Friday, 23 February 2024

केवल इन पाँच आसनों के नियमित अभ्यास से 3 महीने में करे मोटापा दूर और पाए एक स्वस्थ, सुडोल, आकर्षक शरीर

मोटापे को कम करने और एक स्लिम और स्वस्थ शरीर प्राप्त करने के लिए कई योगासन और प्राणायाम हो सकते हैं

केवल इन पाँच आसनों के नियमित अभ्यास से 3 महीने में करे मोटापा दूर और पाए एक स्वस्थ, सुडोल, आकर्षक शरीर

 Weight loss yoga asanas : मोटापे को कम करने और एक स्लिम और स्वस्थ शरीर प्राप्त करने के लिए कई योगासन और प्राणायाम हो सकते हैं। योग आपको न केवल शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद करता है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी बढ़ावा देता है।यहां हम आपको केवल उन चार आसनो को बताने जा रहे हैं जिनके नियमित अभ्यास से आप अतिशिघ्र ही प्रभावी तौर पर अपने मोटापे को कम कर एक स्लिम और आकर्षक शरीर पा सकते हैं:
1. सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar): सूर्य नमस्कार एक पूर्ण शारीरिक योगासन है जो सारे शरीर को सक्रिय कर स्वस्थ बनाता है।
सूर्य नमस्कार का क्रम:
i. प्रणामासन (Pranamasana): इस आसन में सीधे खड़े होकर हाथ जोड़ें।
ii हस्ताउत्तानासन (Hasta Uttanasana): अपने हाथों को ऊपर उठाएं और पीठ को आकाश की ओर देखें।
iii. पादहस्तासन (Padahastasana): हाथों को ज़मीन पर लगाएं और सिर को घुटनों के पास ले जाएं।
iv. आश्वासन (Ashwa Sanchalanasana): दाहिने पैर को पीछे बढ़ाएं और दाहिने घुटने को ज़मीन पर लगाएं, बाएँ हाथ को बाएँ घुटने के पास ले जाएं।
V. दण्डासन (Dandasana): पूरे शरीर को सीधा रखें, हाथों को ज़मीन पर लगाएं।
Vi. आष्टांग नमस्कार (Ashtanga Namaskara): ज़मीन पर बैठकर आठ बिंदुओं को छूने के लिए क्षमता बनाएं।
Vii. भुजंगासन (Bhujangasana): इस आसन में सीधे होकर शरीर को ऊपर उठाएं, मुख ऊपर रखें।
Viii. पादाहस्तासन (Padahastasana): प्रारंभिक स्थिति में वापस आएं और शरीर को आगे झुकाएं।
Ix. हस्ताउत्तानासन (Hasta Uttanasana): हाथों को ऊपर उठाएं और पीठ को आकाश की ओर देखें।
X. प्रणामासन (Pranamasana): समाप्त होने पर पहली स्थिति में वापस पहुंचें और आंतरिक शांति के साथ प्रणाम करें।
लाभ: मोटापे से मुक्ति: सूर्य नमस्कार में कई आसन होते हैं जो पेट की चर्बी को कम कर शरीर को पुष्ट करते हैं।

2. पादहस्तासन (Padahastasana): इस आसन से कमर और पेट की चर्बी कम होती है और सिर को नीचे ले जाने से मस्तिष्क को शांति मिलती है।पादहस्तासन (Padahastasana) शारीरिक लचीलापन बढ़ाता है, कमर की मांसपेशियों में कसावट लाकर पेट की चर्बी को कम करने में मदद करता है। यह आसन शरीर को कसकर खड़ा होने की आदत डालने का भी अच्छा तरीका है। इसे सुर्य नमस्कार का हिस्सा भी माना जाता है।
पादहस्तासन कैसे करें:
i. पहले, खड़े हो जाएं और हैंडस टचिंग द ग्राउंड की स्थिति में आएं।
ii. फिर, धीरे-धीरे श्वास को बाहर छोड़ते हुए आपके हाथों को सीधा रखते हुए आपका शरीर आगे की ओर मुड़े।
iii. आपके हाथ झुकाये हुए अपने पैरों को छूने का प्रयास करें, ज्यादा संभाल के किया जाए ताकि कमर में जोर ना आए।
iv. श्वास बाहर छोड़ते हुए धीरे-धीरे अपने शरीर को और आगे की ओर झुकाएं, जिससे आपके पूरे शरीर को जमीन की ओर ले जाया जाए।
v. इस स्थिति में रहें और धीरे-धीरे श्वास छोड़ते हुए पूरी तरह से नीचे की ओर झुकें।
vi. आपके सिर को ज़मीन पर लगाएं और अपने पैरों को ज़मीन पर लगाएं।
vii. सही स्थिति में आने पर, श्वास बाहर छोड़ते हुए धीरे-धीरे अपने शरीर को ऊपर उठाएं और आगे की ओर झुकें।
viii. इस प्रक्रिया को कुछ समय के लिए दोहराएं और फिर स्थिति को छोड़ें।

लाभ: मोटापे से मुक्ति: पुष्ट शरीर
i. मोटापे को कम करने में मदद करता है।
ii. कमर की मांसपेशियों को मजबूत करता है।
iii. पेट की चर्बी को कम करने में सहायक है।
iv. शरीर को लचीला बनाए रखने में मदद करता है।
v. यह योगासन मानसिक स्थिति को भी सुधार सकता है और तनाव को कम कर सकता है।

