सेवा तीर्थ बना सत्ता का नया पावर सेंटर, जानिए PMO के नए दफ्तर की खास बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (शुक्रवार) शाम नए प्रधानमंत्री कार्यालय की इमारत सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन का उद्घाटन करेंगे। बता दें कि इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय का प्रमुख कामकाज धीरे-धीरे साउथ ब्लॉक से हटकर इसी नए परिसर से संचालित होगा।

PMO के नए दफ्तर की झलक
PMO के नए दफ्तर की झलक
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar13 Feb 2026 10:48 AM
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Seva Teerth : देश की सत्ता और प्रशासन का सबसे अहम केंद्र अब नए पते पर शिफ्ट होने जा रहा है। शुक्रवार, 13 फरवरी 2026 से प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का संचालन ऐतिहासिक साउथ ब्लॉक के बजाय दिल्ली के दारा शिकोह रोड पर बने नए परिसर सेवा तीर्थ से होगा। करीब 2.26 लाख वर्ग फुट में फैला यह परिसर नीति-निर्णय की गति, सुरक्षा समन्वय और प्रशासनिक कामकाज को एक छत के नीचे लाने के मकसद से तैयार किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (शुक्रवार) शाम नए प्रधानमंत्री कार्यालय की इमारत सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन का उद्घाटन करेंगे। बता दें कि इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय का प्रमुख कामकाज धीरे-धीरे साउथ ब्लॉक से हटकर इसी नए परिसर से संचालित होगा। सेवा तीर्थ की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ-साथ कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) को भी जगह दी गई है। पहले ये प्रमुख संस्थान अलग-अलग स्थानों पर थे, जिससे उच्चस्तरीय बैठकों और समन्वय में समय लगता था। अब इसी परिसर में कैबिनेट मीटिंग आयोजित करना भी ज्यादा सहज हो जाएगा।

कितना खर्च आया और क्या है ढांचा?

प्रधानमंत्री कार्यालय को ‘सेवा तीर्थ’ में शिफ्ट करने के पीछे मकसद सिर्फ पता बदलना नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन की रफ्तार और व्यवस्था को नया ढांचा देना बताया जा रहा है। इससे प्रधानमंत्री के आवागमन को ज्यादा सुव्यवस्थित रखने के साथ-साथ विजय चौक और आसपास के इलाकों में बार-बार होने वाली ट्रैफिक असुविधा में भी कमी आने की उम्मीद है। विजय चौक के नजदीक तैयार इस आधुनिक परिसर पर करीब 1,189 करोड़ रुपये की लागत आई है। यहां कामकाज को बेहतर समन्वय के साथ चलाने के लिए तीन प्रमुख भवन बनाए गए हैंसेवा तीर्थ-1 में प्रधानमंत्री कार्यालय, सेवा तीर्थ-2 में कैबिनेट सचिवालय और सेवा तीर्थ-3 में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) व राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के दफ्तर संचालित होंगे

‘सेवा तीर्थ’ की हाईटेक खूबियां

नए परिसर को भविष्य की सरकारी कार्यसंस्कृति को ध्यान में रखकर पूरी तरह टेक्नोलॉजी-फ्रेंडली रूप में विकसित किया गया है। यहां हाई-स्पीड इंटरनेट के साथ पेपरलेस वर्किंग को बढ़ावा देने वाले डिजिटल आर्काइव्स तैयार किए गए हैं, ताकि दस्तावेजों का प्रबंधन तेज और सुरक्षित हो सके। बैठकों के लिए अत्याधुनिक तकनीक से लैस कॉन्फ्रेंस रूम बनाए गए हैं, वहीं सुरक्षा और निगरानी के लिहाज से स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल सिस्टम और मजबूत मॉनिटरिंग नेटवर्क तैनात है। इसके अलावा एडवांस्ड एनर्जी रिस्पॉन्स/इन्फ्रास्ट्रक्चर के जरिए पूरे परिसर को ऊर्जा-कुशल और ऑपरेशनल रूप से स्मार्ट बनाया गया है।

