उत्तराखंड में UCC का इम्पैक्ट: 1 साल में जमकर हुए विवाह पंजीकरण

UCC लागू होने के बाद प्रतिदिन औसतन करीब 1400 विवाह पंजीकरण हो रहे हैं। वहीं पुराने कानून के दौर में यह औसत करीब 67 प्रतिदिन था। यानी पंजीकरण की रफ्तार में कई गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar19 Jan 2026 05:23 PM
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Uttarakhand News : उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने के बाद विवाह पंजीकरण की व्यवस्था ने जैसे नई रफ्तार पकड़ ली है। पहले पंजीकरण अधिनियम-2010 के तहत दंपती को उत्तराखंड के सब-रजिस्ट्रार कार्यालय तक दो गवाहों के साथ तय तारीख पर पहुंचना पड़ता था कागजात, कतार और औपचारिकताओं के बीच प्रक्रिया समयखाऊ बन जाती थी। अब तस्वीर बदल गई है। उत्तराखंड सरकार के डिजिटल सिस्टम के चलते पंजीकरण का लगभग पूरा काम ऑनलाइन हो रहा है। 

27 जनवरी को UCC के एक साल पूरे

आगामी 27 जनवरी को उत्तराखंड में UCC लागू हुए एक साल पूरा होने जा रहा है। सरकार का दावा है कि महिला सशक्तिकरण, बाल अधिकारों की सुरक्षा और नागरिक अधिकारों में समानता के साथ-साथ UCC ने प्रक्रियाओं को सरल बनाकर बड़ा बदलाव किया है। इसी का परिणाम है कि UCC लागू होने के एक साल से भी कम समय में 4,74,447 विवाहों का पंजीकरण हो चुका है।

अब घर बैठे हो रहा पंजीकरण

UCC के तहत विवाह पंजीकरण का लगभग शत-प्रतिशत काम ऑनलाइन माध्यम से हो रहा है। दंपत्ति और गवाह कहीं से भी दस्तावेज़ अपलोड कर सकते हैं और आवश्यक रिकॉर्ड/वीडियो बयान दर्ज कराकर आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक सोमवार, 19 जनवरी 2026 की दोपहर तक कुल 4,74,447 विवाह पंजीकरण पूरे हो चुके हैं। सबसे बड़ा फर्क रोज के औसत में दिखता है। UCC लागू होने के बाद प्रतिदिन औसतन करीब 1400 विवाह पंजीकरण हो रहे हैं। वहीं पुराने कानून के दौर में यह औसत करीब 67 प्रतिदिन था। यानी पंजीकरण की रफ्तार में कई गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

विवाह विच्छेद और लिव-इन से जुड़े प्रमाणपत्र भी ऑनलाइन

UCC लागू होने के बाद सिर्फ शादी का पंजीकरण ही नहीं, बल्कि इससे जुड़ी दूसरी सेवाओं में भी ऑनलाइन सिस्टम का असर साफ दिखा है। रिपोर्ट बताती है कि इसी अवधि में 316 लोगों ने ऑनलाइन माध्यम से विवाह विच्छेद की प्रक्रिया से जुड़े प्रमाणपत्र हासिल किए, 68 लोगों ने लिव-इन रिलेशनशिप का प्रमाणपत्र लिया, जबकि 2 मामलों में लिव-इन समाप्ति का प्रमाणपत्र भी जारी हुआ। सबसे अहम बदलाव यह है कि जहां UCC के तहत प्रमाणपत्र जारी करने की अधिकतम सीमा 15 दिन तय की गई है, वहीं जमीनी स्तर पर औसतन 5 दिन के भीतर दस्तावेज़ हाथ में आ रहे हैं। इसके मुकाबले पुराने अधिनियम में न तो कोई तय समय-सीमा थी और न ही दफ्तर गए बिना काम आगे बढ़ता था,अब प्रक्रिया काउंटर से निकलकर क्लिक पर आ गई है।

