बच्चों को दवा देते समय करते हैं ये गलतियां, आज ही कर दें बंद

Kids Health: बच्चों की सेहत हर माता‑पिता के लिए सबसे बड़ी चिंता होती है। जब बच्चा बीमार पड़ता है तो माता‑पिता हर संभव कोशिश करते हैं कि वह जल्दी ठीक हो जाए लेकिन अक्सर छोटी‑छोटी गलतियां, जैसे दवा का गलत समय, गलत खुराक या बिना डॉक्टर की सलाह के दवा देना, बच्चे की सेहत पर बुरा असर डाल सकती हैं।

Kids Health
बच्चों की कैसे करें देखभाल?
locationभारत
userअसमीना
calendar10 Jan 2026 04:24 PM
bookmark

बच्चों की सेहत हर माता-पिता के लिए सबसे बड़ी चिंता होती है। जब बच्चा बीमार पड़ता है तो माता-पिता हर संभव कोशिश करते हैं कि वह जल्दी ठीक हो जाए। लेकिन अक्सर छोटी-छोटी गलतियां जैसे- दवा का गलत तरीका या समय बच्चे की सेहत पर बुरा असर डाल सकती हैं। बच्चों का शरीर नाजुक होता है और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। इसलिए दवा देते समय विशेष सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

खुद से दवा देना

कई माता-पिता सर्दी, खांसी या बुखार जैसी आम समस्याओं में बच्चों को खुद से दवा दे देते हैं। यह खतरनाक हो सकता है क्योंकि हर बच्चे की उम्र, वजन और स्वास्थ्य स्थिति अलग होती है। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा देने से बीमारी बढ़ सकती है या नई समस्याएं पैदा हो सकती हैं। आपको इस बात का खास ध्यान रखना है कि बच्चों को किसी भी दवा को बिना डॉक्टर की सलाह के न दें और हमेशा सही खुराक का पालन करें।

दवा देने का समय न रखना

कुछ दवाएं खाने से पहले और कुछ खाने के बाद दी जाती हैं। गलत समय पर दवा देने से इसका असर कम हो सकता है या बच्चे के पेट में समस्या हो सकती है। डॉक्टर द्वारा बताई गई समय सारणी (जैसे हर 8 घंटे, दिन में 2 बार आदि) का सटीक पालन करें।

दूसरे बच्चे की दवा देना

कई बार माता-पिता सोचते हैं कि अगर बड़े बच्चे को कोई दवा काम कर रही है तो छोटे बच्चे को भी वही दी जा सकती है। यह बिलकुल गलत है। हर बच्चे का वजन, रोग की स्थिति और प्रतिरक्षा प्रणाली अलग होती है। हर बच्चे की दवा अलग दें और हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही दवा बदलें।

दवा को दूध या जूस में मिलाकर देना

दवा का कड़वा स्वाद अक्सर बच्चों को नापसंद होता है। कई माता-पिता इसे दूध, जूस या खाने में मिला देते हैं। लेकिन इससे दवा का असर कम या खत्म हो सकता है। दवा हमेशा उसी रूप में दें जैसा डॉक्टर ने बताया है।

बच्चों को दवा देने के आसान और असरदार तरीके

दवा देने को बच्चे के खेल या कहानी का हिस्सा बनाएं ताकि वह डर न पाए। दवा लेने पर बच्चे को सरप्राइज या ताली बजाकर प्रोत्साहित करें। दवा देते समय प्यार और धैर्य से बात करें जल्दी-जल्दी या जोर-जबर्दस्ती न करें।

बच्चों को दवा देना केवल बीमारी को ठीक करने का तरीका नहीं है बल्कि इसे सही तरीके से देना उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। माता-पिता छोटी-छोटी सावधानियों और सही जानकारी से बच्चे की बीमारी जल्दी और सुरक्षित तरीके से ठीक कर सकते हैं।

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

सब पूछेंगे आपकी ग्लोइंग स्किन का राज, इन 4 चीजों को आज ही अपनाएं

Glowing Skin Diet: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपने चेहरे की केयर करना लगभग भूल चुके हैं। जिसके कारण चेहरा रूखा और बेजान सा नजर आने लगता है। अगर आप भी रूखी और बेजान त्वचा से परेशान हैं तो आपको बस ये 4 सुपरफूड्स की जरूरत पड़ेगी।

