Thursday, 3 April 2025

सोनिया गांधी की मनरेगा पर मांग, 150 दिन रोजगार और ₹400 मजदूरी

 MGNREGA: कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी ने बजट सत्र के दौरान मनरेगा(MGNREGA) योजना का मुद्दा उठाया।…

सोनिया गांधी की मनरेगा पर मांग, 150 दिन रोजगार और ₹400 मजदूरी

 MGNREGA: कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी ने बजट सत्र के दौरान मनरेगा(MGNREGA) योजना का मुद्दा उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेतृत्व में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है। गांधी ने कहा कि गरीबों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है, और इसमें लगातार देरी हो रही है। इसके साथ ही उन्होंने मनरेगा के तहत न्यूनतम मजदूरी और कार्य दिवसों की संख्या बढ़ाने की मांग की।

मनरेगा (MGNREGA)को कमजोर करने का आरोप

सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA)को सुनियोजित तरीके से कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में यूपीए सरकार ने मनरेगा(MGNREGA) को ग्रामीण भारत के लिए एक सुरक्षा कवच के रूप में पेश किया था, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे कमजोर करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।

न्यूनतम मजदूरी और कार्य दिवसों में वृद्धि की मांग

सोनिया गांधी ने मनरेगा (MGNREGA)के तहत काम करने वाले श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी को ₹400 प्रति दिन करने की मांग की। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस योजना में 100 दिन की गारंटी को बढ़ाकर 150 दिन किया जाए ताकि ज्यादा लोगों को रोजगार मिल सके। इसके अलावा, उन्होंने मजदूरी भुगतान में देरी को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा और इसे मुद्रास्फीति की भरपाई के लिए अपर्याप्त बताया।

योजना के लिए पर्याप्त वित्तीय प्रावधान की आवश्यकता

राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान सोनिया गांधी ने मनरेगा(MGNREGA) को जारी रखने और इसका विस्तार करने के लिए पर्याप्त वित्तीय प्रावधान की भी मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को इस योजना के लिए बजट आवंटन में वृद्धि करनी चाहिए, जो वर्तमान में GDP के प्रतिशत के हिसाब से दस साल का सबसे कम स्तर पर है।

आधार आधारित भुगतान और मोबाइल निगरानी प्रणाली की आलोचना

कांग्रेस नेता ने मनरेगा(MGNREGA) योजना में आधार आधारित भुगतान प्रणाली (एबीपीएस) और राष्ट्रीय मोबाइल निगरानी प्रणाली (एनएमएमएस) की आलोचना की। सोनिया गांधी ने कहा कि इन प्रणालियों ने योजना की कार्यप्रणाली में कई बाधाएं उत्पन्न की हैं, और इनसे मजदूरी भुगतान में देरी हो रही है। उन्होंने मांग की कि इन अनिवार्य प्रणालियों को हटा दिया जाए ताकि यह योजना गरीबों को समय पर और सही तरीके से लाभ पहुंचा सके। MGNREGA:

कांग्रेस की प्रमुख मांगें:

  • मनरेगा(MGNREGA) के लिए पर्याप्त फंडिंग दी जाए।
  • न्यूनतम मजदूरी ₹400 प्रतिदिन की जाए।
  • समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
  • आधार-आधारित भुगतान और मोबाइल निगरानी प्रणाली को हटाया जाए।
  • 100 दिन की गारंटी को बढ़ाकर 150 दिन किया जाए।

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