साउथ ब्लॉक में आज आखिरी कैबिनेट बैठक

इसी बीच, साउथ ब्लॉक स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में आज कैबिनेट की आखिरी और ऐतिहासिक बैठक होने जा रही है, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। यह भवन करीब 80 वर्षों से देश के शासन का प्रतीक रहा है। इतिहास के पन्नों में दर्ज है कि साउथ ब्लॉक के इसी कार्यालय में 15 अगस्त 1947 को पहली कैबिनेट बैठक हुई थी, जिसकी अध्यक्षता भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने की थी। अब 13 फरवरी 2026 की बैठक के साथ यह अध्याय समापन की ओर बढ़ेगा और सत्ता का औपचारिक संचालन ‘सेवा तीर्थ’ में केंद्रित हो जाएगा। Seva Teerth

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मुंबई के जुहू बीच पर मिले अधजले शव का मुंबई पुलिस ने किया खुलासा

जुहू कोलीवाड़ा लैंडिंग पॉइंट बीच पर एक लाश मिलने की खबर से हड़कंप मच गया। शव काफी हद तक सड़ चुका था। हालांकि, मृतक की उंगली में मौजूद खास अंगूठी को देखकर अशोक की पत्नी ने उसकी पहचान की, जिससे पुलिस की जांच को रफ्तार मिली।

Juhu Beach Reveal
जुहू बीच पर मिला अधजला शव (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar12 Feb 2026 08:41 PM
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Mumbai News : मुंबई के जुहू बीच पर समुद्र किनारे मिली सड़ी-गली लाश ने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी थी। इस जटिल मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने में मुंबई पुलिस के लिए सबसे अहम सुराग मृतक की उंगली में पहनी हुई पत्थर जड़ी अंगूठी बनी। इसी अंगूठी की मदद से शव की पहचान हो सकी और पुलिस ने हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया। सांताक्रूज़ पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए 40 वर्षीय कारपेंटर अशोक गौड़ की हत्या के आरोप में उसके ही दोस्त वाहीद अली मोहम्मद इसराइल शेख उर्फ मिट्टू (30) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी वाहीद मालवणी इलाके में गारमेंट फैक्ट्री चलाता है।

क्या है पूरा मामला?

सोमवार सुबह जुहू कोलीवाड़ा लैंडिंग पॉइंट बीच पर एक लाश मिलने की खबर से हड़कंप मच गया। शव काफी हद तक सड़ चुका था। हालांकि, मृतक की उंगली में मौजूद खास अंगूठी को देखकर अशोक की पत्नी ने उसकी पहचान की, जिससे पुलिस की जांच को रफ्तार मिली। जांच में सामने आया कि अशोक और वाहीद दोनों उत्तर प्रदेश के बरदह गांव के रहने वाले थे और सालों से एक-दूसरे को जानते थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपी वाहीद के अशोक की पत्नी के साथ कथित संबंध थे, जिसे लेकर दोनों के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था।

ऐसे हुई हत्या और फेंका गया शव

पुलिस के अनुसार, 29 जनवरी को फैक्ट्री के कर्मचारियों के जाने के बाद वाहीद ने अशोक को मालवणी स्थित अपनी गारमेंट फैक्ट्री में बुलाया। वहां दोनों ने साथ बैठकर शराब पी। इसी दौरान दोनों के बीच बहस बढ़ गई और गुस्से में आकर वाहीद ने धारदार हथियार से अशोक पर हमला कर दिया, जिसमें अशोक की मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने के लिए शव के टुकड़े कर दिए और हथियार को ठिकाने लगा दिया। उसने शव को सीमेंट की बोरी में भरकर समुद्र में फेंक दिया। कुछ दिन बाद शव का ऊपरी हिस्सा बहते हुए जुहू बीच तक पहुंच गया।

