Makar Sankranti 2026: 23 साल बाद बन रहा दुर्लभ योग! खिचड़ी खाने का सही दिन कौन सा है?

Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति 2026 इस बार 15 जनवरी को मनाई जाएगी और इसके पीछे धार्मिक और ज्योतिषीय दो बड़े कारण हैं। जानिए क्यों 15 जनवरी को स्नान, दान और पारंपरिक खिचड़ी का महत्व सबसे अधिक माना जा रहा है और इस अवसर पर क्या विशेष चीजें की जाती हैं।

Makar Sankranti
मकर संक्रांति
locationभारत
userअसमीना
calendar13 Jan 2026 03:54 PM
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Makar Sankranti भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है जिसे सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के अवसर पर मनाया जाता है। हर साल इस पर्व की तिथि को लेकर लोगों में थोड़ा भ्रम रहता है। खासकर जब संक्रांति और एकादशी जैसी तिथियां एक ही समय पर पड़ती हैं। साल 2026 में भी यही स्थिति बनी है। चलिए जानते हैं कि क्यों ज्योतिषाचार्य और विद्वान 15 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति मनाने की सलाह दे रहे हैं।

सूर्य का गोचर और पुण्यकाल

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मकर संक्रांति तब मनाई जाती है जब सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है। साल 2026 में सूर्य 14 जनवरी की दोपहर 3:13 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे लेकिन शास्त्रों का नियम है कि यदि संक्रांति दोपहर के बाद होती है तो उसका पूर्ण पुण्यकाल अगले दिन सूर्योदय से शुरू माना जाता है। यही कारण है कि 15 जनवरी को संक्रांति मनाना शास्त्र सम्मत और शुभ माना जा रहा है।

उदया तिथि का महत्व

हिंदू धर्म में उदया तिथि का विशेष महत्व है। यह वह तिथि होती है जो सूर्योदय के समय मौजूद हो। साल 2026 में सूर्य का मकर राशि में प्रवेश दोपहर में होने के कारण, 15 जनवरी की सुबह सूर्योदय पर संक्रांति की तिथि प्रभावी रहेगी। इसलिए अधिकांश लोग और धार्मिक विद्वान 15 जनवरी को ही पवित्र स्नान, सूर्य अर्घ्य और दान का आयोजन करने की सलाह दे रहे हैं।

23 साल बाद बना दुर्लभ संयोग

इस साल एक और खास बात यह है कि 14 जनवरी को षटतिला एकादशी भी पड़ रही है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, ऐसा संयोग लगभग 23 साल बाद आया है। एकादशी के दिन चावल का सेवन वर्जित माना जाता है। मकर संक्रांति पर पारंपरिक रूप से खिचड़ी बनाई जाती है। इसलिए जो लोग एकादशी का उपवास रखते हैं उनके लिए 14 जनवरी को संक्रांति मनाना कठिन होगा। इस वजह से विद्वानों का सुझाव है कि 14 जनवरी को तिल, गुड़ और फलाहार का सेवन करें और 15 जनवरी को खिचड़ी और दान करें।

आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व

मकर संक्रांति के दिन सूर्य का मकर राशि में प्रवेश और भगवान विष्णु की प्रिय एकादशी का संगम होता है। इसे सूर्य-तत्व और विष्णु-भक्ति का अद्भुत मिलन माना जाता है। इस दिन किया गया दान, पूजा और स्नान सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक फलदायी होता है। इसलिए आध्यात्मिक दृष्टि से भी 15 जनवरी को संक्रांति मनाना श्रेष्ठ और शुभ माना गया है।

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बच्चों को दवा देते समय करते हैं ये गलतियां, आज ही कर दें बंद

Kids Health: बच्चों की सेहत हर माता‑पिता के लिए सबसे बड़ी चिंता होती है। जब बच्चा बीमार पड़ता है तो माता‑पिता हर संभव कोशिश करते हैं कि वह जल्दी ठीक हो जाए लेकिन अक्सर छोटी‑छोटी गलतियां, जैसे दवा का गलत समय, गलत खुराक या बिना डॉक्टर की सलाह के दवा देना, बच्चे की सेहत पर बुरा असर डाल सकती हैं।

Kids Health
बच्चों की कैसे करें देखभाल?
locationभारत
userअसमीना
calendar10 Jan 2026 04:24 PM
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बच्चों की सेहत हर माता-पिता के लिए सबसे बड़ी चिंता होती है। जब बच्चा बीमार पड़ता है तो माता-पिता हर संभव कोशिश करते हैं कि वह जल्दी ठीक हो जाए। लेकिन अक्सर छोटी-छोटी गलतियां जैसे- दवा का गलत तरीका या समय बच्चे की सेहत पर बुरा असर डाल सकती हैं। बच्चों का शरीर नाजुक होता है और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। इसलिए दवा देते समय विशेष सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