दूसरे राज्यों के लिए मॉडल - धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि उत्तराखंड ने UCC लागू कर अन्य राज्यों को दिशा दिखाई है। उनके मुताबिक बीते एक साल में प्रावधानों को “पारदर्शी और सरल” ढंग से लागू करने से लोगों का भरोसा बढ़ा है और इसी वजह से बड़ी संख्या में लोग पंजीकरण करा रहे हैं। सरकार का दावा है कि उत्तराखंड का UCC हर तरह से मॉडल कानून के रूप में उभर रहा है। Uttarakhand News


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हुगली में पीएम मोदी का ममता सरकार पर हमला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पश्चिम बंगाल के दौरे के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर तीखा हमला बोला। सिंगूर और हुगली में आयोजित दो जनसभाओं को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार केंद्र की योजनाओं को जनता तक पहुंचने से रोक रही है और बंगाल के लोगों के साथ दुश्मनी का व्यवहार कर रही है।

Prime Minister Narendra Modi, West Bengal
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल में (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar18 Jan 2026 05:26 PM
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प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूर्वी भारत, खासकर पश्चिम बंगाल का विकास बेहद जरूरी है और केंद्र सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा, “मैं बंगाल के नौजवानों, किसानों और माताओं-बहनों की हर संभव सेवा करना चाहता हूं, लेकिन यहां की TMC सरकार केंद्र की योजनाओं को आप तक नहीं पहुंचने देती।”

रेल और कनेक्टिविटी परियोजनाओं का जिक्र

बता दें कि पीएम मोदी ने बताया कि पश्चिम बंगाल से देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत हो चुकी है। इसके साथ ही राज्य को कई नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें मिली हैं। रविवार को तीन और अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई गई, जिनमें से एक ट्रेन वाराणसी और बंगाल के बीच कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और ग्रीन मोबिलिटी पर विशेष जोर दे रही है, जिसके तहत बंदरगाहों, नदी जलमार्गों, हाइवे और हवाई अड्डों को आपस में जोड़ा जा रहा है।

श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट और सागरमाला योजना

बता दें कि प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट की क्षमता बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया है। सागरमाला योजना के तहत पोर्ट की कनेक्टिविटी सुधारने के लिए सड़कें बनाई गई हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं। उन्होंने बालागढ़ में बनने वाले एक्सटेंडेड पोर्ट गेट सिस्टम को क्षेत्र के लिए नए अवसरों का द्वार बताया।

नेताजी और राष्ट्रीय प्रतीकों का उल्लेख

बता दें कि पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सम्मान में कई अहम फैसले लिए हैं। कर्तव्य पथ पर नेताजी की प्रतिमा की स्थापना, लाल किले से आज़ाद हिंद फौज को सम्मान और अंडमान-निकोबार में द्वीपों का नामकरण इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं। उन्होंने बताया कि अब गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम 23 जनवरी, नेताजी की जयंती से शुरू होकर 30 जनवरी, महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर समाप्त होते हैं।

‘वंदे मातरम्’ और विकसित भारत का संकल्प

प्रधानमंत्री ने कहा कि हुगली और ‘वंदे मातरम्’ का विशेष संबंध है। उन्होंने आह्वान किया कि जैसे वंदे मातरम् स्वतंत्रता संग्राम का उद्घोष बना, वैसे ही उसे विकसित भारत और विकसित बंगाल का मंत्र बनाया जाना चाहिए।

जूट, कृषि और ‘जंगलराज’ पर बयान

बता दें कि पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा सरकार बनने पर प्लास्टिक के विकल्प के रूप में जूट पैकेजिंग को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे राज्य के जूट उद्योग को मजबूती मिलेगी। उन्होंने हुगली में आलू, प्याज और सब्जी उत्पादन का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय किसानों के लिए वैश्विक बाजार में अपार संभावनाएं हैं।