पुलिस ने ऐसे पकड़ा कातिल

9 फरवरी को गश्त के दौरान एक पुलिस कांस्टेबल की नजर जेट्टी से करीब 40 मीटर दूर पानी में तैरती नीली पॉलिथीन पर पड़ी। जब उसे बाहर निकाला गया तो उसके अंदर सीमेंट की बोरी में सिर से कमर तक का हिस्सा मिला। इसके बाद सांताक्रूज़ पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने तटीय इलाकों के थानों में दर्ज गुमशुदगी की शिकायतें खंगालीं, जिसमें मालवणी थाने में अशोक की गुमशुदगी की रिपोर्ट मिली। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिरों की मदद से पुलिस आरोपी तक पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। Mumbai News

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धर्मेद्र प्रधान ने कहा- कक्षा 3 से ही एआई आधारित शिक्षा शुरू की जाएगी

तकनीक अब शिक्षा तंत्र का केंद्रीय तत्व बनती जा रही है। सरकार ने ज्ञान और बौद्धिक क्षमता के विकास के लिए शिक्षा क्षेत्र में एआई के लिए एक सेंटर आॅफ एक्सीलेंस स्थापित किया है। इसका उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों दोनों को उन्नत डिजिटल उपकरणों से सशक्त बनाना है।

pradhan
एआई कॉन्क्लेव-2026 के उद्घाटन अवसर
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar12 Feb 2026 07:03 PM
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AI Based Education : केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भारत बोधन एआई कॉन्क्लेव-2026 के उद्घाटन अवसर पर देश की शिक्षा व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को व्यापक रूप से शामिल करने की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने घोषणा की कि आने वाले समय में कक्षा 3 से ही आयु-उपयुक्त एआई आधारित शिक्षा शुरू की जाएगी, ताकि बच्चों को शुरुआती स्तर से ही नई तकनीकों से परिचित कराया जा सके।

तकनीक अब शिक्षा तंत्र का केंद्रीय तत्व बनती जा रही

मंत्री ने कहा कि तकनीक अब शिक्षा तंत्र का केंद्रीय तत्व बनती जा रही है। सरकार ने ज्ञान और बौद्धिक क्षमता के विकास के लिए शिक्षा क्षेत्र में एआई के लिए एक सेंटर आॅफ एक्सीलेंस स्थापित किया है। इसका उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों दोनों को उन्नत डिजिटल उपकरणों से सशक्त बनाना है। दो दिवसीय इस कॉन्क्लेव में शिक्षाविदों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, नीति-निमार्ताओं, स्टार्टअप्स, नवाचारकतार्ओं और कौशल विकास से जुड़े विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मकसद शिक्षा में एआई के बड़े पैमाने पर एकीकरण और भारत-केंद्रित एडुअक स्टैक विकसित करने की दिशा में सहयोग बढ़ाना है।

एआई मॉडल नैतिक, जिम्मेदार, समावेशी और आत्मनिर्भर होना चाहिए

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को एआई-रेडी राष्ट्र बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश में विकसित होने वाला एआई मॉडल नैतिक, जिम्मेदार, समावेशी और आत्मनिर्भर होना चाहिए। उनका कहना था कि भारत का एआई ढांचा डिजाइन के स्तर पर समावेशी, संरचना के स्तर पर इंटरआपरेबल और क्षमता के स्तर पर स्वदेशी होना चाहिए। मंत्री ने सभी हितधारकों से अपील की कि वे शिक्षा में परिवर्तन लाने और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्केलेबल और जिम्मेदार एआई समाधान तैयार करें। उन्होंने विश्वास जताया कि इस कॉन्क्लेव में हुई चचार्एं भारत की एआई क्षमता को मजबूत करेंगी, शिक्षा में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देंगी और आल फार आल के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में सहायक साबित होंगी।


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