Glowing Skin
Glowing Skin Diet
locationभारत
userअसमीना
calendar09 Jan 2026 04:50 PM
bookmark

सर्दियों के मौसम में हमारी त्वचा अक्सर रूखी, बेजान और सूजी हुई नजर आती है। ठंडी हवाओं और कम नमी की वजह से त्वचा की नमी कम हो जाती है और यह थकी हुई और डल दिखने लगती है। कई लोग इस समस्या से बचने के लिए महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि त्वचा की चमक और नमी को बनाए रखना सिर्फ सही आहार से भी संभव है? अगर आप अपनी डेली डाइट में सही पोषक तत्व शामिल करेंगे और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएंगे तो त्वचा का ख्याल रखना आसान हो जाएगा। आइए जानते हैं वो 4 सुपरफूड्स जो आपकी त्वचा को हेल्दी, हाइड्रेटेड और ग्लोइंग बनाने में मदद करेंगे।

गहरे पत्तेदार साग (Leafy Greens)

पालक, केल और मेथी जैसे पत्तेदार सब्जियां केवल स्वास्थ्य के लिए नहीं बल्कि त्वचा के लिए भी वरदान हैं। इनमें विटामिन A, C, K और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो त्वचा की सूजन को कम करते हैं कोलेजन को मजबूत करते हैं और त्वचा को रिपेयर करते हैं।

शकरकंद (Sweet Potato)

शकरकंद स्वादिष्ट होने के साथ-साथ त्वचा के लिए भी फायदेमंद है। इसमें बीटा-कैरोटीन की अच्छी मात्रा पाई जाती है जो त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाने में मदद करता है। रोजाना शकरकंद खाने से चेहरे पर नैचरल चमक आती है और त्वचा का रंग भी निखरता है।

एवोकाडो (Avocado)

एवोकाडो में हेल्दी फैट, विटामिन E और C होती है जो त्वचा को नमी प्रदान करती है और कोलेजन प्रोडक्शन बढ़ाने में मदद करती है। इससे त्वचा मुलायम, फर्म और जवान नजर आती है। रोजाना एवोकाडो का सेवन त्वचा की अंदरूनी सेहत को मजबूत करता है।

पपीता (Papaya)

पपीता केवल पेट के लिए नहीं बल्कि त्वचा के लिए भी बेहद फायदेमंद है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन A भरपूर मात्रा में होते हैं जो त्वचा को रिपेयर और रिजनरेट करने में मदद करते हैं। पपीता खाने से त्वचा हाइड्रेटेड और ग्लोइंग बनी रहती है।

सैल्मन (Salmon)

सैल्मन में ओमेगा-3 फैटी एसिड भरपूर होता है, जो त्वचा को हाइड्रेटेड रखने और सूजन कम करने में मदद करता है। साथ ही, इसमें विटामिन E भी होता है जो त्वचा को फ्री रेडिकल्स से बचाता है और उम्र के प्रभाव को धीमा करता है।

इन 5 सुपरफूड्स को अपनी रोजाना डाइट में शामिल करके आप महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स पर निर्भर हुए बिना अपनी त्वचा को हेल्दी, हाइड्रेटेड और ग्लोइंग बना सकते हैं। हेल्दी लाइफस्टाइल और सही आहार के साथ आपकी त्वचा में प्राकृतिक निखार और चमक आएगी जो लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचेगी।

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

90% लोग नहीं जानते बार, क्लब और पब के बीच का फर्क? बन जाते हैं भोंदू

बार, क्लब और पब में अक्सर लोग कन्फ्यूज हो जाते हैं। यहां हम आपको बताएंगे कि असल में इन तीनों में क्या फर्क है। जानिए कौन सी जगह आपके लिए सही है और आप अपने दोस्तों या कलीग्स के साथ कहां जा सकते हैं।

Difference between bars, clubs and pubs
बार, क्लब और पब में अंतर
locationभारत
userअसमीना
calendar08 Jan 2026 04:32 PM
bookmark

