अब हो रहा वॉयस क्लोनिंग तकनीक का इस्तेमाल, कर रहे लाखों की ठगी
ठग ने उसके ही भाई की आवाज में कॉल किया और उसे विश्वास दिलाया कि वह उसका भाई है। कॉल करने वाले ने महिला से पैसे निकालने के लिए दबाव डाला। महिला ने बाद में अपने भाई से संपर्क किया तो पता चला कि वह कॉल धोखाधड़ी थी। इस घिनौने तरीके से ठगों ने महिला का बैंक खाता खाली कर लिया।

Cyber Fraud : यह घटना एक नई प्रकार की साइबर ठगी को उजागर करती है, जो अब काफी तेजी से फैल रही है। इसमें ठगों ने वॉयस क्लोनिंग तकनीक का इस्तेमाल किया है, जिसे पहचानने में आम लोग अक्सर चूक जाते हैं। इस तकनीक के जरिए ठग किसी भी व्यक्ति की आवाज की नकल कर सकते हैं और उसे अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में हुई इस घटना में एक महिला स्कूल टीचर को टार्गेट किया गया। ठग ने उसके ही भाई की आवाज में कॉल किया और उसे विश्वास दिलाया कि वह उसका भाई है। कॉल करने वाले ने महिला से पैसे निकालने के लिए दबाव डाला। महिला ने बाद में अपने भाई से संपर्क किया तो पता चला कि वह कॉल धोखाधड़ी थी। इस घिनौने तरीके से ठगों ने महिला का बैंक खाता खाली कर लिया।
वॉयस क्लोनिंग तकनीक
यह तकनीक कुछ ऐप्स और टूल्स के द्वारा किसी की आवाज की नकल करने में सक्षम बनाती है। इस तकनीक का प्रयोग करके ठग अपराध कर सकते हैं, जैसे कि किसी को धोखा देना, पैसों की हेराफेरी करना, या किसी को बेवजह परेशान करना। यह इंटरनेट पर आसानी से उपलब्ध हो जाती है, और कोई भी व्यक्ति इसे इस्तेमाल कर सकता है।
साइबर ठगी से बचाव के उपाय
1. सावधान रहें: अगर आपको कोई अपरिचित कॉल आती है, जिसमें किसी परिचित की आवाज सुनाई दे, तो तुरंत संदेह करें और अपनी जानकारी साझा न करें।
2. सीधे संपर्क करें: यदि कोई करीबी रिश्तेदार या दोस्त आपसे पैसे मांगता है, तो पहले उन्हें फोन करके यह सुनिश्चित करें कि वह व्यक्ति वाकई वही है जो वह दावा कर रहा है।
3. साइबर सुरक्षा बढ़ाएं: अपनी आॅनलाइन सुरक्षा को मजबूत करें, जैसे कि अपने खातों के लिए मजबूत पासवर्ड और दो-चरणीय प्रमाणीकरण का इस्तेमाल करें।
4. सूचित करें: अगर आपको किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी का शक होता है, तो तुरंत स्थानीय पुलिस और साइबर क्राइम सेल से संपर्क करें।
अधिकारियों की सलाह
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार के मामलों में लोगों को जागरूक रहने की आवश्यकता है। अपराधी अब ज्यादा विकसित तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं, और यह किसी के साथ भी हो सकता है। इसलिए, सतर्कता और सूझबूझ से ही हम इस तरह के ठगी से बच सकते हैं। साइबर ठगी अब इतनी व्यापक हो गई है कि यह किसी के साथ भी हो सकती है, और इसके खिलाफ हमें लगातार सजग रहना होगा। क्या आपने भी कभी ऐसी धोखाधड़ी का सामना किया है या फिर इसके बारे में सुना है?
Cyber Fraud : यह घटना एक नई प्रकार की साइबर ठगी को उजागर करती है, जो अब काफी तेजी से फैल रही है। इसमें ठगों ने वॉयस क्लोनिंग तकनीक का इस्तेमाल किया है, जिसे पहचानने में आम लोग अक्सर चूक जाते हैं। इस तकनीक के जरिए ठग किसी भी व्यक्ति की आवाज की नकल कर सकते हैं और उसे अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में हुई इस घटना में एक महिला स्कूल टीचर को टार्गेट किया गया। ठग ने उसके ही भाई की आवाज में कॉल किया और उसे विश्वास दिलाया कि वह उसका भाई है। कॉल करने वाले ने महिला से पैसे निकालने के लिए दबाव डाला। महिला ने बाद में अपने भाई से संपर्क किया तो पता चला कि वह कॉल धोखाधड़ी थी। इस घिनौने तरीके से ठगों ने महिला का बैंक खाता खाली कर लिया।
वॉयस क्लोनिंग तकनीक
यह तकनीक कुछ ऐप्स और टूल्स के द्वारा किसी की आवाज की नकल करने में सक्षम बनाती है। इस तकनीक का प्रयोग करके ठग अपराध कर सकते हैं, जैसे कि किसी को धोखा देना, पैसों की हेराफेरी करना, या किसी को बेवजह परेशान करना। यह इंटरनेट पर आसानी से उपलब्ध हो जाती है, और कोई भी व्यक्ति इसे इस्तेमाल कर सकता है।
साइबर ठगी से बचाव के उपाय
1. सावधान रहें: अगर आपको कोई अपरिचित कॉल आती है, जिसमें किसी परिचित की आवाज सुनाई दे, तो तुरंत संदेह करें और अपनी जानकारी साझा न करें।
2. सीधे संपर्क करें: यदि कोई करीबी रिश्तेदार या दोस्त आपसे पैसे मांगता है, तो पहले उन्हें फोन करके यह सुनिश्चित करें कि वह व्यक्ति वाकई वही है जो वह दावा कर रहा है।
3. साइबर सुरक्षा बढ़ाएं: अपनी आॅनलाइन सुरक्षा को मजबूत करें, जैसे कि अपने खातों के लिए मजबूत पासवर्ड और दो-चरणीय प्रमाणीकरण का इस्तेमाल करें।
4. सूचित करें: अगर आपको किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी का शक होता है, तो तुरंत स्थानीय पुलिस और साइबर क्राइम सेल से संपर्क करें।
अधिकारियों की सलाह
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार के मामलों में लोगों को जागरूक रहने की आवश्यकता है। अपराधी अब ज्यादा विकसित तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं, और यह किसी के साथ भी हो सकता है। इसलिए, सतर्कता और सूझबूझ से ही हम इस तरह के ठगी से बच सकते हैं। साइबर ठगी अब इतनी व्यापक हो गई है कि यह किसी के साथ भी हो सकती है, और इसके खिलाफ हमें लगातार सजग रहना होगा। क्या आपने भी कभी ऐसी धोखाधड़ी का सामना किया है या फिर इसके बारे में सुना है?












