारित होने के बाद किसानों ने अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की।


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ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का बड़ा एक्शन, 10 सोसायटियों पर ठोका भारी जुर्माना

ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के अनुसार, सीईओ एनजी रवि कुमार तक लगातार शिकायतें पहुंच रही थीं कि ग्रेटर नोएडा की कई हाई-राइज सोसायटियों में STP नियमित रूप से नहीं चल रहा और घरेलू सीवरेज बिना शोधन सीधे नालों में बहाया जा रहा है।

ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी का सख्त एक्शन
ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी का सख्त एक्शन
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar17 Feb 2026 01:56 PM
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Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा में सीवर का पानी बिना ट्रीटमेंट नालों में छोड़ने वाली बिल्डर सोसायटियों पर ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने सख्त शिकंजा कस दिया है। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की ताजा जांच में 10 और सोसायटियों के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) बंद मिले, जिसके बाद हर सोसायटी पर 5-5 लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया गया। इस कार्रवाई को ग्रेटर नोएडा में पर्यावरण सुरक्षा और भूजल संरक्षण के लिए ‘नो-कम्प्रोमाइज’ कदम माना जा रहा है। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के अनुसार, सीईओ एनजी रवि कुमार तक लगातार शिकायतें पहुंच रही थीं कि ग्रेटर नोएडा की कई हाई-राइज सोसायटियों में STP नियमित रूप से नहीं चल रहा और घरेलू सीवरेज बिना शोधन सीधे नालों में बहाया जा रहा है। शिकायतों की पुष्टि के लिए सीवर विभाग ने फील्ड निगरानी बढ़ाई और अब नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की रफ्तार और तेज कर दी है।

रिपोर्ट के बाद हुई क्रॉस-चेकिंग

ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने 220 से अधिक सोसायटियों को नोटिस भेजकर एसटीपी की मौजूदा स्थिति पर रिपोर्ट मांगी थी। अब तक करीब 30 सोसायटियों के प्रबंधन ने जवाब देकर दावा किया कि उनके यहां एसटीपी सुचारू रूप से संचालित हैं। इसके बाद अथॉरिटी ने कागजी रिपोर्ट पर भरोसा करने के बजाय मैदान में जाकर क्रॉस-चेकिंग कराई। सीवर विभाग के सीनियर मैनेजर सन्नी यादव के अनुसार, जांच के दौरान 10 और सोसायटियों में एसटीपी बंद मिले। नियम उल्लंघन की पुष्टि होने पर अथॉरिटी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए हर सोसायटी पर 5-5 लाख रुपये की पेनल्टी लगा दी।

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

यह पहली बार नहीं है जब ग्रेटर नोएडा में एसटीपी बंद होने पर दंडात्मक कार्रवाई हुई हो। इससे पहले भी 25 सोसायटियों में जांच के दौरान एसटीपी बंद मिलने पर जुर्माना लगाया जा चुका है। अथॉरिटी ने स्पष्ट किया है कि सोसायटियों से निकलने वाले सीवरेज को शोधित करने के लिए एसटीपी का संचालन अनिवार्य है और इसकी जिम्मेदारी संबंधित बिल्डर/मेंटेनेंस प्रबंधन की होती है। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने हाल ही में ग्रेनो वेस्ट की एक सोसायटी में बेसमेंट में सीवर का पानी भरने की घटना को गंभीर लापरवाही मानते हुए बिल्डर पर 50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था। अथॉरिटी का कहना है कि उस सोसायटी का एसटीपी करीब दो साल से बंद पड़ा था, जिससे समस्या बढ़ती गई। अथॉरिटी के अनुसार, बिना ट्रीटमेंट सीवर पानी नालों में छोड़ने से ग्रेटर नोएडा में पर्यावरण, नालों की गुणवत्ता और भूजल पर सीधा और गंभीर असर पड़ता है। इसी वजह से अब निरीक्षण को नियमित बनाया जा रहा है और नियम तोड़ने पर सख्त दंड तय किया गया है। Greater Noida News

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