3. पश्चिमोत्तानासन (Paschimottanasana): इस आसन से न केवल कमर और पेट की मोटापा को कम करने में मदद मिलती है बल्की पश्चिमोत्तानासन (Paschimottanasana) पूरे शरीर की मोटापे को कम करने, कमर को मजबूत बनाए रखने, और पीठ में लचीलापन बनाए रखने में मदद करता है। यह आसन सीधे बैठकर किया जाता है ।

पश्चिमोत्तानासन कैसे करें:
पहले, एक योग दरी पर बैठें और अपने पैरों को सीधा रखें।
अब, अपने हाथों से पैरों की उंगलियों को पकड़ने के लिए शरीर को आगे की ओर बढ़ाएं।
धीरे-धीरे आगे की ओर झुकें, अपने पूरे शरीर को घुटने की ओर ले जाने का प्रयास करें।
अपने सिर को घुटने परलगाने का प्रयास करें।
इस स्थिति में रहें और धीरे-धीरे श्वास छोड़ते हुए आगे की ओर और नीचे की ओर जाएं।
यदि संभव हो, अपने पूरे शरीर को अपने जांघों के संपर्क से ज्यादा नीचे ले जाएं।
साँस भरते हुए धीरे-धीरे वापस आये
लाभ : मोटापे से मुक्ति: पुष्ट लचीला शरीर ।
4. भुजंगासन (Bhujangasana): यह आसन कमर की मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद करता है और पेट की चर्बी को जादूई रूप से कम करने में सहायक होता है।यह आसन पीठ को मजबूत बनाए रखने, कमर की मांसपेशियों को मजबूत करने, और रीढ़ की हड्डी को सुडौल बनाए रखने में मदद करता है।

भुजंगासन कैसे करें:
i. सबसे पहले योगा दरी पर पेट के बल लेट जाये
ii. अब, अपने हाथों को कंधों के समीप रखें और हथेलिया ज़मीन की ओर रखें।
iii. सांस बाहर छोड़ते हुए अपने हाथों की सहायता से आगे की ओर उठें।
iv. हाथों को सीधा रखें और अपनी छाती को मैट से ऊपर उठाएं।
v. दृष्टि सामने की ओर रखें।
vi. सही स्थिति में आने पर, धीरे-धीरे श्वास छोड़ते हुए और ऊपर की ओर उठें।
vii. कमर ऊपर उठाएं और पीठ को पीछे की ओर बढ़ाएं, जिससे छाती बाहर निकले।
viii. इस स्थिति में रहें और धीरे-धीरे श्वास साँस लेते और छोड़ते हुए समय बिताएं।
ix. धीरे-धीरे वापस आएं और पेट की ओर लेट जाएं।
लाभ : मोटापे से मुक्ति: पुष्ट, लचीला,युवा शरीर ।

5. उत्तानपादासन (Uttanpadasana): यह आसन पेट की चर्बी को कम करता है।
उत्तानपादासन (Uttanpadasana) पेट की चर्बी को कम करने, कमर को मजबूत बनाता है।
चर्बीको कम करके कमर को मजबूत बनाता है साथ- साथ पैरों की मसल्स को भी मजबूत बनाताहै।

उत्तानपादासन कैसे करें:
i. सबसे पहले योगा दरी पर पेट के बल लेट जाये।
i. हाथों को शरीर के साथ सीधा रखें और पैरों को एकदूसरे के साथ मिलाएं।
ii. श्वास को समान रूप से बाहर और अंदर लेते हुए, धीरे-धीरे पैरों को एक साथ ऊपर की ओर उठाएं।
iii. श्वास छोड़ते समय, पैरों को 45-60 डिग्री की ऊचाई पर ले जाएं।
iv. धीरे-धीरे पैरों को दरी पर वापस लाएं, लेकिन उन्हें ज़मीन पर न छूने दें।
v. इस स्थिति में रहें और धीरे-धीरे श्वास छोड़ते हुए पूरी तरह से पैरों को ऊपर उठाएं।
vi. सही स्थिति में आने पर, धीरे-धीरे श्वास छोड़ते हुए और पूरी तरह से नीचे की ओर आएं।
लाभ : मोटापे से मुक्ति: पुष्ट, लचीला,युवा, स्लिम फिट आकर्षक शरीर
प्राणायाम
प्राणायाम भी मोटापे को कम करने और स्वस्थ्य बनाए रखने में मदद करता है। कुछ प्रणायाम जैसे कि अनुलोम विलोम, कपालभाति, भ्रामरी आदि करना फायदेमंद होता है।
हमेशा ध्यान दें कि योग या प्रणायाम को शुरू करने से पहले, विशेषकर यदि किसी को किसी प्रकार की चिकित्सा समस्या हो, तो डॉक्टर से परामर्श करना सुरक्षित होता है। और योग को किसी योग गुरु की देख -रेख में नियमितरूप से करना सुरक्षित होता है।

सर्दी के मौसम में रामबाण औषधि है एक छोटी सी जड़

Related Post