हम अक्सर बार, क्लब और पब के नाम सुनते हैं लेकिन ज्यादातर लोग इन तीनों जगहों के बीच का फर्क नहीं जानते। कई बार लोग बिना सोचे-समझे किसी जगह चले जाते हैं और वहां पहुंचकर महसूस करते हैं कि माहौल उनकी उम्मीद से बिल्कुल अलग है। कोई शांत जगह चाहता है लेकिन वहां तेज म्यूजिक और डांस चल रहा होता है। कोई दोस्तों के साथ आराम से बैठकर बात करना चाहता है लेकिन जगह पूरी तरह पार्टी मोड में होती है। ऐसे में सही जगह चुनने के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि बार, क्लब और पब में असल फर्क क्या है।

अगर आप भी इन तीनों नामों को लेकर अक्सर कन्फ्यूज रहते हैं तो यह आर्टिकल आपके लिए है। यहां हम जानेंगे कि बार, क्लब और पब का माहौल कैसा होता है वहां क्या सुविधाएं मिलती हैं, किस तरह के लोग आते हैं और किस जगह जाना आपके लिए सही रहेगा।

कैसा होता है बार का माहौल?

बार मुख्य रूप से ड्रिंक्स और शराब के लिए जाना जाता है। यहां आमतौर पर एक काउंटर होता है जहां बारटेंडर अलग-अलग तरह की ड्रिंक्स सर्व करता है साथ ही बैठने की आरामदायक व्यवस्था भी होती है। बार का माहौल आमतौर पर शांत और रिलैक्सिंग होता है। यहां बहुत तेज म्यूजिक या डांस फ्लोर नहीं होता जिससे लोग आराम से बैठकर बातचीत कर सकें। बार उन लोगों के लिए बेहतर ऑप्शन होता है जो दिनभर की थकान के बाद शांति से ड्रिंक एंजॉय करना चाहते हैं या दोस्तों और कलीग्स के साथ सुकून के पल बिताना चाहते हैं।

क्लब में क्या-क्या होता है?

क्लब या नाइट क्लब पूरी तरह से पार्टी और एंटरटेनमेंट के लिए बने होते हैं। क्लब का माहौल काफी एनर्जेटिक और जोशीला होता है। यहां तेज म्यूजिक, डीजे, डांस फ्लोर, लाइट्स और पार्टी कल्चर देखने को मिलता है। क्लब में लोग खासतौर पर डांस करने, म्यूजिक एंजॉय करने और पार्टी करने आते हैं। यह जगह उन लोगों के लिए परफेक्ट होती है जो नाइट लाइफ, डांस और फुल एनर्जी पार्टी का मजा लेना चाहते हैं। यहां ड्रिंक्स जरूर मिलती हैं लेकिन फोकस एंटरटेनमेंट और मस्ती पर ज्यादा होता है।

पब में क्या होता है खास?

पब एक ऐसी जगह होती है जो बार और रेस्टोरेंट का मिक्स होती है। यहां ड्रिंक्स के साथ-साथ खाने पर भी खास ध्यान दिया जाता है। पब के मेन्यू में स्टार्टर्स से लेकर मेन कोर्स तक कई तरह के फूड ऑप्शंस मिलते हैं। यही वजह है कि पब उन लोगों को ज्यादा पसंद आता है जो खाने और ड्रिंक दोनों का मजा एक साथ लेना चाहते हैं। पब का माहौल आमतौर पर कैजुअल और कंफर्टेबल होता है। यहां न बहुत ज्यादा शांति होती है और न ही बहुत ज्यादा शोर। आप यहां दोस्तों, ऑफिस कलीग्स या फैमिली के साथ भी अच्छा समय बिता सकते हैं। बातचीत, हंसी-मजाक और आरामदायक बैठने की सुविधा पब की खास पहचान होती है।

आपके लिए कौन-सी जगह सही है?

अगर आप शांत माहौल में बैठकर ड्रिंक एंजॉय करना चाहते हैं तो बार आपके लिए बेहतर है। अगर आप डांस, म्यूजिक और पार्टी के मूड में हैं तो क्लब एकदम सही ऑप्शन है। वहीं, अगर आप दोस्तों या कलीग्स के साथ खाने-पीने और आराम से समय बिताना चाहते हैं तो पब सबसे अच्छा चुनाव होगा।

संबंधित खबरें