खुद से दवा देना

कई माता-पिता सर्दी, खांसी या बुखार जैसी आम समस्याओं में बच्चों को खुद से दवा दे देते हैं। यह खतरनाक हो सकता है क्योंकि हर बच्चे की उम्र, वजन और स्वास्थ्य स्थिति अलग होती है। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा देने से बीमारी बढ़ सकती है या नई समस्याएं पैदा हो सकती हैं। आपको इस बात का खास ध्यान रखना है कि बच्चों को किसी भी दवा को बिना डॉक्टर की सलाह के न दें और हमेशा सही खुराक का पालन करें।

दवा देने का समय न रखना

कुछ दवाएं खाने से पहले और कुछ खाने के बाद दी जाती हैं। गलत समय पर दवा देने से इसका असर कम हो सकता है या बच्चे के पेट में समस्या हो सकती है। डॉक्टर द्वारा बताई गई समय सारणी (जैसे हर 8 घंटे, दिन में 2 बार आदि) का सटीक पालन करें।

दूसरे बच्चे की दवा देना

कई बार माता-पिता सोचते हैं कि अगर बड़े बच्चे को कोई दवा काम कर रही है तो छोटे बच्चे को भी वही दी जा सकती है। यह बिलकुल गलत है। हर बच्चे का वजन, रोग की स्थिति और प्रतिरक्षा प्रणाली अलग होती है। हर बच्चे की दवा अलग दें और हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही दवा बदलें।

दवा को दूध या जूस में मिलाकर देना

दवा का कड़वा स्वाद अक्सर बच्चों को नापसंद होता है। कई माता-पिता इसे दूध, जूस या खाने में मिला देते हैं। लेकिन इससे दवा का असर कम या खत्म हो सकता है। दवा हमेशा उसी रूप में दें जैसा डॉक्टर ने बताया है।

बच्चों को दवा देने के आसान और असरदार तरीके

दवा देने को बच्चे के खेल या कहानी का हिस्सा बनाएं ताकि वह डर न पाए। दवा लेने पर बच्चे को सरप्राइज या ताली बजाकर प्रोत्साहित करें। दवा देते समय प्यार और धैर्य से बात करें जल्दी-जल्दी या जोर-जबर्दस्ती न करें।

बच्चों को दवा देना केवल बीमारी को ठीक करने का तरीका नहीं है बल्कि इसे सही तरीके से देना उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। माता-पिता छोटी-छोटी सावधानियों और सही जानकारी से बच्चे की बीमारी जल्दी और सुरक्षित तरीके से ठीक कर सकते हैं।

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Glowing Skin
Glowing Skin Diet
locationभारत
userअसमीना
calendar09 Jan 2026 04:50 PM
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सर्दियों के मौसम में हमारी त्वचा अक्सर रूखी, बेजान और सूजी हुई नजर आती है। ठंडी हवाओं और कम नमी की वजह से त्वचा की नमी कम हो जाती है और यह थकी हुई और डल दिखने लगती है। कई लोग इस समस्या से बचने के लिए महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि त्वचा की चमक और नमी को बनाए रखना सिर्फ सही आहार से भी संभव है? अगर आप अपनी डेली डाइट में सही पोषक तत्व शामिल करेंगे और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएंगे तो त्वचा का ख्याल रखना आसान हो जाएगा। आइए जानते हैं वो 4 सुपरफूड्स जो आपकी त्वचा को हेल्दी, हाइड्रेटेड और ग्लोइंग बनाने में मदद करेंगे।

गहरे पत्तेदार साग (Leafy Greens)

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सैल्मन (Salmon)

सैल्मन में ओमेगा-3 फैटी एसिड भरपूर होता है, जो त्वचा को हाइड्रेटेड रखने और सूजन कम करने में मदद करता है। साथ ही, इसमें विटामिन E भी होता है जो त्वचा को फ्री रेडिकल्स से बचाता है और उम्र के प्रभाव को धीमा करता है।

इन 5 सुपरफूड्स को अपनी रोजाना डाइट में शामिल करके आप महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स पर निर्भर हुए बिना अपनी त्वचा को हेल्दी, हाइड्रेटेड और ग्लोइंग बना सकते हैं। हेल्दी लाइफस्टाइल और सही आहार के साथ आपकी त्वचा में प्राकृतिक निखार और चमक आएगी जो लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचेगी।

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