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश “महा जंगलराज” से मुक्ति चाहता है। उन्होंने दावा किया कि बिहार में जंगलराज को रोका गया है और अब पश्चिम बंगाल में भी TMC के “महा जंगलराज” को बदलने के लिए भाजपा तैयार है।

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बैंकों के बजाय अब पोस्ट आफिस स्कीम्स में निवेश का बढ़ रहा क्रेज

हाल ही में कई बड़े सरकारी और निजी बैंकों ने एफडी पर ब्याज दरें घटा दी हैं। पहले एफडी निवेशकों के लिए सुरक्षित निवेश के साथ सम्मानजनक रिटर्न का जरिया था, लेकिन अब यह केवल पैसा सुरक्षित रखने तक सीमित नजर आता है। इसके अलावा, आने वाले समय में बड़ी वृद्धि की संभावना भी कम है।

post office
पोस्ट आफिस स्कीम
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar17 Jan 2026 05:29 PM
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Interest Rates : बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) पर मिलने वाली ब्याज दरें घट गई हैं, जिसके कारण आम निवेशक सुरक्षित और अच्छे रिटर्न वाले विकल्प की तलाश में हैं। इस समय पोस्ट आॅफिस की सरकारी योजनाएं 7% से 8.2% तक का आकर्षक ब्याज दे रही हैं। इन योजनाओं में निवेश न सिर्फ सुरक्षित है, बल्कि टैक्स लाभ और नियमित आय के विकल्प भी मिलते हैं।

बैंक एफडी क्यों कम आकर्षक हैं?

हाल ही में कई बड़े सरकारी और निजी बैंकों ने एफडी पर ब्याज दरें घटा दी हैं। पहले एफडी निवेशकों के लिए सुरक्षित निवेश के साथ सम्मानजनक रिटर्न का जरिया था, लेकिन अब यह केवल पैसा सुरक्षित रखने तक सीमित नजर आता है। इसके अलावा, आने वाले समय में बड़ी वृद्धि की संभावना भी कम है।

पोस्ट आफिस स्कीम्स की ताकत

पोस्ट आफिस की सभी छोटी बचत योजनाओं में सरकार की 100% गारंटी होती है। इसका मतलब है कि आपका निवेश पूरी तरह सुरक्षित है। साथ ही, कुछ योजनाओं में टैक्स में छूट भी मिलती है। सरकार ब्याज दरों की समीक्षा तिमाही आधार पर करती है, जिससे रिटर्न बाजार की स्थितियों के अनुरूप संतुलित रहते हैं।

लोकप्रिय योजनाएं और ब्याज दरें

े योजना                 ब्याज दर खासियत                     

े सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम    8.2%   तिमाही आधार पर ब्याज, बुजुर्गों के लिए आकर्षक 

े मंथली इनकम अकाउंट          7.4%   हर महीने निश्चित आय की सुविधा         

े नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट       7.7%   टैक्स सेविंग के साथ सुरक्षित रिटर्न     

े पब्लिक प्रोविडेंट फंड           7.10%  लंबी अवधि में टैक्स-फ्री रिटर्न       

े किसान विकास पत्र            7.5%   115 महीनों में निवेश राशि दोगुना होने का वादा

े महिला सम्मान बचत पत्र         7.5%   महिलाओं के लिए विशेष योजना          

े सुकन्या समृद्धि योजना          8.2%   बेटियों के भविष्य के लिए उच्चतम ब्याज दर   

टाइम डिपॉजिट विकल्प

* 2 साल की ऊ पर 7% ब्याज

* 3 साल की ऊ पर 7.1% ब्याज

* 5 साल की ऊ पर 7.5% ब्याज

बैंक एफडी की तुलना में पोस्ट आॅफिस की स्कीम्स निवेशकों को सुरक्षित, स्थिर और आकर्षक रिटर्न प्रदान करती हैं। टैक्स लाभ, सरकारी गारंटी और नियमित आय जैसी सुविधाएं इन्हें और भी लोकप्रिय बनाती हैं।



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